अमेरिकी महंगाई के झटके के बीच ब्रिटिश पाउंड में मजबूती, ब्रिटेन की मजबूत जीडीपी ग्रोथ ने संभाला मोर्चा अमेरिकी मुद्रास्फीति में बढ़ोतरी के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें बढ़ गई हैं, लेकिन ब्रिटेन के बेहतर आर्थिक आंकड़ों के दम पर ब्रिटिश पाउंड 1.35 के स्तर पर मजबूती से टिका हुआ है। अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बाद बाजार में मची हलचल के बावजूद ब्रिटिश पाउंड मजबूती के संकेत दे रहा है। लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, GBP/USD जोड़ी वर्तमान में 1.35 के स्तर पर कारोबार कर रही है, जो अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के बाद आई शुरुआती गिरावट से उबरने की कोशिश को दर्शाती है। पाउंड की इस स्थिरता के पीछे मुख्य वजह ब्रिटेन (UK) के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के बेहतर आंकड़े हैं, जिसने बैंक ऑफ इंग्लैंड (BoE) के महत्वपूर्ण नीतिगत फैसले से पहले निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है और ब्रिटिश पाउंड को एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान किया है। अमेरिकी महंगाई के आंकड़े और फेड की ब्याज दरों पर प्रभाव अगस्त महीने के लिए जारी अमेरिकी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों ने वैश्विक बाजारों में हलचल तेज कर दी है। मासिक आधार पर अमेरिकी महंगाई में 0.4% की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि वार्षिक आधार पर यह 3.4% की दर से बढ़ी है। ये दोनों ही आंकड़े अर्थशास्त्रियों के पहले से लगाए गए अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप रहे हैं। हालांकि, कोर CPI (जिसमें खाद्य और ऊर्जा जैसी उतार-चढ़ाव वाली वस्तुओं को शामिल नहीं किया जाता है) मासिक आधार पर 0.3% बढ़ी है, जो कि 0.2% के अनुमान से थोड़ा अधिक है। पिछले बारह महीनों की अवधि में कोर CPI 2.4% पर स्थिर रही है, जो जुलाई के आंकड़ों के समान है और बाजार की उम्मीदों के अनुकूल है। इन आंकड़ों के जारी होने के तुरंत बाद मनी मार्केट में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब इस बात की 88% संभावना जताई जा रही है कि फेडरल रिजर्व अपनी आगामी बैठक में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे फेड फंड रेट बढ़कर 3.75% से 4.00% की सीमा में पहुंच जाएगा। गौरतलब है कि महज एक दिन पहले तक बाजार में इस बात की केवल 60% संभावना ही जताई जा रही थी। इस नीतिगत बदलाव की उम्मीद ने शुरुआत में अमेरिकी डॉलर को मजबूती दी, लेकिन यह तेजी ज्यादा समय तक टिक नहीं पाई। छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की ताकत को मापने वाला अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY) 99.00 के आसपास बना हुआ है, जिसमें केवल 0.05% की मामूली गिरावट देखी गई है। अमेरिकी उपभोक्ताओं का गिरता भरोसा और महंगाई की आशंकाएं फेड की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं के बीच अमेरिकी उपभोक्ताओं के भरोसे में गिरावट दर्ज की गई है। सितंबर के लिए मिशिगन यूनिवर्सिटी के कंज्यूमर सेंटीमेंट सर्वे के अनुसार, उपभोक्ता विश्वास सूचकांक पिछले महीने के 51.7 से घटकर 47.8 पर आ गया है, जो कि 51 के अनुमानित आंकड़े से काफी कम है। इस सर्वे की निदेशक जोआन सू के अनुसार, ईंधन की कीमतों में दोबारा हो रही बढ़ोतरी और व्यापारिक तनावों के चलते आम उपभोक्ताओं को आने वाले समय में अपनी जेब पर अतिरिक्त दबाव की आशंका सता रही है। यही कारण है कि उनके विश्वास में यह कमी देखी गई है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं के बीच महंगाई को लेकर भविष्य की चिंताएं भी बढ़ी हैं। आने वाले एक साल के लिए मुद्रास्फीति की उम्मीदें तेजी से बढ़कर 4.6% हो गई हैं, जो पहले 4% पर थीं। वहीं, लंबे समय यानी अगले पांच वर्षों के लिए महंगाई का अनुमान भी एक दशक के दसवें हिस्से की मामूली बढ़त के साथ 3.3% से बढ़कर 3.4% पर पहुंच गया है। इन बढ़ते अनुमानों से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिकी नागरिक लंबे समय तक महंगाई के दबाव का सामना करने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं, जिससे फेडरल रिजर्व पर नीतिगत कड़ाई जारी रखने का दबाव और अधिक बढ़ सकता है। GBP/USD का विस्तृत तकनीकी विश्लेषण और लाइव मार्केट डेटा तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो GBP/USD जोड़ी 1.35 के स्तर पर ट्रेड कर रही है, जो कि पिछले बंद स्तर 1.36 से 0.19% की गिरावट को दर्शाती है। इस मामूली गिरावट के बावजूद यह जोड़ी अभी भी एक मजबूत बुलिश ट्रेंड के दायरे में बनी हुई है, क्योंकि इसका भाव घने तकनीकी सपोर्ट जोन से ऊपर बना हुआ है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान इस जोड़ी ने 1.30 से 1.38 की सीमा के भीतर कारोबार किया है। वर्तमान में एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के विश्लेषण से पता चलता है कि EMA20 और EMA50 दोनों ही 1.35 के स्तर पर केंद्रित हैं, जबकि दीर्घकालिक EMA200 का स्तर 1.34 पर है। यह स्थिति चार्ट पर एक गोल्डन क्रॉस की पुष्टि करती है, जिसमें अल्पावधि के मूविंग एवरेज दीर्घकालिक एवरेज से ऊपर बने हुए हैं, जो कि बाजार के लिए एक सकारात्मक संकेत है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 50 के स्तर पर है, जो दर्शाता है कि बाजार में मोमेंटम पूरी तरह से न्यूट्रल है। इसका मतलब है कि खरीदार निचले स्तरों पर बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी उनमें किसी मजबूत दिशा में जाने का पूरा भरोसा नहीं दिख रहा है। ट्रेंड की ताकत को मापने वाला एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स (ADX) 19 पर है, जो एक कमजोर या रेंज-बाउंड मार्केट की ओर इशारा करता है। वहीं बोलिंजर बैंड्स (20,2) के आंकड़े बताते हैं कि ऊपरी सीमा 1.37 और निचली सीमा 1.35 के आसपास है, जिससे इस जोड़ी को 1.35 पर तत्काल सपोर्ट और 1.37 पर रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ सकता है। दैनिक उतार-चढ़ाव को मापने वाला ATR वर्तमान में 0.01 पर है, जिसका उपयोग निवेशक स्टॉप-लॉस बफर के रूप में कर सकते हैं। वैश्विक मुद्रा बाजारों और गोल्ड में हलचल ब्रिटिश पाउंड के अलावा अन्य प्रमुख वैश्विक मुद्राओं और कमोडिटी बाजारों में भी महत्वपूर्ण उतार-चढ़ाव देखा गया है। एशियाई व्यापारिक सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD/USD) 0.7100 के मध्य स्तर के पास अपनी गिरावट को रोकने में सफल रहा। इससे पहले अमेरिकी प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के मजबूत आंकड़ों ने डॉलर को मजबूती दी थी और ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को पिछले एक सप्ताह के निचले स्तर पर धकेल दिया था। हालांकि, रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा नीतिगत दरों में कड़ाई जारी रखने की उम्मीदों ने इस गिरावट को सीमित कर दिया। दूसरी ओर, जापानी येन में डॉलर के मुकाबले मजबूती देखी गई और USD/JPY का भाव एशियाई सत्र में गिरकर 154.00 के करीब आ गया। जापान के मजबूत घरेलू PPI आंकड़ों के कारण बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा भविष्य में आक्रामक रुख अपनाने की संभावना बढ़ गई है, जिससे जापानी मुद्रा को मजबूती मिली है। कमोडिटी बाजार में, गोल्ड ने गुरुवार की गिरावट से उबरते हुए एक बार फिर सकारात्मक शुरुआत की है और इसका भाव $4,440 प्रति ट्रॉय औंस के महत्वपूर्ण स्तर पर वापस जाने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी डॉलर में आई मामूली कमजोरी ने सोने के खरीदारों को एक बार फिर बाजार में सक्रिय होने का अवसर दिया है। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्रा बाजारों में पाउंड की इस स्थिरता का भारतीय आयातकों और विदेशी निवेशकों पर सीधा असर पड़ सकता है। • विदेशी निवेश पर प्रभाव: ब्रिटिश अर्थव्यवस्था में दिख रही मजबूती भारतीय आईटी कंपनियों और ब्रिटेन में कारोबार करने वाली कंपनियों के लिए बेहतर कारोबारी अवसर पैदा करेगी। इसका मतलब है कि वहां भारतीय निवेश की वैल्यू में स्थिरता बनी रहेगी। • फॉरेक्स ट्रेडिंग में अवसर: लाइव सपोर्ट स्तर 1.35 और रेसिस्टेंस 1.37 के बीच सीमित दायरे में कारोबार होने से शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को कम जोखिम के साथ पोजिशन बनाने का मौका मिल सकता है। इससे भारतीय विदेशी मुद्रा व्यापारी रेंज-बाउंड ट्रेडिंग रणनीतियों का लाभ उठा सकते हैं। • घरेलू मुद्रा पर असर: अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की 88% संभावना से भारतीय रुपये पर भी दबाव बढ़ सकता है, जिससे विदेशों में पढ़ाई और यात्रा महंगी हो सकती है। इसका सीधा असर भारतीय परिवारों के विदेशी खर्चों पर पड़ेगा। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों और ब्रिटेन की बेहतर आर्थिक प्रगति के अनूठे तालमेल ने इस बाजार परिदृश्य को जन्म दिया है। • अमेरिकी महंगाई में उछाल: अगस्त महीने में मुख्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में 0.4% की बढ़ोतरी और कोर महंगाई में उम्मीद से अधिक 0.3% की तेजी ने डॉलर को शुरुआती मजबूती दी। इस कारण फेड द्वारा आगामी बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना 60% से बढ़कर 88% हो गई है। • ब्रिटेन की मजबूत जीडीपी: ब्रिटेन के हालिया आर्थिक आंकड़ों में उम्मीद से बेहतर जीडीपी विकास दर दर्ज की गई है। इस मजबूत आर्थिक बुनियाद ने अमेरिकी डॉलर की आक्रामक मजबूती के सामने पाउंड को टूटने से बचा लिया। • घटता अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास: मिशिगन यूनिवर्सिटी के सर्वे में ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण उपभोक्ता सेंटीमेंट का 51.7 से घटकर 47.8 पर आ जाना अमेरिकी अर्थव्यवस्था के लिए एक चिंताजनक संकेत है। इससे निवेशकों ने डॉलर में बहुत लंबी तेजी की उम्मीद छोड़ दी, जिससे पाउंड को वापस उबरने का मौका मिल गया। सवाल-जवाब 1. GBP/USD की वर्तमान लाइव ट्रेडिंग कीमत क्या है? लाइव बाजार डेटा के अनुसार, GBP/USD वर्तमान में 1.35 पर कारोबार कर रहा है, जिसमें पिछले बंद स्तर 1.36 के मुकाबले 0.19% की गिरावट देखी गई है। 2. अगस्त के लिए अमेरिकी महंगाई दर के आंकड़े क्या रहे? अगस्त में हेडलाइन CPI मासिक आधार पर 0.4% और वार्षिक आधार पर 3.4% बढ़ी, जबकि कोर CPI में मासिक आधार पर 0.3% की वृद्धि हुई। 3. अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों के बाद फेड की दरों में बढ़ोतरी की क्या संभावना है? महंगाई के आंकड़ों के बाद, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की संभावना 60% से बढ़कर 88% हो गई है। 4. ब्रिटिश पाउंड के लिए मुख्य तकनीकी सपोर्ट और रेसिस्टेंस स्तर क्या हैं? लाइव डेटा के अनुसार, पाउंड के लिए तत्काल सपोर्ट स्तर 1.35 पर और रेसिस्टेंस स्तर 1.37 पर बना हुआ है, जबकि इसकी 52-हफ्तों की ट्रेडिंग रेंज 1.30 से 1.38 के बीच है। https://trendkia.com/market/us-mahngai-ke-jhatake-ke-bicha-british-pound-men-majabuti-uk-ki-majabuta-gdp-growth-ne-snbhala-morcha-31218 TrendKia — Har trend, sabse pehle.