अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पाउंड 1.35 के करीब स्थिर, एंडी बर्नहैम बनेंगे ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ब्रिटिश पाउंड में शुरुआती एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान स्थिरता देखी गई है, जबकि मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार नौवें दिन भी जारी है। इसी बीच, ब्रिटेन की राजनीति में बड़ा बदलाव हुआ है, जहां एंडी बर्नहैम ने लेबर पार्टी के नेता के रूप में कमान संभाल ली है और वे अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड (जीबीपी) और अमेरिकी डॉलर (यूएसडी) की जोड़ी ने सोमवार के शुरुआती एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान काफी हद तक एक सपाट और स्थिर रुख बनाए रखा है। मुद्रा जोड़ी 1.3450 के मनोवैज्ञानिक और तकनीकी स्तर के आसपास समेकित हो रही थी, जबकि वर्तमान लाइव बाजार डेटा के अनुसार यह अब 1.35 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो अपने पिछले बंद 1.35 से 0.12% की मामूली गिरावट दर्शाता है। यह ठहराव ऐसे समय में आया है जब वैश्विक वित्तीय बाजार कई मोर्चों पर अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। एक तरफ मध्य पूर्व में सैन्य तनाव अपने चरम पर है, वहीं दूसरी तरफ संयुक्त राज्य अमेरिका के आर्थिक आंकड़े और ब्रिटेन में एक बड़ा राजनीतिक बदलाव निवेशकों की धारणा को प्रभावित कर रहा है। ट्रेडर्स और विश्लेषक इन सभी घटनाक्रमों का बारीकी से आकलन कर रहे हैं, क्योंकि भू-राजनीतिक उथल-पुथल और केंद्रीय बैंकों की नीतियां मुद्रा की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस जोड़ी की 52-सप्ताह की सीमा 1.30 से 1.38 के बीच रही है, और वर्तमान मूल्य कार्रवाई एक दीर्घकालिक अपट्रेंड को दर्शाती है। मध्य पूर्व में गहराता संकट और अमेरिकी सैन्य अभियान भू-राजनीतिक मोर्चे पर, संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। रविवार को संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरानी ठिकानों पर हमलों की एक नई लहर शुरू की, जिसके साथ ही यह सैन्य अभियान लगातार नौवें दिन में प्रवेश कर गया है। इस बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिकी सैनिकों को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। अमेरिका ने पुष्टि की है कि उत्तरी इराक में एक और अमेरिकी सेवा सदस्य की मौत हो गई है। यह दुखद घटना तब हुई जब एक मार गिराए गए ईरानी ड्रोन को नियंत्रित तरीके से नष्ट किया जा रहा था। यह पिछले दो दिनों में किसी अमेरिकी सैनिक की मौत का तीसरा मामला है, जो क्षेत्र में स्थिति की गंभीरता को रेखांकित करता है। इसके अलावा, अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) ने रविवार को यह भी जानकारी दी कि जॉर्डन में अज्ञात अवशेष पाए गए हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया है कि जॉर्डन में हुए एक अलग ईरानी हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की जान चली गई थी और एक सैनिक लापता हो गया था। यह लगातार बढ़ता सैन्य संघर्ष वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की भावना (रिस्क-ऑफ सेंटीमेंट) को बढ़ावा दे रहा है, जिसका सीधा असर सुरक्षित-पनाहगाह (सेफ-हेवन) संपत्तियों और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ रहा है। मध्य पूर्व में तनाव जारी रहने के कारण तेल की कीमतों में तेजी का रुख बना हुआ है, जबकि दूसरी ओर अमेरिकी डॉलर में कमजोरी देखी जा रही है। ब्रिटेन में राजनीतिक बदलाव: एंडी बर्नहैम का उदय ब्रिटेन के राजनीतिक परिदृश्य में भी एक बड़ा भूकंप आया है, जिसका सीधा प्रभाव देश की आर्थिक नीतियों और पाउंड स्टर्लिंग के भविष्य पर पड़ सकता है। शुक्रवार को एंडी बर्नहैम को ब्रिटेन की सत्तारूढ़ लेबर पार्टी का नया नेता चुना गया है। यह चुनाव ब्रिटेन के 59वें प्रधानमंत्री के रूप में उनके पदभार ग्रहण करने से पहले का अंतिम कदम है। बर्नहैम आधिकारिक तौर पर सर कीर स्टार्मर की जगह लेंगे। स्टार्मर ने हाल ही में हुए स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी को मिली भारी हार और जनमत सर्वेक्षणों (पब्लिक पोलिंग) में पार्टी की लोकप्रियता में भारी गिरावट के बाद इस्तीफा दे दिया था। एक नए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में ब्रिटेन की दिशा क्या होगी, इस पर बाजार की गहरी नजर है, क्योंकि किसी भी राजनीतिक अस्थिरता या बड़े नीतिगत बदलाव का सीधा असर बैंक ऑफ इंग्लैंड के फैसलों और अंततः मुद्रा के मूल्य पर पड़ता है। अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़े और फेडरल रिजर्व की नीतियां मुद्रा बाजार के लिए एक और बड़ा उत्प्रेरक अमेरिकी मुद्रास्फीति के नवीनतम आंकड़े और फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत चालें हैं। जून महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में महीने-दर-महीने आधार पर 0.4% की गिरावट दर्ज की गई है। यह अप्रैल 2020 के बाद से एक महीने में आई सबसे बड़ी गिरावट है। इस भारी गिरावट के कारण वार्षिक मुद्रास्फीति दर मई के 4.2% से गिरकर 3.5% पर आ गई है, जिससे मुद्रास्फीति में तेजी का तीन महीने का सिलसिला टूट गया है। कोर महंगाई (जिसमें अस्थिर खाद्य और ऊर्जा की कीमतें शामिल नहीं होती हैं) महीने-दर-महीने आधार पर बिल्कुल सपाट रही और साल-दर-साल आधार पर गिरकर 2.6% पर आ गई, जो बाजार की उम्मीदों (कंसेंसस) से काफी नीचे है। मुद्रास्फीति में इस उल्लेखनीय नरमी ने फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को काफी कम कर दिया है। सीएमई फेडवॉच टूल के अनुसार, जुलाई में फेड द्वारा ब्याज दर में बढ़ोतरी की संभावना अब केवल 14% रह गई है, जो पिछले सप्ताह 25% थी। ट्रेडर्स अब दिसंबर तक ब्याज दरों में कुल 30 आधार अंकों (बीपीएस) की बढ़ोतरी को ही मूल्य में शामिल कर रहे हैं। मुद्रास्फीति का कम होना और फेड की आक्रामकता में संभावित कमी ही अमेरिकी डॉलर पर दबाव डाल रही है, जिससे पाउंड को 1.3450 और 1.35 के स्तर के आसपास टिके रहने में मदद मिली है। तकनीकी विश्लेषण: जीबीपी/यूएसडी के प्रमुख स्तर लाइव बाजार डेटा के अनुसार, जीबीपी/यूएसडी वर्तमान में 1.35 के आसपास कारोबार कर रहा है। तकनीकी संकेतक एक मिली-जुली लेकिन मुख्य रूप से स्थिर तस्वीर पेश कर रहे हैं। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 58 पर है, जो न तो अधिक खरीदी (ओवरबॉट) और न ही अधिक बेची (ओवरसोल्ड) गई स्थिति को दर्शाता है। मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (एमएसीडी) 0.00 पर है और इसका हिस्टोग्राम भी 0.00 पर है, जो एक समग्र तेजी का संकेत देता है। 20-दिवसीय, 50-दिवसीय और 200-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) सभी 1.34 पर हैं, हालांकि 50-ईएमए और 200-ईएमए के बीच 'डेथ क्रॉस' की स्थिति है, जो कुछ अंतर्निहित कमजोरी की ओर इशारा करती है। बोलिंगर बैंड (20,2) 1.31 से 1.35 के बीच हैं, और मूल्य इन बैंडों के भीतर ही है। ट्रेडर्स के लिए प्रमुख स्तरों में पिवट 1.35 पर है, पहला (आर1) और दूसरा प्रतिरोध (आर2) भी 1.35 पर है। नीचे की ओर, पहला समर्थन (एस1) 1.34 और दूसरा समर्थन (एस2) भी 1.34 पर है, जबकि 20-दिवसीय समर्थन लगभग 1.31 पर स्थित है। 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज (एटीआर) 0.01 है, जिसका उपयोग स्टॉप-लॉस बफर तय करने के लिए किया जा सकता है। पाउंड स्टर्लिंग: इतिहास और बुनियादी पहलू विदेशी मुद्रा बाजार में निवेश करने वालों के लिए पाउंड स्टर्लिंग (जीबीपी) की ऐतिहासिक और आर्थिक पृष्ठभूमि को समझना बेहद जरूरी है। 886 ईस्वी से चलन में रहा पाउंड दुनिया की सबसे पुरानी मुद्रा है और यूनाइटेड किंगडम की आधिकारिक मुद्रा है। 2022 के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी मुद्रा (एफएक्स) बाजार में यह दुनिया की चौथी सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा है। यह कुल विदेशी मुद्रा लेनदेन का 12% हिस्सा है, और प्रतिदिन औसतन 630 बिलियन डॉलर का कारोबार होता है। पाउंड के प्रमुख ट्रेडिंग जोड़े में जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) शामिल है, जिसे ट्रेडर्स 'केबल' कहते हैं और जो विदेशी मुद्रा बाजार का 11% हिस्सा है। इसके अलावा जीबीपी/जेपीवाई (GBP/JPY) को ट्रेडर्स के बीच 'ड्रैगन' के नाम से जाना जाता है (3% हिस्सा), और ईयूआर/जीबीपी (EUR/GBP) 2% का प्रतिनिधित्व करता है। पाउंड स्टर्लिंग को बैंक ऑफ इंग्लैंड (बीओई) द्वारा जारी किया जाता है। पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा तय की जाने वाली मौद्रिक नीति है। बीओई अपने निर्णय इस आधार पर लेता है कि उसने "मूल्य स्थिरता" के अपने प्राथमिक लक्ष्य (लगभग 2% की स्थिर मुद्रास्फीति दर) को हासिल किया है या नहीं। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बीओई का प्राथमिक उपकरण ब्याज दरों में समायोजन करना है। जब मुद्रास्फीति बहुत अधिक हो जाती है, तो बीओई ब्याज दरें बढ़ाकर इसे नियंत्रित करने की कोशिश करता है, जिससे लोगों और व्यवसायों के लिए कर्ज लेना अधिक महंगा हो जाता है। यह आमतौर पर पाउंड के लिए सकारात्मक होता है, क्योंकि उच्च ब्याज दरें वैश्विक निवेशकों के लिए अपना पैसा लगाने के लिहाज से ब्रिटेन को एक अधिक आकर्षक स्थान बनाती हैं। इसके विपरीत, जब मुद्रास्फीति बहुत कम हो जाती है, तो यह संकेत होता है कि आर्थिक विकास धीमा हो रहा है। इस स्थिति में, बीओई ब्याज दरों को कम करने पर विचार करता है ताकि कर्ज सस्ता हो सके और व्यवसाय विकास-उत्पादक परियोजनाओं में निवेश करने के लिए अधिक उधार लें। आर्थिक संकेतक और व्यापार संतुलन की भूमिका किसी भी मुद्रा की तरह, पाउंड की ताकत देश की समग्र अर्थव्यवस्था से जुड़ी होती है। डेटा रिलीज़ अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य का आकलन करते हैं और पाउंड स्टर्लिंग के मूल्य को काफी प्रभावित कर सकते हैं। सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई (परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स) और रोजगार जैसे संकेतक जीबीपी की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। एक मजबूत अर्थव्यवस्था स्टर्लिंग के लिए हमेशा अच्छी होती है। यह न केवल अधिक विदेशी निवेश को आकर्षित करती है बल्कि बीओई को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित कर सकती है, जिससे सीधे तौर पर पाउंड मजबूत होगा। अन्यथा, यदि आर्थिक आंकड़े कमजोर होते हैं, तो पाउंड स्टर्लिंग में गिरावट की संभावना बढ़ जाती है। मंगलवार को आने वाली ब्रिटेन की रोजगार रिपोर्ट पर निवेशकों की विशेष नजर रहेगी, क्योंकि इससे लेबर मार्केट की स्थिति का पता चलेगा। पाउंड स्टर्लिंग के लिए एक और महत्वपूर्ण डेटा रिलीज़ व्यापार संतुलन (ट्रेड बैलेंस) है। यह संकेतक किसी दी गई अवधि में किसी देश द्वारा अपने निर्यात से होने वाली कमाई और आयात पर किए जाने वाले खर्च के बीच के अंतर को मापता है। यदि कोई देश ऐसे निर्यात का उत्पादन करता है जिसकी दुनिया भर में बहुत अधिक मांग है, तो उसकी मुद्रा को विदेशी खरीदारों द्वारा इन वस्तुओं को खरीदने के लिए पैदा होने वाली अतिरिक्त मांग से सीधा लाभ होगा। इसलिए, एक सकारात्मक (नेट) व्यापार संतुलन मुद्रा को मजबूत करता है, जबकि एक नकारात्मक संतुलन इसे कमजोर बनाता है। क्रिप्टोकरेंसी, तेल और आगामी वित्तीय घटनाएं विदेशी मुद्रा से अलग, क्रिप्टोकरेंसी और कमोडिटी बाजारों में भी महत्वपूर्ण हलचल देखने को मिल रही है। पिछले एक सप्ताह में एथेरियम (ईटीएच) का प्रदर्शन काफी शानदार रहा है, जो बिटकॉइन (बीटीसी), एक्सआरपी (XRP) और सोलाना जैसे अन्य प्रमुख क्रिप्टो समकक्षों के मुकाबले दोहरे अंक (डबल-डिजिट) का लाभ दर्ज कर रहा है। हालांकि, सतह के नीचे, प्रमुख मेट्रिक्स बताते हैं कि एथेरियम की यह वृद्धि अभी भी नाजुक है, क्योंकि गुरुवार को व्यापक बाजार में सुधार (करेक्शन) शुरू हो गया था। इस बीच, मध्य पूर्व में जारी तनाव के कारण तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे वैश्विक ऊर्जा लागत बढ़ सकती है। आगे आने वाले सप्ताह का एजेंडा भी काफी व्यस्त रहने वाला है। अमेरिकी कंपनियों की आय रिपोर्ट (अर्निंग्स), यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) के फैसले और ब्रिटेन से जुड़ी खबरों का प्रवाह बाजार पर हावी रहेगा। इसके अलावा, अमेरिकी इक्विटी बाजारों को भी एक महत्वपूर्ण परीक्षा का सामना करना पड़ेगा क्योंकि निवेशकों का ध्यान अब प्रौद्योगिकी क्षेत्र की आय रिपोर्ट की ओर केंद्रित हो रहा है। इसका आप पर असर • निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका में मुद्रास्फीति के आंकड़ों में गिरावट के कारण वित्तीय बाजारों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जिससे शेयर और विदेशी मुद्रा बाजार में निवेश के जोखिम बढ़ गए हैं। • आम उपभोक्ताओं के लिए: सैन्य संघर्ष के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है, जिसका सीधा असर भविष्य में पेट्रोल-डीजल की कीमतों और परिवहन लागत पर पड़ने की संभावना है। • ब्रिटेन जाने वालों के लिए: पाउंड स्टर्लिंग में उतार-चढ़ाव और ब्रिटेन में नए प्रधानमंत्री के नेतृत्व में होने वाले नीतिगत बदलावों का असर उन छात्रों और पर्यटकों पर पड़ सकता है जो वहां की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। सवाल-जवाब 1. ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) वर्तमान में किस स्तर पर कारोबार कर रहा है? लाइव बाजार डेटा के अनुसार, ब्रिटिश पाउंड और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी (GBP/USD) वर्तमान में 1.35 के स्तर के आसपास स्थिर है। 2. ब्रिटेन का नया प्रधानमंत्री कौन बनने जा रहा है? एंडी बर्नहैम ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं, जिन्हें हाल ही में लेबर पार्टी का नया नेता चुना गया है। 3. कीर स्टार्मर ने लेबर पार्टी के नेता पद से इस्तीफा क्यों दिया? कीर स्टार्मर ने जनमत सर्वेक्षणों में भारी गिरावट और हाल के स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी को मिली बड़ी हार के बाद इस्तीफा दे दिया। 4. अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का क्या ताज़ा अपडेट है? अमेरिका ने लगातार नौवें दिन ईरानी ठिकानों पर सैन्य हमले किए हैं, और हाल ही में इराक व जॉर्डन में हुए हमलों में कुल तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। 5. अमेरिकी मुद्रास्फीति (CPI) के नए आंकड़े क्या हैं? जून महीने में अमेरिकी सीपीआई में महीने-दर-महीने आधार पर 0.4% की गिरावट आई है, जिससे वार्षिक मुद्रास्फीति दर 4.2% से घटकर 3.5% पर आ गई है। 6. पाउंड का मूल्य मुख्य रूप से किस पर निर्भर करता है? पाउंड का मूल्य मुख्य रूप से बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के फैसलों पर निर्भर करता है, जिसका लक्ष्य 2% की मुद्रास्फीति बनाए रखना है। https://trendkia.com/market/us-iran-tanava-ke-bicha-pound-1-35-ke-kariba-sthira-andy-burnham-banenge-uk-ke-nae-prime-minister-8941 TrendKia — Har trend, sabse pehle.