# अमेरिका में रोजगार आंकड़ों की घोषणा से पहले 99.00 के पास ठहरा डॉलर इंडेक्स, फेडरल रिजर्व के रुख पर टिकी बाजार की निगाहें

> अमेरिका के गैर-कृषि रोजगार आंकड़ों के जारी होने से पहले अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 99.00 के स्तर के आसपास स्थिर कारोबार कर रहा है। फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर के संतुलित बयान के बाद सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें घटकर 50.2 प्रतिशत रह गई हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-04 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-jobs-data-se-pahale-99-00-ke-kariba-sthira-hua-dollar-index-christopher-waller-ke-bayanon-se-badala-sentiment-27556 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी डॉलर इंडेक्स, फेडरल रिजर्व, नॉनफार्म पेरोल, विदेशी मुद्रा बाजार, क्रिस्टोफर वॉलर, ब्याज दरें, finance

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में शुक्रवार के शुरुआती यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 99.00 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास लगभग स्थिर रुख के साथ कारोबार कर रहा है। दुनिया की छह प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर के प्रदर्शन को मापने वाला यह सूचकांक फिलहाल एक सीमित दायरे में बना हुआ है। वित्तीय बाजारों के प्रतिभागी और मुद्रा कारोबारी शुक्रवार को ही बाद में जारी होने वाले अमेरिका के अगस्त महीने के गैर-कृषि रोजगार (NFP) आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। इन आंकड़ों के आने से पहले बाजार में सतर्कता का माहौल बना हुआ है और अधिकांश निवेशक कोई भी बड़ा नया स्थान लेने से बच रहे हैं। वर्तमान में डॉलर इंडेक्स की लाइव कीमत 99.00 पर बनी हुई है, जो कि इसके पिछले बंद स्तर के बिल्कुल बराबर है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस सूचकांक ने 95.55 के निचले स्तर से लेकर 101.80 के ऊपरी स्तर तक का दायरा देखा है। इस बीच बाजार में ट्रेडिंग वॉल्यूम इसके 20-दिन के औसत वॉल्यूम के लगभग बराबर बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि बड़ा रुझान रोजगार रिपोर्ट के बाद ही तय होगा।

मुद्रा बाजार में हालिया ठहराव का एक प्रमुख कारण फेडरल रिजर्व के नीतिगत रुख को लेकर निवेशकों की बदलती धारणा है। शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज के CME FedWatch टूल के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि व्यापारियों ने सितंबर महीने में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में वृद्धि किए जाने की संभावनाओं को काफी हद तक कम कर दिया है। बुधवार को जहाँ सितंबर नीतिगत बैठक में दर वृद्धि की संभावना 63.2 प्रतिशत पर आंकी जा रही थी, वहीं अब यह घटकर 50.2 प्रतिशत रह गई है। यह बदलाव फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर द्वारा दिए गए हालिया भाषण के बाद देखने को मिला है, जिसे बाजार विश्लेषकों ने उम्मीद से कम आक्रामक या अपेक्षाकृत नरम माना है। वॉलर के संबोधन ने एक ओर जहाँ पिछले तीन महीनों के दौरान महंगाई दर में आई गिरावट को स्वीकार किया, वहीं दूसरी ओर इस बात पर भी जोर दिया कि मुद्रास्फीति अभी भी फेड के 2 प्रतिशत के दीर्घकालिक लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है।

## फेडरल रिजर्व के गवर्नर का वक्तव्य और मौद्रिक नीति का दृष्टिकोण
गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर के ताजा वक्तव्य ने वित्तीय बाजारों को केंद्रीय बैंक की भावी रणनीति के बारे में स्पष्ट संदेश दिया है। मौद्रिक नीति संकेतकों के विश्लेषण के अनुसार वॉलर के भाषण का स्कोर 6.1/10 दर्ज किया गया, जो कि इसके 6.3/10 के ऐतिहासिक औसत से मामूली रूप से कम है। यह इस बात का संकेत है कि केंद्रीय बैंक का रुख आक्रामक सख्ती की तुलना में अब अधिक संतुलित हो रहा है। वॉलर ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यदि अगस्त महीने के महंगाई आंकड़े लगातार सुधार का प्रदर्शन करते हैं, तो सितंबर की बैठक में ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर ही स्थिर रखा जा सकता है। हालांकि, उन्होंने यह चेतावनी भी जोड़ी कि यदि महंगाई का आंकड़ा उम्मीद से अधिक गर्म या ऊंचा आता है, तो दरों में एक और बढ़ोतरी का विकल्प पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।

इस सावधानीपूर्वक तैयार किए गए रुख से पता चलता है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक का रिएक्शन फंक्शन पूरी तरह से आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करता है। जहां एक ओर तीन महीने की मुख्य मुद्रास्फीति में सकारात्मक सुधार और मजबूत आर्थिक वृद्धि देखने को मिल रही है, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति में सख्ती का विकल्प भी खुला रखना चाहता है। समग्र रूप से यह भाषण डेटा-आधारित ठहराव का संकेत देता है, जिसमें आगे नीतिगत दरें बढ़ाने की संभावना काफी कम लेकिन मौजूद है। यही कारण है कि यह स्थिति अमेरिकी डॉलर को सीमित सहायता तो प्रदान कर रही है, लेकिन इसमें पहले जैसी आक्रामक तेजी लाने में असमर्थ साबित हो रही है। इसी क्रम में FXS फेड सेंटीमेंट इंडेक्स 2.06 अंक गिरकर 125.38 के स्तर पर आ गया है। हालांकि यह अभी भी 100 के तटस्थ स्तर से ऊपर बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि समग्र रूप से फेड का रुख कठोर है, लेकिन बाजार अब तत्काल दर वृद्धि की उम्मीदों को कम कर रहा है।

## अगस्त रोजगार रिपोर्ट और व्यापक आर्थिक अपेक्षाएं
शुक्रवार को जारी होने वाली अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट पर पूरी दुनिया के वित्तीय बाजारों की नजरें टिकी हुई हैं। विश्लेषकों का अनुमान है कि अगस्त महीने में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 56,000 नए गैर-कृषि रोजगार जुड़े हैं। यह आंकड़ा जुलाई महीने के प्रदर्शन की तुलना में एक महत्वपूर्ण सुधार को दर्शाएगा, जब रोजगार संख्या में 23,000 की गिरावट दर्ज की गई थी। इसके अलावा, अगस्त के दौरान अमेरिका की बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रहने की संभावना जताई गई है। वेतन वृद्धि के मामले में भी मामूली सुस्ती की उम्मीद है, जहां वार्षिक आधार पर औसत प्रति घंटा कमाई की वृद्धि दर पिछले महीने के 3.2 प्रतिशत से घटकर 3.0 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

आर्थिक विशेषज्ञ और मुद्रा रणनीतिकार मानते हैं कि यदि रोजगार के आंकड़े अनुमान से कहीं अधिक मजबूत आते हैं या वेतन वृद्धि में अचानक तेजी देखी जाती है, तो इससे डॉलर इंडेक्स को तत्काल मजबूती मिल सकती है। मजबूत आर्थिक आंकड़े फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी महीनों में सख्त रुख बनाए रखने की धारणा को बल देंगे। इसके विपरीत, यदि पेरोल आंकड़े कमजोर रहते हैं या बेरोजगारी दर में बढ़ोतरी होती है, तो डॉलर पर नीचे की ओर दबाव गहरा सकता है। रोजगार आंकड़ों की घोषणा भारतीय समयानुसार शाम को होनी है, जिसके बाद विदेशी मुद्रा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

## डॉलर इंडेक्स का तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण सपोर्ट-रिजिस्टेंस स्तर
दैनिक प्राइस चार्ट का तकनीकी विश्लेषण करने पर पता चलता है कि अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में निकट अवधि का रुख मंदी या गिरावट की ओर बना हुआ है। सूचकांक की कीमत फिलहाल अपने 20-दिवसीय बॉलिंगर सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) और 100-दिवसीय SMA दोनों के नीचे बनी हुई है। इसके अलावा, DXY अपने बॉलिंगर एनवेलप के निचले आधे हिस्से में कारोबार कर रहा है। तकनीकी संकेतक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 40 के आसपास बना हुआ है। RSI का यह स्तर दर्शाता है कि बाजार में बिकवाली का दबाव बना हुआ है, लेकिन सूचकांक अभी तक अत्यधिक बिकवाली या ओवरसोल्ड स्थिति में नहीं पहुंचा है।

अन्य तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA20) 99.46 पर और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA50) 99.78 पर स्थित है। वहीं 200-दिवसीय EMA 99.31 पर बना हुआ है। सिंपल मूविंग एवरेज में 50-दिवसीय SMA 100.23 पर और 200-दिवसीय SMA 99.17 पर है। MACD इंडिकेटर -0.25 पर है जबकि उसकी सिग्नल लाइन -0.29 पर बनी हुई है, जो एक हल्के तेजी के हिस्टोग्राम का निर्माण कर रही है। ADX का 34 का स्तर बाजार में एक मजबूत ट्रेंड की उपस्थिति को दर्ज करता है। स्टोकैस्टिक इंडिकेटर में फास्ट लाइन 34 और सिग्नल लाइन 47 पर है। बाजार में दैनिक अस्थिरता को मापने वाला ATR 0.41 पर दर्ज किया गया है।

ऊपरी स्तरों पर डॉलर इंडेक्स के लिए पहला रिजिस्टेंस 99.35 पर स्थित बॉलिंगर मिडिल बैंड के पास दिखाई देता है। यदि सूचकांक इस स्तर को पार करने में सफल होता है, तो अगला बड़ा रिजिस्टेंस 100-दिवसीय SMA के पास 99.75 पर होगा। इसके बाद 100.00 का मनोवैज्ञानिक स्तर एक बड़ी रुकावट का काम करेगा। ऊपरी बॉलिंगर बैंड लगभग 100.15 पर स्थित है, जो एक व्यापक सप्लाई जोन बनाता है। गिरावट की स्थिति में पहला प्रमुख सपोर्ट 98.60 के आसपास निचले बॉलिंगर बैंड पर स्थित है। यदि सूचकांक इस स्तर से नीचे टूटता है, तो इसके लिए आगे गिरावट का रास्ता खुल जाएगा और यह 8 मई के निचले स्तर 97.83 की ओर फिसल सकता है। फिलहाल पिवट पॉइंट 99.00 पर है, जिसमें R1 99.08 और R2 99.15 पर, जबकि S1 98.92 और S2 98.84 पर सपोर्ट प्रदान कर रहे हैं।

## वैश्विक मुद्रा बाजार, कीमती धातुओं और ऊर्जा पर प्रभाव
अमेरिकी डॉलर में आई स्थिरता और अनिश्चितता का असर अन्य प्रमुख परिसंपत्ति वर्गों पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। USD/JPY मुद्रा जोड़ा शुक्रवार के एशियाई सत्र के दौरान अगस्त महीने के निचले स्तर का फिर से परीक्षण करता हुआ दिखाई दिया। जापानी येन को बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं और बाजार में संभावित सरकारी हस्तक्षेप की आशंकाओं से समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई नरमी और डॉलर के सीमित दायरे के कारण USD/JPY पर दबाव बना हुआ है।

ऑस्ट्रेलियन डॉलर के मामले में AUD/USD जोड़ा 0.7200 के स्तर से ऊपर मजबूती से टिका हुआ है, जो मई के मध्य के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) के सख्त मौद्रिक रुख और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती प्रदान की है। कीमती धातुओं में सोना (XAU/USD) एशियाई सत्र के दौरान 4,500 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे दबाव में बना रहा। सोने में पिछले दो दिनों से जारी तेजी का सिलसिला रुक गया है, हालांकि यह अभी भी अपने साप्ताहिक उच्च स्तर के करीब कारोबार कर रहा है। कारोबारी अमेरिकी पेरोल आंकड़ों के इंतजार में सोने में नई पोजीशन लेने से हिचकिचा रहे हैं।

ऊर्जा बाजार में कच्चा तेल भले ही शांत दिखाई दे रहा हो, लेकिन डीजल बाजार से बिल्कुल अलग संकेत मिल रहे हैं। अमेरिका में डीजल क्रैक स्प्रेड, जो WTI कच्चे तेल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स के प्रीमियम को दर्शाता है, हाल ही में इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया है। इसने 102.00 डॉलर प्रति बैरल से अधिक का सर्वकालिक intraday रिकॉर्ड दर्ज किया है। क्रिप्टो बाजार में बिटकॉइन (BTC) 80,000 डॉलर के महत्वपूर्ण स्तर से ऊपर बना हुआ है, जिससे पूरे क्रिप्टोकरेंसी क्षेत्र में रिस्क-ऑन भावना को बढ़ावा मिला है। फेड द्वारा दरों में ठहराव के संकेतों के बीच Zcash (ZEC) और Ethena (ENA) जैसे अल्टरनेटिव कॉइन्स में पिछले 24 घंटों में सबसे बेहतरीन प्रदर्शन दर्ज किया गया है।

## अमेरिकी डॉलर का वैश्विक प्रभुत्व और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक प्रणाली
अमेरिकी डॉलर केवल संयुक्त राज्य अमेरिका की आधिकारिक मुद्रा ही नहीं है, बल्कि यह दुनिया के कई अन्य देशों में भी स्थानीय नोटों के साथ समानांतर रूप से प्रचलन में है। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा है। वर्ष 2022 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार विश्व भर में होने वाले कुल विदेशी मुद्रा कारोबार के 88 प्रतिशत से अधिक हिस्सों में डॉलर शामिल होता है, जिसमें प्रतिदिन औसतन 6.6 ट्रिलियन डॉलर का लेनदेन होता है। दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिकी डॉलर ने ब्रिटिश पाउंड का स्थान लेते हुए दुनिया की प्राथमिक रिजर्व करेंसी का दर्जा हासिल किया था। 1971 के ब्रेटन वुड्स समझौते तक डॉलर का मूल्य सोने के भंडार से जुड़ा हुआ था, जिसके बाद गोल्ड स्टैंडर्ड को समाप्त कर दिया गया।

अमेरिकी डॉलर के मूल्य को प्रभावित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण कारक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति है। फेडरल रिजर्व के पास दो मुख्य जिम्मेदारियां हैं: कीमतों में स्थिरता (महंगाई पर नियंत्रण) बनाए रखना और अधिकतम रोजगार को बढ़ावा देना। इन दोनों लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए फेड का प्राथमिक उपकरण नीतिगत ब्याज दरों का समायोजन है। जब कीमतें बहुत तेजी से बढ़ती हैं और महंगाई 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर निकल जाती है, तो फेड दरें बढ़ाता है, जिससे डॉलर मजबूत होता है। इसके विपरीत, जब महंगाई घटती है या बेरोजगारी दर बढ़ती है, तो फेड दरें कम कर सकता है, जिससे डॉलर कमजोर होता है।

असाधारण या संकट की स्थितियों में फेडरल रिजर्व क्वांटिटेटिव इजिंग (QE) जैसी गैर-पारंपरिक नीतियों का भी उपयोग कर सकता है। QE की प्रक्रिया के तहत केंद्रीय बैंक वित्तीय प्रणाली में ऋण प्रवाह को बढ़ाने के लिए नई मुद्रा छापकर वित्तीय संस्थानों से मुख्य रूप से अमेरिकी सरकारी बॉन्ड खरीदता है। इसे 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान बड़े पैमाने पर लागू किया गया था, और QE आमतौर पर डॉलर के मूल्य को कमजोर करता है। इसके विपरीत, क्वांटिटेटिव टाइटनिंग (QT) वह प्रक्रिया है जिसमें फेड बॉन्ड खरीदना बंद कर देता है और अपनी बैलेंस शीट को छोटा करता है, जो आमतौर पर अमेरिकी डॉलर के लिए सकारात्मक या मजबूती देने वाला साबित होता है।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स की स्थिरता और आगामी रोजगार आंकड़ों का सीधा प्रभाव वैश्विक वित्तीय बाजारों, भारतीय शेयर बाजार और आयात-निर्यात लागत पर पड़ेगा।

- **भारत में:** यदि अमेरिका के रोजगार आंकड़े मजबूत आते हैं और डॉलर मजबूत होता है, तो भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हो सकता है, जिससे भारत का कच्चा तेल आयात महंगा हो जाएगा। भारतीय आईटी और फार्मास्यूटिकल निर्यात कंपनियों के मार्जिन को मजबूत डॉलर से फायदा मिल सकता है।
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** मुद्रा बाजार में अनिश्चितता के कारण सोने और क्रिप्टो संपत्तियों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि निवेशक सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख कर सकते हैं।
- **आयातकों और निर्यातकों के लिए:** डॉलर की विनिमय दर में बदलाव से अंतरराष्ट्रीय व्यापार लागत सीधे प्रभावित होगी, जिसके लिए अग्रिम हेजिंग रणनीतियों की आवश्यकता होगी।
- **ब्याज दर संवेदनशील क्षेत्रों पर:** फेडरल रिजर्व के रुख से वैश्विक पूंजी प्रवाह प्रभावित होगा, जिससे उभरते बाजारों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) की दिशा तय होगी।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) वर्तमान में किस स्तर पर कारोबार कर रहा है?
अमेरिकी डॉलर इंडेक्स शुक्रवार को यूरोपीय सत्र के दौरान 99.00 के स्तर के पास लगभग स्थिर कारोबार कर रहा है।

### 2. अगस्त महीने के लिए नॉनफार्म पेरोल (NFP) का अनुमान क्या है?
अगस्त में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 56,000 नए गैर-कृषि रोजगार जुड़ने का अनुमान है, जबकि बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत पर स्थिर रहने की उम्मीद है।

### 3. सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना कितनी है?
CME FedWatch टूल के अनुसार, सितंबर में ब्याज दर वृद्धि की संभावना घटकर 50.2 प्रतिशत रह गई है, जो पहले 63.2 प्रतिशत थी।

### 4. डॉलर इंडेक्स के लिए मुख्य सपोर्ट और रिजिस्टेंस स्तर कौन से हैं?
डॉलर इंडेक्स के लिए पहला रिजिस्टेंस 99.35 और 99.75 पर है, जबकि मुख्य सपोर्ट स्तर 98.60 और 97.83 पर स्थित हैं।

### 5. फेडरल रिजर्व के गवर्नर क्रिस्टोफर वॉलर ने क्या कहा?
वॉलर ने कहा कि यदि महंगाई में सुधार जारी रहता है तो सितंबर में दरें स्थिर रखी जा सकती हैं, हालांकि उच्च महंगाई का आंकड़ा आने पर दरें बढ़ाई भी जा सकती हैं।

### 6. डीजल क्रैक स्प्रेड में क्या नया रिकॉर्ड बना है?
अमेरिका में WTI कच्चे तेल के मुकाबले डीजल का क्रैक स्प्रेड इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल को पार करते हुए 102.00 डॉलर प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

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