US PCE डेटा से पहले 1.3660 के रेजिस्टेंस से फिसला पाउंड, GBP/USD पर दबाव बढ़ा ब्रिटिश पाउंड अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.3660 के रेजिस्टेंस स्तर को पार करने में नाकाम रहने के बाद 1.3620 के नीचे आ गया है। निवेशक अब अमेरिकी PCE मुद्रास्फीति आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले ब्रिटिश पाउंड में हालिया तेजी के बाद कुछ सुस्ती देखने को मिल रही है। 1.3660 का मजबूत रेजिस्टेंस स्तर पार न कर पाने के कारण GBP/USD की जोड़ी फिसलकर 1.3620 के स्तर से नीचे आ गई है। यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान पाउंड में हल्का नकारात्मक दबाव देखा गया, जिससे पिछले दिन हासिल की गई बढ़त का कुछ हिस्सा कम हो गया है। हालांकि, यह मुद्रा जोड़ी अभी भी अपने छह महीने के उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई है। बाजार प्रतिभागी अब अमेरिकी व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मूल्य सूचकांक के जारी होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो विनिमय दर की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। GBP/USD का तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण स्तर तकनीकी संकेतकों के आधार पर GBP/USD में अल्पकालिक रुझान अभी भी सकारात्मक बना हुआ है, भले ही ऊपरी स्तरों पर गति थोड़ी धीमी पड़ी हो। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) ओवरबॉट क्षेत्र से पीछे हटने के बाद 65 के आसपास बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि बाजार में खरीदारी की ताकत अभी भी कायम है। इसके साथ ही, मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस (MACD) संकेतक सकारात्मक क्षेत्र में बना हुआ है, जो इस तेजी के रुझान को मजबूती प्रदान करता है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, EMA20 और EMA50 दोनों 1.35 के स्तर पर हैं, जबकि EMA200 1.34 पर है, जो लंबी अवधि के अपट्रेंड और बुलिश क्रॉसओवर की पुष्टि करते हैं। यदि यह मुद्रा जोड़ी इंट्रा-वीक निचले स्तर 1.3620 से नीचे की ओर ब्रेकडाउन की पुष्टि करती है, तो इसके लिए 1.3565 के पुराने रेजिस्टेंस क्षेत्र तक फिसलने का रास्ता खुल जाएगा, जो 15 जुलाई और 17 अगस्त के उच्चतम स्तरों से जुड़ा हुआ है। इससे आगे गिरावट आने पर 1.3520 के आसपास अगला मुख्य डिमांड ज़ोन स्थित है, जो 17 अगस्त और 18 अगस्त के निचले स्तरों के करीब है। इसके विपरीत, ऊपर की ओर पहला मुख्य रेजिस्टेंस 1.3660 के हॉरिजॉन्टल स्तर पर है, जिसने पिछले छह महीनों में कई बार तेजी को रोका है। यदि पाउंड इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकने में सफल रहता है, तो फरवरी के उच्चतम स्तर 1.3716 से 1.3730 के बीच के लक्ष्य खुल सकते हैं। अमेरिकी PCE डेटा और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति अमेरिकी ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक एनालिसिस द्वारा बुधवार को 12:30 GMT पर जुलाई महीने के लिए पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) प्राइस इंडेक्स डेटा जारी किए जाने की उम्मीद है। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि यह डेटा दर्शाएगा कि मुद्रास्फीति का दबाव अभी भी फेडरल रिजर्व के 2% के वार्षिक लक्ष्य से काफी ऊपर बना हुआ है। अमेरिकी डॉलर के खरीदार इस महत्वपूर्ण आर्थिक रिपोर्ट के सामने आने तक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। इसके अलावा, निवेशकों की नजर जैक्सन होल सिम्पोजियम में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के संबोधन पर भी टिकी हुई है। फेडरल रिजर्व प्रमुख की टिप्पणियों से भविष्य की ब्याज दर नीति के बारे में महत्वपूर्ण संकेत मिलने की संभावना है। इसी समय दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के आंकड़ों का संशोधन भी जारी होना है, जो अमेरिकी अर्थव्यवस्था की सेहत का ताजा जायजा प्रस्तुत करेगा। वैश्विक मुद्रा बाजार का हाल और कमोडिटी रुझान मुद्रा बाजार के व्यापक प्रदर्शन को देखें तो आज ब्रिटिश पाउंड ने अन्य प्रमुख विदेशी मुद्राओं की तुलना में मिला-जुला रुख दिखाया है। करेंसी हीट मैप के आंकड़ों के मुताबिक, आज के कारोबार में ब्रिटिश पाउंड न्यूजीलैंड डॉलर के मुकाबले सबसे ज्यादा मजबूत साबित हुआ है। वहीं दूसरी ओर, मध्य पूर्व में बनी अनिश्चितता और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली किए जाने के कारण अमेरिकी डॉलर में हल्का सुधार देखा जा रहा है। इसका असर EUR/USD पर भी पड़ा है, जो यूरोपीय सत्र के दौरान 1.1650 के स्तर की ओर थोड़ा नरम पड़ा है। कमोडिटी और डिजिटल एसेट सेगमेंट में भी महत्वपूर्ण हलचल दर्ज की गई है। यूरोपीय ट्रेडिंग सेशन के दौरान सोने की कीमत 0.75% घटकर $4,620 प्रति औंस के करीब आ गई। इससे एक दिन पहले सोने ने $4,697 का नया तीन महीने का उच्चतम स्तर छुआ था। अमेरिका में PCE डेटा जारी होने से पहले सोने के व्यापारी भी नए दांव लगाने से बच रहे हैं। दूसरी तरफ, हाइपरलिक्विड (HYPE) में 4% की बढ़त दर्ज की गई है और इसके खरीदार इसे $83.30 के नए रिकॉर्ड स्तर से ऊपर ले जाने का प्रयास कर रहे हैं। हाइपरलिक्विड को संस्थागत निवेशकों का मजबूत समर्थन मिल रहा है, जहां एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में पिछले दो दिनों से रोजाना $5 मिलियन से अधिक का इनफ्लो देखा गया है और इसका दैनिक राजस्व $2.75 मिलियन से ऊपर रहा है। आउटलुक और संभावित बाजार परिदृश्य संक्षेप में कहें तो GBP/USD की अल्पावधि दिशा काफी हद तक आने वाले अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों और फेड प्रमुख के बयानों पर निर्भर करेगी। जब तक पाउंड 1.3620 का सपोर्ट बनाए रखने में सफल रहता है, तब तक 1.3660 के रेजिस्टेंस को फिर से परखने की संभावना बनी रहेगी। हालांकि, यदि डेटा उम्मीद से अधिक मजबूत आता है और डॉलर में जोरदार तेजी लौटती है, तो 1.3565 और 1.3520 के सपोर्ट स्तरों का परीक्षण हो सकता है। व्यापारियों को आगामी आर्थिक घोषणाओं के दौरान बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव को देखते हुए जोखिम प्रबंधन का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसका आप पर असर भारत में: विदेशी मुद्रा बाजार में हो रही इस हलचल से भारतीय रुपये (USD/INR) की विनिमय दर और आयात-निर्यात लागत पर अप्रत्यक्ष असर पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए: अमेरिकी PCE महंगाई डेटा जारी होने से पहले करेंसी और सोने के बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है, जिससे ट्रेडर्स को स्टॉप-लॉस का ध्यान रखना होगा। सवाल-जवाब 1. GBP/USD में हालिया गिरावट का मुख्य कारण क्या है? GBP/USD की जोड़ी 1.3660 के मजबूत रेजिस्टेंस स्तर को पार करने में विफल रही और अमेरिकी PCE मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले निवेशकों की सतर्कता के कारण गिरावट दर्ज की गई। 2. GBP/USD के लिए प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर कौन से हैं? तत्काल सपोर्ट 1.3620 पर है, जिसके नीचे अगला सपोर्ट 1.3565 पर है। पहला मुख्य रेजिस्टेंस 1.3660 पर है, जिसके पार जाने पर 1.3716-1.3730 का स्तर देखा जा सकता है। 3. अमेरिकी PCE डेटा का बाजार पर क्या असर पड़ने की उम्मीद है? यदि जुलाई का PCE डेटा उम्मीद से अधिक रहता है, तो यह फेड द्वारा सख्त मौद्रिक नीति के संकेतों को बल देगा, जिससे अमेरिकी डॉलर मजबूत हो सकता है। 4. सोने की कीमत में गिरावट क्यों आई? सोना पिछले दिन $4,697 के तीन महीने के उच्चतम स्तर को छूने के बाद 0.75% घटकर $4,620 के करीब आ गया, क्योंकि ट्रेडर्स PCE डेटा और फेड चेयरमैन के संबोधन का इंतजार कर रहे हैं। https://trendkia.com/market/us-pce-deta-se-pahale-1-3660-ke-rejistensa-se-phisala-paunda-gbp-usd-para-dabava-barha-22495 TrendKia — Har trend, sabse pehle.