# अमेरिकी-ईरान वार्ता की उम्मीदों से यूरो में मजबूती, लेकिन जर्मन राजनीतिक संकट और मजबूत डॉलर से दबाव बरकरार

> यूरोपीय सत्र की शुरुआत में यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी 1.1475 के करीब पहुंची। हालांकि 100-दिवसीय एसएमए के नीचे तकनीकी दबाव, जर्मनी में राजनीतिक उथल-पुथल और फेडरल रिजर्व का सख्त रुख बढ़त को सीमित कर रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-22 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-iran-varta-ki-ummidon-se-euro-men-majabuti-lekina-german-rajanitika-snkata-aura-majabuta-dollar-se-dabava-barakarara-36187 · **Language:** Hindi
**Tags:** यूरो, अमेरिकी डॉलर, विदेशी मुद्रा, फेडरल रिजर्व, यूरोपीय सेंट्रल बैंक, जर्मन राजनीति, मुद्रास्फीति, वित्त

मंगलवार को यूरोपीय सत्र की शुरुआत में यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी मजबूती दिखाते हुए 1.1475 के स्तर के आसपास पहुंच गई। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर निवेशकों में उभरी नई उम्मीदों के कारण बाजार की धारणा में सुधार हुआ, जिससे अमेरिकी डॉलर के मुकाबले साझा मुद्रा यूरो को मामूली बढ़त हासिल करने में मदद मिली। इसके बावजूद, 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (एसएमए) के नीचे बने रहने और रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) में कमजोरी दिखने की वजह से इस मुद्रा जोड़ी पर तकनीकी मंदी का रुख पूरी तरह बना हुआ है।

## भू-राजनीतिक घटनाक्रम और फेडरल रिजर्व के नीति-निर्माता
बाजार का ध्यान मंगलवार को अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (फेड) के अधिकारियों के आने वाले बयानों पर टिका हुआ है। फेडरल रिजर्व के नीति-निर्माताओं में जॉन विलियम्स, फिलिप जेफरसन और थॉमस बार्किन बाद में अपने विचार रखने वाले हैं। मौद्रिक नीति को लेकर अधिकारियों के रुख से डॉलर की दिशा स्पष्ट होगी। हाल ही में मुसालेम की ओर से आई चेतावनी ने यह साफ किया है कि यदि मौद्रिक सख्ती जारी नहीं रखी गई, तो अगले 18 महीनों में मुद्रास्फीति 2% के लक्ष्य से काफी ऊपर रह सकती है। मुसालेम का मानना है कि श्रम बाजार लगभग पूर्ण रोजगार पर होने और कमोडिटी झटकों के बावजूद ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की जरूरत हो सकती है। मुद्रास्फीति के दबावों को 3% के करीब स्थायी होने से रोकने के लिए समय रहते दरों में क्रमिक बढ़ोतरी की रणनीति को प्राथमिकता दी जा रही है। आपूर्ति कारकों को हटाने के बाद भी मुद्रास्फीति का ऊंचा बने रहना और कारोबारी संपर्कों द्वारा लगभग 3% तक मूल्य वृद्धि की योजना बनाना नीतिगत सख्ती का संकेत देता है, जो डॉलर को मजबूती प्रदान कर रहा है। स्पीच ट्रैकर का स्कोर 8/10 रहा है, जो 7.4/10 के ऐतिहासिक औसत की तुलना में अधिक सख्त रुख की ओर इशारा करता है।

## जर्मनी में ऐतिहासिक चुनावी हार से राजनीतिक अस्थिरता
यूरो की इस ताजा बढ़त के सामने जर्मनी का आंतरिक राजनीतिक संकट एक बड़ी बाधा बनकर खड़ा हो गया है। पूर्वोत्तर जर्मनी के राज्य मैक्लेनबर्ग-वोर्पोमर्न में रविवार को हुए चुनावों में दक्षिणपंथी पार्टी अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी ने पहला स्थान हासिल किया। वहीं चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की रूढ़िवादी पार्टी सीडीयू को भारी झटका लगा। पार्टी को केवल 4.9% वोट मिले, जो युद्धोत्तर जर्मन इतिहास में किसी भी प्रांतीय चुनाव में इस दल का अब तक का सबसे निराशाजनक प्रदर्शन है। इस ऐतिहासिक हार के बाद चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ के नेतृत्व और सत्ता पर पकड़ को लेकर सवाल उठने लगे हैं। एमयूएफजी के विश्लेषकों का मानना है कि इस चुनावी झटके से सीडीयू के भीतर उन आलोचकों की आवाज और मजबूत होगी जो चांसलर मर्ज़ की गिरती व्यक्तिगत रेटिंग के कारण नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे हैं। यूरोप में बढ़ते राजनीतिक और राजकोषीय तनाव निकट भविष्य में यूरो के प्रति निवेशकों के विश्वास को कमजोर कर सकते हैं।

## तकनीकी स्तर: 100-दिवसीय एसएमए और बॉलिंजर बैंड
चार्ट पर नजर डालें तो इस मुद्रा जोड़ी के लिए निचला तात्कालिक समर्थन 1.1445 पर बॉलिंजर के निचले बैंड के पास स्थित है। इस स्तर पर बिकवाली करने वाले ट्रेडर इंट्राडे मुनाफे की वसूली कर सकते हैं। यदि यह समर्थन टूटता है, तो भाव 14 जुलाई के 1.1378 के निचले स्तर की ओर खिसक सकता है, जिसके बाद अगला अहम स्तर 28 जुलाई का 1.1353 का निचला स्तर होगा। ऊपरी छोर पर, पहला बड़ा प्रतिरोध 1.1545 पर स्थित 100-दिवसीय एसएमए पर देखा जा रहा है। यदि खरीदार इस बाधा को पार करने में सफल रहते हैं, तो 1.1575 पर स्थित बॉलिंजर मिडिल बैंड का रास्ता खुलेगा। इसके आगे 9 सितंबर का 1.1654 का उच्च स्तर और फिर 1.1700 पर मौजूद बॉलिंजर अपर बैंड अगला लक्ष्य होगा। मौजूदा लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, इस मुद्रा जोड़ी का लाइव भाव 1.15 पर सपाट है और इसका 52 हफ्तों का दायरा 1.13 से 1.20 के बीच रहा है। 14-अवधि का आरएसआई 35 पर मंदी का संकेत दे रहा है और ईएमए50 व ईएमए200 के बीच डेथ क्रॉस के कारण दीर्घकालिक मंदी की प्रवृत्ति कायम है। 20-दिवसीय समर्थन 1.15 और प्रतिरोध 1.17 पर केंद्रित है।

## यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्था और मौद्रिक नीति के नियम
यूरो यूरोक्षेत्र के 20 यूरोपीय संघ देशों की आधिकारिक मुद्रा है और यह अमेरिकी डॉलर के बाद दुनिया की दूसरी सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा है। वर्ष 2022 में वैश्विक विदेशी मुद्रा लेनदेन में यूरो की हिस्सेदारी 31% थी, जिसका औसत दैनिक कारोबार 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक दर्ज किया गया था। वैश्विक स्तर पर यूरो/यूएसडी सबसे अधिक कारोबार वाला मुद्रा युग्म है, जो कुल लेनदेन के लगभग 30% हिस्से को कवर करता है। इसके बाद यूरो/जेपीवाई (4%), यूरो/जीबीपी (3%) और यूरो/एयूडी (2%) का स्थान आता है। फ्रैंकफर्ट स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) यूरोक्षेत्र का केंद्रीय बैंक है, जो ब्याज दरें तय करने और मौद्रिक नीति प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालता है। ईसीबी का प्राथमिक दायित्व मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसका अर्थ मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना या आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहित करना होता है। ईसीबी की गवर्निंग काउंसिल वर्ष में आठ बार बैठक करके नीतिगत निर्णय लेती है, जिसमें राष्ट्रीय बैंकों के प्रमुखों के अलावा ईसीबी अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड सहित छह स्थायी सदस्य शामिल होते हैं।

हार्मनाइज्ड इंडेक्स ऑफ कंज्यूमर प्राइसेज (एचआईसीपी) के माध्यम से मापे जाने वाले मुद्रास्फीति के आंकड़े यूरो के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण आर्थिक संकेतक हैं। जब मुद्रास्फीति ईसीबी के 2% के लक्ष्य से ऊपर बढ़ती है, तो बैंक को दरों में इजाफा करना पड़ता है। अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में ऊंची ब्याज दरें यूरो को अधिक आकर्षक बनाती हैं क्योंकि वैश्विक निवेशक वहां पूंजी लगाना पसंद करते हैं। इसके अलावा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी), विनिर्माण और सेवा पीएमआई, रोजगार तथा उपभोक्ता विश्वास के आंकड़े भी मुद्रा को प्रभावित करते हैं। यूरोक्षेत्र की 75% अर्थव्यवस्था जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन से संचालित होती है, इसलिए इन चार देशों के आर्थिक आंकड़े सबसे अधिक महत्वपूर्ण माने जाते हैं। साथ ही व्यापार संतुलन भी अहम भूमिका निभाता है। जब कोई क्षेत्र आयात की तुलना में निर्यात अधिक करता है, तो विदेशी खरीदारों की मांग के कारण उसकी मुद्रा मजबूत होती है, जबकि नकारात्मक व्यापार संतुलन मुद्रा पर दबाव डालता है।

## वैश्विक बाजारों का रुख: जापानी येन, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और सोना
अन्य प्रमुख संपत्तियों पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (एयूडी/यूएसडी) एशियाई सत्र में 0.7100 के ऊपर लिवाली हासिल करने में सफल रहा। इसे रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की सहायक गवर्नर सारा हंटर और गवर्नर मिशेल बुलक की सख्त टिप्पणियों से सहारा मिला। हालांकि, पश्चिम एशिया में तनाव और फेड के सख्त रुख के कारण अमेरिकी डॉलर की मजबूती ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को सीमित कर रही है। बाजार की नजर इस सप्ताह होने वाले ट्रंप और शी जिनपिंग के महत्वपूर्ण शिखर सम्मेलन पर भी टिकी हुई है।

उधर, अमेरिकी डॉलर और जापानी येन (यूएसडी/जेपीवाई) की जोड़ी 157.50 के पास सीमित बढ़त दिखा रही है। बैंक ऑफ जापान द्वारा 31 साल के उच्च स्तर पर ब्याज दरों को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% करने के फैसले के बावजूद येन पर दबाव बना हुआ है, हालांकि सरकारी हस्तक्षेप की आशंका से गिरावट सीमित रही। बैंक ऑफ जापान का यह फैसला 7-2 के बहुमत से लिया गया, जो मौद्रिक नीति के सामान्यीकरण की दिशा में एक कदम है। दूसरी तरफ, सोने का भाव मंगलवार की शुरुआत में 4,350 डॉलर प्रति औंस के आसपास संघर्ष करता दिखा, जहां ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव देखा गया। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी के बीच डॉलर अपने लाभ को मजबूत कर रहा है, जबकि सोने का दैनिक आरएसआई तटस्थ बना हुआ है।

## इसका आप पर असर
मुद्रा बाजार में यूरो और अमेरिकी डॉलर की अस्थिरता का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेश यात्रा और निवेश योजनाओं पर पड़ता है।

- **मुद्रा विनिमय दरें:** यूरो/यूएसडी की विनिमय दर में हो रहे उतार-चढ़ाव से विदेशी मुद्रा में लेनदेन करने वाले व्यापारियों और आयातकों की लागत प्रभावित हो सकती है। जो लोग यूरोप की यात्रा या पढ़ाई की योजना बना रहे हैं, उन्हें विनिमय दरों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए।
- **आयात लागत और मुद्रास्फीति:** मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण कच्चे तेल और वैश्विक कमोडिटीज के आयात बिल में वृद्धि हो सकती है। इससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ऊर्जा और माल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
- **निवेशक और पोर्टफोलियो:** वैश्विक मुद्रा बाजारों में डॉलर की मजबूती के चलते निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर सकते हैं। विदेशी फंडों में निवेश करने वाले खुदरा निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में करेंसी रिस्क का मूल्यांकन करना चाहिए।
- **निर्यातकों के अवसर:** डॉलर के मजबूत बने रहने से निर्यात-उन्मुख उद्योगों को विनिमय लाभ मिल सकता है। यूरोपीय बाजारों में सामान भेजने वाली कंपनियों को यूरो में कमजोरी के चलते अपने मार्जिन की समीक्षा करनी होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
यूरो/यूएसडी की चाल भू-राजनीतिक वार्ता की नई उम्मीदों, जर्मनी के प्रांतीय चुनाव परिणामों और दोनों प्रमुख केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर दृष्टिकोण से प्रेरित हुई है।

- **भू-राजनीतिक वार्ता:** अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता की संभावनाओं ने बाजार में जोखिम लेने की क्षमता को थोड़ा सुधारा, जिससे यूरो को शुरुआती सहारा मिला। वार्ता की दिशा आने वाले सत्रों में तेल और मुद्रा बाजारों की धारणा तय करेगी।
- **जर्मनी में राजनीतिक झटका:** मैक्लेनबर्ग-वोर्पोमर्न राज्य में चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की पार्टी को केवल 4.9% वोट मिलने से सरकार की स्थिरता पर सवाल उठे हैं। इस ऐतिहासिक चुनावी हार ने यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में नीतिगत फैसलों पर अनिश्चितता बढ़ा दी है।
- **फेडरल रिजर्व की सख्ती:** अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अधिकारियों की ओर से मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए सख्त मौद्रिक नीति जारी रखने के संकेतों ने डॉलर को मजबूती दी है। मुसालेम की चेतावनियों ने स्पष्ट किया है कि दरें और बढ़ाई जा सकती हैं।
- **तकनीकी प्रतिरोध:** यह मुद्रा जोड़ी तकनीकी रूप से 100-दिवसीय एसएमए के नीचे कारोबार कर रही है, जिससे लिवाली की रफ्तार सीमित रही है। 1.1545 के पास मौजूद अवरोध बुल्स को आगे बढ़ने से रोक रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. मंगलवार को यूरोपीय सत्र में यूरो/यूएसडी किस स्तर पर पहुंचा?
मंगलवार को शुरुआती यूरोपीय सत्र में यूरो/यूएसडी मजबूत होकर 1.1475 के स्तर के करीब पहुंच गया।

### 2. जर्मनी के चुनावों में चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहा?
चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की पार्टी सीडीयू को पूर्वोत्तर राज्य मैक्लेनबर्ग-वोर्पोमर्न में मात्र 4.9% वोट मिले, जो युद्धोत्तर जर्मनी के इतिहास में पार्टी का सबसे खराब प्रांतीय परिणाम है।

### 3. यूरो/यूएसडी के लिए कौन से प्रमुख तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण हैं?
निचले स्तर पर 1.1445 पर तात्कालिक समर्थन है, जबकि ऊपरी छोर पर 100-दिवसीय एसएमए 1.1545 पर पहला बड़ा प्रतिरोध प्रस्तुत करता है।

### 4. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया?
बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के बहुमत से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दी, जो 31 साल का उच्च स्तर है।

### 5. वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो का कितना योगदान है?
यूरो दुनिया की दूसरी सबसे अधिक कारोबार वाली मुद्रा है, जो 2022 में वैश्विक विदेशी मुद्रा लेनदेन के 31% हिस्से और 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक के दैनिक कारोबार के लिए जिम्मेदार थी।

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