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  "type": "article",
  "title": "यूएस-ईरान तनाव से सोने-चांदी में भारी तबाही, MCX पर सोना 1,400 रुपये तो चांदी 4,000 रुपये टूटी",
  "summary": "वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के चलते सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जहां घरेलू बाजार में सोना और चांदी दोनों के दाम औंधे मुंह गिरे हैं।",
  "content": "वैश्विक वित्तीय बाजारों में 13 जुलाई 2026 को कीमती धातुओं में भारी गिरावट देखने को मिली है, जिससे कमोडिटी निवेशक सकते में हैं। घरेलू स्तर पर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोने के वायदा भाव में करीब 1,400 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी की कीमतें लगभग 4,000 रुपये तक धराशायी हो गईं। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले इन एसेट्स में यह भारी बिकवाली मुख्य रूप से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण हुई है। इस भू-राजनीतिक संघर्ष ने कच्चे तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई दोबारा बढ़ने का डर पैदा हो गया है। निवेशकों को आशंका है कि ऊर्जा की बढ़ती कीमतों को काबू में रखने के लिए दुनिया भर के केंद्रीय बैंक, विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व यानी फेड, ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकते हैं या इनमें और बढ़ोतरी कर सकते हैं। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की इस संभावना ने अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड को बढ़ावा दिया है, जिससे बिना ब्याज वाले एसेट्स जैसे सोने और चांदी के प्रति आकर्षण कम हो गया है।\n\n \n\nघरेलू बाजार में सोने और चांदी के भाव में ऐतिहासिक मंदी\n\nभारतीय कमोडिटी बाजार में सोमवार सुबह सोने के सौदों में भारी मंदी देखी गई। MCX पर सोने का भाव करीब 1,400 रुपये टूटकर 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार करता नजर आया। कारोबार के दौरान बाजार में इस कदर घबराहट थी कि सोने ने 1,41,557 रुपये प्रति 10 ग्राम का इंट्राडे निचला स्तर छू लिया। विश्लेषकों का मानना है कि इस तेज गिरावट ने कई महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल्स को तोड़ दिया है, जिससे शॉर्ट-टर्म ट्रेंड मंदड़ियों के पक्ष में चला गया है। दूसरी ओर, चांदी के बाजार में गिरावट और भी भयावह रही। 4 सितंबर की एक्सपायरी वाले MCX चांदी के अनुबंधों में लगभग 4,000 रुपये प्रति किलोग्राम की भारी गिरावट आई। यह लगभग 2% की एकदिनी गिरावट है। औद्योगिक उपयोग और आभूषणों में काम आने वाली यह धातु शुरुआती कारोबार के दौरान 2,17,277 रुपये प्रति किलोग्राम के इंट्राडे निचले स्तर तक गिर गई, जिसके बाद यह 2,18,668 रुपये के आसपास कारोबार करती दिखी। हाल के हफ्तों में चांदी में देखी जा रही मजबूती के अचानक समाप्त होने से खुदरा खरीदार और ट्रेडर्स दोनों हैरान हैं।\n\n \n\nअंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में भी बिकवाली का दौर\n\nघरेलू बाजार में आई गिरावट असल में अंतरराष्ट्रीय हाजिर (स्पॉट) बाजारों में मचे हाहाकार का ही नतीजा है। ग्लोबल मार्केट में हाजिर सोने की कीमत लगभग 1.3% गिरकर 4,068 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गई। इससे पिछले सप्ताह भी सोने में 1.5% की साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके बाद यह लगातार गिरावट का दूसरा दौर है। सोमवार के शुरुआती कारोबार में मंदी का दबाव इतना गहरा था कि स्पॉट सोना करीब 2% टूटकर 4,050 डॉलर प्रति औंस के महत्वपूर्ण स्तर के भी नीचे चला गया था। हाजिर चांदी के बाजार की स्थिति तो और भी नाजुक रही, जहां कीमतों में 3% से 4% तक की भारी गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी करीब 58 डॉलर प्रति औंस के आसपास संघर्ष करती दिखी। चांदी के लिए पिछला सप्ताह भी निराशाजनक रहा था, जिसमें करीब 4% की गिरावट आई थी। अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और बॉन्ड यील्ड में तेजी आने के कारण फिजिकल गोल्ड और सिल्वर समर्थित ETF से भी वैश्विक स्तर पर निवेशकों ने जमकर पैसा निकाला है।\n\n \n\nकच्चे तेल में उछाल और मध्य पूर्व का भू-राजनीतिक संकट\n\nसुरक्षित निवेश वाली धातुओं से पैसा निकालकर अन्य एसेट्स में लगाने के पीछे असली वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव है। रविवार को अमेरिका ने साइप्रस के झंडे वाले एक कंटेनर मालवाहक जहाज पर ईरानी हमले के जवाब में ईरान के खिलाफ सप्ताह का अपना चौथा सैन्य हमला किया। इस अमेरिकी कार्रवाई के बाद तेहरान ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए घोषणा की कि रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य को अगले आदेश तक बंद रखा जाएगा। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के इस दावे को तुरंत खारिज कर दिया, लेकिन आपूर्ति बाधित होने की आशंका मात्र से ऊर्जा बाजारों में खलबली मच गई। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड का भाव 4.25% उछलकर 75 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड भी 4% से अधिक की छलांग लगाकर 80 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करने लगा। घरेलू मोर्चे पर इसका असर यह हुआ कि MCX क्रूड ऑयल का भाव भी लगभग 5% बढ़कर 7,138 रुपये प्रति बैरल के इंट्राडे उच्च स्तर पर पहुंच गया।\n\n \n\nमहंगाई की चिंता और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के कदम\n\nकच्चे तेल की कीमतों में यह अचानक आया उछाल वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत नहीं है। परिवहन, विनिर्माण और कृषि जैसे प्रमुख क्षेत्रों में ईंधन की लागत सीधे जुड़ी होती है, जिससे कच्चे तेल के महंगे होने का सीधा मतलब है कि आम उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें भी बढ़ेंगी। यदि महंगाई दर केंद्रीय बैंकों के तय दायरे से बाहर निकलती है, तो नीति निर्माताओं के पास ब्याज दरें बढ़ाने या उन्हें लंबे समय तक ऊंचा रखने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने और चांदी जैसे बिना ब्याज वाले एसेट्स को पोर्टफोलियो में बनाए रखने की लागत बढ़ जाती है। इसी वजह से निवेशक कीमती धातुओं को बेचकर सरकारी बॉन्ड और मुद्रा बाजारों की तरफ रुख कर रहे हैं। इस बदलाव के चलते अमेरिकी डॉलर सूचकांक मजबूत होकर प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले 101.20 के स्तर पर पहुंच गया है, जिससे डॉलर में मूल्यवर्गित होने वाली अन्य कमोडिटीज की कीमतों पर और दबाव बढ़ रहा है।\n\n \n\nफेडरल रिजर्व के आगामी फैसले और केविन वॉर्श की गवाही पर नजर\n\nभू-राजनीतिक घटनाक्रमों के अलावा, वैश्विक निवेशकों की नजरें इस सप्ताह अमेरिका से आने वाले महत्वपूर्ण व्यापक आर्थिक आंकड़ों पर भी टिकी हैं। इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़े यह तय करने में मददगार होंगे कि फेडरल रिजर्व आने वाले महीनों में नीतिगत ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाता है। वर्तमान में वित्तीय बाजार इस बात की पूरी आशंका जता रहे हैं कि फेड इस साल के अंत से पहले कम से कम एक बार और ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। निवेशकों के बीच घबराहट बढ़ाने वाला एक और बड़ा कारण यह है कि फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श मंगलवार को अमेरिकी कांग्रेस के समक्ष अपनी पहली गवाही देने जा रहे हैं। ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स के आंकड़ों के अनुसार, इस सुनवाई के दौरान केविन वॉर्श के बयानों को बारीकी से परखा जाएगा ताकि यह समझा जा सके कि केंद्रीय बैंक अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सेहत और महंगाई की चुनौतियों को किस नजरिए से देख रहा है।\n\n \n\nकॉमेक्स सोने और चांदी के लिए एक्सपर्ट का तकनीकी दृष्टिकोण\n\nग्लोबल कमोडिटी मार्केट के तकनीकी स्तरों का विश्लेषण करते हुए एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पोनमुडी आर ने बताया कि कॉमेक्स (COMEX) चांदी का रुख फिलहाल कमजोर बना हुआ है और यह धातु –.5 के सपोर्ट जोन के दायरे में काम कर रही है। तेजी की स्थिति में चांदी के लिए तात्कालिक रेसिस्टेंस स्तर.7– पर बना हुआ है, जिसके बाद अगला मजबूत प्रतिरोध.7– के स्तर पर है। यदि गिरावट जारी रहती है और चांदी –.6 के सपोर्ट लेवल को तोड़ देती है, तो इसकी कीमतें और नीचे गिरकर –.5 के सपोर्ट एरिया तक जा सकती हैं। कॉमेक्स सोने के मामले में भी तकनीकी ढांचा मंदी का संकेत दे रहा है, जहां कीमतें 4,100 डॉलर के स्तर से नीचे बनी हुई हैं। सोने के लिए तात्कालिक रेसिस्टेंस स्तर 4,120 डॉलर से 4,150 डॉलर के बीच देखा जा रहा है। यदि सोना इस स्तर को पार कर ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो यह 4,200 डॉलर से 4,240 डॉलर की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि, यदि यह नीचे की ओर 4,050 डॉलर का सपोर्ट लेवल तोड़ता है, तो कीमतें सीधे 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर तक गिर सकती हैं।\n\n \n\nMCX पर कीमती धातुओं, कच्चे तेल और तांबे के तकनीकी स्तर\n\nघरेलू बाजार के तकनीकी विश्लेषण में एनरिच मनी के पोनमुडी आर ने जानकारी दी कि MCX पर सोना बड़े गैप-डाउन के साथ खुला और वर्तमान में 1,42,000 रुपये के स्तर के पास बना हुआ है। सोने के लिए तात्कालिक सपोर्ट स्तर 1,41,000 रुपये से 1,40,500 रुपये के दायरे में है, जबकि इससे निचला सपोर्ट 1,39,300 रुपये से 1,38,700 रुपये के बैंड में है। ऊपर की तरफ, सोने को 1,42,500 रुपये से 1,43,000 रुपये के स्तर पर रुकावट का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि पुराना सपोर्ट स्तर अब रेसिस्टेंस बन चुका है। इस स्तर से ऊपर जाने पर ही सोने का गैप भरेगा और यह वापस 1,43,600 रुपये से 1,44,000 रुपये की ओर बढ़ पाएगा। वहीं, MCX चांदी भी भारी गिरावट के साथ खुली जो इसकी कमजोर स्थिति को दर्शाती है। चांदी के लिए तात्कालिक रेसिस्टेंस 2,20,000 रुपये से 2,21,000 रुपये के बीच है, जिसके बाद अगला अवरोध 2,24,000 रुपये से 2,25,000 रुपये पर है। नीचे की ओर चांदी के लिए पहला सपोर्ट 2,15,000 रुपये से 2,14,000 रुपये के दायरे में है और इसे तोड़ने पर चांदी की कीमतें सीधे 2,10,000 रुपये से 2,09,000 रुपये तक जा सकती हैं।\n\nदूसरी तरफ, MCX क्रूड ऑयल जबरदस्त उछाल के साथ खुला और 7,100 रुपये के स्तर के पार निकल गया। पोनमुडी आर के अनुसार, कच्चे तेल के लिए तात्कालिक रेसिस्टेंस 7,150 रुपये से 7,200 रुपये के बीच है और इस स्तर को पार करने पर यह तेजी 7,260 रुपये से 7,300 रुपये तक जा सकती है। नीचे की ओर, क्रूड को 7,100 रुपये से 7,050 रुपये पर तात्कालिक सपोर्ट हासिल है और इसके टूटने पर दाम 7,000 रुपये से नीचे आ सकते हैं। तकनीकी संकेतकों जैसे MACD और RSI के अनुसार, मध्य पूर्व में जारी अशांति और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान के खतरों के कारण क्रूड में अभी भी तेजी का रुख बना हुआ है। इन सबके बीच, अन्य औद्योगिक धातुओं में भी कमजोरी देखी गई, जहां MCX कॉपर (तांबा) करीब 1% की गिरावट के साथ 1,285 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर कारोबार करता देखा गया।\n\nइसका आप पर असर\n• निवेशकों के लिए: सोने और चांदी की कीमतों में इस भारी गिरावट से उन निवेशकों को नुकसान हो सकता है जिन्होंने हाल ही में उच्च स्तरों पर खरीदारी की थी, लेकिन नए खरीदारों के लिए यह खरीदारी करने का एक अनुकूल अवसर हो सकता है।\n• महंगाई और खर्च: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से आने वाले समय में पेट्रोल-डीजल और माल ढुलाई के खर्च बढ़ सकते हैं, जिससे आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ेगा।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. आज सोने और चांदी की कीमतों में इतनी भारी गिरावट क्यों आई?\nयह गिरावट अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण आई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरें बढ़ने की आशंका मजबूत हुई।\n\n2. MCX पर आज सोने और चांदी ने क्या न्यूनतम स्तर छुआ?\nकारोबार के दौरान MCX पर सोने ने 1,41,557 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 2,17,277 रुपये प्रति किलोग्राम का इंट्राडे निचला स्तर छुआ।\n\n3. वैश्विक हाजिर (स्पॉट) बाजार में कीमती धातुओं का क्या हाल रहा?\nहाजिर सोना लगभग 1.3% गिरकर 4,068 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा, जबकि हाजिर चांदी 3% से 4% की गिरावट के साथ करीब 58 डॉलर प्रति औंस पर आ गई।\n\n4. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का मुख्य कारण क्या है?\nअमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों और ईरान द्वारा रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़े हैं।\n\n5. विशेषज्ञों के अनुसार MCX सोने के लिए प्रमुख सपोर्ट और रेसिस्टेंस स्तर क्या हैं?\nएनरिच मनी के अनुसार, MCX सोने को 1,41,000 - 1,40,500 रुपये पर सपोर्ट और 1,42,500 - 1,43,000 रुपये के स्तर पर रेसिस्टेंस मिल रहा है।",
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  "publishedAt": "2026-07-13",
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