अमेरिकी रोजगार आंकड़ों में अंडरएस्टिमेशन की संभावना, ट्रेजरी के बायबैक फैसले से वैश्विक बाजारों में हलचल कॉमेरज़बैंक के विश्लेषण के अनुसार अमेरिकी पेरोल डेटा में रोजगार वृद्धि को कम आंका गया है और जल्द ही 2.5 लाख नौकरियों का अपवर्ड रिवीजन हो सकता है, जबकि अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बायबैक दोगुना करने से क्रिप्टो और विदेशी मुद्रा बाजारों में तेजी देखी जा रही है। संयुक्त राज्य अमेरिका के श्रम बाजार में हाल की तिमाहियों के दौरान रोजगार की गति काफी धीमी रही है, लेकिन आधिकारिक आंकड़ों में वास्तविक स्थिति पूरी तरह से दिखाई नहीं दे रही है। जर्मन वित्तीय संस्थान कॉमेरज़बैंक के एक नए विश्लेषण के अनुसार, प्रकाशित पेरोल आंकड़े देश में वास्तविक नौकरी वृद्धि को थोड़ा कम आंक रहे हैं। पिछले चार वर्षों के विपरीत जब आंकड़ों में कटौती की जाती थी, इस बार आने वाले वार्षिक संशोधन में रोजगार के आंकड़ों को ऊपर की ओर संशोधित किए जाने की मजबूत संभावना जताई जा रही है। रोजगार के आंकड़ों में विसंगति और कॉमेरज़बैंक का अनुमान अमेरिकी अर्थव्यवस्था में इस समय रोजगार की बढ़त ऐतिहासिक रूप से धीमी गति से आगे बढ़ रही है। वर्ष 2025 के जुलाई महीने में रोजगार का स्तर एक साल पहले की तुलना में केवल 0.24% अधिक दर्ज किया गया था। यदि पिछले 12 महीनों के औसत मासिक रोजगार वृद्धि पर नजर डालें तो यह आंकड़ा प्रति माह केवल 32,000 नौकरियों तक ही सीमित रहा है। हालांकि, डेटा के गहन अध्ययन से पता चलता है कि नॉनफार्म पेरोल रिपोर्ट और त्रैमासिक रोजगार एवं वेतन जनगणना (QCEW) के बीच एक बड़ा अंतर उभर कर आया है। दिसंबर 2024 की तुलना में दिसंबर 2025 में QCEW आंकड़ों ने 2,99,000 नौकरियों की वृद्धि दर्ज की, जो 0.2% की बढ़ोतरी दर्शाती है। इसके विपरीत, मासिक रोजगार रिपोर्ट से प्राप्त नॉनफार्म पेरोल डेटा में केवल 69,000 नौकरियों की मामूली वृद्धि दर्ज की गई थी। इसका सीधा अर्थ यह है कि पेरोल रिपोर्ट ने वास्तविक रोजगार को लगभग 2,30,000 नौकरियों से कम आंका था। इसी विसंगति के आधार पर कॉमेरज़बैंक के विश्लेषकों का मानना है कि आगामी मार्च के बेंचमार्क आंकड़ों में भी ऐसा ही अंतर देखने को मिल सकता है। बैंक का अनुमान है कि नॉनफार्म पेरोल डेटा में लगभग 2,50,000 नौकरियों का सकारात्मक संशोधन (अपवर्ड रिवीजन) हो सकता है, जो कुल रोजगार का लगभग 0.16% है। यदि यह संशोधन होता है, तो पिछले चार वर्षों में यह पहला मौका होगा जब पेरोल आंकड़ों को घटाने के बजाय बढ़ाया जाएगा। यद्यपि यह संशोधन अगले वर्ष से पहले आधिकारिक डेटा में शामिल नहीं होगा, फिर भी इससे यह संकेत मिलता है कि सांख्यिकीविदों ने अपने मॉडलिंग तरीकों में सुधार किया है, जिससे वर्तमान श्रम बाजार के डेटा की गुणवत्ता में सुधार होगा। अमेरिकी ट्रेजरी का बड़ा कदम और बॉन्ड बायबैक विस्तार श्रम बाजार के इस तकनीकी विश्लेषण के बीच, अमेरिकी वित्त विभाग (अमेरिकी ट्रेजरी) ने वित्तीय बाजारों को प्रभावित करने वाला एक बड़ा रणनीतिक फैसला लिया है। बुधवार को दोपहर 12:32 GMT पर ट्रेजरी ने अपने निर्धारित कैलेंडर से हटकर एक घोषणा की, जिसके तहत 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की परिपक्वता वाली अवधियों के बॉन्ड बायबैक संचालन के आकार को कम से कम दोगुना करने का निर्णय लिया गया। इस नई घोषणा के तहत, प्रति ऑपरेशन अधिकतम 2 अरब USD की बायबैक सीमा को बढ़ाकर कम से कम 4 अरब USD कर दिया गया है। यह विस्तारित तरलता सहायता कार्यक्रम 9 सितंबर से लागू होगा और 4 नवंबर तक जारी रहेगा। ट्रेजरी द्वारा अचानक उठाए गए इस कदम ने वित्तीय प्रणाली में तरलता (लिक्विडिटी) को बढ़ाने का काम किया है, जिससे बाजार की धारणा में तुरंत सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। मुद्रा, सोना और डिजिटल संपत्तियों पर बाजार की प्रतिक्रिया अमेरिकी ट्रेजरी के बायबैक फैसले और डॉलर की कमजोरी के चलते वैश्विक वित्तीय बाजारों में अलग-अलग संपत्तियों पर सीधा असर देखा गया है। यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर में गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जिससे कई प्रमुख मुद्राओं को बढ़त मिली। विदेशी मुद्रा बाजार में GBP/USD जोड़ी गुरुवार को 1.3650 के करीब कारोबार करती नजर आई, जो इसके मई महीने के उच्चतम स्तर के बेहद करीब है। डॉलर इंडेक्स में गिरावट के कारण ब्रिटिश पाउंड को मजबूती मिली है, और व्यापारी अब आगामी अमेरिकी बेरोजगारी दावों के आंकड़ों तथा मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। इसी प्रकार, EUR/USD की जोड़ी भी यूरोपीय सत्र में तीन महीने के उच्चतम स्तर 1.1700 के पार पहुंच गई। अमेरिकी ट्रेजरी की बॉन्ड बायबैक योजना के कारण डॉलर में आई बिकवाली ने यूरो को लगातार दूसरे दिन बढ़त बनाए रखने में मदद की है। इसके विपरीत, कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों पर हल्का दबाव देखा गया। भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और ईरान से जुड़े जोखिमों के बावजूद सोना 4,500 USD के स्तर से नीचे बना रहा। हालांकि डॉलर तीन महीने के निचले स्तर पर फिसल गया था, लेकिन सोने में सीमित इंट्राडे मुनाफावसूली दर्ज की गई। डिजिटल एसेट मार्केट में इस फैसले का सबसे सकारात्मक असर देखने को मिला। बिटकॉइन की कीमतें गुरुवार को 72,000 USD के आंकड़े की ओर बढ़ती नजर आईं। अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा ऋण बायबैक को दोगुना करने के फैसले ने क्रिप्टो बाजार में तरलता की स्थिति में सुधार किया है। इस कदम से बाजार में शॉर्ट स्क्वीज की स्थिति बनी, जिससे पूरे क्रिप्टो क्षेत्र में तेजी का माहौल बन गया। इसका आप पर असर भारत में: अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बायबैक बढ़ाने से वैश्विक बाजारों में लिक्विडिटी बढ़ेगी, जिससे भारतीय शेयर बाजार और आईटी शेयरों में विदेशी निवेश (FII inflow) को सहारा मिल सकता है। वैश्विक निवेशकों के लिए: अमेरिकी डॉलर में नरमी और ट्रेजरी लिक्विडिटी के कारण क्रिप्टो और यूरो/पाउंड जैसी मुद्राओं में तेजी आ रही है, जो अंतरराष्ट्रीय पोर्टफोलियो के लिए सकारात्मक संकेत है। सवाल-जवाब 1. कॉमेरज़बैंक के अनुसार अमेरिकी नौकरियों के डेटा में क्या विसंगति पाई गई है? कॉमेरज़बैंक का कहना है कि नॉनफार्म पेरोल आंकड़ों ने दिसंबर 2025 में वास्तविक रोजगार वृद्धि को लगभग 2,30,000 नौकरियों से कम आंका था, और इसमें 2,50,000 नौकरियों का अपवर्ड रिवीजन हो सकता है। 2. अमेरिकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक योजना में क्या बदलाव किया है? अमेरिकी ट्रेजरी ने 10 से 30 वर्ष की अवधि वाले बॉन्ड के बायबैक को 2 अरब USD प्रति ऑपरेशन से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब USD प्रति ऑपरेशन कर दिया है। 3. ट्रेजरी के बायबैक फैसले का बिटकॉइन पर क्या असर हुआ? ट्रेजरी द्वारा लिक्विडिटी बढ़ाने के फैसले के बाद बिटकॉइन में तेजी आई और यह 72,000 USD के आंकड़े की ओर पहुंच गया। 4. विदेशी मुद्रा बाजार में प्रमुख मुद्राओं की क्या स्थिति रही? अमेरिकी डॉलर में गिरावट के कारण EUR/USD तीन महीने के उच्च स्तर 1.1700 के पार निकल गया और GBP/USD 1.3650 के करीब कारोबार करने लगा। https://trendkia.com/market/us-rojagara-ankaron-men-andaraestimeshana-ki-snbhavana-us-treasury-ke-bayabaika-phaisale-se-bajaron-men-halachala-18995 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