# अमेरिकी महंगाई के नए आंकड़ों ने बढ़ाई डॉलर की ताकत, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर फिसला

> सितंबर महीने में अमेरिकी उपभोक्ता महंगाई दर बढ़कर 3.7 प्रतिशत पर पहुंच गई, जिससे डॉलर इंडेक्स में जबरदस्त तेजी देखने को मिली और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 0.6960 के स्तर तक नीचे आ गया।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-14 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-inflation-ke-nae-ankaron-ne-barhai-dollar-ki-takata-australian-dollar-phisala-47482 · **Language:** Hindi
**Tags:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर, अमेरिकी डॉलर, विदेशी मुद्रा, मुद्रास्फीति, फेडरल रिजर्व, बॉन्ड यील्ड, सोना, वित्त

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में बुधवार को कारोबारी समीकरण तेजी से बदलते नजर आए। मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के चलते अमेरिकी डॉलर ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी, जिसका सीधा दबाव ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर पड़ा। बुधवार के कारोबारी सत्र के दौरान AUD/USD की जोड़ी अपने शुरुआती मुनाफे को गंवाते हुए 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 0.6960 के आसपास कारोबार करती दिखी। 0.7000 के बेहद अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के नीचे फिसलने से ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा में बिकवाली का दबाव और गहरा गया है।

## अमेरिकी मुद्रास्फीति में अप्रत्याशित उछाल और बॉन्ड यील्ड की चाल
अमेरिकी लेबर सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में वार्षिक उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी CPI बढ़कर 3.7 प्रतिशत दर्ज किया गया। यह आंकड़ा अगस्त के 3.4 प्रतिशत के स्तर से कहीं अधिक रहा और बाजार के अनुमानों को भी पीछे छोड़ गया। खाद्य और ऊर्जा की अस्थिर कीमतों को अलग रखने वाला कोर CPI भी सालाना आधार पर 2.6 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो पिछले महीने के 2.4 प्रतिशत से अधिक था।

मुद्रास्फीति के इन गर्म आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावनाओं को हवा दे दी है। इसके तुरंत बाद अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेज उछाल देखा गया। मानक 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड महंगाई रिपोर्ट आने से पहले के 5.20 प्रतिशत के स्तर से सीधे उछलकर 5.33 प्रतिशत के करीब पहुंच गई। बॉन्ड प्रतिफल में आई इस तेजी ने डॉलर आधारित परिसंपत्तियों के प्रति वैश्विक निवेशकों का आकर्षण बढ़ा दिया।

## डॉलर इंडेक्स में रिकॉर्ड मजबूती और वैश्विक मुद्राओं पर असर
दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स (DXY) 0.46 प्रतिशत चढ़कर 102.70 के स्तर पर पहुंच गया। यह अप्रैल 2025 के बाद से डॉलर इंडेक्स का उच्चतम स्तर है। डॉलर की इस चौतरफा तेजी के सामने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ही नहीं, बल्कि कई अन्य वैश्विक संपत्तियों को भी बिकवाली का सामना करना पड़ा।

कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों पर भी इस घटनाक्रम का नकारात्मक प्रभाव दिखा। पीली धातु में साप्ताहिक मंदी का रुख गहराया और यह प्रति ट्रॉय औंस 4,100 डॉलर के स्तर से नीचे फिसल गई। फेडरल रिजर्व की मौद्रिक सख्ती जारी रहने की आशंकाओं और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी ने गैर-उपज वाली संपत्ति सोने पर भारी दबाव बनाए रखा।

## एशियाई सत्र की हलचल, येन और एक्सआरपी की स्थिति
बुधवार को एशियाई कारोबारी सत्र की शुरुआत में AUD/USD 0.7000 के करीब स्थिर बना हुआ था। चीन के महंगाई आंकड़ों और सकारात्मक व्यापार संतुलन से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को हल्का सहारा मिला था। चीन में सितंबर के दौरान CPI उम्मीद से कम रहा था, जबकि PPI मुद्रास्फीति में तेजी आई थी और चीन का व्यापार अधिशेष अप्रत्याशित रूप से बढ़ा था। उस समय मध्य पूर्व के तनाव के बावजूद डॉलर अपेक्षाकृत शांत था, लेकिन अमेरिकी सीपीआई आते ही पूरा परिदृश्य पलट गया।

अन्य प्रमुख संपत्तियों में, USD/JPY एशियाई सत्र में 158.50 के आसपास एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा था, जहां जापानी अधिकारियों के संभावित मुद्रा हस्तक्षेप के डर ने येन को समर्थन दिया और डॉलर की बढ़त को सीमित रखा। हालांकि, भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के कारण सेफ-हेवन के रूप में डॉलर को मजबूती मिलती रही। डिजिटल परिसंपत्तियों की बात करें तो रिपल और मेरिट्ज सिक्योरिटीज द्वारा दक्षिण कोरियाई पूंजी बाजार के लिए संस्थागत कस्टडी और टोकनाइजेशन सेवाओं की साझेदारी के बाद XRP 1.36 डॉलर के ऊपर कारोबार करता नजर आया, जहां खरीदार 1.40 डॉलर के आपूर्ति दायरे की ओर बढ़ने की तैयारी में थे।

## तकनीकी स्तर और आने वाले आर्थिक घटनाक्रम
तकनीकी चार्ट पर AUD/USD के लिए अब ऊपर की राह काफी चुनौतीपूर्ण दिख रही है। तत्काल प्रतिरोध 200-अवधि के SMA पर 0.6968 के स्तर पर स्थित है, जिसके बाद 100-अवधि का SMA 0.6974 पर प्रतिरोध के रूप में खड़ा है। इसके बाद 0.6995 और 0.7005 पर कड़ा अवरोध मौजूद है। व्यापक मंदी के दबाव को समाप्त करने के लिए इस मुद्रा जोड़ी को 0.7045, 0.7075, 0.7105 और 0.7140 के ऊपरी स्तरों को फिर से पार करना होगा।

गिरावट की स्थिति में, 0.6932 के स्तर पर तत्काल समर्थन बना हुआ है, जिसके बाद 0.6904 और 0.6883 के स्तर आते हैं। यदि यह जोड़ी इन स्तरों से नीचे फिसलती है तो गिरावट और गहरी हो सकती है, जबकि यहां से किसी भी संभावित सुधार को मौजूदा डाउनट्रेंड के भीतर एक सामान्य समेकन माना जाएगा। लाइव तकनीकी संकेतकों के अनुसार, 14-दिवसीय RSI 37 के आसपास दर्ज है, जबकि दैनिक पिवट बिंदु 0.6977 पर और प्राथमिक समर्थन स्तर 0.6939 तथा 0.6917 पर स्थित हैं। अब विदेशी मुद्रा बाजार के प्रतिभागियों की निगाहें गुरुवार को जारी होने वाले ऑस्ट्रेलियाई रोजगार आंकड़ों पर टिकी हैं, जो इस मुद्रा की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी महंगाई में अचानक आई इस तेजी और डॉलर की मजबूती का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और मुद्रा विनिमय पर पड़ेगा।

- **मुद्रा विनिमय और यात्रा:** मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के कारण वैश्विक स्तर पर आयात और विदेश यात्रा की लागत में बढ़ोतरी हो सकती है। जो निवेशक या छात्र अमेरिका या ऑस्ट्रेलिया में डॉलर आधारित खर्च कर रहे हैं, उन्हें अपने मुद्रा रूपांतरण पर अतिरिक्त निगरानी रखनी होगी।
- **सोने और निवेश बाजार में:** मजबूत डॉलर और बढ़ती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के चलते सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। निवेशकों के लिए सोने में अल्पकालिक मुनाफावसूली का दबाव बना रह सकता है जबकि निश्चित रिटर्न वाले बॉन्ड अधिक आकर्षक दिख रहे हैं।
- **कमोडिटी और व्यापार लागत:** ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट से संसाधन आधारित वैश्विक निर्यात और कमोडिटी कीमतों में अस्थिरता आ सकती है। आयातकों के लिए डॉलर में होने वाले भुगतान अधिक महंगे हो जाएंगे जिससे लागत प्रबंधन पर असर पड़ सकता है।
- **ब्याज दरों पर असर:** अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की संभावना से वैश्विक पूंजी प्रवाह प्रभावित होगा। विकासशील बाजारों से पूंजी की निकासी और उधार लागत में तेजी का जोखिम बना रहेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
यह बाजार उतार-चढ़ाव मुख्य रूप से अप्रत्याशित रूप से मजबूत अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों और उसके कारण बॉन्ड प्रतिफल में आए उछाल की वजह से हुआ है।

- **अमेरिकी उपभोक्ता महंगाई में बढ़ोतरी:** लेबर सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी सितंबर के CPI आंकड़े 3.7 प्रतिशत पर पहुंचे जो अगस्त के 3.4 प्रतिशत और बाजार के पूर्वानुमानों दोनों से अधिक थे। कोर महंगाई भी 2.6 प्रतिशत पर पहुंच गई, जिससे कीमतों के चिपचिपे रहने का संकेत मिला।
- **फेड की सख्ती की आशंकाएं और यील्ड का उछाल:** महंगाई के गर्म आंकड़ों ने केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा रखने की संभावनाओं को हवा दी। परिणामस्वरूप 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.33 प्रतिशत तक पहुंच गई जिसने डॉलर आधारित संपत्तियों को भारी समर्थन दिया।
- **डॉलर इंडेक्स का रिकॉर्ड स्तर पर जाना:** छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर इंडेक्स 0.46 प्रतिशत उछलकर 102.70 पर पहुंच गया जो अप्रैल 2025 के बाद का उच्चतम स्तर था। इस चौतरफा डॉलर खरीद ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और सोने जैसी परिसंपत्तियों को नीचे धकेल दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. बुधवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में गिरावट का मुख्य कारण क्या रहा?
अमेरिका में सितंबर की वार्षिक मुद्रास्फीति बढ़कर 3.7 प्रतिशत हो गई, जिससे डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड में तेजी आई और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया।

### 2. बुधवार को AUD/USD किस स्तर पर कारोबार कर रहा था?
AUD/USD 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 0.6960 के स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था।

### 3. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में क्या बदलाव देखा गया?
महंगाई के आंकड़ों के बाद 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 5.20 प्रतिशत से बढ़कर करीब 5.33 प्रतिशत तक पहुंच गई।

### 4. डॉलर इंडेक्स किस स्तर पर पहुंच गया?
डॉलर इंडेक्स 0.46 प्रतिशत चढ़कर 102.70 के स्तर पर पहुंच गया, जो अप्रैल 2025 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।

### 5. डॉलर की मजबूती का सोने पर क्या असर पड़ा?
डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में बढ़ोतरी के चलते सोने की कीमत प्रति ट्रॉय औंस 4,100 डॉलर से नीचे फिसल गई।

### 6. अब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के लिए अगला बड़ा आर्थिक घटनाक्रम क्या है?
बाजार की नजर अब गुरुवार को आने वाले ऑस्ट्रेलियाई रोजगार आंकड़ों पर है, जो इस मुद्रा की अगली दिशा तय कर सकते हैं।

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