अमेरिकी शेयर बाजार वायदा में गिरावट, बॉन्ड यील्ड में उछाल और ईरान पर कड़े प्रतिबंधों से डरे निवेशक अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में रिकॉर्ड बढ़ोतरी और ईरान पर अमेरिका द्वारा नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा से वॉल स्ट्रीट वायदा कारोबार में दबाव देखा जा रहा है। निवेशक आगामी आर्थिक आंकड़ों और फेडरल रिजर्व के रुख का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी शेयर बाजार का वायदा कारोबार सोमवार को गिरावट के साथ शुरू हुआ। दुनिया भर के निवेशकों में अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड के लगातार बढ़ने और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव को लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है। वॉल स्ट्रीट के लिए पिछला सप्ताह भी काफी निराशाजनक रहा था, जहां प्रमुख सूचकांकों में 1 से 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। इस बीच, 30 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड 20 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है, जबकि 10 वर्षीय यील्ड भी 20 महीने के उच्च स्तर पर कारोबार कर रही है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और ईरान पर अमेरिका द्वारा अब तक के सबसे सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी ने बाजार में अनिश्चितता का माहौल और बढ़ा दिया है। वायदा बाजार के ताजा आंकड़े और प्रमुख सूचकांकों की स्थिति सोमवार को शुरुआती कारोबार के दौरान डाउ जोन्स फ्यूचर्स में 23 अंक यानी लगभग 0.043 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 53,328 के स्तर के पास कारोबार करता दिखा। इसी तरह, टेक-हैवी नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में 100 से अधिक अंकों की बड़ी गिरावट आई और यह 29,260 के स्तर के आसपास संघर्ष करता नजर आया। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स भी इस दबाव से अछूता नहीं रहा और 8 अंक फिसलकर 7,683.25 के स्तर पर आ गया। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब 17 से 21 अगस्त वाले पिछले कारोबारी सप्ताह में भी अमेरिकी बाजारों ने काफी नुकसान उठाया था। उस हफ्ते डाउ जोन्स 386.10 अंक या 0.72 प्रतिशत टूट गया था। एसएंडपी 500 सूचकांक में 116.31 अंक या 1.49 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी। सबसे ज्यादा नुकसान नैस्डैक को हुआ था, जो 604.20 अंक यानी 2.3 प्रतिशत तक क्रैश कर गया था। वर्तमान में, डाउ जोन्स 53,277 पर, नैस्डैक कंपोजिट 26,180 के आसपास और एसएंडपी 500 सूचकांक 7,674 के स्तर पर बना हुआ है। ट्रेजरी यील्ड में रिकॉर्ड उछाल और वैश्विक असर अमेरिकी शेयर बाजार पर सबसे बड़ा दबाव वैश्विक बॉन्ड मार्केट में बढ़ती यील्ड के कारण देखने को मिल रहा है। अमेरिका की 30 साल की ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.3 प्रतिशत पर पहुंच गई है, जो बीते दो दशकों में इसका उच्चतम स्तर है। वहीं 10 साल की बेंचमार्क यील्ड भी 20 महीने के शिखर पर पहुंच चुकी है। बॉन्ड यील्ड में उछाल की यह लहर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है। जापान, फ्रांस और जर्मनी जैसे प्रमुख विकसित देशों में भी ट्रेजरी यील्ड कई सालों के रिकॉर्ड स्तर पर कारोबार कर रही हैं। बॉन्ड यील्ड बढ़ने का सीधा मतलब होता है कि कंपनियों और सरकारों के लिए कर्ज लेना महंगा हो रहा है, जिससे इक्विटी बाजारों से पैसा निकलकर बॉन्ड की ओर जाने लगता है। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध और पश्चिम एशिया का तनाव भू-राजनीतिक मोर्चे पर, अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने ईरान के खिलाफ इतिहास के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाने की योजना का ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद से तेल आपूर्ति और व्यापारिक रास्तों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। ईरान ने अमेरिका के इस कदम की कड़ी निंदा की है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बघाई ने अमेरिकी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंधों की अमेरिकी घोषणा केवल एक देश के खिलाफ गैर-कानूनी आर्थिक युद्ध नहीं है, बल्कि यह संयुक्त राष्ट्र के सभी स्वतंत्र सदस्य देशों पर क्षेत्रीय संप्रभुता थोपने का प्रयास है।" ईरानी अधिकारियों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य में पहले से ही तेल के टैंकरों और जहाजों की आवाजाही पर गंभीर असर पड़ा है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। प्रतिबंधों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था पहले से ही भारी दबाव में है और नए प्रतिबंधों का असर चीन जैसे उसके प्रमुख व्यापारिक साझेदारों पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों की राय और बाजार के लिए आगे के संकेत बाजार के जानकार मानते हैं कि निवेशक इस समय दोहरे दबाव में हैं। एनरिच मनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पॉनमुडी आर का कहना है कि ईरान के खिलाफ नए अमेरिकी प्रतिबंधों की संभावना और लगातार बने भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को सीमित कर दिया है। वहीं, चॉइस ब्रोकिंग के टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट हितेश टेलर ने बताया कि वैश्विक संकेत काफी हद तक संतुलित नजर आ रहे हैं क्योंकि शुक्रवार को अमेरिकी बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। कच्चे तेल में संभावित प्रतिबंधों से पहले थोड़ी नरमी जरूर देखी गई है, लेकिन ब्रेंट क्रूड अभी भी 93 डॉलर प्रति बैरल के पास बना हुआ है। चार्ल्स श्वाब की साप्ताहिक रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि लंबी अवधि की बॉन्ड यील्ड ऊंची रहने के बावजूद इक्विटी बाजारों ने कुछ लचीलापन दिखाया है। रिपोर्ट के अनुसार, बाजार की अस्थिरता को मापने वाला इंडेक्स वीआईएक्स गिरकर आठ महीने के निचले स्तर पर आ गया था, जिससे संकेत मिलता है कि कुछ निवेशक मौजूदा व्यापक आर्थिक और भू-राजनीतिक माहौल के साथ तालमेल बिठा रहे हैं। इस सप्ताह की प्रमुख आर्थिक घटनाएं और कॉरपोरेट नतीजे निवेशक इस हफ्ते आने वाले कई बड़े आर्थिक आंकड़ों और कॉरपोरेट नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं। सोमवार को शिकागो फेड नेशनल एक्टिविटी इंडेक्स जारी किया जाएगा। इसके अलावा, हफ्ते के उत्तरार्ध में अमेरिकी जुलाई पीसीई मुद्रास्फीति रिपोर्ट और जैक्सन होल सम्मेलन में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श का बहुप्रतीक्षित भाषण होने वाला है। कॉरपोरेट नतीजों की बात करें तो टेक सेक्टर के दिग्गज एनवीडिया और मार्वल टेक्नोलॉजी की वित्तीय तिमाही के परिणाम इसी सप्ताह घोषित होंगे, जिस पर पूरे वॉल स्ट्रीट की नजरें टिकी हुई हैं। यदि ये नतीजे और मुद्रास्फीति के आंकड़े उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, तो बाजारों में और अधिक गिरावट देखने को मिल सकती है। इसका आप पर असर भारत में: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और कच्चे तेल के $93 के स्तर पर रहने से भारतीय शेयर बाजारों (निफ्टी/सेंसेक्स) पर दबाव बन सकता है और विदेशी निवेशकों (FIIs) की बिकवाली बढ़ सकती है। वैश्विक निवेशकों के लिए: वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड के 20 साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से इक्विटी पोर्टफोलियो में अस्थिरता बढ़ेगी और नए निवेश के लिए ब्याज दरों और मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार करना पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. सोमवार को अमेरिकी शेयर बाजार वायदा में गिरावट क्यों आई? अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में रिकॉर्ड उछाल और अमेरिका द्वारा ईरान पर इतिहास के सबसे सख्त प्रतिबंध लगाने की घोषणा के कारण निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल बना, जिससे वायदा बाजार टूट गया। 2. अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड किस स्तर पर पहुंच गई है? अमेरिका की 30 साल की ट्रेजरी यील्ड 5.3% पर पहुंच गई है जो 20 साल का उच्चतम स्तर है, जबकि 10 साल की यील्ड 20 महीने के शिखर पर है। 3. ईरान पर नए अमेरिकी प्रतिबंधों का क्या असर पड़ सकता है? नए प्रतिबंधों से ईरान की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा, होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति में बाधा आ सकती है और चीन जैसे उसके प्रमुख व्यापारिक साझेदार प्रभावित हो सकते हैं। 4. इस सप्ताह कौन से प्रमुख आर्थिक आंकड़े और इवेंट्स आने वाले हैं? इस हफ्ते जुलाई पीसीई मुद्रास्फीति रिपोर्ट, जैक्सन होल सम्मेलन में फेड चेयरमैन केविन वॉर्श का भाषण, और एनवीडिया व मार्वल टेक्नोलॉजी के तिमाही नतीजे आने वाले हैं। https://trendkia.com/market/us-market-futures-fall-as-treasury-yields-surge-and-iran-sanctions-loom-21072 TrendKia — Har trend, sabse pehle.