अमेरिकी मध्यावधि चुनाव नतीजों के बीच डॉलर पर दबाव, सोना और क्रिप्टो चमके अमेरिकी मध्यावधि चुनाव परिणामों के बाद वाशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध की संभावना से डॉलर सूचकांक लुढ़क गया, जबकि सोने और क्रिप्टोकरेंसी में तेजी देखी जा रही है। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव की शुरुआती मतगणना सामने आने के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में व्यापक हलचल देखने को मिल रही है। वाशिंगटन में राजनीतिक गतिरोध की संभावनाओं और आर्थिक आंकड़ों के इंतजार के बीच बुधवार को अमेरिकी डॉलर में भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके विपरीत, सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग में तेजी आई है और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी सकारात्मक रुख देखा जा रहा है। निवेशक अब नीतिगत फैसलों और रोजगार से जुड़े नए आंकड़ों के आधार पर अपनी रणनीतियां तय कर रहे हैं। चुनावी अनिश्चितता और राजनीतिक परिदृश्य का प्रभाव शुरुआती चुनावी नतीजों में डेमोक्रेट्स की ओर से प्रतिनिधि सभा और सीनेट में दर्ज की गई जीत के बाद सत्ता संतुलन में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, डेमोक्रेट्स आधिकारिक तौर पर जनवरी तक पदभार नहीं संभालेंगे, जिसके कारण शुरुआती बाजार प्रतिक्रियाओं में कुछ ठहराव और उलटफेर भी देखा गया है। राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा इन चुनावी नतीजों को स्वीकार कर लेने से डॉलर के लिए एक अप्रत्याशित जोखिम तो टल गया है, लेकिन रात भर हुई कीमतों की घट-बढ़ वर्ष 2027 के बाजार परिदृश्यों की झलक पेश करती है। विश्लेषकों का मानना है कि डेमोक्रेट नियंत्रण वाली कांग्रेस डॉलर के लिए हल्के नकारात्मक प्रभाव का कारण बन सकती है। इसके मुख्य कारणों में एआई यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विकास पथ पर पड़ने वाले असर के साथ-साथ अगली गर्मियों से अमेरिकी सरकार में संभावित लंबे शटडाउन की आशंका शामिल है। फिलहाल मुद्रा बाजार के कारोबारी इस राजनीतिक बदलाव को लंबी अवधि की कहानी मानकर चल रहे हैं और तात्कालिक तौर पर मैक्रो और मौद्रिक संकेतकों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। डॉलर सूचकांक, बॉन्ड यील्ड और ट्रेजरी रिफंडिंग योजना मुद्रा बाजार में डॉलर सूचकांक यानी DXY रात के कारोबार में 101.25 के निचले स्तर तक फिसल गया। विश्लेषकों के अनुसार यह 101.25 का स्तर एक अत्यंत महत्वपूर्ण सपोर्ट का काम कर रहा है, जिसके आगामी अक्टूबर रोजगार रिपोर्ट तक टिके रहने की उम्मीद की जा रही है। फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों के मुकाबले सुरक्षित निवेश की ओर बढ़ते रुझान ने अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर नीचे की ओर दबाव बनाया है, जिसने डॉलर को और कमजोर किया। बाजार की नजर 1330 CET पर जारी होने वाली अमेरिकी ट्रेजरी की त्रैमासिक रिफंडिंग योजनाओं पर भी टिकी हुई है। ऐसी आम राय है कि ट्रेजरी लंबी अवधि के बॉन्ड की आपूर्ति में कटौती करने का प्रयास जारी रखेगी। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि क्या शॉर्ट-एंड यानी कम अवधि के बाजार इस नए बॉन्ड निर्गम के प्रवाह को संभालने में सक्षम रहते हैं या नहीं। मजबूत वृहद आर्थिक समर्थन को देखते हुए फिलहाल डॉलर में भारी गिरावट पर दांव लगाने से बचने की सलाह दी जा रही है। मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव: येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति डॉलर की कमजोरी का सीधा असर प्रमुख विदेशी मुद्राओं पर साफ नजर आया। एशियाई कारोबारी सत्र में डॉलर के मुकाबले जापानी येन यानी USD/JPY जोड़ी भारी बिकवाली के दबाव में आ गई और 158.00 के स्तर से नीचे फिसल गई। राजनीतिक अनिश्चितता और वाशिंगटन में नीतिगत गतिरोध की चिंताओं ने डॉलर को एक महीने के निचले स्तर पर धकेल दिया, जिससे निवेशकों ने सुरक्षित संपत्तियों की ओर रुख किया और बॉन्ड यील्ड में नई गिरावट दर्ज की गई। दूसरी तरफ, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर यानी AUD/USD जोड़ी अपने दो सप्ताह के निचले स्तर से ऊपर संभलते हुए एशियाई सत्र में 0.6965 के आसपास कारोबार करती दिखी। हालांकि, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कमजोर डॉलर के बावजूद रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी RBA के कम सख्त रुख ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त को सीमित कर दिया। सोने में भारी उछाल और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में तेजी कमजोर डॉलर और बॉन्ड यील्ड में नरमी के चलते सोने की चमक में जबरदस्त इजाफा हुआ है। यूरोपीय कारोबारी सत्र के पहले हिस्से में सोना कई नए साप्ताहिक शिखरों को छूते हुए लगभग $4,050 के स्तर तक पहुंच गया। कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की बढ़त के चलते वाशिंगटन में विधायी गतिरोध की चिंताएं गहरी हो गई हैं, जिसने सुरक्षित निवेश परिसंपत्ति के रूप में सोने की मांग को जबरदस्त समर्थन दिया है। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी जोखिम उठाने की भावना में सुधार देखने को मिला। बुधवार को बिटकॉइन $78,000 के ऊपर कारोबार करता नजर आया। इथेरियम ने भी बिटकॉइन के सुधार के रुख का अनुसरण किया और $2,300 के ऊपर बना रहा। इसी प्रकार रिपल यानी XRP भी $1.28 के स्तर से ऊपर कारोबार करते हुए लगातार दूसरे दिन बढ़त दर्ज करने में सफल रहा। निजी क्षेत्र के रोजगार आंकड़ों पर टिकी नजरें बाजार की अगली दिशा तय करने में रोजगार आंकड़ों की बड़ी भूमिका होगी। ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा बुधवार को अक्टूबर महीने के निजी क्षेत्र के रोजगार आंकड़े जारी किए जाने हैं। बाजार की सर्वसम्मत उम्मीदों के मुताबिक रोजगार सृजन की रफ्तार में हल्की मंदी आने का अनुमान है। सितंबर में दर्ज किए गए 90K के आंकड़े के मुकाबले अक्टूबर में ADP रोजगार परिवर्तन रिपोर्ट में निजी क्षेत्र में 69K नई नौकरियों के सृजन की संभावना जताई गई है। इसका आप पर असर अमेरिकी राजनीतिक अनिश्चितता और गिरते डॉलर के कारण वैश्विक बाजारों में वित्तीय परिसंपत्तियों की कीमतों में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। • भारत में प्रभाव: वैश्विक स्तर पर सोने की कीमतों में $4,050 तक की तेजी से घरेलू भारतीय सर्राफा बाजारों में भी सोने के आभूषण और सिक्के महंगे हो सकते हैं। आयातकों और आभूषण खरीदारों को आने वाले दिनों में बढ़ी हुई कीमतों और बजट की चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। • वैश्विक निवेशकों के लिए: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और डॉलर इंडेक्स के 101.25 पर आने से अंतरराष्ट्रीय निवेश पोर्टफोलियो में सुरक्षित परिसंपत्तियों का महत्व बढ़ गया है। निवेशकों को ट्रेजरी रिफंडिंग योजनाओं और आगामी रोजगार आंकड़ों के जारी होने तक आक्रामक मुद्रा सौदों से बचने की जरूरत है। • क्रिप्टो निवेशकों के लिए: बिटकॉइन के $78,000 और इथेरियम के $2,300 पार करने से डिजिटल परिसंपत्तियों में अल्पावधि गति मजबूत बनी हुई है। खुदरा व्यापारी मौजूदा तेजी के दौरान सतर्क रहकर अपने स्टॉप-लॉस स्तरों की निगरानी कर सकते हैं। • विदेशी मुद्रा व्यापारियों के लिए: USD/JPY के 158.00 से नीचे आने और AUD/USD के 0.6965 पर टिकने से मुद्रा विनिमय दरों में अस्थिरता बढ़ गई है। अंतरराष्ट्रीय लेनदेन या यात्रा की योजना बना रहे लोगों को विनिमय दरों में त्वरित बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में संभावित राजनीतिक गतिरोध और आर्थिक आंकड़ों के कमजोर अनुमानों ने डॉलर पर चौतरफा दबाव बनाया है। • चुनावी परिणाम और गतिरोध: कांग्रेस के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की जीत से विधायी फैसले अटकने और सरकारी शटडाउन की आशंकाएं गहरी हो गई हैं। इससे नीतिगत स्तर पर अनिश्चितता पैदा हुई, जिसने निवेशकों को डॉलर की तुलना में सुरक्षित संपत्तियों की ओर धकेल दिया। • फेड और बॉन्ड यील्ड की स्थिति: सुरक्षित संपत्तियों में पूंजी प्रवाह बढ़ने से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज गिरावट दर्ज की गई। यील्ड में इस नरमी ने फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी के प्रभाव को पूरी तरह निष्प्रभावी कर दिया। • रोजगार बाजार में नरमी के संकेत: ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा निजी क्षेत्र में 69K नई नौकरियों का अनुमान लगाया गया है, जो सितंबर के 90K से काफी कम है। श्रम बाजार में इस सुस्ती के पूर्वानुमान ने मुद्रा बाजार की धारणा को कमजोर किया। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद डॉलर सूचकांक किस स्तर तक गिरा? रात के कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर सूचकांक यानी DXY फिसलकर 101.25 के निचले स्तर तक पहुंच गया। 2. सोने की कीमतों में यूरोपीय सत्र के दौरान क्या हलचल देखी गई? डॉलर में कमजोरी के चलते सोना अपने साप्ताहिक उच्चतम स्तरों को छूते हुए लगभग $4,050 के आंकड़े तक पहुंच गया। 3. क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन और इथेरियम किस स्तर पर कारोबार कर रहे हैं? बुधवार को बिटकॉइन $78,000 के ऊपर रहा, जबकि इथेरियम $2,300 से अधिक के स्तर पर कारोबार करता देखा गया। 4. अक्टूबर महीने के लिए निजी नौकरियों का क्या अनुमान लगाया गया है? ADP रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर में निजी क्षेत्र में 69K नई नौकरियों के सृजन का अनुमान है, जो सितंबर की 90K नौकरियों से कम है। 5. जापानी येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की स्थिति कैसी रही? USD/JPY गिरकर 158.00 से नीचे आ गया, जबकि AUD/USD दो सप्ताह के निचले स्तर से उबरकर 0.6965 के करीब स्थिर रहा। https://trendkia.com/market/us-madhyavadhi-chunava-natijon-ke-bicha-dollar-para-dabava-gold-aura-crypto-chamake-56489 TrendKia — Har trend, sabse pehle.