# अमेरिकी मुद्रास्फीति में नरमी से ब्याज दरों में ठहराव के आसार, ब्रिटिश पाउंड को मिली नई ताकत

> अमेरिका में पीसीई मुद्रास्फीति के अनुमान से कम रहने के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में दरें स्थिर रखने की संभावना बढ़ गई है, जिससे अमेरिकी डॉलर पर दबाव बना और पाउंड स्टर्लिंग में सुधार देखा गया।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-30 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-mudrasphiti-men-narami-se-byaja-daron-men-thaharava-ke-asara-british-pound-ko-mili-nai-takata-40481 · **Language:** Hindi
**Tags:** विदेशी मुद्रा, पाउंड स्टर्लिंग, अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व, मुद्रास्फीति, बैंक ऑफ इंग्लैंड, ब्याज दरें, वित्त

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी मुद्रास्फीति के ताजा आंकड़ों ने केंद्रीय बैंकों की ब्याज दर नीतियों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। अमेरिका में व्यक्तिगत उपभोग व्यय यानी पीसीई मूल्य सूचकांक के आंकड़े उम्मीद से कम रहने के बाद मुद्रा बाजारों में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर की बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी न करने के कयास तेज हो गए हैं। इस घटनाक्रम के तुरंत बाद अमेरिकी डॉलर सूचकांक में सुस्ती दर्ज की गई, जिसका सीधा लाभ ब्रिटिश पाउंड को मिला और जीबीपी/यूएसडी विनिमय दर में सुधार का रुख देखा गया। साथ ही ब्रिटेन की आर्थिक वृद्धि के बेहतर आंकड़ों ने भी स्टर्लिंग को सहारा देने में अहम भूमिका निभाई है।

## अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़े और फेडरल रिजर्व का रुख
अमेरिका में अगस्त महीने के कोर पीसीई आंकड़े सालाना आधार पर 3 प्रतिशत दर्ज किए गए, जबकि विश्लेषकों का अनुमान 3.3 प्रतिशत का था। यह स्तर जुलाई के पिछले आंकड़े के बिल्कुल बराबर रहा। वहीं दूसरी ओर, मुख्य यानी हेडलाइन पीसीई सूचकांक सालाना आधार पर 3.4 प्रतिशत पर रहा, जो पिछले आंकड़े के समान था लेकिन बाजार द्वारा लगाए गए 3.7 प्रतिशत के उछाल के पूर्वानुमान से काफी कम रहा। मुद्रास्फीति की इस रफ्तार में कमी आने के संकेत मिलते ही बॉन्ड और मुद्रा बाजारों ने ब्याज दरों को लेकर अपने पूर्वानुमानों में तुरंत बदलाव करना शुरू कर दिया।

प्राइम टर्मिनल के अनुसार, इन आंकड़ों के जारी होने से पहले बाजार अक्टूबर की मौद्रिक नीति बैठक में दर वृद्धि की संभावना देख रहे थे, लेकिन अब धारणा तेजी से दरों को यथावत रखने की ओर झुक गई है। आंकड़ों के मुताबिक, 28 अक्टूबर की बैठक में दरों को स्थिर रखने की संभावना बढ़कर 66 प्रतिशत हो गई है, जबकि दर वृद्धि की संभावना घटकर लगभग 34 प्रतिशत रह गई है। इस बदलाव के असर से ग्रीनबैक पर दबाव बढ़ा और अमेरिकी डॉलर सूचकांक यानी डीएक्सवाई, जो दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति को मापता है, 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 101.29 पर आ गया।

## मजबूत विकास दर और नौकरियों के बीच डेटा निर्भरता
मुद्रास्फीति के नरम आंकड़ों के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था की बुनियादी मजबूती अभी भी बनी हुई है। वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के अंतिम आंकड़ों के अनुसार, अमेरिकी अर्थव्यवस्था 2.2 प्रतिशत की दर से बढ़ी है, जो पूर्व में लगाए गए 1.5 प्रतिशत के अनुमान से काफी अधिक है। इसके अलावा, निजी क्षेत्र के रोजगार पर नजर रखने वाले एडीपी आंकड़ों से पता चला कि सितंबर में निजी कंपनियों ने 90 हजार से अधिक लोगों को नियुक्त किया, जो 70 हजार के अनुमान से कहीं बेहतर है। विकास दर और श्रम बाजार के ये आंकड़े दर्शाते हैं कि अर्थव्यवस्था में अभी भी लचीलापन है, जिससे फेडरल रिजर्व का आगामी नीतिगत रुख पूरी तरह से आने वाले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर बना रहेगा।

## बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीति और पाउंड स्टर्लिंग का प्रदर्शन
दूसरी तरफ, ब्रिटेन की आर्थिक वृद्धि दर ने भी बाजार के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है, जिसने पाउंड स्टर्लिंग में सुधार को अतिरिक्त सहारा दिया। मुद्रा बाजारों के मौजूदा मूल्य निर्धारण के अनुसार, बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा 2026 के अंत तक लगभग 33 आधार अंकों की नीतिगत सख्ती की उम्मीद की जा रही है, जबकि अगले वर्ष के अंत तक यह आंकड़ा 100 आधार अंकों से अधिक की सख्ती तक पहुंच सकता है। इस महीने विभिन्न प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले प्रदर्शन को देखें तो ब्रिटिश पाउंड सबसे अधिक मजबूती न्यूजीलैंड डॉलर के सामने प्रदर्शित करने में सफल रहा है।

## तकनीकी विश्लेषण: जीबीपी/यूएसडी के प्रमुख स्तर
दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो जीबीपी/यूएसडी 1.3278 पर कारोबार कर रहा है। जोड़ी में मंदी का रुख बना हुआ है क्योंकि यह 1.3457 के आसपास केंद्रित लंबी अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज यानी एसएमए क्लस्टर और टूटी हुई ट्रेंड लाइनों के नीचे बनी हुई है, जो अब ऊपरी आपूर्ति स्तर का काम कर रही हैं। 14 दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 36.5 के स्तर पर ओवरसोल्ड क्षेत्र के ठीक ऊपर बना हुआ है, जिससे पता चलता है कि नीचे की ओर दबाव मौजूद है लेकिन पहले के सत्रों की तुलना में यह आक्रामक नहीं है।

ऊपरी स्तरों पर, पहला प्रतिरोध 1.3318 के पास नीचे की ओर जाने वाली ट्रेंड लाइन ब्रेक पर दिखाई देता है। इसके बाद अधिक महत्वपूर्ण प्रतिरोध 1.3437 के आसपास की रेजिस्टेंस ट्रेंड लाइन और 1.3457 के पास ट्रिपल एसएमए क्लस्टर के संगम पर स्थित है। यदि जोड़ी इससे ऊपर निकलती है, तो पूर्व में समर्थन रही ट्रेंड लाइनें अब लगभग 1.3536 और 1.3738 पर प्रतिरोध के रूप में काम करेंगी। मौजूदा भाव के नीचे स्पष्ट निकटवर्ती समर्थन की कमी के कारण, जब तक कोई नया आधार नहीं बनता, तब तक जोड़ी में और गिरावट की गुंजाइश बनी रह सकती है।

लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, जीबीपी/यूएसडी 1.33 पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 1.33 से 0.08 प्रतिशत अधिक है। जोड़ी का 52 सप्ताह का दायरा 1.30 से 1.38 के बीच रहा है और वर्तमान वॉल्यूम 20 दिवसीय औसत के 1.00 गुना पर है। तकनीकी संकेतकों में आरएसआई 33 पर है, जबकि एमएसीडी -0.01 पर सिग्नल लाइन -0.00 के मुकाबले मंदी के संकेत दे रहा है। 20, 50 और 200 दिनों के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 1.34 पर हैं, जबकि 50 दिवसीय एसएमए 1.35 और 200 दिवसीय एसएमए 1.34 पर है, जहां 50 दिवसीय ईएमए का 200 दिवसीय ईएमए से ऊपर गोल्डन क्रॉस मौजूद है। 20 दिवसीय बोलिंगर बैंड 1.32 से 1.36 के बीच है और एडीएक्स 32 पर ट्रेंडिंग स्थिति दर्शा रहा है। स्टोकैस्टिक में फास्ट लाइन 19 और सिग्नल लाइन 13 पर है, जबकि 14 दिवसीय एटीआर 0.01 पर है। प्रमुख स्तरों में पिवट 1.33, प्रतिरोध आर1 1.33 और आर2 1.34 तथा समर्थन एस1 1.32 और एस2 1.32 पर स्थित हैं।

## वैश्विक मुद्रा, कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार की हलचल
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अन्य संपत्तियों पर भी अमेरिकी आंकड़ों का असर दिखा। एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर प्रति अमेरिकी डॉलर यानी एयूडी/यूएसडी 0.6950 के पास दो महीने के निचले स्तर पर रहा, क्योंकि अगस्त के ऑस्ट्रेलियाई अंतर्निहित सीपीआई आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया द्वारा दरों में वृद्धि की उम्मीदें धूमिल हुईं। इसी दौरान चीनी पीएमआई आंकड़ों से भी ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को कोई खास सहारा नहीं मिल सका।

जापानी येन के मोर्चे पर, यूएसडी/जेपीवाई 157.00 के नीचे दबाव में रहा। बैंक ऑफ जापान के सख्त रुख की संभावनाओं और बाजार में संभावित हस्तक्षेप के जोखिमों ने कमजोर फैक्ट्री उत्पादन और खुदरा बिक्री के आंकड़ों के बावजूद येन को मजबूती दी। सोने के बाजार में, अमेरिकी सत्र की शुरुआत में मुद्रास्फीति के आंकड़ों के बाद सोना 4,220 डॉलर तक पहुंचा, लेकिन गति बरकरार न रहने के कारण यह 4,180 डॉलर के आसपास सपाट स्तर पर आ गया। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में, बिटकॉइन 83,000 डॉलर के तत्काल समर्थन को बचाने में जुटा रहा, जबकि इथेरियम 2,600 डॉलर के निचले और 2,700 डॉलर के ऊपरी स्तर के बीच सीमित रहा, और रिपल 1.50 डॉलर के करीब कारोबार करता दिखा। इसके अलावा, यूरो प्रति अमेरिकी डॉलर यानी ईयूआर/यूएसडी 1.1312 तक गिरकर मई 2025 के बाद के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया, जो जनवरी के 1.2082 के उच्च स्तर से काफी नीचे है।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी मुद्रास्फीति में नरमी और केंद्रीय बैंकों की बदलती ब्याज दर नीतियों का सीधा प्रभाव अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश और यात्रा लागतों पर पड़ता है।

- **मुद्रा विनिमय और यात्रा:** अमेरिकी डॉलर में नरमी और पाउंड में मजबूती से विदेश यात्रा करने वालों के बजट पर असर पड़ेगा। यदि आप ब्रिटेन की यात्रा की योजना बना रहे हैं तो खर्च थोड़ा बढ़ सकता है, जबकि अमेरिकी डॉलर आधारित खर्चों में मामूली राहत मिलेगी।
- **वैश्विक वित्तीय बाजार:** अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा दरें स्थिर रखने की संभावना 66 प्रतिशत तक पहुंचने से शेयर बाजारों और विदेशी मुद्रा कारोबारियों को अस्थिरता से निपटने का समय मिलेगा। इससे उभरते बाजारों और भारतीय परिसंपत्तियों में विदेशी संस्थागत निवेश के अचानक बाहर जाने का जोखिम कम होता है।
- **कमोडिटी और सोना:** ब्याज दरों में ठहराव की उम्मीदों के बीच सोने की कीमतें 4,180 से 4,220 डॉलर के दायरे में बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के स्थिर रहने से घरेलू बाजारों में भी आभूषणों और कीमती धातुओं की कीमतों में अचानक बड़ा उछाल आने की संभावना सीमित रहती है।
- **क्रिप्टोकरेंसी निवेशक:** ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता कम होने से डिजिटल परिसंपत्तियों को समर्थन मिल सकता है। हालांकि बिटकॉइन 83,000 डॉलर के स्तर पर संघर्ष कर रहा है, इसलिए निवेशकों को निकट अवधि में सतर्क रुख बनाए रखना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
अमेरिकी पीसीई मुद्रास्फीति के आंकड़ों का अनुमान से कम रहना इस नीतिगत और बाजार बदलाव का मुख्य कारण बना। इसके पीछे आर्थिक संकेतकों और केंद्रीय बैंक की प्राथमिकताओं की एक स्पष्ट श्रृंखला रही है।

- **मुद्रास्फीति में सुस्ती:** अमेरिका में अगस्त महीने का कोर पीसीई 3 प्रतिशत और हेडलाइन पीसीई 3.4 प्रतिशत रहा, जो विश्लेषकों के अनुमानों से काफी नीचे रहा। इस गिरावट ने संकेत दिया कि वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर केंद्रीय बैंक की पिछली सख्ती का असर दिख रहा है।
- **ब्याज दरों पर पुनर्विचार:** महंगाई के कम दबाव के कारण 28 अक्टूबर की फेडरल रिजर्व बैठक में ब्याज दरें न बढ़ाने की संभावना बढ़कर 66 प्रतिशत हो गई। बाजार पहले जहां दर वृद्धि की तैयारी कर रहा था, वहीं अब उसने अपना रुख दरों को यथावत रखने की ओर मोड़ लिया।
- **आर्थिक वृद्धि और रोजगार का समर्थन:** दूसरी तिमाही की अमेरिकी जीडीपी वृद्धि 2.2 प्रतिशत और सितंबर के एडीपी रोजगार 90 हजार से अधिक रहने के बावजूद कीमतों का न बढ़ना अर्थव्यवस्था के संतुलित होने का संकेत देता है। इसी संतुलन ने अमेरिकी डॉलर की तेजी पर रोक लगाई और अन्य मुद्राओं को उबरने का अवसर दिया।

## सवाल-जवाब

### 1. अगस्त में अमेरिकी कोर पीसीई मुद्रास्फीति कितनी रही?
अगस्त में अमेरिकी कोर पीसीई मुद्रास्फीति सालाना आधार पर 3 प्रतिशत रही, जो 3.3 प्रतिशत के अनुमान से कम और जुलाई के आंकड़े के बराबर थी।

### 2. फेडरल रिजर्व की अक्टूबर बैठक को लेकर बाजार का क्या अनुमान है?
प्राइम टर्मिनल के अनुसार, 28 अक्टूबर की बैठक में ब्याज दरों को स्थिर रखने की संभावना 66 प्रतिशत और दर वृद्धि की संभावना लगभग 34 प्रतिशत है।

### 3. अमेरिकी अर्थव्यवस्था की दूसरी तिमाही की विकास दर क्या रही?
वर्ष 2026 की दूसरी तिमाही के अंतिम आंकड़ों में अमेरिकी अर्थव्यवस्था 2.2 प्रतिशत बढ़ी, जो 1.5 प्रतिशत के पूर्वानुमान से अधिक रही।

### 4. जीबीपी/यूएसडी के लिए तात्कालिक तकनीकी प्रतिरोध स्तर कौन से हैं?
जोड़ी के लिए पहला प्रतिरोध 1.3318 पर है, जिसके बाद 1.3437 और 1.3457 के संगम पर मजबूत बाधा स्थित है।

### 5. सोने और बिटकॉइन की कीमतों की मौजूदा स्थिति क्या है?
सोना 4,220 डॉलर का स्तर छूने के बाद 4,180 डॉलर के पास सपाट रहा, जबकि बिटकॉइन 83,000 डॉलर के समर्थन स्तर पर कारोबार कर रहा है।

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