अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों और केंद्रीय बैंक अधिकारियों के बयानों से पहले वैश्विक बाजारों में हलचल लगातार चौथे सप्ताह मजबूत हुई अमेरिकी करेंसी के बीच वैश्विक मुद्रा बाजार में नीतिगत ब्याज दरों और आर्थिक आंकड़ों पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं। वैश्विक मुद्रा और बॉन्ड बाजारों में इस समय निवेशकों का पूरा ध्यान आगामी आर्थिक आंकड़ों और प्रमुख केंद्रीय बैंकों के नीतिगत बयानों पर केंद्रित हो गया है। अमेरिकी करेंसी में लगातार चौथे सप्ताह मजबूती का रुख देखा गया है, जिससे यह अप्रैल 2025 के बाद के उच्चतम स्तरों पर पहुंच गई है। फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति को और कड़ा किए जाने की निरंतर उम्मीदों, भू-राजनीतिक मोर्चे पर किसी बड़े सुधार के अभाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने डॉलर की इस तेजी को लगातार सहारा दिया है। दूसरी ओर, बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव और आगामी आंकड़ों के चलते प्रमुख करेंसी जोड़ियों में मिला-जुला रुझान देखने को मिल रहा है। जापानी येन और एशियाई बाजारों की स्थिति अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन यानी USD/JPY ने भी लगातार चौथे सप्ताह अपनी बढ़त बनाए रखी है, हालांकि महीने की शुरुआत से ही इसमें एक सीमित दायरे में कारोबार देखा जा रहा है। शुक्रवार को जापानी घरेलू खर्च के आंकड़ों में लगातार नौवें महीने गिरावट दर्ज की गई, जिसने येन पर दबाव बनाए रखा और USD/JPY 158.00 के आसपास अपनी बढ़त पर टिका रहा। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में रात भर आई गिरावट ने डॉलर के दबाव को कुछ हद तक संतुलित किया, जिससे करेंसी जोड़े में बड़ी गिरावट सीमित रही। जापान के आगामी आर्थिक कैलेंडर पर नजर डालें तो 13 अक्टूबर को बैंक लेंडिंग और उत्पादक मूल्य सूचकांक यानी प्रोड्यूसर प्राइसेज के आंकड़े जारी होंगे। इसके बाद 15 अक्टूबर को मशीनरी ऑर्डर्स, साप्ताहिक विदेशी बॉन्ड निवेश आंकड़े, क्षमता उपयोगिता यानी कैपेसिटी यूटिलाइजेशन और औद्योगिक उत्पादन के अंतिम आंकड़े सामने आएंगे, जो येन की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और सोने के भाव में उतार-चढ़ाव एशियाई कारोबारी सत्र में शुक्रवार को AUD/USD ने साप्ताहिक निचले स्तर से वापसी करते हुए 0.7000 के स्तर की ओर बढ़ने का प्रयास किया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी ने अमेरिकी डॉलर को 18 महीने के उच्चतम स्तर से नीचे बनाए रखा, जिससे ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को गति मिली। इसके साथ ही, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की ओर से सख्त मौद्रिक रुख यानी हॉकिश नीतियों की उम्मीदों ने भी ऑस्ट्रेलियाई करेंसी को मजबूती प्रदान की है। दूसरी ओर, कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में साप्ताहिक उच्च स्तर को छूने के बाद नरमी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना शुक्रवार को 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे आ गया। अमेरिकी डॉलर की मजबूत तेजी और अलग-अलग अवधि की अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में लगातार हो रही बढ़ोतरी ने बहुमूल्य धातु की तेजी पर दबाव बनाया हुआ है, जिससे निवेशकों का सतर्क रुख जारी है। केंद्रीय बैंक अधिकारियों के भाषणों का व्यस्त कार्यक्रम आने वाले दिनों में दुनिया भर के प्रमुख केंद्रीय बैंकों के नीति निर्धारकों के बयानों का एक लंबा सिलसिला देखने को मिलेगा। बैंक ऑफ इंग्लैंड के अधिकारियों में मान और ब्रीडेन 12 अक्टूबर को अपनी बात रखेंगे। इसके अगले दिन यानी 13 अक्टूबर को फेडरल रिजर्व के वालर और बार्किन के संबोधन होंगे, जिसके बाद बैंक ऑफ इंग्लैंड की ग्रीन का भाषण होगा। 14 अक्टूबर का दिन विशेष रूप से व्यस्त रहेगा, जब बैंक ऑफ इंग्लैंड के बेली और पिल, बैंक ऑफ कनाडा के मैकलम, यूरोपियन सेंट्रल बैंक की लगार्ड तथा फेड के बोमन और बार्किन अपने विचार साझा करेंगे। 15 अक्टूबर को फेड की बोमन, बैंक ऑफ इंग्लैंड के पिल, ब्रीडेन और क्लीलैंड तथा बैंक ऑफ जापान की कोएदा के वक्तव्य निर्धारित हैं। इसके पश्चात 16 अक्टूबर को बैंक ऑफ इंग्लैंड के बेली, फेड के वार्श और बैंक ऑफ कनाडा के मैकलम बोलेंगे, जबकि 17 अक्टूबर को बेली पुनः संबोधन देंगे। इन सभी नीतिगत बयानों से भविष्य की ब्याज दरों को लेकर वैश्विक वित्तीय बाजारों को स्पष्ट संकेत मिलने की उम्मीद है। इसका आप पर असर वैश्विक करेंसी बाजार में डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बदलाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, धातु की कीमतों और विदेशी निवेश पर सीधा असर देखने को मिलेगा। • मुद्रा विनिमय और यात्रा: मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण विदेशी यात्रा और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयात महंगे हो सकते हैं। आयातित वस्तुओं और ऊर्जा लागत पर अतिरिक्त खर्च का दबाव बना रह सकता है। • सोने में निवेश: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के 4,200 डॉलर प्रति औंस के नीचे आने से निवेशकों को कीमतों में और स्थिरता का इंतजार करना पड़ सकता है। बॉन्ड यील्ड में तेजी की स्थिति में सोने की कीमतों पर दबाव बना रह सकता है। • वैश्विक ब्याज दरें: फेडरल रिजर्व सहित अन्य केंद्रीय बैंकों के कड़े रुख से दुनिया भर में कर्ज की लागत ऊंची बनी रहने की संभावना है। केंद्रीय बैंक अधिकारियों के बयानों से आगामी ब्याज दर नीति के स्पष्ट संकेत मिलेंगे। • करेंसी ट्रेडिंग: येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में उतार-चढ़ाव से विदेशी मुद्रा में व्यापार करने वाले व्यापारियों को आगामी आर्थिक आंकड़ों के दौरान सतर्क रणनीति अपनानी होगी। 13 से 17 अक्टूबर के बीच जारी होने वाले डेटा और बयानों से बाजार में तेज हलचल हो सकती है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मौद्रिक नीति को और सख्त किए जाने की निरंतर अटकलों और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण अमेरिकी डॉलर में लगातार चार हफ्तों से मजबूती देखी जा रही है। • सख्त मौद्रिक नीति की उम्मीदें: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आगे और सख्ती की संभावनाओं ने डॉलर की मांग को मजबूत बनाए रखा है। निवेशकों द्वारा इन संभावनाओं को भुनाए जाने से डॉलर अप्रैल 2025 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। • कच्चा तेल और भू-राजनीतिक तनाव: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू-राजनीतिक गतिरोध दूर न होने से सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में डॉलर को मजबूती मिली है। इससे ऊर्जा से जुड़ी मुद्रास्फीति की चिंताएं भी बढ़ी हैं। • जापान की कमजोर घरेलू मांग: जापान में घरेलू खर्च के आंकड़ों में लगातार नौवें महीने आई गिरावट ने येन को कमजोर किया है। आर्थिक कमजोरी के कारण येन डॉलर के मुकाबले 158.00 के करीब बना हुआ है। • आगामी बयानों का दबाव: दुनिया भर के प्रमुख केंद्रीय बैंकों के अधिकारियों के आगामी भाषणों से पहले बाजार प्रतिभागी अपनी पोजीशन का पुनर्मूल्यांकन कर रहे हैं। इस वजह से बॉन्ड यील्ड और कमोडिटी बाजार में सतर्कता देखी जा रही है। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी डॉलर में लगातार कितने हफ्तों से तेजी दर्ज की जा रही है? अमेरिकी डॉलर में लगातार चौथे सप्ताह बढ़त दर्ज की गई है और यह अप्रैल 2025 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। 2. USD/JPY करेंसी जोड़ी किस स्तर के आसपास कारोबार कर रही है? जापान में घरेलू खर्च लगातार नौवें महीने घटने के बाद USD/JPY 158.00 के आसपास कारोबार कर रहा है। 3. जापान के प्रमुख आर्थिक आंकड़े कब जारी होने वाले हैं? जापान में बैंक लेंडिंग और उत्पादक मूल्य 13 अक्टूबर को तथा मशीनरी ऑर्डर्स, क्षमता उपयोगिता और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े 15 अक्टूबर को आएंगे। 4. सोने की कीमत में हालिया गिरावट के बाद क्या स्तर देखा गया? सोना साप्ताहिक उच्च स्तर से फिसलकर शुक्रवार को 4,200 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के नीचे आ गया। 5. ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में किस स्तर की ओर सुधार देखा गया? ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने साप्ताहिक निचले स्तर से उबरते हुए शुक्रवार को एशिया सत्र में 0.7000 के स्तर की ओर रुख किया। 6. फेडरल रिजर्व और बैंक ऑफ इंग्लैंड के अधिकारी किन तारीखों पर बोलेंगे? बैंक ऑफ इंग्लैंड के अधिकारी 12 से 17 अक्टूबर के दौरान और फेड अधिकारी 13 से 16 अक्टूबर के बीच विभिन्न सत्रों में अपनी बात रखेंगे। https://trendkia.com/market/us-inflation-data-aura-central-bank-adhikariyon-ke-bayanon-se-pahale-global-markets-men-halachala-45676 TrendKia — Har trend, sabse pehle.