# अमेरिकी रोजगार आंकड़ों से पहले सोने में सुस्ती, ब्याज दरों के फैसले पर टिकी सर्राफा बाजार की नजर

> अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट जारी होने से पहले अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना दबाव में बना हुआ है, जहां 4,100 से 4,200 डॉलर के बीच कड़ा मुकाबला देखा जा रहा है। रोजगार और मजदूरी के नए आंकड़े तय करेंगे कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में बढ़ोतरी का रुख अपनाता है या राहत देता है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-02 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-nonfarm-payrolls-se-pahale-gold-men-susti-byaja-daron-ke-phaisale-para-tiki-sarrapha-bajara-ki-najara-41657 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोना, फेडरल रिजर्व, अमेरिकी डॉलर, नॉन फार्म पेरोल, बॉन्ड यील्ड, सर्राफा बाजार, वित्त

अंतरराष्ट्रीय सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोने की चाल काफी सतर्क और सुस्त नजर आ रही है, जहां भाव 4,150 डॉलर के आसपास लाल निशान में कारोबार करते दिखे हैं। इस हफ्ते की शुरुआत से ही पीली धातु एक सीमित दायरे में फंसी हुई है और 4,200 डॉलर के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर को दोबारा हासिल करने की कई कोशिशें नाकाम रही हैं। बाजार के तमाम कारोबारी और विश्लेषक अब सितंबर महीने के अमेरिकी नॉन-फार्म पेरोल यानी रोजगार के आधिकारिक आंकड़ों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस आंकड़े का सीधा असर अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और डॉलर की मजबूती पर पड़ने वाला है। यदि रोजगार बाजार बहुत मजबूत साबित होता है, तो अक्टूबर में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंकाएं एक बार फिर जोर पकड़ सकती हैं, जिसका सीधा दबाव सोने की कीमतों पर पड़ेगा।

बीते कुछ कारोबारी सत्रों से सर्राफा बाजार में मंदी की स्थिति गहराती दिखी है, जिसमें सोना 4,100 डॉलर से लेकर 4,200 डॉलर के कड़े दायरे के बीच झूल रहा है। तकनीकी पैमाने पर दैनिक स्तर पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई में मंदी का रुख बना हुआ है, जबकि 4,100 डॉलर का निचला स्तर फिलहाल गिरावट को थामने का काम कर रहा है। इसी बीच अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड यानी बॉन्ड पर मिलने वाला मुनाफा तेजी से बढ़ा है। दस साल की अवधि वाले बेंचमार्क अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड गुरुवार को 5.344 प्रतिशत के स्तर तक पहुंच गई, जो साल 2002 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि शुक्रवार को यह यील्ड घटकर 5.25 प्रतिशत के आसपास आ गई है, लेकिन ऊंचे स्तरों पर बॉन्ड यील्ड का टिके रहना अमेरिकी डॉलर को लगातार सहारा दे रहा है। डॉलर सूचकांक इस समय करीब 17 महीने के उच्च स्तर के करीब बना हुआ है, जिससे बिना ब्याज देने वाले सोने में निवेशकों की दिलचस्पी सीमित हो गई है।

## रोजगार रिपोर्ट के दो अहम पहलू और बाजार के संभावित परिदृश्य
आगामी नौकरियों के आंकड़ों को देखते हुए बाजार में दो स्पष्ट दिशाएं बनती दिखाई दे रही हैं, जो आने वाले दिनों में सोने की दिशा तय करेंगी। विश्लेषकों का मानना है कि केवल रोजगार के कुल नए आंकड़ों पर नजर रखना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि मौसमी बदलावों और सरकारी नौकरियों की भर्ती के चलते मुख्य आंकड़ा कभी-कभी वास्तविक तस्वीर से अलग संकेत दे सकता है। यही कारण है कि बाजार के जानकार प्रति घंटे की औसत कमाई यानी वेतन वृद्धि की रफ्तार पर भी पैनी नजर बनाए हुए हैं, जिससे यह साफ होगा कि मुद्रास्फीति का दबाव कम हो रहा है या दोबारा बढ़ रहा है।

पहला परिदृश्य मंदी का है, जो सोने के लिए नकारात्मक साबित हो सकता है। यदि नॉन-फार्म पेरोल में 100,000 से अधिक नए रोजगार जुड़ने की पुष्टि होती है, बेरोजगारी दर 4.1 प्रतिशत के आसपास स्थिर रहती है और प्रति घंटे की औसत कमाई 0.3 प्रतिशत या उससे ज्यादा की रफ्तार से बढ़ती है, तो बाजार यह मान लेगा कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मांग बेहद मजबूत है। ऐसी स्थिति में फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में नीतिगत ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना काफी प्रबल हो जाएगी। नतीजतन, बॉन्ड यील्ड और अमेरिकी डॉलर में नई तेजी देखने को मिलेगी, जिसका सीधा नुकसान सोने के खरीदारों को उठाना पड़ेगा और कीमतें तेजी से नीचे फिसल सकती हैं।

दूसरा परिदृश्य तेजी का है, जो सोने को दोबारा रफ्तार दे सकता है। यदि नौकरियों का आंकड़ा 50,000 से नीचे गिर जाता है, बेरोजगारी दर बढ़कर 4.2 प्रतिशत की तरफ पहुंचती है और वेतन वृद्धि की गति धीमी पड़ती है, तो अमेरिकी श्रम बाजार में कमजोरी साफ दिखने लगेगी। ऐसे कमजोर आंकड़े फेडरल रिजर्व पर दरों में बढ़ोतरी टालने का दबाव बनाएंगे और अक्टूबर में दर वृद्धि की संभावना पूरी तरह खत्म हो सकती है। इस परिदृश्य में अमेरिकी डॉलर और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आएगी, जिससे सोने को मजबूत सहारा मिलेगा और यह 4,200 डॉलर के पार निकलकर एक ताजा उछाल दर्ज कर सकता है।

## सोने के लिए तकनीकी स्तर और सहारा देने वाले दायरे
चार्ट पर नजर डालें तो सोने के लिए नीचे की तरफ पहला तात्कालिक सहारा पूर्व बंद स्तर के पास 4,172 डॉलर के आसपास मौजूद है। यदि बिकवाली का दबाव बढ़ता है, तो एक मजबूत बुनियादी ढांचागत सहारा ऊपर की ओर झुकी हुई ट्रेंड लाइन पर लगभग 3,999 डॉलर के करीब बना हुआ है। जब तक यह 3,999 डॉलर का स्तर बरकरार है, तब तक लंबी अवधि की तेजी का ढांचा पूरी तरह नहीं टूटेगा।

ऊपर की ओर प्रतिरोध स्तरों की बात करें तो सोने के लिए पहली बाधा 100 दिनों के सिंपल मूविंग एवरेज यानी एसएमए पर 4,279 डॉलर के पास स्थित है। इसके बाद 50 दिनों का एसएमए 4,327 डॉलर पर दूसरा बड़ा रुकावट बिंदु है। यदि खरीदार इन दोनों स्तरों को पार करने में कामयाब होते हैं, तो सबसे अहम तकनीकी दीवार 200 दिनों के एसएमए पर 4,535 डॉलर पर मिलेगी। मौजूदा मंदी के दबाव को पूरी तरह बेअसर करने और लंबी अवधि में तेजी का रुख दोबारा स्थापित करने के लिए भाव को इस 4,535 डॉलर के स्तर के ऊपर टिकना बेहद आवश्यक होगा।

लाइव मार्केट आंकड़ों के संदर्भ में देखें तो कमोडिटी सत्र में सोने का भाव 4,203 डॉलर के आसपास दर्ज किया गया, जबकि इसका पिछला बंद 4,202 डॉलर था। बीते 52 हफ्तों के दौरान इसका कारोबार दायरा 3,843 डॉलर के निचले स्तर से लेकर 5,586 डॉलर के उच्चतम स्तर के बीच रहा है। दैनिक तकनीकी संकेतकों में 14-दिवसीय आरएसआई 37 के आसपास दर्ज है, जबकि एमएसीडी हिस्टोग्राम -22.28 के साथ नकारात्मक क्षेत्र में बना हुआ है, जो मंदी के जारी रहने का संकेत देता है। 20 दिनों का घातीय मूविंग एवरेज यानी ईएमए 4,313 डॉलर, 50 दिनों का ईएमए 4,348 डॉलर और 200 दिनों का ईएमए 4,436 डॉलर पर है। 50 दिनों के ईएमए का 200 दिनों के ईएमए से नीचे आना एक डेथ क्रॉस को दर्शाता है। बॉलिंगर बैंड्स का दायरा 4,143 डॉलर से 4,530 डॉलर के बीच बना हुआ है और 14-दिवसीय एवरेज ट्रू रेंज 92.77 डॉलर पर है, जो दैनिक उतार-चढ़ाव की सीमा को दर्शाती है।

## विदेशी मुद्रा और नीति निर्माण में रोजगार रिपोर्ट की अहमियत
अमेरिकी श्रम सांख्यिकी ब्यूरो द्वारा जारी की जाने वाली मासिक रोजगार रिपोर्ट विदेशी मुद्रा और जिंस बाजार के लिए सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक सूचकांक मानी जाती है। यह रिपोर्ट अमूमन हर महीने के पहले शुक्रवार को पिछले महीने के प्रदर्शन के आधार पर सार्वजनिक की जाती है। इस रिपोर्ट का मुख्य घटक नॉन-फार्म पेरोल होता है, जो कृषि क्षेत्र को छोड़कर अमेरिका में वेतनभोगी कर्मचारियों की संख्या में होने वाले शुद्ध बदलाव की गणना करता है। यह संख्या पूरी अर्थव्यवस्था के वास्तविक स्वास्थ्य का सीधा आईना होती है और आर्थिक नीति निर्माताओं के लिए मार्गदर्शक का काम करती है।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के पास दो मुख्य वैधानिक जिम्मेदारियां हैं: पहली, अर्थव्यवस्था में पूर्ण रोजगार को बढ़ावा देना और दूसरी, महंगाई दर को 2 प्रतिशत के सुरक्षित लक्ष्य पर बनाए रखना। जब पेरोल के आंकड़े अपेक्षा से अधिक आते हैं, तो इसका अर्थ होता है कि अधिक लोगों के पास काम है, उनकी आमदनी बढ़ रही है और वे बाजार में खर्च करने में सक्षम हैं। मजबूत रोजगार बाजार में अधिक मांग से महंगाई भड़कने का खतरा पैदा होता है, जिससे निपटने के लिए केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में इजाफा करता है। इसके विपरीत, यदि पेरोल के आंकड़े कमजोर आते हैं, तो यह मंदी और सुस्ती का संकेत देता है, जिसे संभालने के लिए फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती करता है ताकि सुस्त पड़े बाजार में नकदी और निवेश का प्रवाह बढ़ाया जा सके।

## अमेरिकी डॉलर और सोने की कीमतों के साथ विपरीत संबंध
नॉन-फार्म पेरोल के आंकड़ों का अमेरिकी डॉलर के साथ सीधा और सकारात्मक संबंध देखा जाता है। जब भी नौकरियों का आंकड़ा बाजार के अनुमान से बेहतर आता है, तो अमेरिकी मुद्रा में तेज उछाल देखने को मिलता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बेहतर रोजगार डेटा यह संकेत देता है कि फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति को कड़ा रखेगा और ब्याज दरों को ऊंचा बनाए रखेगा। ऊंची ब्याज दरें वैश्विक पूंजी को अमेरिकी डॉलर की ओर आकर्षित करती हैं। इसके विपरीत, कमजोर आंकड़े डॉलर पर दबाव डालते हैं।

दूसरी ओर, सोने और नॉन-फार्म पेरोल के बीच आमतौर पर एक नकारात्मक यानी उल्टा संबंध काम करता है। अनुमान से मजबूत रोजगार आंकड़े सोने की कीमतों पर भारी गिरावट का दबाव बनाते हैं। इस उलटे संबंध की दो मुख्य वजहें हैं। पहली वजह यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल और सोना जैसी प्रमुख वस्तुएं अमेरिकी डॉलर में आंकी जाती हैं। जब डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य विदेशी मुद्राओं के धारकों के लिए एक औंस सोना खरीदना अधिक महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग घटती है। दूसरी अहम वजह ब्याज दरें हैं। सोना किसी भी तरह का ब्याज या लाभांश नहीं देता है। जब रोजगार के मजबूत आंकड़े ऊंची ब्याज दरों का रास्ता साफ करते हैं, तो निवेशकों के लिए नकदी, सरकारी बॉन्ड और बैंक जमा में पैसा लगाना ज्यादा आकर्षक हो जाता है, जिससे वे सोने जैसे गैर-उपज वाले संपत्तियों से अपना पैसा निकालने लगते हैं।

हालांकि पेरोल रिपोर्ट केवल एक आंकड़े तक सीमित नहीं होती। कई मौकों पर ऐसा देखा गया है कि मुख्य पेरोल आंकड़ा अनुमान से अधिक रहने के बावजूद यदि प्रति सप्ताह की औसत कमाई का आंकड़ा उम्मीद से कम आता है, तो बाजार मुख्य आंकड़े की अनदेखी कर देता है। ऐसी स्थिति में घटती कमाई को मुद्रास्फीति में कमी के रूप में देखा जाता है और डॉलर की तेजी थम जाती है। इसके अलावा, श्रम भागीदारी दर और साप्ताहिक काम के औसत घंटे भी बाजार के रुझान को प्रभावित करते हैं, हालांकि इनका बड़ा असर अमूमन वित्तीय संकट या बड़े आर्थिक बदलावों के दौर में ही अधिक देखा जाता है।

## वैश्विक मुद्राओं की स्थिति और डॉलर की चौतरफा हलचल
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों की घोषणा से ठीक पहले वैश्विक मुद्रा बाजार में भी उठापटक देखने को मिल रही है। एशियाई कारोबारी सत्र में डॉलर में ऊंचे स्तरों से हल्का मुनाफावसूली का दौर देखा गया, जिससे अन्य प्रमुख मुद्राओं को कुछ राहत मिली। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर की जोड़ी सुधरकर 0.6950 के स्तर के पास लौटती दिखी है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को वैश्विक स्तर पर बढ़ती बॉन्ड यील्ड और महंगाई के जोखिमों के बीच नवंबर महीने में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की नई उम्मीदों से भी समर्थन मिला है।

वहीं दूसरी तरफ, डॉलर बनाम जापानी येन की जोड़ी 158.00 के स्तर के पास एक नए उत्प्रेरक की तलाश में संघर्ष करती नजर आई। टोक्यो में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक यानी मुद्रास्फीति के आंकड़े अनुमान से ज्यादा गर्म रहने के बाद और डॉलर में आई हल्की सुस्ती के चलते येन ने अपनी साप्ताहिक सीमा के ऊपरी छोर से पीछे हटना शुरू कर दिया। मुद्रा बाजार के सभी प्रतिभागी इन आंकड़ों से पहले अपनी पुरानी स्थितियों को समेटते नजर आ रहे हैं, जिसका मिला-जुला असर सभी वित्तीय परिसंपत्तियों पर पड़ रहा है।

## इसका आप पर असर
अमेरिकी रोजगार आंकड़ों और डॉलर की चाल का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय और घरेलू सर्राफा दरों पर पड़ता है, जिससे आभूषण खरीदारों और निवेशकों की लागत तय होती है।

- **भारतीय खुदरा खरीदारों पर:** यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरता है तो घरेलू सर्राफा बाजारों में कीमतें स्थिर या सस्ती हो सकती हैं। त्योहारी और शादियों के सीजन में खरीदारी की योजना बना रहे परिवारों को दरों पर नजर रखनी चाहिए।
- **जिंस और मुद्रा व्यापारियों के लिए:** रोजगार रिपोर्ट जारी होने के समय सोने और डॉलर में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। कमोडिटी फ्यूचर्स में काम करने वाले ट्रेडर्स को स्टॉप लॉस का कड़ाई से पालन करना चाहिए।
- **फिक्स्ड इनकम निवेशकों के लिए:** अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी से वैश्विक ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रह सकती हैं। इससे बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट और ऋण प्रतिभूतियों पर मिलने वाले रिटर्न मजबूत रहने की उम्मीद है।
- **पोर्टफोलियो विविधीकरण के संदर्भ में:** सोने में 4,100 डॉलर का दायरा एक महत्वपूर्ण समर्थन स्तर बना हुआ है। लंबी अवधि के निवेशक कीमतों में तेज गिरावट को चरणबद्ध संचय के अवसर के रूप में देख सकते हैं।

## ऐसा क्यों हुआ
सोने की कीमतों में जारी सुस्ती और 4,200 डॉलर के नीचे बने रहने का मुख्य कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का कई वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंचना और मजबूत डॉलर का दबाव है। निवेशक अमेरिकी श्रम बाजार के आंकड़ों से पहले बड़े दांव लगाने से बच रहे हैं।

- **बॉन्ड यील्ड में ऐतिहासिक उछाल:** 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.344 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो 2002 के बाद का उच्चतम स्तर है। ऊंची यील्ड के कारण निवेशकों का रुझान बिना ब्याज वाले सोने से हटकर सुरक्षित सरकारी ऋण पत्रों की ओर बढ़ा है।
- **अक्टूबर में ब्याज दर वृद्धि की आशंका:** अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर में नीतिगत दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। मजबूत रोजगार और वेतन वृद्धि के आंकड़े केंद्रीय बैंक को मौद्रिक नीति सख्त बनाए रखने का अवसर देते हैं।
- **डॉलर की 17 महीने की ऊंचाई:** अमेरिकी मुद्रा मजबूत होकर 17 महीने के उच्च स्तर के करीब टिकी हुई है। डॉलर महंगा होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में अन्य मुद्राओं में सोने की खरीद महंगी हो जाती है, जिससे मांग में सुस्ती आती है।
- **महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों से पहले मुनाफावसूली:** नॉन-फार्म पेरोल और औसत वेतन वृद्धि जैसे संवेदनशील आंकड़ों से पहले बड़े संस्थागत निवेशकों ने अपनी स्थिति को समेटना शुरू किया है। इस सतर्कता ने सोने को 4,100 से 4,200 डॉलर के एक सीमित दायरे में बांध दिया है।

## सवाल-जवाब

### 1. सोने की कीमतें इस हफ्ते किस दायरे में कारोबार कर रही हैं?
सोना इस हफ्ते 4,100 डॉलर से 4,200 डॉलर के दायरे में फंसा हुआ है और 4,150 डॉलर के करीब कारोबार कर रहा है।

### 2. अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का हालिया स्तर क्या रहा है?
अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5.344 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जो 2002 के बाद का उच्चतम स्तर है, और बाद में 5.25 प्रतिशत के आसपास दर्ज हुई।

### 3. नॉन-फार्म पेरोल रिपोर्ट में सोने के लिए मंदी का परिदृश्य क्या है?
यदि नई नौकरियों का आंकड़ा 100,000 पार करता है, बेरोजगारी दर 4.1% रहती है और वेतन 0.3% या अधिक बढ़ता है, तो ब्याज दर बढ़ने की आशंका से सोना गिर सकता है।

### 4. सोने के लिए तेजी का परिदृश्य कब बनेगा?
यदि नई नौकरियां 50,000 से कम रह जाएं, बेरोजगारी बढ़कर 4.2% हो और वेतन वृद्धि धीमी पड़े, तो अक्टूबर दर वृद्धि टलने से सोने में तेजी आ सकती है।

### 5. सोने के लिए प्रमुख तकनीकी समर्थन और प्रतिरोध स्तर कौन से हैं?
तात्कालिक समर्थन 4,172 डॉलर और ट्रेंड-लाइन समर्थन 3,999 डॉलर पर है, जबकि प्रतिरोध स्तर 4,279 डॉलर, 4,327 डॉलर और 4,535 डॉलर पर मौजूद हैं।

### 6. अमेरिकी डॉलर और सोने के बीच कैसा संबंध होता है?
अमेरिकी डॉलर और सोने के बीच आमतौर पर उल्टा संबंध होता है; मजबूत रोजगार आंकड़ों से डॉलर मजबूत होता है और सोने पर बिकवाली का दबाव बनता है।

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