अमेरिकी संसद के दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स की जीत के बाद पाउंड 1.3500 के सात हफ़्ते के शिखर पर पहुंचा अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की हार और डेमोक्रेट्स के दोनों सदनों पर नियंत्रण के बाद डॉलर में तेज गिरावट आई है, जिससे ब्रिटिश पाउंड सात हफ़्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में ब्रिटिश पाउंड ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जोरदार बढ़त दर्ज करते हुए सात सप्ताह का नया उच्च स्तर छू लिया है। यह मुद्रा जोड़ी 1.3500 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब कारोबार कर रही है, जहां लाइव बाजार आंकड़ों के अनुसार यह 0.57 प्रतिशत की दैनिक बढ़त के साथ 1.35 पर टिकी है। अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों पर कब्जा जमाने के बाद वैश्विक वित्तीय परिदृश्य में तेजी से बदलाव आया है। रिपब्लिकन नीतियों के प्रति मतदाताओं की नाराजगी के स्पष्ट संकेत के रूप में देखे जा रहे इस चुनावी नतीजे ने अमेरिकी प्रशासन में नीतिगत गतिरोध की आशंकाओं को जन्म दे दिया है, जिसका सीधा असर डॉलर पर पड़ा है। वॉशिंगटन में नीतिगत गतिरोध और डॉलर पर दबाव अमेरिकी डॉलर सूचकांक, जो छह प्रमुख वैश्विक मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले डॉलर के मूल्य का आकलन करता है, 0.47 प्रतिशत गिरकर 101.40 के स्तर के आसपास पहुंच गया। दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स के आने से सरकारी खर्च, बजट आवंटन और कर्ज सीमा यानी डेट सीलिंग को लेकर गंभीर गतिरोध पैदा होने का खतरा मंडरा रहा है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI खर्च पर सख्त नियम और नए प्रतिबंध लगने की संभावना ने भी निवेशकों के रुख को प्रभावित किया है। इस राजनीतिक अनिश्चितता के कारण अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नई गिरावट दर्ज की गई, जिससे डॉलर पर बिकवाली का भारी दबाव बना हुआ है। बैंक ऑफ इंग्लैंड की नीतिगत बैठक पर टिकी निगाहें ब्रिटेन के मोर्चे पर निवेशकों का पूरा ध्यान बैंक ऑफ इंग्लैंड के आगामी ब्याज दर फैसले पर केंद्रित है। गुरुवार को घोषित होने वाली मौद्रिक नीति समीक्षा में केंद्रीय बैंक द्वारा दरों में बढ़ोतरी किए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। फेडरल रिजर्व के ब्याज दर दांवों पर भारी पड़ते राजनीतिक संकट और बैंक ऑफ इंग्लैंड की संभावित सख्ती ने पाउंड के खरीदारों को अतिरिक्त ताकत दी है। बाजार सहभागियों का मानना है कि ब्रिटेन में मुद्रास्फीति से निपटने के लिए ब्याज दरों में यह वृद्धि पाउंड के हालिया तेजी के दौर को और सहारा दे सकती है। तकनीकी स्तर और चार्ट विश्लेषण चार्ट विश्लेषण के अनुसार, तकनीकी मोर्चे पर पाउंड-डॉलर जोड़ी के लिए 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर 1.3469 पर तत्काल प्रतिरोध और समर्थन दोनों भूमिकाओं में देखा जा रहा है। ऊपर की ओर, अगला प्रमुख प्रतिरोध 78.6 प्रतिशत स्तर पर 1.3560 और उसके बाद 100 प्रतिशत रिट्रेसमेंट के निकट पूर्व स्विंग हाई 1.3676 पर स्थित है। लाइव संकेतकों में 14-दिवसीय RSI 65 पर है, जबकि MACD हिस्टोग्राम 0.00 पर तेजी का संकेत दे रहा है। बोलिंजर बैंड के 1.32 से 1.35 के दायरे में भाव ऊपरी बैंड के ऊपर निकल चुका है, जिसमें स्टोकेस्टिक की फास्ट लाइन 95 और सिग्नल लाइन 85 पर अत्यधिक खरीद के स्तर दर्शा रही है। यदि मुद्रा जोड़ी में मुनाफावसूली या गिरावट आती है, तो 1.3469 के बाद 50 प्रतिशत रिट्रेसमेंट 1.3406 पर पहला प्रमुख सपोर्ट है। इसके नीचे 20-पीरियड EMA 1.3358 और 38.2 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर 1.3342 पर स्थित हैं। गहरी गिरावट की स्थिति में 23.6 प्रतिशत स्तर 1.3263 तक जा सकता है, जबकि मौजूदा चक्र का निचला स्तर 1.3136 एक मजबूत संरचनात्मक आधार का काम कर रहा है। औसत ट्रू रेंज यानी ATR 0.01 पर है, जो दैनिक उतार-चढ़ाव के लिए उपयुक्त स्टॉप-लॉस बफर प्रदान करता है। अन्य वैश्विक संपत्तियों और मुद्राओं का रुख कमजोर होते डॉलर का प्रभाव अन्य विदेशी मुद्रा जोड़ियों पर भी साफ देखा गया। एशियाई कारोबारी सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले दो सप्ताह के निचले स्तर से उबरकर 0.6965 के आसपास स्थिर रहा। हालांकि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया के अपेक्षाकृत कम सख्त रुख ने इसकी बढ़त को सीमित रखा। दूसरी तरफ, अमेरिकी डॉलर-जापानी येन जोड़ी में तेज गिरावट देखी गई और यह बुधवार को एशियाई सत्र में 158.00 से नीचे फिसलकर एक महीने के निचले स्तर पर आ गई। वॉशिंगटन के राजनीतिक हालात से सुरक्षित निवेश संपत्तियों की मांग बढ़ी है, जिससे येन को मजबूती मिली। कमजोर डॉलर और गिरती बॉन्ड यील्ड के दम पर सोने ने यूरोपीय सत्र के पहले भाग में मजबूत छलांग लगाई और 4,050 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया। वहीं व्यापक क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जोखिम उठाने की धारणा सुधरने से बिटकॉइन 78,000 डॉलर के पार निकल गया। एथेरियम भी बिटकॉइन की राह पर चलते हुए 2,300 डॉलर से ऊपर रहा, जबकि रिपल लगातार दूसरे दिन बढ़त दर्ज करते हुए 1.28 डॉलर के ऊपर पहुंच गया। व्यापक आर्थिक आंकड़ों के तहत, बाजार की नजर ऑटोमैटिक डेटा प्रोसेसिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट द्वारा बुधवार को जारी होने वाली निजी क्षेत्र की रोजगार रिपोर्ट पर है, जहां अक्टूबर में 69,000 नए निजी रोजगार जुड़ने का अनुमान है, जो सितंबर के 90,000 से कम है। इसका आप पर असर अमेरिकी राजनीतिक बदलाव और पाउंड की मजबूती से अंतरराष्ट्रीय व्यापार, विदेशी यात्रा और निवेश लागत पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ेगा। • विदेशी मुद्रा व्यापारियों के लिए: मुद्रा बाजार में डॉलर के कमजोर होने से पाउंड और अन्य मुद्राओं में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। व्यापारियों को 1.3469 और 1.3560 के महत्वपूर्ण स्तरों पर सख्त स्टॉप-लॉस बनाए रखने की आवश्यकता है। • ब्रिटेन यात्रा और शिक्षा पर: डॉलर या अन्य मुद्राओं के मुकाबले पाउंड महंगा होने से ब्रिटेन में पढ़ाई और पर्यटन का खर्च बढ़ जाएगा। जिन छात्रों या यात्रियों को पाउंड में फीस या होटल का भुगतान करना है, उन्हें अपनी योजनाएं पहले से व्यवस्थित करनी होंगी। • सोना और कमोडिटी खरीदारों के लिए: डॉलर में गिरावट के कारण सोने की वैश्विक कीमतें 4,050 डॉलर के करीब पहुंच गई हैं। इससे घरेलू स्तर पर भी कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी का दबाव बना रहेगा। • क्रिप्टो और जोखिम संपत्तियों के लिए: डॉलर की नरमी से बिटकॉइन 78,000 डॉलर के पार निकल गया है और निवेशकों की धारणा बेहतर हुई है। जोखिम वाली संपत्तियों में पूंजी प्रवाह बढ़ने से खुदरा निवेशकों के पोर्टफोलियो को राहत मिल सकती है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी द्वारा संसद के दोनों सदनों पर जीत दर्ज करने और बैंक ऑफ इंग्लैंड की संभावित दर वृद्धि ने इस मुद्रा तेजी को जन्म दिया है। • अमेरिकी चुनाव परिणाम और राजनीतिक गतिरोध: मध्यावधि चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स दोनों में डेमोक्रेट्स का कब्जा हो गया है। इस विभाजन के कारण सरकारी बजट, कर्ज सीमा और AI खर्च पर सख्त नीतिगत गतिरोध का डर पैदा हुआ है। • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट: राजनीतिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने सुरक्षित संपत्तियों का रुख किया, जिससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड नीचे आ गई। यील्ड में गिरावट ने फेडरल रिजर्व की ब्याज दर वृद्धि की उम्मीदों को कमजोर कर डॉलर को नीचे धकेला। • बैंक ऑफ इंग्लैंड से दर वृद्धि की प्रत्याशा: ब्रिटेन के केंद्रीय बैंक द्वारा गुरुवार को नीतिगत ब्याज दरों में बढ़ोतरी की व्यापक संभावना बनी हुई है। मौद्रिक सख्ती की इस उम्मीद ने पाउंड को डॉलर के मुकाबले अतिरिक्त मजबूती प्रदान की। सवाल-जवाब 1. ब्रिटिश पाउंड ने डॉलर के मुकाबले कौन सा स्तर छुआ है? ब्रिटिश पाउंड सात सप्ताह के नए उच्च स्तर पर पहुंचते हुए 1.3500 के करीब कारोबार कर रहा है। 2. अमेरिकी डॉलर में गिरावट का मुख्य कारण क्या है? अमेरिकी मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेट्स द्वारा दोनों सदनों पर जीत हासिल करने के बाद सरकारी नीतियों और कर्ज सीमा पर गतिरोध की आशंका से डॉलर गिरा है। 3. गुरुवार को बैंक ऑफ इंग्लैंड से क्या उम्मीद की जा रही है? निवेशक गुरुवार को होने वाली मौद्रिक नीति बैठक में बैंक ऑफ इंग्लैंड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की व्यापक उम्मीद कर रहे हैं। 4. अमेरिकी डॉलर सूचकांक किस स्तर पर आ गया है? अमेरिकी डॉलर सूचकांक 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 101.40 के करीब पहुंच गया है। 5. डॉलर की गिरावट का सोने और क्रिप्टोकरेंसी पर क्या असर पड़ा? सोना उछलकर 4,050 डॉलर के करीब पहुंच गया, जबकि बिटकॉइन 78,000 डॉलर और एथेरियम 2,300 डॉलर के पार निकल गया। 6. अक्टूबर के लिए निजी रोजगार के क्या आंकड़े अनुमानित हैं? अक्टूबर के ADP रोजगार बदलाव में 69,000 नए निजी रोजगार जुड़ने का अनुमान है, जो सितंबर के 90,000 से कम है। https://trendkia.com/market/us-snsada-ke-donon-sadanon-men-democrats-ki-jita-ke-bada-pound-1-3500-ke-sata-haphte-ke-shikhara-para-pahuncha-56455 TrendKia — Har trend, sabse pehle.