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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी मध्यावधि चुनाव नतीजों और चार फीसदी मुद्रास्फीति के बीच यूरो में उछाल, जानिए मुद्रा बाजारों का रुख",
  "summary": "अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की जीत और यूरोज़ोन में मुद्रास्फीति के चार प्रतिशत तक पहुंचने के बाद यूरो 1.1245 के स्तर के करीब पहुंचकर एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है।",
  "content": "वैश्विक मुद्रा बाजारों में यूरो ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत बढ़त दर्ज करते हुए लगभग एक महीने के अपने उच्चतम स्तर को छू लिया है। एशियाई कारोबारी सत्र के शुरुआती घंटों में यूरो और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर बढ़कर 1.1245 के आसपास पहुंच गई। इस ताजा तेजी के पीछे दो प्रमुख घटनाएं मुख्य वजह बनकर उभरी हैं। पहली तरफ अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी संसद के दोनों सदनों यानी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स पर पूर्ण नियंत्रण हासिल कर लिया है। वहीं दूसरी तरफ यूरोज़ोन में उपभोक्ता मूल्य मुद्रास्फीति तीन वर्षों में पहली बार चार प्रतिशत के स्तर पर दर्ज की गई है। इन दोनों बड़े घटनाक्रमों ने मिलकर डॉलर पर गहरा दबाव बनाया और साझी यूरोपीय मुद्रा को एक मजबूत तकनीकी सहारा प्रदान किया।\n\nअमेरिकी मध्यावधि चुनाव परिणाम और डॉलर की कमजोरी\nअमेरिका में मंगलवार को संपन्न हुए मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने दोनों सदनों में स्पष्ट बहुमत हासिल कर रिपब्लिकन पार्टी से नियंत्रण छीन लिया है। दशकों बाद डेमोक्रेट्स ने कई पारंपरिक रिपब्लिकन गढ़ों में ऐतिहासिक जीत दर्ज की है, जिसे करोड़ों अमेरिकी मतदाताओं द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर एक कड़ा जनादेश माना जा रहा है। सत्ता संतुलन में इस अचानक आए बदलाव ने वाशिंगटन में विधायी समीकरणों को पूरी तरह बदल दिया है।\n\nकॉमनवेल्थ बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की मुद्रा रणनीतिकार कैरोल कोंग ने इस राजनीतिक बदलाव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दोनों सदनों पर डेमोक्रेट्स के नियंत्रण से डॉलर में और अधिक गिरावट देखने को मिल सकती है। कोंग के अनुसार, डेमोक्रेटिक पार्टी की यह दोहरी जीत राष्ट्रपति ट्रंप के शेष कार्यकाल में सरकारी खर्चों को काफी हद तक सीमित कर देगी। जब सरकार के अनियंत्रित खर्च पर अंकुश लगने की संभावना बनती है, तो अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी आती है, जिसका सीधा असर डॉलर इंडेक्स की कमजोरी के रूप में सामने आता है।\n\nयूरोज़ोन में तीन साल के उच्च स्तर पर पहुंची मुद्रास्फीति\nयूरोपीय मोर्चे पर आर्थिक आंकड़ों ने यूरोपीय सेंट्रल बैंक यानी ईसीबी पर अपनी सख्त मौद्रिक नीति जारी रखने का भारी दबाव बना दिया है। बुधवार को जारी प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, यूरोज़ोन में हार्मोनाइज्ड इंडेक्स ऑफ कंज्यूमर प्राइसेज यानी एचआईसीपी पर आधारित मुद्रास्फीति अक्टूबर महीने में उछलकर 4.0 प्रतिशत पर पहुंच गई। यह आंकड़ा सितंबर महीने के 3.8 प्रतिशत से अधिक है और बाजार की आम सहमति के बिल्कुल अनुरूप रहा है। यह सितंबर 2023 में दर्ज 4.3 प्रतिशत के बाद पहला मौका है जब यूरोज़ोन में महंगाई दर ने 4 प्रतिशत के आंकड़े को छुआ या पार किया है।\n\nमुद्रास्फीति का यह स्तर यूरोपीय सेंट्रल बैंक के आधिकारिक 2 प्रतिशत के लक्ष्य से दोगुना है। पिछले महीने ईसीबी ने सितंबर में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी करने के बाद अपनी प्रमुख ब्याज दर को 2.5 प्रतिशत पर स्थिर रखा था। हालांकि, अक्टूबर के इस तीखे मुद्रास्फीति आंकड़े के बाद वित्तीय बाजार अब दिसंबर में होने वाली ईसीबी की साल की अंतिम नीतिगत बैठक में दर वृद्धि की संभावना को लगभग 72.0 प्रतिशत मानकर चल रहे हैं, जो इस आंकड़े के आने से ठीक पहले 71.8 प्रतिशत पर थी।\n\nईसीबी अधिकारियों का सख्त रुख और नीतिगत अपेक्षाएं\nनीति निर्माताओं की ओर से भी ब्याज दरों में और बढ़ोतरी के स्पष्ट संकेत मिलने लगे हैं। ईसीबी गवर्निंग काउंसिल के सदस्य नागेल ने अपने सामान्य रुख से कहीं अधिक आक्रामक और सख्त संदेश दिया है। उनका भाषण ट्रैक करने वाला स्कोर ऐतिहासिक 7.0 के मुकाबले 8.2 दर्ज किया गया। नागेल ने कहा कि मौजूदा मुद्रास्फीति का दबाव पहले से ही एक प्रतिकूल परिदृश्य के करीब पहुंच रहा है, जिससे दिसंबर में ब्याज दर बढ़ाना बहुत संभव नजर आ रहा है।\n\nनागेल ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि केंद्रीय बैंक ऊर्जा झटकों को व्यापक मुद्रास्फीति में बदलने से रोक सकता है और उसे ऐसा हर हाल में करना ही चाहिए। इस दृढ़ संकल्प ने साफ कर दिया है कि यूरोज़ोन में मौद्रिक सख्ती का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है। जब किसी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को प्रतिस्पर्धी मुद्राओं की तुलना में ऊंचा रखने का संकेत मिलता है, तो वैश्विक निवेशक बेहतर प्रतिफल की तलाश में उस मुद्रा की तरफ आकर्षित होते हैं, जिससे यूरो को निरंतर मांग का समर्थन मिल रहा है।\n\nदैनिक चार्ट पर यूरो का तकनीकी विश्लेषण\nतकनीकी चार्ट पर यूरो और अमेरिकी डॉलर की चाल का विश्लेषण करने पर पता चलता है कि हालिया उछाल के बावजूद मध्यम अवधि की रूपरेखा अभी भी दबाव में बनी हुई है। दैनिक समय सीमा पर मुद्रा जोड़ी 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी एसएमए से नीचे बनी हुई है, जो लगभग 1.1420 के स्तर पर स्थित है। जब तक यह जोड़ी इस दीर्घकालिक औसत को निर्णायक रूप से पार नहीं कर लेती, तब तक मध्यम अवधि का तकनीकी रुझान मंदी का ही माना जाएगा।\n\nवर्तमान में मूल्य बॉलिंगर 20-दिवसीय एसएमए के ऊपर टिका हुआ है और ऊपरी बॉलिंगर बैंड के ठीक नीचे कारोबार कर रहा है। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 50.9 के स्तर पर सामान्य हो चुका है, जो पिछले ओवरसोल्ड दायरे से उबरने का संकेत देता है। यह स्थिति दर्शाती है कि बिकवाली का दबाव काफी हद तक कम हो चुका है, लेकिन बाजार अभी पूरी तरह से एक स्पष्ट तेजी के दौर में तब्दील नहीं हुआ है।\n\nताजा बंद सत्र के लाइव आंकड़ों के अनुसार, ईयूआर/यूएसडी 1.13 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद 1.12 की तुलना में 0.44 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। 52-सप्ताह के दौरान इस जोड़ी का दायरा 1.11 से 1.20 रहा है। लाइव तकनीकी संकेतकों में 20-दिवसीय ईएमए 1.12 और 50-दिवसीय ईएमए 1.13 पर है, जबकि 200-दिवसीय ईएमए 1.15 पर स्थित है। चूंकि 50-दिवसीय ईएमए 200-दिवसीय ईएमए से नीचे है, इसलिए यह डेथ क्रॉस संरचना दीर्घकालिक मंदी के पूर्वाग्रह को दर्शाती है। इसका दैनिक औसत ट्रू रेंज यानी एटीआर 0.01 पर है, जो दैनिक उतार-चढ़ाव की सीमा को प्रदर्शित करता है।\n\nप्रमुख समर्थन और प्रतिरोध स्तर\nआगामी कारोबारी सत्रों के लिए व्यापारियों की नजरें महत्वपूर्ण तकनीकी स्तरों पर टिकी हैं\n\n• तात्कालिक प्रतिरोध: ऊपर की तरफ पहला तात्कालिक प्रतिरोध ऊपरी बॉलिंगर बैंड के समीप 1.1262 पर स्थित है, जिसके बाद लाइव डेटा का आर1 स्तर 1.13 पर नजर आता है।\n• प्रमुख अवरोध: इसके ऊपर एक बड़ा मनोवैज्ञानिक और तकनीकी अवरोध 100-दिवसीय एसएमए 1.1420 पर मौजूद है, जिसे पार करना किसी भी सतत रैली के लिए अनिवार्य होगा।\n• प्रारंभिक समर्थन: नीचे की दिशा में शुरुआती सहारा बॉलिंगर 20-दिवसीय एसएमए के पास 1.1195 पर उपलब्ध है, जो दैनिक पिवट और एस1 स्तर 1.12 के बेहद करीब है।\n• गहरा समर्थन: यदि मंदी हावी होती है, तो अगला निचला स्तर निचला बॉलिंगर बैंड 1.1130 और 52-सप्ताह का निचला सिरा 1.11 के आसपास रहेगा।\n\nवैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में यूरो का दायरा\nयूरो यूरोपीय संघ के उन 20 सदस्य देशों की साझी मुद्रा है जो यूरोज़ोन का हिस्सा हैं। अमेरिकी डॉलर के बाद यह दुनिया में दूसरी सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा है। वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक विदेशी मुद्रा लेन-देन में यूरो की हिस्सेदारी 31 प्रतिशत थी, जिसका औसत दैनिक कारोबार 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक रहा था।\n\nविश्व के कुल मुद्रा कारोबार में यूरो और अमेरिकी डॉलर की जोड़ी का वर्चस्व निर्विवाद है, जिसकी कुल लेन-देन में हिस्सेदारी लगभग 30 प्रतिशत है। इसके बाद अन्य प्रमुख जोड़ियों में यूरो और जापानी येन 4 प्रतिशत, यूरो और ब्रिटिश पाउंड 3 प्रतिशत, तथा यूरो और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 2 प्रतिशत की हिस्सेदारी रखते हैं।\n\nयूरोपीय सेंट्रल बैंक की मौद्रिक प्रणाली\nजर्मनी के फ्रैंकफर्ट में स्थित यूरोपीय सेंट्रल बैंक यूरोज़ोन का शीर्ष केंद्रीय बैंक है। ईसीबी का मुख्य कार्य ब्याज दरें निर्धारित करना और मौद्रिक नीति का संचालन करना है। बैंक का प्राथमिक जनादेश मूल्य स्थिरता बनाए रखना है, जिसका अर्थ मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना या आवश्यक होने पर आर्थिक विकास को गति देना है। इसका सबसे मुख्य उपकरण नीतिगत ब्याज दरों को घटाना या बढ़ाना है। अपेक्षाकृत उच्च ब्याज दरें आमतौर पर यूरो को मजबूती देती हैं।\n\nईसीबी की गवर्निंग काउंसिल साल में आठ बार मौद्रिक नीति पर निर्णय लेने के लिए बैठक करती है। इन निर्णयों में यूरोज़ोन के राष्ट्रीय केंद्रीय बैंकों के प्रमुखों के अलावा छह स्थायी सदस्य भाग लेते हैं, जिनकी अध्यक्षता ईसीबी अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड करती हैं।\n\nआर्थिक संकेतक और व्यापार संतुलन का प्रभाव\nयूरो की दिशा तय करने में विभिन्न मैक्रोइकॉनॉमिक आंकड़ों की निर्णायक भूमिका होती है। सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज पीएमआई, रोजगार आंकड़े और उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य का पैमाना होते हैं। एक मजबूत अर्थव्यवस्था यूरो के लिए अनुकूल मानी जाती है क्योंकि यह विदेशी पूंजी को आकर्षित करती है और केंद्रीय बैंक को दरें बढ़ाने के लिए प्रेरित करती है। यूरोज़ोन की चार सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन हैं, जो मिलकर पूरे यूरोज़ोन की अर्थव्यवस्था का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा बनाती हैं। इसलिए इन चार देशों के आंकड़े विशेष रूप से प्रभावशाली होते हैं।\n\nइसके अलावा व्यापार संतुलन भी एक प्रमुख आर्थिक पैमाना है। यह सूचकांक किसी समयावधि में निर्यात से अर्जित आय और आयात पर किए गए व्यय के बीच के अंतर को मापता है। यदि यूरोज़ोन के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी मांग रहती है, तो विदेशी खरीदारों द्वारा यूरो खरीदे जाने से इसकी कीमत में स्वाभाविक इजाफा होता है। इस प्रकार एक सकारात्मक शुद्ध व्यापार संतुलन मुद्रा को अतिरिक्त मजबूती प्रदान करता है।\n\nअन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का हाल\nअमेरिकी डॉलर पर बने दबाव का प्रभाव केवल यूरो तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि अन्य प्रमुख संपत्तियों और मुद्राओं में भी उल्लेखनीय हलचल देखी गई\n\n• ऑस्ट्रेलियाई डॉलर: ऑस्ट्रेलियाई डॉलर गुरुवार के एशियाई सत्र के दौरान 0.7000 के ऊपर स्थिर रहा। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत और ईरान के साथ कूटनीतिक उम्मीदों के बीच डॉलर की कमजोरी ने इसे पिछले दिन के तीन सप्ताह के निचले स्तर से उबरने में मदद की। हालांकि, शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी गैर-कृषि पेरोल यानी एनएफपी रिपोर्ट को देखते हुए खरीदार सतर्क बने हुए हैं।\n• जापानी येन: डॉलर और जापानी येन की विनिमय दर में गुरुवार को लगातार दूसरे दिन नरमी देखी गई। बैंक ऑफ जापान के मिनट्स में नीति निर्माताओं द्वारा दरें बढ़ाने पर सहमति जताए जाने और संभावित हस्तक्षेप के जोखिमों ने येन को समर्थन दिया।\n• सोना: सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली पीली धातु पिछले दिन की जोरदार तेजी को बरकरार रखते हुए गुरुवार को एशियाई सत्र में 4,080 डॉलर प्रति औंस तक चढ़ गई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने डॉलर को एक महीने के निचले स्तर के करीब धकेल दिया, जिससे सोने को बल मिला। हालांकि, फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में संभावित दर वृद्धि की अटकलें बिना ब्याज वाली इस धातु की बढ़त को सीमित कर सकती हैं।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी राजनीतिक बदलाव और यूरोज़ोन में बढ़ती महंगाई से वैश्विक मुद्रा दरों और आयात-निर्यात लागत पर सीधा असर पड़ेगा।\n\n• भारत में अंतरराष्ट्रीय यात्रा और शिक्षा: यदि आप यूरोप की यात्रा या वहां पढ़ाई की योजना बना रहे हैं, तो यूरो के मजबूत होने से आपका खर्च बढ़ सकता है। भारतीय रुपये के मुकाबले यूरो की किसी भी संभावित बढ़त से विदेशी ट्यूशन फीस और रहने का दैनिक बजट महंगा हो जाएगा।\n• वैश्विक निवेशकों और व्यापारियों के लिए: मुद्रा बाजार में डॉलर की कमजोरी से सोना और अन्य कमोडिटीज में तेजी देखने को मिल रही है। जो निवेशक विदेशी मुद्रा या कमोडिटी डेरिवेटिव्स में सक्रिय हैं, उन्हें अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और ब्याज दर के फैसलों पर पैनी नजर रखनी चाहिए।\n• आयात और निर्यात व्यापार: यूरोप को निर्यात करने वाली कंपनियों को मजबूत यूरो से बेहतर प्राप्तियां मिल सकती हैं। हालांकि, डॉलर के कमजोर रहने से वैश्विक स्तर पर व्यापारिक सौदों के मूल्यांकन में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।\n• सोना और आभूषण खरीदार: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के 4,080 डॉलर तक पहुंचने से घरेलू बाजारों में भी कीमतें मजबूत रह सकती हैं। यदि आप सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो मौजूदा उच्च स्तरों पर कीमतों में अस्थिरता का ध्यान रखें।\n\nऐसा क्यों हुआ\nअमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत और यूरोज़ोन में उम्मीद से अधिक मुद्रास्फीति के एक साथ आने से यूरो में यह तेज उछाल दर्ज किया गया।\n\n• अमेरिकी कांग्रेस पर डेमोक्रेट्स का कब्जा: डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा सीनेट और हाउस दोनों में बहुमत हासिल करने से राष्ट्रपति ट्रंप की वित्तीय और खर्च नीतियों पर विधायी रोक लग गई है। खर्च सीमित होने की संभावनाओं ने ट्रेजरी यील्ड और अमेरिकी डॉलर को नीचे धकेल दिया।\n• यूरोज़ोन में महंगाई 4.0% पर पहुंचना: अक्टूबर के प्रारंभिक आंकड़ों में मुद्रास्फीति तीन साल बाद 4 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गई, जो ईसीबी के लक्ष्य से दोगुनी है। इस अनपेक्षित उछाल ने केंद्रीय बैंक को ब्याज दरों में और बढ़ोतरी करने के लिए विवश कर दिया है।\n• ईसीबी अधिकारियों का आक्रामक रुख: यूरोपीय नीति निर्माताओं ने स्पष्ट संकेत दिया है कि ऊर्जा लागतों को स्थायी महंगाई में बदलने से रोकने के लिए दिसंबर में दर वृद्धि बहुत संभव है। उच्च ब्याज दरों की इस संभावना ने यूरो को विदेशी निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बना दिया।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. यूरो और अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर में हालिया तेजी का मुख्य स्तर क्या है?\nयूरो बढ़कर लगभग 1.1245 के स्तर पर पहुंच गया है, जो करीब एक महीने का उसका उच्चतम स्तर है।\n\n2. अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के क्या परिणाम रहे?\nडेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों सदनों में बहुमत हासिल कर रिपब्लिकन से नियंत्रण छीन लिया।\n\n3. अक्टूबर महीने में यूरोज़ोन की मुद्रास्फीति दर कितनी दर्ज की गई?\nयूरोज़ोन में अक्टूबर की उपभोक्ता मुद्रास्फीति दर 4.0 प्रतिशत दर्ज की गई, जो पिछले तीन वर्षों का उच्चतम स्तर है।\n\n4. दिसंबर में यूरोपीय सेंट्रल बैंक द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की कितनी संभावना जताई जा रही है?\nबाजार वर्तमान में ईसीबी की दिसंबर बैठक में ब्याज दर वृद्धि की लगभग 72.0 प्रतिशत संभावना मानकर चल रहे हैं।\n\n5. तकनीकी चार्ट पर यूरो के लिए प्रमुख दीर्घकालिक प्रतिरोध स्तर कौन सा है?\nचार्ट पर यूरो के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी अवरोध 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज पर 1.1420 के करीब स्थित है।\n\n6. डॉलर की गिरावट के बीच सोने की कीमतों में क्या हलचल देखी गई?\nडॉलर और बॉन्ड यील्ड में नरमी के कारण सोना एशियाई सत्र में 4,080 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच गया।",
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