अमेरिकी पीसीई महंगाई आंकड़ों के बाद $4,610 पर आया सोना, ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ी संभावना अमेरिका में जुलाई के पीसीई महंगाई आंकड़े उम्मीद के मुताबिक रहने के बाद सोने की कीमतों में $4,610 के आसपास समेकन देखा जा रहा है। व्यापारी अब जैक्सन होल सम्मेलन और फेडरल रिजर्व के आगामी ब्याज दर फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं। गुरुवार को शुरुआती एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई और भाव लगभग $4,610 प्रति औंस पर आ गए। अमेरिका से जारी हुए नवीनतम आर्थिक आंकड़ों का अध्ययन करते हुए निवेशकों ने सावधानी का रुख अपनाया है। लगातार तीन दिनों की तेजी के बाद, जिसने सोने की कीमतों को लगभग $4,700 के उच्चतम स्तर तक पहुंचा दिया था, अब बाजार में समेकन देखा जा रहा है। व्यापारी अब महंगाई के आंकड़ों और आगामी जैक्सन होल सम्मेलन में मिलने वाले मौद्रिक नीति के संकेतों के आधार पर अपनी रणनीतियां तैयार कर रहे हैं। अमेरिकी पीसीई महंगाई आंकड़े और ब्याज दर संभावनाएं अमेरिका के आर्थिक विश्लेषण ब्यूरो द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जुलाई महीने में व्यक्तिगत उपभोग व्यय (पीसीई) मूल्य सूचकांक महंगाई दर सालाना आधार पर 3.7% पर स्थिर रही। यह आंकड़ा बाजार के 3.6% के अनुमान से थोड़ा अधिक रहा। वहीं दूसरी ओर, मुख्य पीसीई महंगाई दर, जिसमें खाद्य और ऊर्जा जैसी अस्थिर वस्तुओं की कीमतों को शामिल नहीं किया जाता है, सालाना आधार पर 3.3% पर बनी रही, जो बाजार के अनुमान के बिल्कुल अनुरूप है। मासिक आधार पर, जुलाई में पीसीई मूल्य सूचकांक और कोर पीसीई सूचकांक दोनों में 0.2% की वृद्धि दर्ज की गई। महंगाई आंकड़ों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए ज़ेनर मेटल्स के वरिष्ठ धातु रणनीतिकार और उपाध्यक्ष पीटर ग्रांट ने बताया कि "आज के आंकड़ों से पहले सोने की कीमत में हलचल सिर्फ कुछ मुनाफावसूली थी।" उन्होंने स्पष्ट किया कि चूंकि पीसीई आंकड़े काफी हद तक उम्मीदों के मुताबिक रहे हैं, इसलिए सोना पिछले दिन के कारोबारी दायरे में ही स्थिर हो रहा है। इन आंकड़ों के आने के बाद वित्तीय बाजारों में ब्याज दर को लेकर उम्मीदों में बदलाव आया है। सीएमई फेडवॉच टूल के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर की बैठक में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (बीपीएस) की बढ़ोतरी की संभावना लगभग 38% तक पहुंच गई है, जो आंकड़ों के जारी होने से पहले 36% पर थी। तकनीकी विश्लेषण और मुख्य समर्थन स्तर दैनिक चार्ट पर तकनीकी दृष्टिकोण से, XAU/USD में अल्पावधि का रुख सकारात्मक बना हुआ है क्योंकि कीमत 100-दिवसीय साधारण गतिमान औसत (एसएमए) $4,380 और 20-दिवसीय बोलिंगर मध्य बैंड $4,365 से ऊपर बनी हुई है। ये दोनों स्तर मिलकर एक मजबूत मांग क्षेत्र का निर्माण करते हैं जो हालिया तेजी को समर्थन प्रदान कर रहा है। ऊपरी स्तरों पर, पहला रेजिस्टेंस 20-दिवसीय बोलिंगर अपर बैंड के पास $4,745 पर स्थित है। यदि खरीदारी की गति धीमी पड़ती है, तो इस स्तर पर मुनाफावसूली देखी जा सकती है। नीचे की ओर, तात्कालिक समर्थन $4,380 के 100-दिवसीय एसएमए और $4,365 के बोलिंगर मध्य बैंड के पास है। यदि गिरावट अधिक गहरी होती है, तो निचले बोलिंगर बैंड $3,985.14 का स्तर एक प्रमुख संरचनात्मक आधार का कार्य करेगा। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI-14) वर्तमान में 67.64 पर है, जो ओवरबॉट क्षेत्र के करीब पहुंचते हुए मजबूत तेजी का संकेत देता है। लाइव बाजार आंकड़े और तकनीकी संकेतक लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार, हाजिर सोना (GC=F) वर्तमान में $4,672 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद भाव $4,638 से +0.72% अधिक है। इसका कारोबारी वॉल्यूम 20-दिवसीय औसत से 3.41 गुना अधिक दर्ज किया गया है। पिछले 52 हफ्तों के दौरान सोने की कीमतें $3,371 के न्यूनतम स्तर से $5,586 के उच्चतम स्तर के बीच रही हैं। तकनीकी संकेतकों में, 14-दिवसीय RSI 75 पर है, जो ओवरबॉट स्थिति को दर्शाता है। एमएसीडी (MACD) सूचकांक 129.67 पर है, जो 96.41 की सिग्नल रेखा से ऊपर है और 33.26 का सकारात्मक हिस्टोग्राम बनाकर मजबूत तेजी की पुष्टि करता है। घातीय गतिमान औसत में 20-दिवसीय ईएमए $4,415, 50-दिवसीय ईएमए $4,322 और 200-दिवसीय ईएमए $4,337 पर हैं। वहीं, 50-दिवसीय एसएमए $4,202 और 200-दिवसीय एसएमए $4,509 पर स्थित हैं। बोलिंगर बैंड का दायरा $3,984 से $4,753 के बीच बना हुआ है, जिसका मध्य बिंदु $4,368 है। औसत दिशात्मक सूचकांक (ADX-14) 31 पर है, जो बाजार में मजबूत ट्रेंड की पुष्टि करता है। स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर की फास्ट लाइन 98 और सिग्नल लाइन 95 पर बनी हुई है। दैनिक अस्थिरता सूचकांक (ATR-14) 73.46 पर है। इंट्राडे कारोबार के लिए मुख्य पिवट स्तर $4,667 पर है, जिसके लिए रेजिस्टेंस R1 $4,686 और R2 $4,700 तथा सपोर्ट S1 $4,653 और S2 $4,634 तय किए गए हैं। केंद्रीय बैंकों की भूमिका और बुनियादी कारक मानव इतिहास में सोने की भूमिका हमेशा से मूल्य के संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में महत्वपूर्ण रही है। गहनों में उपयोग के अलावा, सोने को एक सुरक्षित निवेश संपत्ति माना जाता है। अनिश्चितता या आर्थिक संकट के समय निवेशक इसमें पूंजी लगाना पसंद करते हैं। इसके अतिरिक्त, सोने को महंगाई और मुद्राओं के अवमूल्यन के खिलाफ एक रक्षात्मक साधन माना जाता है क्योंकि यह किसी विशेष सरकार या जारीकर्ता पर निर्भर नहीं करता। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े धारक हैं। संकट के समय अपनी राष्ट्रीय मुद्रा को सहारा देने के लिए केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार का विविधीकरण करते हैं और सोना खरीदते हैं। इससे देश की अर्थव्यवस्था और वित्तीय स्थिरता के प्रति विश्वास बढ़ता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, केंद्रीय बैंकों ने 2022 में अपने भंडार में 1,136 टन सोना जोड़ा, जिसकी कीमत लगभग $70 अरब थी। यह अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक खरीद थी। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते देशों के केंद्रीय बैंक तेजी से अपना सोना भंडार बढ़ा रहे हैं। व्यापक आर्थिक संबंध और डॉलर का प्रभाव सोने का अमेरिकी डॉलर (USD) और अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड के साथ उलटा संबंध होता है। सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर (XAU/USD) में आंका जाता है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो सोना अन्य मुद्राओं के धारकों के लिए सस्ता हो जाता है, जिससे इसकी मांग बढ़ती है। वहीं, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड बढ़ने पर सोने जैसे बिना ब्याज वाले एसेट की जगह बॉन्ड में निवेश अधिक आकर्षक हो जाता है। इसी तरह, शेयर बाजार के साथ भी सोने का उलटा संबंध देखा जाता है। जब शेयर बाजारों में तेजी आती है, तो निवेशक जोखिम वाली संपत्तियों की ओर बढ़ते हैं, जिससे सोने पर दबाव बनता है। इसके विपरीत, जब शेयर बाजार में बिकवाली होती है, तो सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग बढ़ जाती है। भू-राजनीतिक तनाव या मंदी की आशंकाएं सोने की कीमतों को तेजी से बढ़ा सकती हैं। विदेशी मुद्रा बाजार: पॉउंड और यूरो का प्रदर्शन विदेशी मुद्रा बाजार में, ब्रिटिश पॉउंड (GBP/USD) ने बुधवार को फिर से अपनी गिरावट शुरू कर दी और 1.3600 के स्तर से नीचे चला गया। इससे मंगलवार को हुई तेजी का असर खत्म हो गया। अमेरिकी डॉलर में आई मजबूती और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के कारण पॉउंड पर दबाव देखा गया। इसी तरह, यूरो (EUR/USD) में भी बिकवाली का दबाव देखा गया और एशियाई बाजार खुलने से पहले यह 1.1600 के निचले स्तरों पर आ गया। अमेरिकी डॉलर की मजबूती, भू-राजनीतिक चिंताओं और आगामी अमेरिकी आंकड़ों से पहले निवेशकों की सावधानी के कारण यूरो कमजोर हुआ। इसके साथ ही, यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) गुरुवार को अपनी बैठक के मिनट्स प्रकाशित करने वाला है, जिस पर व्यापारियों की नजरें टिकी हुई हैं। एनवीडिया के नतीजे और शेयर बाजार का रुझान वित्तीय बाजारों की नजरें कॉर्पोरेट नतीजों पर भी टिकी हुई हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एनवीडिया बुधवार शाम अमेरिकी शेयर बाजार बंद होने के बाद अपने तिमाही वित्तीय नतीजों की घोषणा करने वाली है। बाजार विशेषज्ञों को एनवीडिया से रिकॉर्ड नतीजों की उम्मीद है। अनुमान है कि कंपनी का राजस्व $92 अरब से अधिक रह सकता है और प्रति शेयर आय (EPS) $2.09 के स्तर पर पहुंच सकती है। शेयर बाजार में एनवीडिया के बड़े कद को देखते हुए इसके नतीजे वैश्विक वित्तीय बाजारों और सुरक्षित संपत्तियों के रुझान को प्रभावित कर सकते हैं। फेडरल रिजर्व की नीति और जैक्सन होल भाषण मौद्रिक नीति के मोर्चे पर, फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉरश शुक्रवार को जैक्सन होल सम्मेलन में अपना पहला भाषण देने की तैयारी कर रहे हैं। बाजार को इस भाषण से भविष्य की ब्याज दर नीति के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है। निवेशकों की नजरें केवल सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में बदलाव पर ही नहीं, बल्कि लंबी अवधि के आर्थिक दृष्टिकोण पर भी हैं। चूंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, इसलिए ब्याज दरों में कटौती सोने के लिए सकारात्मक मानी जाती है, जबकि ऊंची ब्याज दरें इसकी कीमतों को नियंत्रित रखती हैं। इसका आप पर असर वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम लोगों के लिए आभूषणों के दाम, निवेश रिटर्न और बचत पर पड़ता है। • भारत में: अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों से घरेलू बाजार में सोने के भाव स्थिर रहेंगे, जिससे आभूषण खरीदारों को राहत मिलेगी। त्योहारी सीजन या शादी-विवाह के लिए खरीदारी की योजना बना रहे लोगों को दैनिक सर्राफा दरों पर नजर रखनी चाहिए। • गोल्ड ईटीएफ निवेशकों के लिए: सोने के म्यूचुअल फंड और ईटीएफ में निवेश करने वाले निवेशकों के पोर्टफोलियो पर सीमित असर पड़ेगा। लंबी अवधि के निवेशकों को किसी भी तात्कालिक गिरावट पर घबराने के बजाय अनुशासित निवेश बनाए रखना चाहिए। • विदेशी मुद्रा और यात्रा के लिए: अमेरिकी डॉलर में मजबूती से भारतीय रुपये की विनिमय दर पर असर पड़ सकता है, जिससे विदेश यात्रा या पढ़ाई महंगी हो सकती है। विदेश जाने वाले यात्रियों को पहले से ही अपनी मुद्रा आवश्यकताओं की योजना बना लेनी चाहिए। • शेयर बाजार के निवेशकों के लिए: एनवीडिया के नतीजों और केंद्रीय बैंकों के बयानों से बाजार में उतार-चढ़ाव रह सकता है। ट्रेडर्स को इक्विटी और सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों के बीच संतुलित पोर्टफोलियो रखना चाहिए। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी पीसीई महंगाई रिपोर्ट के बाद सोने के दाम क्यों गिरे? जुलाई की मुख्य पीसीई महंगाई दर 3.7% पर रही, जो अनुमानित 3.6% से अधिक थी। इससे ब्याज दरें ऊंची रहने की संभावना बढ़ी और डॉलर मजबूत होने से सोने पर दबाव आया। 2. सोने का वर्तमान कारोबार और मुख्य समर्थन स्तर क्या है? हाजिर सोना $4,610 से $4,672 प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। तकनीकी समर्थन $4,380 के 100-दिवसीय औसत और $4,365 के 20-दिवसीय मध्य बोलिंगर बैंड पर स्थित है। 3. फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति सोने को कैसे प्रभावित करती है? ऊंची ब्याज दरें बॉन्ड और नकद संपत्तियों पर रिटर्न बढ़ाती हैं, जिससे बिना ब्याज वाले सोने में आकर्षण कम हो जाता है। दरें घटने पर सोने की मांग बढ़ती है। 4. केंद्रीय बैंक सोने का भंडार क्यों बढ़ा रहे हैं? केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने, मुद्रा के अवमूल्यन से बचने और आर्थिक या भू-राजनीतिक संकट के दौरान वित्तीय स्थिरता बनाए रखने के लिए सोना खरीदते हैं। 5. इस सप्ताह व्यापारी किन प्रमुख वित्तीय आयोजनों पर नजर रख रहे हैं? बाजार जैक्सन होल सम्मेलन में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉरश के भाषण और सेमीकंडक्टर कंपनी एनवीडिया के तिमाही नतीजों पर नजर बनाए हुए हैं। https://trendkia.com/market/us-pce-mahngai-ankaron-ke-bada-4-610-para-aya-gold-byaja-daron-men-barhotari-ki-barhi-snbhavana-22760 TrendKia — Har trend, sabse pehle.