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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के शुरुआती रुझानों और कमजोर डॉलर के बीच सोने में सतर्क कारोबार, सबकी नजरें रोजगार आंकड़ों पर",
  "summary": "अमेरिकी कांग्रेस चुनाव के शुरुआती रुझानों में डेमोक्रेट्स की बढ़त और डॉलर में सुस्ती के बीच सोना 3,930 डॉलर के करीब सतर्क बना हुआ है। बाजार अब अमेरिकी नौकरियों के आने वाले आंकड़ों और नीतिगत संकेतों पर नजर रखे हुए है।",
  "content": "अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के नतीजों की शुरुआत और आगामी आर्थिक आंकड़ों के दबाव के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल काफी सीमित नजर आ रही है। बुधवार के एशियाई कारोबारी सत्र में पीली धातु 3,930 डॉलर प्रति औंस के आसपास संभलकर कारोबार करती दिखी। बाजार के प्रतिभागी फिलहाल राजनीतिक स्थिति की स्पष्ट तस्वीर का इंतजार कर रहे हैं, जहां शुरुआती रुझान डेमोक्रेटिक पार्टी के पक्ष में जाते दिख रहे हैं। राजनीतिक अनिश्चितता के कारण डॉलर पर दबाव बना हुआ है, जिससे सर्राफा बाजार को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन नए बड़े उत्प्रेरकों की कमी के चलते निवेशक कोई बड़ा दांव लगाने से बच रहे हैं।\n\nअमेरिकी संसद के शुरुआती आंकड़े और राजनीतिक परिदृश्य\nअमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स की 435 सीटों में से 179 सीटों की मतगणना पूरी हो चुकी है, जिसमें डेमोक्रेट्स 114 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं। सदन में स्पष्ट बहुमत हासिल करने के लिए किसी भी दल को 218 सीटों के जादुई आंकड़े तक पहुंचना जरूरी है। बाजार के कई विश्लेषक पहले से ही यह संभावना जता रहे थे कि डेमोक्रेट्स संसद के दोनों सदनों, हाउस और सीनेट, पर अपना नियंत्रण स्थापित कर सकते हैं।\n\nब्राउन ब्रदर्स हैरीमैन (BBH) के रणनीतिकारों ने इस बात को रेखांकित किया कि सट्टा बाजार एक डेमोक्रेटिक स्वीप का समर्थन कर रहे हैं। पॉलीमार्केट और कल्शी जैसे मंचों पर डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत की संभावनाएं लगभग 70 प्रतिशत के करीब आंकी जा रही हैं। अगर वाशिंगटन में सत्ता का यह संतुलन बनता है, तो विधायी फैसलों और बजट को लेकर अनिश्चितता बढ़ सकती है। अमेरिकी डॉलर में आने वाली किसी भी तरह की कमजोरी सोने के लिए निवेशकों के नजरिए से एक अनुकूल जोखिम-इनाम वाला सौदा तैयार करती है, क्योंकि कमजोर मुद्रा में मूल्यवर्गित सोना विदेशी खरीदारों के लिए तुलनात्मक रूप से अधिक आकर्षक हो जाता है।\n\nरोजगार आंकड़े तय करेंगे फेडरल रिजर्व का अगला कदम\nराजनीतिक उठापटक के बीच वित्तीय बाजारों का अगला सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव अमेरिकी श्रम बाजार से जुड़े आंकड़े होंगे। शुक्रवार को अक्टूबर महीने के लिए आधिकारिक नॉनफार्म पेरोल (NFP) रिपोर्ट जारी की जानी तय है। यह डेटा सीधे तौर पर अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की भविष्य की ब्याज दर अपेक्षाओं पर बड़ा असर डालेगा। अगर रोजगार सृजन की रफ्तार धीमी पड़ती है, तो केंद्रीय बैंक पर सख्त मौद्रिक रुख में ढील देने का दबाव बढ़ सकता है, जो गैर-उपज वाले सोने के लिए सीधे तौर पर सकारात्मक माना जाता है।\n\nशुक्रवार की इस रिपोर्ट से पहले बुधवार को ही 13:15 GMT पर अक्टूबर के अमेरिकी एडीपी रोजगार परिवर्तन के आंकड़े सामने आने हैं। बाजार का अनुमान है कि निजी क्षेत्र में केवल 69 हजार नई नौकरियां जुड़ी हैं, जो सितंबर के 90 हजार के आंकड़े से काफी कम है। निजी क्षेत्र में नियुक्ति की यह सुस्ती इस बात का संकेत दे सकती है कि अर्थव्यवस्था के कुछ हिस्सों में दबाव बढ़ रहा है, जिससे ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आ सकती है और सोने को अतिरिक्त सहारा मिल सकता है।\n\nतकनीकी स्तर और चार्ट पर सोने की स्थिति\nदैनिक मूल्य चार्ट पर XAU/USD 3,937.90 डॉलर के आसपास बना हुआ है और अल्पकालिक रुझान अभी भी मंदी के दबाव का संकेत दे रहा है। हाजिर कीमत 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 4,050.63 डॉलर के नीचे बनी हुई है। जब तक सोना इस 20-दिवसीय तकनीकी पैमाने को फिर से हासिल नहीं कर लेता, तब तक किसी भी तेजी की गुंजाइश सीमित रहने की आशंका है। इसके अलावा 37 के स्तर पर मौजूद रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) यह दर्शाता है कि बाजार पर बिकवाली का दबाव बना हुआ है, हालांकि यह अभी अत्यधिक ओवरसोल्ड क्षेत्र में नहीं पहुंचा है।\n\nचार्ट पर ऊपर की ओर प्राथमिक रुकावट 20-दिवसीय EMA के पास 4,050 डॉलर पर स्थित है। सोने को तात्कालिक बिकवाली दबाव से राहत पाने और एक मजबूत सुधार का रास्ता खोलने के लिए इस स्तर को पार करना जरूरी होगा। यदि बिकवाली का दौर और गहराता है, तो नीचे की तरफ एक साल का निचला स्तर 3,870.23 डॉलर प्रमुख समर्थन के रूप में सामने आएगा। इस स्तर के टूटने पर गिरावट और तेज हो सकती है। मौजूदा तकनीकी सेटअप में ट्रेडर्स संभलकर रणनीति बना रहे हैं।\n\nमुद्रा बाजारों में हलचल और सुरक्षित निवेश की मांग\nबुधवार के कारोबारी सत्र में केवल सोना ही नहीं, बल्कि विदेशी मुद्रा बाजार भी चुनावी नतीजों की हलचल से प्रभावित दिखा। AUD/USD एशियाई सत्र में 0.6965 के करीब दो सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर स्थिर बना रहा। मध्यावधि चुनावों के शुरुआती नतीजों से उपजी राजनीतिक अनिश्चितता ने अमेरिकी डॉलर को भारी नुकसान पहुंचाया है। इसके साथ ही सुरक्षित निवेश की मांग फिर से जागने से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नई गिरावट आई, जिसने फेड द्वारा दरें बढ़ाने के दावों को कमजोर करते हुए डॉलर पर दोहरा दबाव बना दिया। हालांकि ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक आरबीए के कम आक्रामक रुख ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को सीमित रखा।\n\nवहीं दूसरी ओर USD/JPY पर भारी बिकवाली का दबाव देखा गया और एशियाई सत्र के दौरान यह 158.00 के नीचे फिसल गया। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों की मतगणना के बाद बढ़ी राजनीतिक अनिश्चितता के चलते डॉलर एक महीने के निचले स्तर तक लुढ़क गया। वाशिंगटन में विधायी गतिरोध की संभावना ने निवेशकों को सुरक्षित ठिकानों की ओर रुख करने पर मजबूर किया, जिससे बॉन्ड यील्ड गिरी और डॉलर पर मंदी का दबाव और गहरा गया।\n\nवैश्विक अर्थव्यवस्था में सोने का ऐतिहासिक और सुरक्षित स्थान\nमानव इतिहास में सोने ने हमेशा मूल्य के संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में एक केंद्रीय भूमिका निभाई है। वर्तमान समय में अपनी चमक और आभूषणों के उपयोग से परे, यह पीली धातु दुनिया भर में एक सुरक्षित ठिकाने यानी सेफ-हेवन एसेट के रूप में जानी जाती है। इसका अर्थ यह है कि अशांत और अनिश्चित समय में इसे एक भरोसेमंद निवेश माना जाता है। किसी विशिष्ट जारीकर्ता या सरकार पर निर्भर न होने के कारण सोना मुद्रास्फीति और गिरती मुद्राओं के खिलाफ एक मजबूत बचाव के रूप में काम करता है।\n\nदुनिया के केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े धारक हैं। अशांत समय में अपनी स्थानीय मुद्राओं को सहारा देने के उद्देश्य से केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाते हैं और सोना खरीदते हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था और मुद्रा की मजबूती में भरोसा बढ़ता है। भारी स्वर्ण भंडार किसी भी देश की शोधन क्षमता के प्रति वैश्विक वित्तीय तंत्र में विश्वास का आधार बनता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने वर्ष 2022 में अपने भंडार में लगभग 70 अरब डॉलर मूल्य का 1,136 टन सोना जोड़ा। जब से रिकॉर्ड रखना शुरू हुआ है, तब से यह किसी भी एक वर्ष में की गई सबसे बड़ी स्वर्ण खरीद है। चीन, भारत और तुर्की जैसी उभरती अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंक अपने स्वर्ण भंडार में तेजी से बढ़ोतरी कर रहे हैं।\n\nडॉलर और बॉन्ड यील्ड के साथ सोने का विपरीत संबंध\nसोने का अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी के साथ गहरा विपरीत संबंध होता है, जो दोनों ही वैश्विक स्तर पर प्रमुख आरक्षित और सुरक्षित संपत्तियां हैं। जब डॉलर में गिरावट आती है, तो सोने की कीमतों में आमतौर पर तेजी आती है, जिससे निवेशकों और केंद्रीय बैंकों को चुनौतीपूर्ण समय में अपनी संपत्तियों में संतुलन बनाने का मौका मिलता है। इसके विपरीत, जोखिम वाली संपत्तियों के साथ भी सोने का विपरीत रिश्ता देखा जाता है। शेयर बाजार में तेजी आने पर अक्सर सोने की कीमतें कमजोर पड़ती हैं, जबकि जोखिम भरे बाजारों में बिकवाली होने पर निवेशक सुरक्षा की तलाश में सोने की ओर भागते हैं।\n\nसोने के भाव कई तरह के वैश्विक कारकों से संचालित होते हैं। भू-राजनीतिक अस्थिरता या भीषण मंदी की आशंकाएं इसके सुरक्षित ठिकाने के दर्जे के कारण कीमतों को तेजी से ऊपर ले जा सकती हैं। बिना किसी ब्याज या लाभांश वाली संपत्ति होने के नाते ब्याज दरों में कटौती होने पर सोने की मांग बढ़ती है, जबकि कर्ज की लागत अधिक होने पर पीली धातु पर दबाव बढ़ता है। हालांकि अधिकांश उतार-चढ़ाव इस बात पर निर्भर करते हैं कि अमेरिकी डॉलर का व्यवहार कैसा रहता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना डॉलर में आंका जाता है। मजबूत डॉलर सोने की कीमतों को सीमित रखता है, जबकि कमजोर डॉलर इसे ऊपर धकेलने का काम करता है।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी मध्यावधि चुनाव और रोजगार रिपोर्ट के चलते वैश्विक सर्राफा व मुद्रा बाजारों में आने वाले दिनों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है।\n\n• सोने के खरीदारों और निवेशकों के लिए: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के 3,930 डॉलर के करीब बने रहने से घरेलू बाजारों में भी कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है। अगर डॉलर और कमजोर होता है तो सोने में तेजी आ सकती है, इसलिए खरीदारी करने वालों को आगामी अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के बाद ही अपना फैसला लेना चाहिए।\n• मुद्रा और फॉरेक्स ट्रेडर्स के लिए: चुनावी अनिश्चितता के कारण डॉलर इंडेक्स और संबंधित करेंसी जोड़ों में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। गिरती अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के कारण डॉलर पर दबाव बना रह सकता है, जिससे अन्य प्रमुख मुद्राओं को कुछ राहत मिल सकती है।\n• शेयर बाजार के निवेशकों के लिए: वाशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध बनने पर वैश्विक शेयर बाजारों में सतर्कता का माहौल रह सकता है। सुरक्षित संपत्तियों की ओर बढ़ते रुझान से इक्विटी बाजारों में जोखिम उठाने की क्षमता सीमित हो सकती है।\n• केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर असर: शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी रोजगार आंकड़े यह तय करेंगे कि ब्याज दरों पर क्या रुख अपनाया जाए। ब्याज दरों में संभावित कटौती का अनुमान सोने के दीर्घकालिक निवेश परिदृश्य को मजबूत बनाए रखेगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nअमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की संभावित बढ़त और डॉलर में कमजोरी के चलते सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ी है, जिससे सोने में सतर्कता का रुख बना हुआ है।\n\n• चुनावी रुझानों का सीधा असर: प्रतिनिधि सभा की 179 सीटों की गिनती में डेमोक्रेट्स को 114 सीटों पर बढ़त मिली है। सट्टा बाजारों में डेमोक्रेटिक स्वीप की 70 प्रतिशत संभावनाओं ने वाशिंगटन में राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिससे डॉलर कमजोर हुआ है।\n• अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट: राजनीतिक गतिरोध और सुरक्षित ठिकानों की ओर पूंजी के प्रवाह ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को नीचे धकेल दिया है। इससे डॉलर पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है और सोने को निचले स्तरों पर सहारा मिला है।\n• आगामी रोजगार आंकड़ों की प्रतीक्षा: निवेशक बुधवार के एडीपी निजी रोजगार डेटा और शुक्रवार की आधिकारिक नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट से पहले सतर्क हैं। इन आंकड़ों के आने तक बाजार में दिशा तय करने की हिचकिचाहट बनी हुई है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सोना किस भाव पर कारोबार कर रहा है?\nसोना एशियाई कारोबारी सत्र में 3,930 डॉलर प्रति औंस के आसपास सतर्क रुख के साथ कारोबार कर रहा है।\n\n2. अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के शुरुआती रुझानों में क्या स्थिति है?\nसदन की 179 सीटों की गिनती में डेमोक्रेट्स 114 सीटों पर आगे हैं, जबकि बहुमत के लिए 218 सीटों की जरूरत है।\n\n3. सोने के लिए अगला बड़ा उत्प्रेरक कौन सा आंकड़ा है?\nअक्टूबर महीने के लिए शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी नॉनफार्म पेरोल (NFP) रोजगार आंकड़े अगला प्रमुख ट्रिगर होंगे।\n\n4. चार्ट पर सोने के लिए अहम तकनीकी स्तर कौन से हैं?\nऊपर की तरफ 20-दिवसीय EMA 4,050 डॉलर पर प्राथमिक रुकावट है, जबकि नीचे की ओर 3,870.23 डॉलर प्रमुख समर्थन स्तर है।\n\n5. केंद्रीय बैंकों ने 2022 में कितना सोना खरीदा था?\nवर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने 2022 में रिकॉर्ड 70 अरब डॉलर मूल्य का 1,136 टन सोना खरीदा था।",
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