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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी शेयर बाजार में चिप कंपनियों की अगुवाई में लौटी रौनक, नास्डैक 440 अंक उछला लेकिन वायदा बाजार में दिखा दबाव",
  "summary": "सेमीकंडक्टर शेयरों में जोरदार खरीदारी और ट्रेजरी यील्ड में नरमी से वॉल स्ट्रीट पर बढ़त दर्ज की गई, हालांकि मिडिल ईस्ट तनाव और फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले के बाद वायदा कारोबार में सतर्कता दिख रही है।",
  "content": "अमेरिकी शेयर बाजार में सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में आई अचानक तेजी के दम पर जोरदार उछाल देखने को मिला है। प्रौद्योगिकी क्षेत्र के प्रमुख सूचकांक नास्डैक कंपोजिट ने करीब 2 प्रतिशत की बढ़त हासिल कर बाजार में सबसे शानदार प्रदर्शन किया, जबकि डाउ जोन्स और एसएंडपी 500 भी लगभग 1-1 प्रतिशत मजबूत होकर बंद हुए। इस तेजी के पीछे एनवीडिया, माइक्रोन, इंटेल और एएमडी जैसी दिग्गज चिप निर्माता कंपनियों में जबरदस्त खरीदारी का रुख रहा। इसके साथ ही अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा तीन वर्षों में पहली बार ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (बेसिस पॉइंट्स) की बढ़ोतरी किए जाने के बाद वॉल स्ट्रीट पर लगातार चल रहे गिरावट के सिलसिले पर विराम लगा। हालांकि, शुक्रवार सुबह अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में नरमी देखी जा रही है, जो बाजार के सतर्क रुख की तरफ इशारा कर रही है।\n\nवॉल स्ट्रीट सूचकांकों का प्रदर्शन और समापन आंकड़े\nबीती रात के कारोबारी सत्र में डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 316.14 अंक यानी 0.61 प्रतिशत चढ़कर 51,778.04 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर व्यापक बाजार का प्रतिनिधित्व करने वाला एसएंडपी 500 सूचकांक 85.95 अंक या 1.14 प्रतिशत की छलांग लगाकर 7,637.76 के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान नास्डैक कंपोजिट ने सबसे आगे रहते हुए 439.88 अंक यानी 1.7 प्रतिशत की जोरदार रैली दर्ज की और 26,418.30 पर अपने सत्र का समापन किया। 17 सितंबर 2026 को कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई गिरावट और बॉन्ड यील्ड में नरमी के कारण वॉल स्ट्रीट पर निवेशकों की जोखिम उठाने की क्षमता में सुधार हुआ। इसके अलावा चिप शेयरों में खरीदारी के बने नए मोमेंटम ने प्रमुख सूचकांकों को ऊपर खींचने में मुख्य भूमिका निभाई।\n\nचिप निर्माता कंपनियों में जोरदार खरीदारी और एआई से जुड़ी चिंताएं\nशेयर बाजार की इस तेजी की कमान पूरी तरह से चिप कंपनियों के हाथों में रही। सप्ताह की शुरुआत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की सुरक्षा को लेकर उपजी चिंताओं ने एआई से संबंधित पूंजीगत खर्च (कैपिटल स्पेंडिंग) पर सवाल खड़े कर दिए थे, जिससे शेयरों में गिरावट आई थी। हालांकि, गुरुवार को इन शेयरों ने शानदार वापसी की। माइक्रोन के शेयरों में 5.5 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई, जबकि एनवीडिया 2.5 प्रतिशत उछला। सबसे तगड़ा प्रदर्शन इंटेल ने दिखाया, जिसके शेयर 7.7 प्रतिशत चढ़े। इसके अलावा एएमडी 6.4 प्रतिशत और सैनडिस्क 6.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। कच्चे तेल के भाव घटने से महंगाई को लेकर बाजार की चिंताएं कुछ कम हुईं, जिससे ट्रेजरी बॉन्ड बाजार में खरीदारी लौटी। इस नरमी के बीच अमेरिका के 10-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड इस सप्ताह 5 प्रतिशत के स्तर को छूने के बाद गिरकर लगभग 4.93 प्रतिशत पर आ गई। फेडरल रिजर्व द्वारा उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरें बढ़ाए जाने के बाद निवेशकों ने राहत की सांस ली, भले ही नीति निर्माताओं ने संकेत दिया है कि महंगाई पर पूरी तरह काबू पाने के लिए मौद्रिक सख्ती का दौर आगे भी जारी रह सकता है।\n\nशुक्रवार के वायदा कारोबार में सुस्ती का माहौल\nवॉल स्ट्रीट पर आई इस तेजी के बावजूद 18 सितंबर 2026, शुक्रवार के शुरुआती घंटों में अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं। शुरुआती कारोबार के दौरान डाउ जोन्स फ्यूचर्स मामूली गिरावट के साथ 51,804 पर कारोबार करता दिखा। वहीं एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 6.50 अंक फिसलकर 7,633.50 पर आ गया, जबकि नास्डैक 100 फ्यूचर्स में सबसे ज्यादा 63 अंकों की कमजोरी दर्ज की गई और यह 29,383.75 के स्तर पर आ गया। चार्ल्स श्वाब के एक नोट के अनुसार, निवेशक तीन से अधिक वर्षों में फेड की पहली ब्याज दर बढ़ोतरी के व्यापक प्रभावों का आकलन कर रहे हैं, जबकि भू-राजनीतिक तनाव, बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों पर भी बाजार की पैनी नजर बनी हुई है।\n\nकच्चे तेल की कीमतें और 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड की स्थिति\nशुक्रवार सुबह के शुरुआती घंटों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, लेकिन यह अभी भी 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बनी हुई है। अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड फ्यूचर्स 1 प्रतिशत गिरकर लगभग 101 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत टूटकर करीब 104 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। इसके साथ ही प्राकृतिक गैस और गैसोलीन की कीमतों में भी 1 से 2 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।\n\nदूसरी ओर, अमेरिका के 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड गुरुवार को घटकर 4.95 प्रतिशत पर आ गई। यह हाल ही में 5.04 प्रतिशत तक पहुंच गई थी, जो 2007 के बाद का इसका उच्चतम स्तर था। बॉन्ड यील्ड में यह गिरावट फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और फेडरल रिजर्व के चेयरपर्सन वॉर्श द्वारा महंगाई से निपटने के लिए केंद्रीय बैंक की प्रतिबद्धता दोहराए जाने के बाद देखने को मिली। चेयरपर्सन के इस रुख ने कीमतों के दबाव को रोकने और नीतिगत विश्वसनीयता को लेकर निवेशकों का भरोसा बढ़ाया।\n\nभू-राजनीतिक अनिश्चितता और मिडिल ईस्ट का घटनाक्रम\nकच्चे तेल की कीमतों में आई मामूली गिरावट के बावजूद लगातार बनी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितता और संघर्ष का नए मोर्चों पर विस्तार वैश्विक बाजारों के लिए एक बड़ा दबाव बना हुआ है। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, निवेशक पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों पर बारीकी से नजर रखेंगे, क्योंकि तनाव में किसी भी नए इजाफे से कच्चे तेल की कीमतों में हालिया गिरावट तेजी से उलट सकती है और बाजार में दोबारा भारी उतार-चढ़ाव लौट सकता है।\n\nएससीएफआर के डेरिवेटिव्स रिसर्च और स्ट्रैटेजी डायरेक्टर नाथन पीटरसन ने बाजार की दिशा पर अपनी बात रखते हुए कहा कि जहां तक तेजी के पहलू का सवाल है, पिछले छह हफ्तों में तेल की कीमतें ऊपर आने के बावजूद उपभोक्ता मजबूत बना हुआ है और बॉन्ड यील्ड ऊंची जरूर है लेकिन अनियंत्रित नहीं हुई है। नाथन पीटरसन ने यह भी रेखांकित किया कि निकट अवधि के ट्रेडिंग नजरिए से सबसे अहम संकेतक ईरान युद्ध की स्थिति है, और यह बहुत अच्छी दिशा में जाता नहीं दिख रहा है।\n\nचार्ल्स श्वाब के दृष्टिकोण के मुताबिक, सप्ताह के अंत तक किसी बड़ी कमाई घोषणा या आर्थिक आंकड़ों की अनुपस्थिति के कारण निवेशकों का ध्यान मुख्य रूप से ऊंची ट्रेजरी यील्ड, तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक टकराव के बीच ब्याज दरों के भावी रास्ते पर ही टिका रहेगा। उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को कोई भी बड़ा आर्थिक डेटा या तिमाही नतीजों की घोषणा निर्धारित नहीं है।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी बाजार की चाल, ब्याज दरों में बढ़ोतरी और तेल की 100 डॉलर से ऊपर की कीमतें वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ खुदरा निवेशकों और उपभोक्ताओं पर सीधा असर डालती हैं।\n\n• शेयर बाजार निवेशकों पर असर: वॉल स्ट्रीट में आई मजबूती आईटी और टेक आधारित इक्विटी फंड्स को सहारा दे सकती है। हालांकि शुक्रवार के कमजोर वायदा संकेत और पश्चिम एशिया का तनाव देखते हुए निकट अवधि में सावधानी बरतनी चाहिए।\n• फेड की ब्याज दर वृद्धि: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी से वैश्विक लिक्विडिटी की लागत बढ़ गई है। यह कदम विकासशील बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेश के प्रवाह को धीमा कर सकता है।\n• ऊर्जा और ईंधन की कीमतें: ब्रेंट क्रूड के 104 डॉलर प्रति बैरल के पास टिके रहने से परिवहन और लॉजिस्टिक्स की लागत ऊंची बनी रहेगी। इससे घरेलू स्तर पर पेट्रोल, डीजल और दैनिक उपभोग की वस्तुओं पर महंगाई का दबाव बना रहेगा।\n• बॉन्ड यील्ड और कर्ज: 10-वर्षीय अमेरिकी यील्ड का 4.95 प्रतिशत के करीब रहना दर्शाता है कि लंबी अवधि के बॉन्ड आकर्षक बने हुए हैं। लेकिन इसके चलते वैश्विक कॉरपोरेट कर्ज और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग की लागत ऊंची बनी रहेगी।\n• सेमीकंडक्टर और टेक क्षेत्र: चिप कंपनियों के शेयरों में उछाल संकेत देता है कि तकनीकी इन्फ्रास्ट्रक्चर और हार्डवेयर की मांग मजबूत बनी हुई है। इसका सकारात्मक असर वैश्विक स्तर पर जुड़े इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक इकोसिस्टम पर दिखाई देगा।\n\nऐसा क्यों हुआ\nवॉल स्ट्रीट पर यह तेजी तकनीकी सुधार, ब्याज दरों को लेकर नीतिगत स्पष्टता और तेल की कीमतों में आई हल्की गिरावट के कारण दर्ज की गई, जबकि अनसुलझे भू-राजनीतिक हालात ने आगे के रुख को सतर्क बना दिया है।\n\n• चिप शेयरों में रिकवरी: हफ्ते की शुरुआत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की सुरक्षा को लेकर उठे सवालों से टेक कंपनियों में बिकवाली आई थी। गुरुवार को निवेशकों ने इस गिरावट को खरीदारी के मौके के रूप में लिया, जिससे इंटेल, एएमडी और एनवीडिया में तगड़ा उछाल आया।\n• फेड की नीतिगत स्पष्टता: फेडरल रिजर्व ने तीन वर्षों में पहली बार दरों में 25 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी की, जो पूरी तरह बाजार के अनुमानों के अनुरूप थी। चेयरपर्सन वॉर्श द्वारा महंगाई घटाने के वादे ने केंद्रीय बैंक की साख पर भरोसा बढ़ाया और बॉन्ड यील्ड को 5.04 प्रतिशत के शिखर से नीचे खींच लिया।\n• कच्चे तेल में नरमी: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत की गिरावट आने से त्वरित महंगाई की चिंताएं कम हुईं। इसने बाजार में जोखिम उठाने की धारणा को तत्काल बल दिया।\n• भू-राजनीतिक जोखिम की निरंतरता: पश्चिम एशिया में संघर्ष के नए मोर्चों पर फैलने और ईरान युद्ध को लेकर जारी चिंताओं के कारण शुक्रवार के वायदा सौदों में बिकवाली हावी रही। बाजार को डर है कि युद्ध में नया मोड़ आते ही तेल की कीमतें फिर से भड़क सकती हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. 17 सितंबर 2026 को अमेरिकी शेयर बाजार के मुख्य सूचकांक किस स्तर पर बंद हुए?\nडाउ जोन्स 316.14 अंक चढ़कर 51,778.04 पर, एसएंडपी 500 सूचकांक 85.95 अंक बढ़कर 7,637.76 पर और नास्डैक कंपोजिट 439.88 अंक उछलकर 26,418.30 पर बंद हुआ।\n\n2. बाजार में तेजी के दौरान किन चिप निर्माता कंपनियों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया?\nइंटेल 7.7 प्रतिशत, एएमडी 6.4 प्रतिशत, सैनडिस्क 6.2 प्रतिशत, माइक्रोन 5.5 प्रतिशत और एनवीडिया 2.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।\n\n3. अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों पर क्या फैसला लिया?\nफेडरल रिजर्व ने तीन वर्षों में पहली बार ब्याज दरों में 25 आधार अंकों (0.25%) की बढ़ोतरी की और महंगाई पर काबू पाने के लिए आगे भी सख्ती जारी रखने का संकेत दिया।\n\n4. अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में क्या बदलाव आया?\n10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड इस सप्ताह के उच्चतम स्तर 5.04 प्रतिशत (जो 2007 के बाद सबसे ज्यादा था) से घटकर गुरुवार को 4.95 प्रतिशत पर आ गई।\n\n5. कच्चे तेल की कीमतें किस स्तर पर कारोबार कर रही हैं?\nकच्चे तेल में 1 प्रतिशत की गिरावट के बावजूद कीमतें 100 डॉलर से ऊपर रहीं, जहां डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 101 डॉलर और ब्रेंट क्रूड लगभग 104 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।\n\n6. शुक्रवार की सुबह अमेरिकी स्टॉक फ्यूचर्स में कैसा रुख दिखा?\nशुक्रवार सुबह वायदा बाजार लाल निशान में रहा, जिसमें डाउ जोन्स फ्यूचर्स 51,804 पर, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 7,633.50 पर और नास्डैक 100 फ्यूचर्स 63 अंक गिरकर 29,383.75 पर आ गया।",
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  "publishedAt": "2026-09-19",
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