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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी होम लोन की दरें 3 साल के उच्चतम स्तर पर, चुनाव से ठीक पहले आवास संकट गहराया",
  "summary": "अमेरिका में 30 वर्षीय मॉर्गेज दरें बढ़कर 7.49 प्रतिशत पर पहुंच गई हैं, जिसने मुद्रास्फीति और भू-राजनीतिक तनाव के बीच गृह खरीदारों की मासिक लागत बढ़ा दी है।",
  "content": "अमेरिकी आवास बाजार में कर्ज की लागत नवंबर 2023 के बाद के अपने सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। लगातार बनी हुई महंगाई, ऊर्जा बाजारों में उथल-पुथल मचाने वाले ईरान संघर्ष और सरकारी बॉन्ड यील्ड में आई भारी तेजी ने मिलकर होम लोन को आम परिवारों की पहुंच से दूर कर दिया है। 30 वर्षीय फिक्स्ड मॉर्गेज की औसत दर उछलकर 7.49 प्रतिशत तक जा पहुंची है, जिससे घर खरीदने की योजना बना रहे लाखों नागरिकों के मासिक बजट पर सीधा असर पड़ा है। इस तेज उछाल ने मध्यवर्ती चुनावों से ठीक पहले देश के आर्थिक विमर्श को पूरी तरह बदलकर रख दिया है।\n\nबॉन्ड यील्ड में तेजी और कर्ज की वास्तविक लागत\nआमतौर पर यह समझा जाता है कि मॉर्गेज दरें पूरी तरह केंद्रीय बैंक के नीतिगत ब्याज दर फैसलों पर निर्भर करती हैं, लेकिन असल में होम लोन की दरें अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड मार्केट के दीर्घकालिक रुझानों, खासकर 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी नोट की यील्ड के आधार पर तय होती हैं। सोमवार को 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.3 प्रतिशत के पार निकल गई, जो पिछले 24 वर्षों का उच्चतम स्तर है। जब सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाला रिटर्न बढ़ता है, तो ऋणदाता वित्तीय जोखिमों की भरपाई के लिए अपनी कर्ज दरों में इजाफा कर देते हैं।\n\nबाजार में निवेशकों की चिंता लगातार बनी हुई महंगाई, आर्थिक वृद्धि की स्थिति और संघीय सरकार की भारी उधारी जरूरतों से उपजी है। जब सरकार को अपने बजट घाटे को पूरा करने के लिए बाजार से बड़े पैमाने पर कर्ज उठाना पड़ता है, तो पूंजी की लागत हर क्षेत्र के लिए महंगी हो जाती है। नेशनल एसोसिएशन ऑफ रियल्टर्स (NAR) के मुख्य अर्थशास्त्री लॉरेंस यूं ने इस संरचनात्मक दबाव को रेखांकित करते हुए कहा कि बढ़ता संघीय बजट घाटा निजी बचत का एक बड़ा हिस्सा खुद सोख रहा है, जिससे मॉर्गेज बाजार के लिए बहुत कम पूंजी बच रही है।\n\nईरान संघर्ष, ऊर्जा संकट और महंगाई का दबाव\nफरवरी के अंत में शुरू हुआ युद्ध, जिसमें अमेरिका, इजरायल और ईरान शामिल हैं, इस वित्तीय संकट के मुख्य कारणों में से एक बनकर उभरा है। पश्चिम एशिया से होने वाले ऊर्जा निर्यात में आई रुकावटों ने कच्चे तेल की कीमतों को भड़का दिया, जिसका सीधा असर परिवहन, औद्योगिक उत्पादन और उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों पर पड़ा। पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर्स (PCE) प्राइस इंडेक्स के आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में वार्षिक अमेरिकी मुद्रास्फीति 3.4 प्रतिशत पर पहुंच गई, जबकि फरवरी में यह 2.8 प्रतिशत थी। यह आंकड़ा केंद्रीय बैंक के 2 प्रतिशत के आधिकारिक लक्ष्य से काफी ऊपर बना हुआ है।\n\nईरान में संघर्ष छिड़ने के बाद से अब तक मॉर्गेज दरों में लगभग 1.4 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है। बॉन्ड बाजार में पूंजी लगाने वाले निवेशक बढ़ती महंगाई के जोखिम को संतुलित करने के लिए अधिक यील्ड की मांग कर रहे हैं। इस वित्तीय दबाव को आगे बढ़ाते हुए बैंक और हाउसिंग लेंडर्स आम खरीदारों से अधिक ब्याज वसूल रहे हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट का मानना है कि मुद्रास्फीति और मॉर्गेज दरों में आई यह तेजी सीधे तौर पर ईरान युद्ध से उपजे ऊर्जा झटके का परिणाम है। उनका कहना है कि जब इस संघर्ष का समाधान हो जाएगा, तो ऊर्जा बाजार में आपूर्ति सामान्य होगी और 10-वर्षीय यील्ड के साथ मॉर्गेज दरें भी नीचे आ जाएंगी। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बाद भी भारी-भरकम राष्ट्रीय कर्ज और बजट घाटा दरों को लंबे समय तक नीचे नहीं आने देगा।\n\n40 ट्रिलियन डॉलर का राष्ट्रीय कर्ज और वित्तीय संतुलन\nअमेरिकी अर्थव्यवस्था पर बढ़ता राष्ट्रीय कर्ज एक और बड़ा संकट खड़ा कर रहा है। हाल ही में अमेरिकी संघीय कर्ज ने ऐतिहासिक 40 ट्रिलियन डॉलर का स्तर पार कर लिया है। इस भारी कर्ज और लगातार बढ़ते बजट घाटे के कारण ट्रेजरी बॉन्ड की आपूर्ति लगातार बढ़ रही है। जब बाजार में सरकारी बॉन्ड की बाढ़ आ जाती है, तो खरीदारों को आकर्षित करने के लिए सरकार को अधिक ब्याज यानी ऊंची यील्ड की पेशकश करनी पड़ती है।\n\nयह स्थिति सीधे तौर पर हाउसिंग फाइनेंसिंग को प्रभावित करती है। जब सरकारी प्रतिभूतियां 5 प्रतिशत से अधिक का सुरक्षित रिटर्न दे रही हों, तो निजी क्षेत्र के मॉर्गेज बॉन्ड को निवेशकों से पूंजी जुटाने के लिए 7 से 8 प्रतिशत का ब्याज तय करना पड़ता है। इसका अंतिम बोझ उन आम नागरिकों पर पड़ता है जो 30 साल की अवधि के लिए होम लोन लेने की कोशिश कर रहे हैं।\n\nमॉर्गेज आवेदनों में भारी गिरावट और बाजार की सुस्ती\nबढ़ती ब्याज दरों ने पहले से ही महंगे रियल एस्टेट बाजार की कमर तोड़ दी है। मॉर्गेज बैंकर्स एसोसिएशन (MBA) के हालिया आंकड़ों के मुताबिक, साप्ताहिक आधार पर मॉर्गेज आवेदनों में 4.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो फरवरी 2025 के बाद का सबसे निचला स्तर है। जनवरी की तुलना में कुल आवेदन वॉल्यूम लगभग आधा रह गया है, जबकि पुराने लोन को रीफाइनेंस कराने की गतिविधि में ऐतिहासिक गिरावट आई है।\n\nएमबीए के मुख्य अर्थशास्त्री जोएल कान ने जमीनी हालात का विश्लेषण करते हुए बताया कि इन मौजूदा दरों पर किसी भी गृहस्वामी के लिए रीफाइनेंसिंग कराने का कोई वित्तीय औचित्य नहीं बचता, और उधारी लागत में आए इस उछाल ने बड़ी संख्या में संभावित खरीदारों को बाजार से कदम पीछे खींचने पर मजबूर कर दिया है। महामारी के दौरान जब ब्याज दरें 3 प्रतिशत के करीब थीं, तब जिन लोगों ने मकान खरीदे थे, वे अब अपने घर बेचने से पूरी तरह कतरा रहे हैं। इस स्थिति को मॉर्गेज लॉक-इन प्रभाव कहा जाता है, जिसके कारण बाजार में नए और पुराने घरों की इन्वेंट्री बेहद घट गई है।\n\nकेबी होम के कार्यकारी अध्यक्ष जेफरी मेजगर ने आवासीय निर्माण पर पड़ रहे असर की व्याख्या करते हुए कहा कि ऊंची मॉर्गेज ब्याज दरों ने सामर्थ्य पर भारी दबाव डाला है, और भू-राजनीतिक अनिश्चितता तथा व्यापक आर्थिक बाधाओं के साथ मिलकर संभावित खरीदारों को घर खरीदने के मामले में अधिक सतर्क बना दिया है। इस कमजोर मांग का असर अब आवासीय निर्माण, बिल्डर गतिविधियों और होम डेकोर व फर्निशिंग जैसे जुड़े हुए उद्योगों पर भी स्पष्ट दिखाई देने लगा है।\n\nप्रशासनिक वादे बनाम 7.49 प्रतिशत की जमीनी हकीकत\nहोम लोन दरों में आया यह उछाल राजनीतिक मोर्चे पर डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने अपने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव प्रचार में आवास लागत को कम करने और घरों को सस्ता बनाने को मुख्य चुनावी मुद्दा बनाया था। सितंबर 2024 में न्यूयॉर्क के इकोनॉमिक क्लब में भाषण देते हुए ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा था कि मॉर्गेज दरों को कम करना एक महत्वपूर्ण कारक है, और लक्ष्य इन्हें 3 प्रतिशत या उससे भी नीचे लाने का है।\n\nहालांकि मौजूदा आंकड़े चुनावी घोषणाओं के ठीक विपरीत दिशा में जा रहे हैं। फ्रेडी मैक के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2025 में जब ट्रंप ने व्हाइट हाउस में वापसी की, तब 30-वर्षीय मॉर्गेज की औसत दर 6.96 प्रतिशत थी। यह धीरे-धीरे गिरकर फरवरी 2026 के अंत में 5.98 प्रतिशत तक आ गई थी, लेकिन ईरान में युद्ध शुरू होते ही इसमें बेतहाशा तेजी आई और यह वर्तमान में 7.49 प्रतिशत तक पहुंच गई।\n\nहालांकि प्रशासन ने घरों की सामर्थ्य सुधारने के लिए कई नीतिगत कदम उठाए हैं। जनवरी में ट्रंप ने मॉर्गेज फाइनेंसिंग एजेंसियों फैनी मे और फ्रेडी मैक से 200 बिलियन डॉलर मूल्य की मॉर्गेज-बैक्ड सिक्योरिटीज खरीदने का आह्वान किया था ताकि फंडिंग लागत को कम किया जा सके। इसके साथ ही बड़े संस्थागत निवेशकों द्वारा एकल-परिवार वाले घरों की थोक खरीद पर अंकुश लगाने और आवास निर्माण से जुड़ी नियामक बाधाओं को कम करने के उपायों का भी समर्थन किया गया। इसके बावजूद, वित्तीय बाजारों की वास्तविकताओं ने इन प्रशासनिक घोषणाओं के असर को सीमित कर दिया है।\n\nकेंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति और ब्याज दरें\nअमेरिकी केंद्रीय बैंक यानी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति ने भी उधारी बाजार के दबाव को बढ़ाया है। सितंबर के महीने में फेड ने मुद्रास्फीति के दबाव को नियंत्रित करने के लिए 2023 के बाद पहली बार अपनी मानक ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की। नीति निर्माताओं ने संकेत दिया है कि साल के अंत से पहले एक और दर वृद्धि आवश्यक हो सकती है, हालांकि अक्टूबर के अंत में होने वाली बैठक में तुरंत किसी बदलाव की उम्मीद कम है।\n\nइस दर वृद्धि ने पूरे बैंकिंग तंत्र में नकदी की लागत को बढ़ा दिया है। एक तरफ सरकार जहां ब्याज दरों को नीचे लाकर आर्थिक विकास को गति देना चाहती है, वहीं दूसरी तरफ युद्ध के कारण बढ़ी ऊर्जा कीमतों और मुद्रास्फीति ने केंद्रीय बैंक के हाथ बांध दिए हैं। यह विरोधाभास दर्शाता है कि जब तक ऊर्जा संकट और वित्तीय असंतुलन का समाधान नहीं होता, तब तक दरों में टिकाऊ राहत की संभावना बेहद कम है।\n\nमध्यवर्ती चुनाव, युवा मतदाता और राजनीतिक प्रभाव\nमॉर्गेज दरों में यह बढ़ोतरी 3 नवंबर को होने वाले मध्यवर्ती चुनावों से ठीक चार हफ्ते पहले सामने आई है, जहां रिपब्लिकन पार्टी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट में अपना बहुमत बरकरार रखने के लिए संघर्ष कर रही है। सोमवार को पूरे हुए रॉयटर्स/इप्सॉस के एक जनमत सर्वेक्षण के अनुसार, अमेरिकी मतदाताओं के बीच जीवन-यापन की लागत सबसे प्रमुख चिंता बनी हुई है। इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग गिरकर 32 प्रतिशत के सर्वकालिक निचले स्तर पर आ गई है।\n\nयुवा मतदाताओं के लिए आवास का मुद्दा सबसे संवेदनशील है। जुलाई में प्रकाशित सीएनबीसी के एक सर्वेक्षण से पता चला कि 18 से 34 वर्ष की आयु के अमेरिकियों के लिए आवास सामर्थ्य सबसे बड़ी राजनीतिक प्राथमिकता है, जो खाद्य कीमतों और लोकतंत्र की रक्षा जैसे मुद्दों से भी आगे है। यह संकट पेंसिल्वेनिया, मिशिगन और टेक्सास जैसे राज्यों में निर्णायक साबित हो सकता है, जो कांग्रेस के नियंत्रण को तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं।\n\nनेशनल एसोसिएशन ऑफ रियल्टर्स के आंकड़ों के मुताबिक, लगभग 49 प्रतिशत अमेरिकी महानगरीय क्षेत्रों में 10 प्रतिशत डाउन पेमेंट के साथ मध्यम कीमत का घर खरीदने के लिए अब कम से कम 100,000 डॉलर की वार्षिक घरेलू आय की आवश्यकता होती है। वर्ष 2019 में यह आंकड़ा केवल 6 प्रतिशत महानगरीय क्षेत्रों तक सीमित था। डेमोक्रेट्स इन आंकड़ों को लेकर ट्रंप के आर्थिक प्रबंधन पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि रिपब्लिकन यह याद दिला रहे हैं कि आवास संकट और मुद्रास्फीति की शुरुआत जो बाइडन के कार्यकाल के दौरान हुई थी। हालांकि, मतदान से चार हफ्ते पहले मतदाता राजनीतिक बयानों के बजाय अपनी मासिक किस्तों और जेब पर पड़ने वाले वास्तविक बोझ के आधार पर निर्णय ले रहे हैं।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी मॉर्गेज दरों में आई इस तेज वृद्धि का सीधा असर घर खरीदने की योजना बना रहे लाखों परिवारों के मासिक बजट और कर्ज लेने की क्षमता पर पड़ा है।\n\n• मासिक किस्तों में बढ़ोतरी: होम लोन की औसत दर 7.49 प्रतिशत पर पहुंचने से नए खरीदारों की मासिक ईएमआई काफी बढ़ गई है। इससे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए 30 साल की अवधि का कर्ज चुकाना पहले की तुलना में काफी महंगा हो गया है।\n• खरीदारों की घटती क्षमता: 49 प्रतिशत महानगरीय क्षेत्रों में औसत कीमत का घर खरीदने के लिए अब कम से कम 100,000 डॉलर की वार्षिक पारिवारिक आय जरूरी हो गई है। जिन परिवारों की आय इस स्तर से कम है, उन्हें घर खरीदने की योजना टालनी पड़ रही है।\n• रीफाइनेंसिंग बाजार में मंदी: मौजूदा ऊंची दरों के कारण पुराने गृहस्वामियों के लिए अपने लोन को रीफाइनेंस कराने का कोई फायदा नहीं बचा है। कुल मॉर्गेज आवेदन मात्रा जनवरी की तुलना में लगभग आधी रह गई है।\n• इन्वेंट्री की कमी: जिन लोगों ने 3 प्रतिशत के आसपास की दरों पर लोन लिया था, वे अपने मकान बेचने से बच रहे हैं। इस लॉक-इन प्रभाव के कारण बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध घरों की संख्या में भारी गिरावट आई है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nअमेरिकी मॉर्गेज दरों में आई इस तेजी के पीछे 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड का 24 साल के उच्च स्तर पर पहुंचना, भू-राजनीतिक युद्ध के कारण बढ़ी ऊर्जा कीमतें और बढ़ता राष्ट्रीय कर्ज मुख्य वजह हैं।\n\n• ट्रेजरी यील्ड में उछाल: 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी नोट की यील्ड बढ़कर 5.3 प्रतिशत के पार पहुंच गई है। सरकारी बॉन्ड पर मिलने वाले उच्च रिटर्न के कारण ऋणदाताओं को मॉर्गेज दरों में भी बढ़ोतरी करनी पड़ी है।\n• ईरान युद्ध और ऊर्जा संकट: फरवरी के अंत में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच शुरू हुए संघर्ष ने कच्चे तेल की आपूर्ति को बाधित किया। इस कारण महंगाई दर बढ़कर 3.4 प्रतिशत हो गई, जिससे बॉन्ड निवेशकों ने अधिक यील्ड की मांग की।\n• 40 ट्रिलियन डॉलर का राष्ट्रीय कर्ज: अमेरिकी संघीय कर्ज के 40 ट्रिलियन डॉलर के पार जाने और बढ़ते बजट घाटे ने बाजार में बॉन्ड की आपूर्ति बढ़ा दी है। इस भारी उधारी के चलते वित्तीय बाजार में निजी कर्ज के लिए पूंजी महंगी हो गई है।\n• केंद्रीय बैंक की सख्त मौद्रिक नीति: मुद्रास्फीति के दबाव को देखते हुए फेडरल रिजर्व ने सितंबर में अपनी मानक ब्याज दर में 25 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि की। इस मौद्रिक सख्ती ने पूरी अर्थव्यवस्था में उधारी लागत को ऊंचा बनाए रखा है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अमेरिका में 30 वर्षीय मॉर्गेज दरें किस स्तर पर पहुंच गई हैं?\nमॉर्गेज बैंकर्स एसोसिएशन के अनुसार, 30 वर्षीय फिक्स्ड मॉर्गेज की औसत दर बढ़कर 7.49 प्रतिशत हो गई है, जो नवंबर 2023 के बाद का उच्चतम स्तर है।\n\n2. मॉर्गेज दरों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण क्या है?\nयह बढ़ोतरी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के 5.3 प्रतिशत के पार जाने, ईरान युद्ध से उपजी महंगाई और 40 ट्रिलियन डॉलर के बढ़ते संघीय कर्ज के कारण हुई है।\n\n3. क्या फेडरल रिजर्व सीधे तौर पर मॉर्गेज दरें तय करता है?\nनहीं, मॉर्गेज दरें सीधे केंद्रीय बैंक की दर से तय नहीं होतीं, बल्कि वे मुख्य रूप से 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड के आधार पर चलती हैं।\n\n4. ईरान संघर्ष शुरू होने के बाद से दरों में कितना बदलाव आया है?\nफरवरी के अंत में ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिकी मॉर्गेज दरों में लगभग 1.4 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।\n\n5. मॉर्गेज लॉक-इन प्रभाव क्या है?\nजब पुराने गृहस्वामी 3 प्रतिशत जैसी कम दरों वाले लोन को छोड़ने से बचने के लिए अपने घर नहीं बेचते, तो बाजार में नए घरों की आपूर्ति कम हो जाती है, जिसे लॉक-इन प्रभाव कहते हैं।\n\n6. मध्यम कीमत का घर खरीदने के लिए कितनी वार्षिक आय की आवश्यकता है?\nलगभग 49 प्रतिशत अमेरिकी महानगरीय क्षेत्रों में 10 प्रतिशत डाउन पेमेंट के साथ औसत घर खरीदने के लिए कम से कम 100,000 डॉलर की वार्षिक घरेलू आय आवश्यक है।",
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  "publishedAt": "2026-10-08",
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