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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी नौकरियों के सुस्त आंकड़ों से अक्टूबर ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदें घटीं, बॉन्ड यील्ड के दम पर डॉलर मजबूत",
  "summary": "सितंबर महीने में अमेरिका के कमजोर पेरोल और धीमी वेतन वृद्धि के कारण अक्टूबर फेडरल रिजर्व नीति बैठक में दर वृद्धि की संभावना तेजी से गिरी है, जबकि वैश्विक अनिश्चितता और उच्च यील्ड के चलते अमेरिकी डॉलर मजबूत बना हुआ है।",
  "content": "अमेरिकी रोजगार बाजार की रफ्तार धीमी पड़ने और वेतन वृद्धि में सुस्ती आने के बाद केंद्रीय बैंक की आगामी मौद्रिक नीति को लेकर वित्तीय बाजारों के समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। सितंबर महीने के कमजोर पेरोल आंकड़ों ने अक्टूबर में होने वाली फेडरल रिजर्व की बैठक में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की संभावनाओं को काफी हद तक कम कर दिया है। अब निवेशकों और वैश्विक विश्लेषकों का पूरा ध्यान आने वाले सितंबर उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी सीपीआई मुद्रास्फीति आंकड़ों पर टिक गया है। हालांकि श्रम बाजार की गति मंद पड़ने के बावजूद दीर्घावधि में नीतिगत सख्ती की संभावनाएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मुद्राओं, बॉन्ड यील्ड और परिसंपत्तियों में व्यापक हलचल देखी जा रही है।\n\nफेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक और ब्याज दरों का बदलता परिदृश्य\nश्रम बाजार के नए आंकड़ों के बाद अक्टूबर की फेडरल ओपन मार्केट कमेटी यानी एफओएमसी बैठक में दरों में बढ़ोतरी को लेकर बाजार का रुख काफी नरम पड़ा है। ब्लूमबर्ग डब्ल्यूआईआरपी के अनुसार पेरोल रिपोर्ट जारी होने के बाद 5 अक्टूबर तक अक्टूबर एफओएमसी बैठक में दर वृद्धि की संभावना गिरकर 20 प्रतिशत से नीचे आ गई, जबकि 25 सितंबर को यह संभावना 64 प्रतिशत आंकी जा रही थी। हालांकि इसके बावजूद वित्तीय बाजार 2026 के अंत तक एक और ब्याज दर वृद्धि को पूरी तरह मानकर चल रहे हैं। विश्लेषक एल्विन लीव का आकलन है कि अक्टूबर की नीतिगत बैठक में लगातार दूसरी बार ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना खारिज की जा सकती है, क्योंकि यह बैठक 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से एक सप्ताह से भी कम समय पहले पड़ रही है।\n\nदीर्घावधि के मौद्रिक रुख पर प्रकाश डालते हुए एल्विन लीव ने कहा कि दिसंबर 2026 और 2027 की पहली तिमाही में दो अतिरिक्त बढ़ोतरी देखने को मिल सकती हैं, जिसके बाद पूरे 2027 के लिए दरों को स्थिर रखा जाएगा। इस प्रकार तत्काल अक्टूबर में विराम मिलने के बावजूद आने वाले समय में वित्तीय कसावट जारी रहने का अनुमान बना हुआ है।\n\nबॉन्ड यील्ड और सुरक्षित निवेश के बीच वैश्विक मुद्राओं का हाल\nअक्टूबर में दर वृद्धि की घटती संभावनाओं के बावजूद फिक्स्ड इनकम बाजार में लगातार बिकवाली ने अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड को कई वर्षों के उच्चतम स्तर के करीब बनाए रखा है। उच्च बॉन्ड यील्ड और साथ ही भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं ने अमेरिकी डॉलर को अपनी मजबूती बरकरार रखने में अहम मदद दी है। एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान मंगलवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर यानी एयूडी/यूएसडी में गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले सप्ताह दो महीने के निचले स्तर से शुरू हुई दो दिवसीय रिकवरी थम गई। हालांकि इसी महीने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया यानी आरबीए द्वारा एक और ब्याज दर वृद्धि की उम्मीद ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा के लिए एक सहारा बन सकती है।\n\nदूसरी ओर मंगलवार सुबह यूरोपीय कारोबार के शुरुआती घंटों में अमेरिकी डॉलर बनाम जापानी येन यानी यूएसडी/जेपीवाई चढ़कर 158.00 के पार निकल गया। बैंक ऑफ जापान की आक्रामक नीतिगत अपेक्षाओं और संभावित सरकारी हस्तक्षेप के जोखिमों के बावजूद जापानी येन दबाव में नजर आया। जापान के आगामी आर्थिक आंकड़ों और बैंक ऑफ जापान की अस्पष्ट समय-सारणी के बीच येन 158.00 के आसपास डोल रहा है। इस बीच डॉलर साल के उच्चतम स्तर के करीब टिका हुआ है, जिससे इस जोड़ी को लगातार सहारा मिल रहा है।\n\nयूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने अनूठी नीतिगत चुनौती\nयूरोपीय सेंट्रल बैंक यानी ईसीबी भी इस समय एक जटिल असमंजस से जूझ रहा है। सामान्य परिस्थितियों में जब मुद्रास्फीति अपने तय लक्ष्य से लगभग दोगुनी रफ्तार पर चल रही हो, तो केंद्रीय बैंक के पास ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने का सीधा और स्पष्ट रास्ता होता है। लेकिन वर्तमान आर्थिक परिस्थितियां बिल्कुल सामान्य नहीं हैं। बॉन्ड बाजार में जारी उथल-पुथल और बढ़ती यील्ड पहले ही मौद्रिक सख्ती का एक बड़ा हिस्सा खुद पूरा कर रही है। बॉन्ड बाजार की इस स्वतः सख्ती ने ईसीबी के सामने एक कठिन दुविधा खड़ी कर दी है कि वह अपनी नीतियों को किस हद तक और कैसे कड़ा करे।\n\nसोने की कीमतों में सुधार और क्रिप्टोकरेंसी का रुख\nकमोडिटी बाजार में मंगलवार को सोने की कीमतों में अच्छी रिकवरी देखने को मिली। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई हल्की गिरावट ने डॉलर पर दबाव डाला, जिससे सोने को उबरने का मौका मिला। एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान सोना गिरकर 4,104 डॉलर प्रति औंस के दो महीने के निचले स्तर तक चला गया था। इसके बाद मजबूत वापसी करते हुए एक्सएयू/यूएसडी 0.82 प्रतिशत की दैनिक बढ़त के साथ लगभग 4,173 डॉलर के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।\n\nडिजिटल परिसंपत्तियों के क्षेत्र में बिटकॉइन ने सकारात्मक रुझान बनाए रखा और मंगलवार को 85,837 डॉलर पर कारोबार किया, जबकि बिकवाली करने वाले ट्रेडर रुझान पर दोबारा नियंत्रण पाने की होड़ में दिखे। ऑल्टकॉइन बाजार में भी बिटकॉइन के दायरे का असर दिखा, जहां एथेरियम 2,700 डॉलर के ऊपर सीमित दायरे में रहा और रिपल 1.50 डॉलर के अहम स्तर के इर्द-गिर्द घूमता रहा।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी रोजगार बाजार में सुस्ती और बॉन्ड यील्ड की मजबूती से वैश्विक बाजारों, विदेशी मुद्रा दरों और निवेश परिसंपत्तियों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।\n\n• वैश्विक निवेशकों पर प्रभाव: अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें न बढ़ाए जाने की संभावना से जोखिम वाली परिसंपत्तियों को अल्पकालिक राहत मिल सकती है। हालांकि 2026 के अंत तक और 2027 की शुरुआत में संभावित बढ़ोतरी के कारण उधारी की लागत लंबे समय तक ऊंची बनी रहेगी।\n• मुद्रा विनिमय दरों पर: अमेरिकी डॉलर के ऊंचे स्तर पर बने रहने से उभरते बाजारों और एशियाई मुद्राओं पर दबाव जारी रहेगा। आयातकों को महंगे डॉलर के चलते अधिक भुगतान करना पड़ सकता है, जिससे लागत बढ़ सकती है।\n• सोना और कमोडिटी खरीदारों के लिए: बॉन्ड यील्ड में हल्की गिरावट से सोने की कीमतों में 4,104 डॉलर के निचले स्तर से उछाल आया है। यदि यील्ड में और नरमी आती है तो सर्राफा बाजार में कीमतों को और सहारा मिल सकता है।\n• क्रिप्टो निवेशकों के लिए: बिटकॉइन के 85,837 डॉलर और एथेरियम के 2,700 डॉलर के पार टिके रहने से बाजार में स्थिरता का संकेत मिलता है। आने वाले अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों के आधार पर ही डिजिटल टोकनों की अगली बड़ी चाल तय होगी।\n\nऐसा क्यों हुआ\nअमेरिकी रोजगार वृद्धि की गति धीमी होने और औसत वेतन में नरमी आने के कारण यह नीतिगत बदलाव देखने को मिला है। सितंबर महीने के कमजोर पेरोल आंकड़ों ने दर्शाया कि श्रम बाजार की गति मंद पड़ रही है, जिससे केंद्रीय बैंक पर तुरंत दरें बढ़ाने का दबाव कम हुआ है।\n\n• श्रम बाजार में सुस्ती: सितंबर महीने के पेरोल और वेतन आंकड़ों ने अर्थव्यवस्था में मांग की गति मंद होने का स्पष्ट संकेत दिया। इस सुस्ती के चलते बाजार में अक्टूबर दर बढ़ोतरी की संभावना 64 प्रतिशत से लुढ़ककर 20 प्रतिशत से नीचे आ गई।\n• आगामी मध्यावधि चुनाव: 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से ठीक एक हफ्ते पहले अक्टूबर एफओएमसी बैठक पड़ रही है। चुनावों से ठीक पहले आक्रामक मौद्रिक कदम उठाने से बचने की नीतिगत प्राथमिकता ने भी इस संभावना को खारिज करने में भूमिका निभाई।\n• बॉन्ड बाजार का दबाव: फिक्स्ड इनकम सिक्योरिटीज में लगातार बिकवाली के कारण बॉन्ड यील्ड पहले से ही कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर है। बॉन्ड यील्ड में इस स्वतः बढ़ोतरी ने बाजार में वित्तीय कसावट लाने का काम पहले ही कर दिया है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अक्टूबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना कितनी रह गई है?\nसितंबर पेरोल आंकड़ों के बाद ब्लूमबर्ग डब्ल्यूआईआरपी के अनुसार अक्टूबर बैठक में दर वृद्धि की संभावना 64 प्रतिशत से गिरकर 20 प्रतिशत से नीचे आ गई है।\n\n2. विश्लेषकों के अनुसार फेडरल रिजर्व अगली दर बढ़ोतरी कब कर सकता है?\nप्रक्षेपण के अनुसार दिसंबर 2026 और 2027 की पहली तिमाही में दो दर बढ़ोतरी हो सकती हैं, जिसके बाद 2027 के शेष समय दरों को स्थिर रखा जा सकता है।\n\n3. सोने की कीमतों में मंगलवार को क्या बदलाव देखा गया?\nसोना एशियाई सत्र के दौरान 4,104 डॉलर के दो महीने के निचले स्तर तक गिरने के बाद 0.82 प्रतिशत सुधरकर 4,173 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।\n\n4. क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन किस स्तर पर कारोबार कर रहा है?\nबिटकॉइन 85,837 डॉलर के स्तर पर मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है, जबकि एथेरियम 2,700 डॉलर के ऊपर बना हुआ है।\n\n5. यूरोपीय सेंट्रल बैंक के सामने क्या दुविधा है?\nमुद्रास्फीति तय लक्ष्य से लगभग दोगुनी होने के बावजूद बॉन्ड बाजार की बढ़ती यील्ड पहले ही मौद्रिक सख्ती ला रही है, जिससे ईसीबी के लिए निर्णय लेना कठिन हो गया है।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-10-06",
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