# अमरीका के महंगाई आंकड़ों से पहले USD/CHF 0.8100 के पास स्थिर, तकनीकी संकेतक तेजी के पक्ष में

> अमरीका के खुदरा मुद्रास्फीति आंकड़े जारी होने से पहले विदेशी मुद्रा बाजार में USD/CHF 0.8100 के स्तर के आसपास सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीतियों और तकनीकी संकेतकों के आधार पर विश्लेषक आगे की तेजी की संभावना जता रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-ke-mehangai-ankdon-se-pehle-usd-chf-0-8100-ke-pas-sthir-takniki-sanketak-teji-ke-paksh-me-30235 · **Language:** Hindi
**Tags:** USD/CHF, अमरीकी डॉलर, स्विस फ्रैंक, फेडरल रिजर्व, विदेशी मुद्रा बाजार, मुद्रास्फीति, वित्त

स्विस फ्रैंक के मुकाबले अमरीकी डॉलर यानी USD/CHF की जोड़ी बुधवार को 0.8100 के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास सीमित दायरे में कारोबार करती दिखाई दे रही है। बाजार के प्रतिभागी अमरीका के आगामी मुद्रास्फीति आंकड़ों के जारी होने से पहले सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और निचले स्तरों पर हल्की खरीदारी दर्ज की जा रही है। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार USD/CHF 0.8099 पर बना हुआ है, जो पिछले बंद स्तर 0.8090 की तुलना में 0.11% की बढ़त दर्शाता है। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद अमरीकी डॉलर में बड़ी गिरावट की संभावना सीमित दिख रही है, क्योंकि अमरीका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा सितंबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें और वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव ग्रीनबैक यानी अमरीकी डॉलर को मजबूत सहारा दे रहे हैं। तकनीकी विश्लेषण के संकेत यह भी स्पष्ट करते हैं कि जब तक प्रमुख सपोर्ट स्तर बने हुए हैं, तब तक बाजार का रुख ऊपर की दिशा में ही बना रहेगा।

## USD/CHF के लिए तकनीकी ढांचा और फाइबोनैचि सपोर्ट स्तर
तकनीकी नजरिए से देखें तो USD/CHF की जोड़ी अपने साप्ताहिक दायरे में टिके रहने के बावजूद मजबूती का प्रदर्शन कर रही है। चार्ट पैटर्न बताते हैं कि निवेशक मामूली गिरावट का फायदा उठाकर खरीदारी कर रहे हैं। वर्तमान में 38.2% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर 0.8077 के पास जोड़ी को पहला मजबूत सहारा मिल रहा है। यदि बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो दूसरा मुख्य सपोर्ट स्तर 50.0% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट यानी 0.8053 पर है, जिसके बाद 61.8% रिट्रेसमेंट स्तर 0.8028 पर स्थित है। अगर गिरावट और गहरी होती है, तो 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA 0.8004 का स्तर सामने आएगा। इसके बाद 78.6% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट 0.7994 और पिछला स्विंग बेस 0.7950 के आसपास निचले स्तर की सुरक्षा प्रदान करते हैं।

ऊपरी स्तरों की बात करें तो USD/CHF के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 23.6% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट यानी 0.8107 के स्तर पर स्थित है। यदि इस रेजिस्टेंस स्तर को तोड़कर जोड़ी ऊपर निकलती है, तो 0.8156 के हालिया उच्च स्तर की ओर जाने का रास्ता साफ हो जाएगा। तकनीकी संकेतक भी इस तेजी के रुख का समर्थन करते हैं। 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 53 के स्तर पर है, जो सकारात्मक रुझान का संकेत देता है। इसके अलावा मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी MACD हिस्टोग्राम 0.00 पर अपनी सिग्नल रेखा से ऊपर बना हुआ है। एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज भी लंबी अवधि के अपट्रेंड की पुष्टि करते हैं, जहां 50-दिवसीय EMA 0.8068 अपने 200-दिवसीय EMA 0.7988 से ऊपर ट्रेड कर रहा है, जिससे गोल्डन क्रॉस की स्थिति बनी हुई है। 20-दिवसीय EMA 0.8083 पर है, जबकि 50-दिवसीय SMA 0.8091 और 200-दिवसीय SMA 0.7935 पर स्थित है। दैनिक धुरी यानी पिवट पॉइंट 0.8092 पर है, जिसमें मुख्य रेजिस्टेंस R1 0.8106 और R2 0.8113 हैं, जबकि सपोर्ट S1 0.8085 और S2 0.8071 के स्तर पर हैं। 52 हफ्तों का दायरा 0.7629 से 0.8205 के बीच दर्ज किया गया है।

## वैश्विक रिजर्व मुद्रा के रूप में अमरीकी डॉलर की भूमिका
अमरीकी डॉलर संयुक्त राज्य अमरीका की आधिकारिक मुद्रा होने के साथ-साथ दुनिया के कई देशों में स्थानीय कागजी नोटों के साथ लेनदेन के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल की जाने वाली मुद्रा है। वैश्विक मुद्रा बाजार में अमरीकी डॉलर का दबदबा स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जहां सभी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा सौदों में 88% से अधिक की हिस्सेदारी अकेले डॉलर की होती है। साल 2022 के वैश्विक आंकड़ों के मुताबिक, अमरीकी डॉलर में रोजाना औसतन 6.6 ट्रिलियन डॉलर का विशाल कारोबार होता है।

दूसरे विश्व युद्ध के समापन के बाद अमरीकी डॉलर ने ब्रिटिश पाउंड को पीछे छोड़कर दुनिया की प्रमुख रिजर्व मुद्रा का दर्जा हासिल किया था। दशकों तक अमरीकी डॉलर की वैल्यू सीधे सोने के भंडार से जुड़ी हुई थी। हालांकि साल 1971 में ब्रेटन वुड्स समझौते के खत्म होने के साथ ही अमरीका ने गोल्ड स्टैंडर्ड व्यवस्था को समाप्त कर दिया, जिसके बाद से अमरीकी डॉलर एक स्वतंत्र और वैश्विक स्तर पर फ्लोट होने वाली फिएट करेंसी बन गई।

## फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियां और ब्याज दर व्यवस्था
वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमरीकी डॉलर की ताकत और कमजोरी काफी हद तक अमरीका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा तय की जाने वाली मौद्रिक नीतियों पर निर्भर करती है। फेडरल रिजर्व के दो मुख्य संवैधानिक जनादेश हैं: देश में कीमतों की स्थिरता बनाए रखना यानी मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना और अधिकतम रोजगार के अवसर पैदा करना। इन दोनों लक्ष्यों को साधने के लिए अमरीकी केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को घटाने या बढ़ाने का सहारा लेता है।

जब अमरीका में सामान और सेवाओं की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं और मुद्रास्फीति फेडरल रिजर्व के 2% के लक्ष्य से ऊपर चली जाती है, तब केंद्रीय बैंक नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी करता है। ऊंची ब्याज दरें विदेशी निवेशकों को आकर्षित करती हैं, जिससे अमरीकी डॉलर की मांग और कीमत में इजाफा होता है। इसके विपरीत, जब मुद्रास्फीति 2% से नीचे गिर जाती है या बेरोजगारी की दर बढ़ जाती है, तब फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करता है। दरों में कटौती से अमरीकी डॉलर में मिलने वाला रिटर्न घट जाता है, जिससे वैश्विक बाजार में डॉलर की विनिमय दर पर दबाव बनता है।

## असाधारण मौद्रिक उपाय: क्वांटिटेटिव ईजिंग और टाइटनिंग की कार्यप्रणाली
गंभीर आर्थिक संकट या असाधारण स्थितियों में जब केवल ब्याज दरों में कटौती से अर्थव्यवस्था को गति नहीं मिलती, तब फेडरल रिजर्व क्वांटिटेटिव ईजिंग यानी QE का सहारा लेता है। क्वांटिटेटिव ईजिंग एक गैर-पारंपरिक नीति है, जिसके जरिए वित्तीय प्रणाली में क्रेडिट और कैश के प्रवाह को तेजी से बढ़ाया जाता है। इसका उपयोग तब किया जाता है जब बैंक आपसी अविश्वास और डिफ़ॉल्ट के डर से एक-दूसरे को कर्ज देना बंद कर देते हैं और बाजार में नकदी का संकट खड़ा हो जाता है।

साल 2008 के महान वैश्विक वित्तीय संकट के दौरान फेडरल रिजर्व ने क्वांटिटेटिव ईजिंग का व्यापक इस्तेमाल किया था। इस प्रक्रिया के तहत केंद्रीय बैंक नई मुद्रा छापकर वित्तीय संस्थानों से अमरीकी सरकारी बॉन्ड खरीदता है। हालांकि, बाजार में डॉलर की सप्लाई अचानक बढ़ने के कारण क्वांटिटेटिव ईजिंग से अमरीकी डॉलर की विनिमय दर में अक्सर कमजोरी देखने को मिलती है। इसके ठीक उलट क्वांटिटेटिव टाइटनिंग यानी QT की प्रक्रिया होती है, जिसमें फेडरल रिजर्व बॉन्ड खरीदना बंद कर देता है और परिपक्व होने वाले बॉन्ड की मूल राशि को दोबारा बाजार में निवेश नहीं करता। क्वांटिटेटिव टाइटनिंग से बाजार से अतिरिक्त नकदी बाहर निकलती है, जो अमरीकी डॉलर की मजबूती के लिए सकारात्मक मानी जाती है।

## अन्य वैश्विक मुद्राओं का हाल: AUD/USD और USD/JPY का रुख
USD/CHF के अलावा अंतरराष्ट्रीय विदेशी मुद्रा बाजार में अन्य प्रमुख जोड़ियों में भी दिलचस्प उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान AUD/USD की जोड़ी 0.7200 के स्तर से ऊपर मजबूती से टिकी रही। चीन से आए मुद्रास्फीति और थोक मूल्य सूचकांक यानी CPI और PPI के उच्च आंकड़ों के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर बड़ा नकारात्मक असर नहीं पड़ा। ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक यानी RBA द्वारा ब्याज दरें बढ़ाए जाने की बढ़ती संभावनाओं ने AUD को सहारा दिया, जबकि जापानी येन की मजबूती के कारण अमरीकी डॉलर में समग्र सुस्ती दर्ज की गई।

दूसरी ओर, यूरोपीय कारोबारी घंटों में USD/JPY पर मंदी का दबाव बना हुआ है और यह जोड़ी 153.50 के आसपास कारोबार कर रही है। तानकान बिजनेस सर्वे के सकारात्मक नतीजों ने बैंक ऑफ जापान यानी BoJ द्वारा अपनी मौद्रिक नीतियों को सामान्य बनाने की प्रक्रिया जारी रखने की उम्मीदों को बल दिया है। जापानी येन में आई इस मजबूती के चलते USD/JPY अपने पिछले सात महीनों के निचले स्तर के करीब कारोबार कर रहा है।

## कमोडिटी और क्रिप्टोकरेंसी बाजार: सोना, डीजल और पाई नेटवर्क
कमोडिटी बाजार की बात करें तो सोने की कीमतों में सुधार देखा गया है। यूरोपीय सत्र की शुरुआत में सोना 4,400 डॉलर प्रति औंस के आंकड़े को दोबारा हासिल करने में कामयाब रहा। इसके साथ ही सोने में पिछले तीन दिनों से चली आ रही गिरावट थम गई। जापानी येन की रैली के कारण अमरीकी डॉलर में आई सुस्ती ने सोने की कीमतों को सहारा दिया है।

ऊर्जा क्षेत्र में डीजल बाजार में ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई है। हालांकि क्रूड ऑयल बाजार में पिछले महीनों की तुलना में शांति देखी जा रही है, लेकिन अमरीका में डीजल क्रैक स्प्रेड यानी WTI क्रूड ऑयल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम इतिहास में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया और इसने 102.00 डॉलर प्रति बैरल से अधिक का रिकॉर्ड उच्च स्तर छू लिया।

क्रिप्टोकरेंसी सेगमेंट में पाई नेटवर्क यानी PI ने अपनी रिकवरी जारी रखी और यह 0.098 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार करता दिखा। हफ्ते की शुरुआत में 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के पास मजबूत सपोर्ट मिलने के बाद पाई नेटवर्क में यह सुधार आया है। पाई कोर टीम द्वारा नेटवर्क में नए ऐप्लिकेशंस और डेवलपर इकोसिस्टम को मजबूत करने पर दिए जा रहे जोर के बाद निवेशकों का ध्यान इस ओर खिंचा है।

## इसका आप पर असर
USD/CHF और अमरीकी डॉलर में आ रहे बदलाव अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार और वैश्विक निवेशकों के पोर्टफोलियो को प्रभावित करते हैं।

- **मुद्रा व्यापारियों के लिए:** USD/CHF 0.8100 के स्तर पर समेकित हो रहा है, जिससे व्यापारियों को 0.8077 के पास स्टॉप-लॉस निर्धारित करने का मौका मिलता है। अमरीका के सीपीआई आंकड़े आने के बाद बाजार में 20 से 50 पिप्स का बड़ा उतार-चढ़ाव आ सकता है।
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** फेडरल रिजर्व की संभावित ब्याज दर नीतियों के कारण डॉलर इंडेक्स मजबूत बना हुआ है। इसका मतलब है कि डॉलर-मूल्य वर्ग वाले एसेट्स में रिटर्न स्थिर रह सकता है।
- **कमोडिटी और गोल्ड ट्रेडर्स के लिए:** डॉलर की मजबूती और जापानी येन में आई तेजी के बीच सोना 4,400 डॉलर के स्तर पर है। डॉलर में किसी भी अचानक गिरावट से सोने की कीमतों को और समर्थन मिल सकता है।
- **ऊर्जा बाजार सहभागियों के लिए:** डीजल क्रैक स्प्रेड का 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचना ईंधन कीमतों पर दबाव दिखा रहा है। इससे आने वाले हफ्तों में वैश्विक परिवहन लागत बढ़ सकती है।

## ऐसा क्यों हुआ
अमरीका के खुदरा मुद्रास्फीति आंकड़े सार्वजनिक होने से पहले विदेशी मुद्रा बाजार में अनिश्चितता के कारण USD/CHF 0.8100 के आसपास सीमित दायरे में फंसा हुआ है।

- **फेडरल रिजर्व की नीतियां:** सितंबर में फेड द्वारा ब्याज दर नीतियों में संभावित बदलाव और मुद्रास्फीति को 2% के लक्ष्य तक लाने की प्राथमिकताओं ने अमरीकी डॉलर में बड़ी गिरावट को रोक रखा है।
- **तकनीकी सपोर्ट स्तर:** 38.2% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट 0.8077 और 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 0.8068 पर मजबूत तकनीकी खरीदारी देखी जा रही है, जो बाजार को ऊपर की तरफ धकेल रही है।
- **भू-राजनीतिक तनाव:** वैश्विक स्तर पर जारी राजनीतिक और आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच अमरीकी डॉलर को सेफ-हेवन एसेट के तौर पर समर्थन मिल रहा है।
- **जापानी येन और बीओजे नीतियां:** बैंक ऑफ जापान द्वारा मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने के संकेतों के चलते जापानी येन मजबूत हुआ है, जिससे डॉलर की चौतरफा तेजी पर आंशिक ब्रेक लगा है।

## सवाल-जवाब

### 1. USD/CHF की जोड़ी वर्तमान में किस स्तर पर कारोबार कर रही है?
USD/CHF की जोड़ी 0.8099 के स्तर के आसपास कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद स्तर 0.8090 की तुलना में 0.11% की बढ़त दर्शाती है।

### 2. USD/CHF के लिए मुख्य तकनीकी सपोर्ट स्तर कौन से हैं?
मुख्य फाइबोनैचि सपोर्ट स्तर 0.8077 (38.2%), 0.8053 (50.0%) और 0.8028 (61.8%) पर स्थित हैं, जबकि 100-दिवसीय SMA 0.8004 पर है।

### 3. USD/CHF के लिए तत्काल रेजिस्टेंस स्तर क्या है?
पहला रेजिस्टेंस स्तर 23.6% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट 0.8107 पर है। इसे पार करने पर 0.8156 का हालिया उच्च स्तर अगला लक्ष्य होगा।

### 4. वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमरीकी डॉलर का कितना दबदबा है?
अमरीकी डॉलर वैश्विक करेंसी टर्नओवर के 88% से अधिक हिस्से पर काबिज है और इसमें रोजाना औसतन 6.6 ट्रिलियन डॉलर का कारोबार होता है।

### 5. क्वांटिटेटिव ईजिंग (QE) का अमरीकी डॉलर पर क्या असर पड़ता है?
क्वांटिटेटिव ईजिंग के तहत केंद्रीय बैंक बॉन्ड खरीदकर बाजार में डॉलर की आपूर्ति बढ़ाता है, जिससे अमरीकी डॉलर की विनिमय दर में आमतौर पर कमजोरी आती है।

### 6. हालिया कारोबारी सत्र में सोने की कीमत का क्या रुख रहा है?
सोने ने अपनी तीन दिनों की गिरावट को रोकते हुए यूरोपीय सत्र में 4,400 डॉलर प्रति औंस के स्तर को फिर से हासिल कर लिया है।

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