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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी मध्यावधि चुनाव और ईसीबी के सख्त रुख के बीच यूरो में बढ़त, जानिए करेंसी बाजार का पूरा गणित",
  "summary": "यूरोपीय सेंट्रल बैंक की ओर से ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के संकेतों और अमेरिकी कांग्रेस के चुनावी घटनाक्रम के बीच यूरो डॉलर के मुकाबले 1.1240 के करीब पहुंच गया है।",
  "content": "वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में बुधवार के शुरुआती एशियाई सत्र के दौरान यूरो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूती दर्ज करते हुए 1.1240 के स्तर के करीब पहुंच गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के कामकाज पर जनता के फैसले के तौर पर देखे जा रहे मध्यावधि चुनावों में अमेरिकी नागरिक वोट डाल रहे हैं। इस चुनावी दौड़ में अमेरिकी संसद यानी कांग्रेस के दोनों सदनों पर नियंत्रण की स्थिति अभी पूरी तरह खुली हुई है और कई बेहद महत्वपूर्ण सीटों पर मुकाबला अभी अनिर्णीत बना हुआ है।\n\nअमेरिकी कांग्रेस पर नियंत्रण को लेकर जारी चुनावी घमासान\nअमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के कुल 435 निर्वाचन क्षेत्रों में से लगभग दो दर्जन सीटों पर विजेताओं के अनुमान सामने आए हैं, हालांकि इनमें से कोई भी सीट ऐसे कड़े मुकाबले वाली नहीं मानी जा रही थी जहां परिणाम अप्रत्याशित हो सकते थे। दूसरी ओर, अमेरिकी सीनेट के संदर्भ में मंगलवार को दांव पर लगी कुल 35 सीटों में से शुरुआती सात सीटों पर डेमोक्रेट्स ने अपनी जीत दर्ज कर ली है। इन नतीजों में जॉर्जिया से अमेरिकी सीनेटर जॉन ओसॉफ की महत्वपूर्ण जीत भी शामिल है। हालांकि, इन शुरुआती जीतों के बावजूद सीनेट पर अपना बहुमत या नियंत्रण स्थापित करने के लिए पार्टी को अभी भी शुद्ध रूप से चार अतिरिक्त सीटें जीतना अनिवार्य बना हुआ है।\n\nयूरोपीय सेंट्रल बैंक की सख्त मौद्रिक नीति और ब्याज दर बढ़ाने के संकेत\nयूरोपीय सेंट्रल बैंक के गवर्निंग काउंसिल सदस्य नागेल ने केंद्रीय बैंक की भावी नीति पर कड़े रुख का संकेत दिया है। उनके अनुसार दिसंबर महीने में ब्याज दर बढ़ाना बहुत हद तक जरूरी हो सकता है। मुद्रास्फीति का दबाव प्रतिकूल परिदृश्य की ओर बढ़ रहा है, जिससे नीतिगत दरों में और सख्ती की संभावना को काफी बल मिला है। नागेल ने इस बात पर विशेष बल दिया है कि ऊर्जा की बढ़ती कीमतों को व्यापक मुद्रास्फीति में बदलने से रोकना केंद्रीय बैंक की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फ्रांस की बजट संबंधी समस्याएं मौद्रिक नीति के दायरे में नहीं आती हैं, जिससे बैंक का पूरा ध्यान केवल मूल्य स्थिरता पर केंद्रित रहता है। महंगाई को लेकर इस सतर्कता और राजकोषीय चिंताओं के दायरे को सीमित रखने के रुख से संकेत मिलता है कि अप्रत्याशित महंगाई के प्रति बैंक का रुख बिल्कुल भी ढीला नहीं रहेगा, जो दर-अंतर के आधार पर यूरो की मजबूती का समर्थन करता है।\n\nस्कॉटियाबैंक के विश्लेषकों का आकलन है कि शांत बाजार परिस्थितियों में डॉलर के मुकाबले यूरो मामूली रूप से नरम कारोबार करता दिखा है, जिसे केंद्रीय बैंक के निरंतर आक्रामक बयानों का सहारा मिल रहा है। विश्लेषकों ने गवर्निंग काउंसिल के सदस्य रादेव की हालिया टिप्पणियों को रेखांकित किया, जिसमें उन्होंने जोर देकर कहा था कि अक्टूबर महीने में दरों में की गई रोक का अर्थ यह कतई नहीं है कि नीतिगत सख्ती समाप्त हो चुकी है। इस रुख ने दिसंबर में संभावित बढ़ोतरी के रास्ते खुले रखे हैं। स्कॉटियाबैंक का यह भी इंगित करना है कि दिसंबर ओवरनाइट इंडेक्स स्वैप्स (OIS) में 22 बेसिस पॉइंट्स की सख्ती का जोखिम मूल्य में शामिल किया जा रहा है, जो यह साबित करता है कि वित्तीय बाजार नीतिगत कार्रवाई की एक सार्थक संभावना देख रहे हैं।\n\nफ्रांस का बजट घाटा और यूरोज़ोन का आर्थिक ढांचा\nराजकोषीय मोर्चे पर फ्रांस ने अपने सितंबर वर्ष-दर-वर्ष बजट संतुलन के तहत 159.2 अरब यूरो का आंकड़ा पेश किया है, जो पूर्व अनुमानों के पूर्णतः अनुरूप है। यूरोज़ोन के सबसे प्रमुख संप्रभु कर्जदारों में शामिल फ्रांस की तरफ से यह आंकड़ा किसी बड़े अप्रत्याशित झटके के बिना आया है। यूरो यूरोपीय संघ के उन 20 सदस्य देशों की आधिकारिक मुद्रा है जो यूरोज़ोन का निर्माण करते हैं। अमेरिकी डॉलर के बाद यूरो दुनिया भर में दूसरी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा है। वर्ष 2022 के वैश्विक आंकड़ों के मुताबिक विदेशी मुद्रा के कुल लेन-देन में यूरो की हिस्सेदारी 31 प्रतिशत थी, जिसका औसत दैनिक कारोबार 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक रहा था। EUR/USD वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में सबसे अधिक सक्रिय रूप से ट्रेड होने वाली मुद्रा जोड़ी है, जो कुल सौदों के अनुमानित 30 प्रतिशत हिस्से का प्रतिनिधित्व करती है। इसके पश्चात EUR/JPY की हिस्सेदारी 4 प्रतिशत, EUR/GBP की 3 प्रतिशत और EUR/AUD की हिस्सेदारी 2 प्रतिशत आंकी गई है।\n\nजर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) यूरोज़ोन के रिज़र्व बैंक के रूप में कार्य करता है। यह बैंक ब्याज दरों का निर्धारण करता है और संपूर्ण मौद्रिक नीति का संचालन करता है। ईसीबी का प्राथमिक दायित्व मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसका सीधा अर्थ मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना या आर्थिक विकास को गति देना होता है। इसका सबसे मुख्य उपकरण नीतिगत ब्याज दरों को घटाना अथवा बढ़ाना है। प्रतिस्पर्धियों की तुलना में अपेक्षाकृत ऊंची ब्याज दरें या भविष्य में दरें बढ़ने की उम्मीदें आमतौर पर यूरो को मजबूती प्रदान करती हैं। ईसीबी की गवर्निंग काउंसिल साल में आठ बार आयोजित होने वाली बैठकों में मौद्रिक नीति से जुड़े फैसले लेती है। इन महत्वपूर्ण निर्णयों में यूरोज़ोन के राष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के प्रमुख और ईसीबी अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड सहित छह स्थायी सदस्य शामिल होते हैं।\n\nयूरो के मूल्य को निर्धारित करने वाले प्रमुख आर्थिक संकेतक\nयूरोज़ोन में मुद्रास्फीति के आंकड़े, जिन्हें हार्मोनाइज़्ड इंडेक्स ऑफ कंज्यूमर प्राइसेज (HICP) के माध्यम से मापा जाता है, यूरो के मूल्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण अर्थमितीय पैमाना हैं। जब कभी मुद्रास्फीति अपेक्षा से अधिक बढ़ती है, विशेष रूप से ईसीबी के 2 प्रतिशत के लक्ष्य से ऊपर निकल जाती है, तो केंद्रीय बैंक को इसे नियंत्रण में लाने के लिए ब्याज दरों में वृद्धि करने के लिए विवश होना पड़ता है। अपने समकक्षों की तुलना में यूरोज़ोन में अधिक ब्याज दरें वैश्विक निवेशकों को अपना पैसा लगाने के लिए इस क्षेत्र को अधिक आकर्षक बनाती हैं, जिससे यूरो की मांग में सुधार आता है।\n\nइसके अतिरिक्त विभिन्न आर्थिक आंकड़े यूरोज़ोन की अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य का आकलन करते हैं और यूरो की चाल पर गहरा प्रभाव डालते हैं। सकल घरेलू उत्पाद (GDP), मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई (PMI), रोजगार के आंकड़े और उपभोक्ता भावना सर्वेक्षण एकल मुद्रा की दिशा तय करने में सक्षम हैं। एक सुदृढ़ अर्थव्यवस्था यूरो के लिए अनुकूल सिद्ध होती है क्योंकि यह विदेशी निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए प्रेरित कर सकती है। इसके विपरीत, यदि आर्थिक डेटा कमजोर आता है तो यूरो में गिरावट का जोखिम बढ़ जाता है। यूरोज़ोन की चार सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं, जिनमें जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन शामिल हैं, अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यूरोज़ोन की समूची अर्थव्यवस्था का 75 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं चार देशों से आता है।\n\nएक अन्य महत्वपूर्ण डेटा रिलीज़ व्यापार संतुलन (ट्रेड बैलेंस) है। यह संकेतक एक निश्चित समयावधि में किसी देश द्वारा अपने निर्यात से की गई कुल कमाई और आयात पर किए गए कुल खर्च के बीच के अंतर को मापता है। यदि कोई देश अत्यधिक मांग वाले सामानों का निर्यात करता है, तो विदेशी खरीदारों द्वारा उन वस्तुओं की खरीद से पैदा होने वाली अतिरिक्त मांग के बल पर उसकी मुद्रा मजबूत होती है। इसलिए सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन मुद्रा को सशक्त बनाता है, जबकि नकारात्मक संतुलन उसे कमजोर करता है।\n\nदैनिक चार्ट पर तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख प्रतिरोध स्तर\nदैनिक मूल्य चार्ट के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि EUR/USD निकट अवधि में मंदी के रुझान के साथ कारोबार कर रहा है क्योंकि हाजिर भाव 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) के नीचे सीमित बना हुआ है। भाव 20-दिवसीय बोलिंगर बैंड्स की मध्य रेखा के ठीक ऊपर टिका हुआ है, जो अंतर्निहित किंतु नाजुक मांग को दर्शाता है, जबकि 1.1254 पर स्थित ऊपरी बैंड तात्कालिक ऊपरी प्रतिरोध के रूप में कार्य कर रहा है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 46 के स्तर पर 50 की तटस्थ रेखा से नीचे बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि किसी भी प्रकार के सुधार के प्रयासों में ठोस गति की कमी है।\n\nऊपरी स्तरों पर बात करें तो पहला प्रतिरोध 1.1255 के करीब बोलिंगर अपर बैंड पर स्थित है। इसके बाद अधिक मजबूत बाधा 100-दिवसीय SMA के पास 1.1420 के स्तर पर मौजूद है, जहां मंदड़िए व्यापक गिरावट के रुझान का बचाव कर सकते हैं। इसके विपरीत, गिरावट की स्थिति में पहला समर्थन 1.1195 पर बोलिंगर मध्य बैंड के साथ मेल खाता है, जबकि इसके नीचे 1.1135 के निचले बैंड के पास एक गहरा सहारा मौजूद है। इस निचले स्तर के नीचे दैनिक बंद होना मंदी की संरचना को और पुख्ता करेगा तथा आगे की गिरावट के रास्ते खोल देगा।\n\nवर्तमान लाइव बाजार डेटा के अनुसार EUR/USD 1.13 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव 1.12 की तुलना में 0.54 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। इसका 52-सप्ताह का दायरा 1.11 से 1.20 के बीच रहा है और ट्रेडिंग वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत के 1.00 गुना के बराबर है। लाइव आंकड़ों के आधार पर तकनीकी इंडिकेटर RSI (14) वर्तमान में 51 पर दर्ज किया गया है। एमएसीडी (MACD) -0.00 के स्तर पर है जबकि सिग्नल लाइन -0.01 पर है, जिसका हिस्टोग्राम 0.00 पर बुलिश रुझान दिखा रहा है। मूविंग एवरेजेज के मामले में 20-दिवसीय ईएमए 1.12 पर, 50-दिवसीय ईएमए 1.13 पर और 200-दिवसीय ईएमए 1.15 पर स्थित है; वहीं 50-दिवसीय एसएमए 1.14 और 200-दिवसीय एसएमए 1.16 पर मौजूद है, जो लंबी अवधि के डाउनट्रेंड और डेथ क्रॉस की स्थिति को दर्शाता है। 20-दिवसीय बोलिंगर बैंड्स 1.11 से 1.13 के बीच फैले हैं जिसका मध्य स्तर 1.12 है। इसके साथ ही एडीएक्स (ADX 14) 38 के स्तर के साथ ट्रेंडिंग स्थिति दिखा रहा है, जबकि स्टोकेस्टिक इंडिकेटर की फास्ट लाइन 89 और सिग्नल लाइन 57 पर है। औसत ट्रू रेंज (ATR 14) 0.01 पर है, और प्रमुख स्तरों में पिवट 1.12, प्रतिरोध R1 1.13 और समर्थन S1 1.12 पर बना हुआ है।\n\nअन्य वैश्विक संपत्तियों और एशियाई सत्र की हलचल\nबुधवार के एशियाई सत्र के दौरान मुद्रा बाजार के अन्य क्षेत्रों में भी काफी उतार-चढ़ाव देखा गया। AUD/USD जोड़ी में पिछले दिन के मुकाबले हल्की रिकवरी देखी गई, जहां रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की अपेक्षाकृत कम आक्रामक प्रतिक्रिया के बाद दो सप्ताह के निचले स्तर को छूने के उपरांत यह थोड़ा संभला। ईरान कूटनीति की उम्मीदों ने सुरक्षित निवेश माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर पर दबाव डाला और इस मुद्रा जोड़ी को सहारा दिया, हालांकि अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के परिणामों के इंतजार में बढ़त सीमित रही।\n\nइसी तरह USD/JPY बुधवार को एशियाई सत्र में 158.50 के नीचे फिसल गया, जिससे पिछले कारोबारी सत्र में तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद जारी दो दिनों की तेजी का सिलसिला टूट गया। जापानी अधिकारियों द्वारा बाजार हस्तक्षेप के जोखिम ने येन को सहारा दिया, जबकि डॉलर पर ईरान कूटनीति की उम्मीदों और मध्यावधि चुनाव के परिणाम पूर्व अनिश्चितता के कारण दबाव बना रहा। इसके साथ ही सोने की कीमतों ने भी पिछले दिन 3,900 डॉलर से नीचे के स्तर से दर्ज की गई रिकवरी के बाद अपनी बढ़त को बनाए रखने के लिए संघर्ष किया। बुधवार को एशियाई कारोबार के दौरान सोना एक सीमित दायरे में घूमता रहा क्योंकि ट्रेडर्स चुनावी नतीजों से जुड़ी अल्पकालिक अस्थिरता को लेकर सतर्क थे। सुरक्षित ठिकाने माने जाने वाले डॉलर पर दबाव से सर्राफा को सहारा मिला, लेकिन अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि की संभावनाओं ने सोने की तेजी को बांधे रखा।\n\nइसका आप पर असर\nमुद्रा विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों के ब्याज दर निर्णयों का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेश यात्रा और आयात लागत पर पड़ता है।\n\n• मुद्रा विनिमय दर: यदि यूरो डॉलर के मुकाबले मजबूत होता है तो यूरोपीय देशों की यात्रा और वहां से सामान खरीदना अपेक्षाकृत महंगा हो सकता है। आयातकों और विदेशी मुद्रा में लेनदेन करने वाले व्यापारियों को अपनी हेजिंग रणनीतियों की तत्काल समीक्षा करनी चाहिए।\n• वैश्विक बाजार अस्थिरता: अमेरिकी संसद के दोनों सदनों पर नियंत्रण के अनिर्णीत होने से वित्तीय बाजारों में अल्पकालिक उठापटक बढ़ सकती है। खुदरा निवेशकों को किसी भी बड़े विदेशी मुद्रा या इक्विटी दांव से पहले चुनावी नतीजों के स्पष्ट होने का इंतजार करना चाहिए।\n• ऋण और जमा दरें: यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी से यूरोज़ोन में वित्तीय लागत बढ़ेगी। विदेशी बाजारों से कर्ज लेने वाली भारतीय कंपनियों को अपनी ब्याज लागतों का पुनर्मूल्यांकन करना पड़ सकता है।\n• कमोडिटी और सोना: डॉलर की कमजोरी और दर वृद्धि की संभावनाओं के बीच सोने की कीमतों में सीमित दायरा देखा जा रहा है। सर्राफा में निवेश करने वाले खरीदारों को मौजूदा स्तरों पर सतर्क रुख अपनाते हुए चरणबद्ध खरीद की योजना बनानी चाहिए।\n\nऐसा क्यों हुआ\nयूरो में आई मजबूती और वित्तीय बाजारों में हलचल के पीछे यूरोपीय केंद्रीय बैंक के नीति निर्माताओं के आक्रामक बयान और अमेरिका के राजनीतिक समीकरण मुख्य कारण रहे हैं।\n\n• ईसीबी की दर वृद्धि की संभावना: केंद्रीय बैंक के नीति निर्माता नागेल ने स्पष्ट किया कि बढ़ती महंगाई को रोकने के लिए दिसंबर में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी अपरिहार्य हो सकती है। इस सख्त रुख और 22 बेसिस पॉइंट्स की सख्ती की बाजार संभावनाओं ने यूरो को मजबूत समर्थन प्रदान किया।\n• अमेरिकी चुनाव की अनिश्चितता: अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में बहुमत को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं होने से डॉलर के प्रति सतर्कता बनी रही। सीनेट और हाउस में प्रमुख मुकाबलों के अनिर्णीत रहने के कारण ट्रेडर्स जोखिम लेने से बच रहे हैं।\n• कूटनीतिक घटनाक्रम और डॉलर पर दबाव: ईरान से जुड़े कूटनीतिक समाधान की उम्मीदों ने सुरक्षित ठिकाने के तौर पर अमेरिकी डॉलर की मांग को कमजोर किया। इस घटनाक्रम ने प्रमुख मुद्राओं और सोने जैसी संपत्तियों को डॉलर के मुकाबले उबरने का अवसर दिया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. EUR/USD मुद्रा जोड़ी वर्तमान में किस स्तर के पास कारोबार कर रही है?\nEUR/USD शुरुआती एशियाई सत्र में 1.1240 के करीब पहुंच गया, जबकि वर्तमान लाइव बाजार में यह 1.13 के स्तर पर कारोबार कर रहा है।\n\n2. यूरोपीय सेंट्रल बैंक ने आगामी ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाया है?\nईसीबी के गवर्निंग काउंसिल सदस्य नागेल ने संकेत दिया है कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए दिसंबर में ब्याज दर बढ़ाना बहुत हद तक जरूरी हो सकता है।\n\n3. अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में संसद के दोनों सदनों की वर्तमान स्थिति क्या है?\nहाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में करीब दो दर्जन सीटों के अनुमान आए हैं, जबकि सीनेट की 35 सीटों में से शुरुआती सात सीटें जीतकर भी डेमोक्रेट्स को बहुमत के लिए चार अतिरिक्त सीटों की आवश्यकता है।\n\n4. वैश्विक मुद्रा बाजार में यूरो का कितना महत्व है?\nयूरो यूरोज़ोन के 20 देशों की मुद्रा है और 2022 में वैश्विक विदेशी मुद्रा लेनदेन में इसकी हिस्सेदारी 31 प्रतिशत थी, जिसका दैनिक कारोबार 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक रहा था।\n\n5. EUR/USD के लिए प्रमुख तकनीकी प्रतिरोध और समर्थन स्तर कौन से हैं?\nऊपरी स्तर पर पहला प्रतिरोध 1.1255 और 100-दिवसीय एसएमए के पास 1.1420 पर है, जबकि नीचे की ओर समर्थन 1.1195 और 1.1135 के स्तरों पर स्थित है।",
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