# अमेरिकी तरलता कदम के बाद 70 डॉलर के स्तर के करीब पहुंची चांदी

> अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा दीर्घकालिक ऋण प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद घोषणा और अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट के चलते चांदी में 7 प्रतिशत से अधिक की साप्ताहिक बढ़त देखी जा रही है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-taralata-kadama-ke-bada-70-dollar-ke-stara-ke-kariba-pahunchi-chandi-19736 · **Language:** Hindi
**Tags:** चांदी कीमत, अमेरिकी ट्रेजरी, अमेरिकी डॉलर, फेडरल रिजर्व, सोना बाजार, क्रिप्टोकरेंसी, बिटकॉइन, शेयर बाजार, finance

वैश्विक वित्तीय बाजारों में अमेरिकी डॉलर पर बने भारी दबाव के बीच चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी दर्ज की जा रही है। इस सप्ताह 7 प्रतिशत से अधिक की शानदार बढ़त हासिल करते हुए चांदी दो महीने के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई है। हाजिर और वायदा बाजारों में निवेशकों का रुझान कीमती धातुओं की ओर तेजी से बढ़ा है, जिसका मुख्य कारण वाशिंगटन द्वारा घोषित एक अप्रत्याशित वित्तीय निर्णय है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने देश के दीर्घकालिक सरकारी ऋण पत्र की पुनर्खरीद प्रक्रिया को व्यापक स्तर पर बढ़ाने का ऐलान किया है, जिससे बांड यील्ड और अमेरिकी मुद्रा दोनों में तेज गिरावट आई है। इसके परिणामस्वरूप डॉलर में मूल्यवर्गित धातुएं अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक हो गई हैं।

## ट्रेजरी विभाग की अप्रत्याशित योजना और डॉलर पर पड़ा दबाव
बुधवार को 12:32 जीएमटी पर अमेरिकी वित्त विभाग ने अपने निर्धारित कैलेंडर से हटकर एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया। विभाग ने स्पष्ट किया कि 10 वर्ष से 20 वर्ष तथा 20 वर्ष से 30 वर्ष की अवधि वाले सरकारी बांड्स की तरलता सहायता पुनर्खरीद को दोगुना से अधिक किया जाएगा। पहले जहां प्रति ऑपरेशन अधिकतम 2 अरब डॉलर की खरीदारी की जाती थी, वहीं अब 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक चलने वाले इस चरण में इसे कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन किया जाएगा। सरकार के इस कदम का मुख्य उद्देश्य बढ़ती उधारी लागत को नियंत्रित करना और सरकारी कर्ज बाजार में नकदी का प्रवाह बनाए रखना है।

इस घोषणा के तुरंत बाद अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में अचानक बड़ी गिरावट देखी गई, जिससे अमेरिकी डॉलर सूचकांक पर प्रतिकूल असर पड़ा। यद्यपि बाद के कारोबारी सत्रों में ट्रेजरी यील्ड ने अपनी शुरुआती गिरावट की आंशिक भरपाई कर ली, परंतु यह सुधार चांदी की रफ्तार को रोकने में नाकाम रहा। बाजार सहभागियों में अमेरिकी राजकोषीय नीति के दीर्घकालिक परिणामों को लेकर गहरी चिंताएं व्याप्त हैं। निवेशक बढ़ते सरकारी कर्ज, विशाल बजटीय घाटे और इस संभावना को लेकर अधिक सतर्क हैं कि अमेरिकी अधिकारी डॉलर की विनिमय दर की कीमत पर ढीली वित्तीय स्थितियों को प्राथमिकता दे सकते हैं।

## मुद्रास्फीति का जोखिम और आगामी पीएमआई आंकड़े
कीमती धातुओं के सकारात्मक माहौल के बावजूद बाजार में मुद्रास्फीति के खतरे पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं। मध्य पूर्व क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में तेजी बनी हुई है। यदि ऊर्जा लागत इसी तरह बढ़ती रही तो यह अमेरिकी अर्थव्यवस्था में मुद्रास्फीति को उच्च स्तर पर बनाए रख सकती है। ऐसी स्थिति में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की अटकलें दोबारा जोर पकड़ सकती हैं, जो अंततः अमेरिकी डॉलर को सहारा प्रदान करेंगी। इसके अतिरिक्त ट्रेजरी यील्ड में लगातार होने वाली रिकवरी भी चांदी की हालिया बढ़त के लिए एक संभावित रुकावट बन सकती है।

कारोबारी समुदाय अब एसएंडपी ग्लोबल द्वारा जारी किए जाने वाले अगस्त महीने के प्रारंभिक परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (पीएमआई) आंकड़ों का उत्सुकता से इंतजार कर रहा है। आर्थिक विश्लेषकों का अनुमान है कि अगस्त में अमेरिकी आर्थिक गतिविधियों में मामूली सुस्ती देखने को मिल सकती है। जुलाई के 53.9 अंक की तुलना में अगस्त के विनिर्माण पीएमआई के घटकर 53.8 रहने की संभावना जताई गई है। इसी तरह सेवा क्षेत्र का पीएमआई भी पिछले महीने के 54.6 अंक से गिरकर 54.0 पर आने की उम्मीद है। यदि पीएमआई आंकड़े उम्मीद से अधिक कमजोर रहते हैं तो डॉलर पर दबाव और गहरा सकता है।

## एक घंटे वाले चार्ट का तकनीकी विश्लेषण और महत्वपूर्ण स्तर
तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो एक घंटे वाले टाइमफ्रेम में XAG/USD 69.83 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है, जो निकट अवधि में मजबूत बुल्लिश संरचना को दर्शाता है। कीमत 68.03 डॉलर के आसपास स्थित ऊपर की ओर झुकी हुई ट्रेंड लाइन सपोर्ट से ऊपर मजबूती से टिकी हुई है। इसके अलावा चांदी अपने 100-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) जो कि 66.02 डॉलर पर है और 200-अवधि के सिंपल मूविंग एवरेज जो कि 65.56 डॉलर पर स्थित है, दोनों से काफी ऊपर बनी हुई है।

मूल्य संरचना में 67.75 डॉलर और 66.60 डॉलर के स्तरों पर क्षैतिज सहायता का एक मजबूत क्लस्टर बना हुआ है, जो तेजी के रुझान को अतिरिक्त बल प्रदान करता है। हालांकि, 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 70.05 के स्तर पर पहुंच चुका है। आरएसआई का यह आंकड़ा बाजार में हल्के ओवरबॉट्स हालात का संकेत देता है। ओवरबॉट्स स्थिति के कारण कीमतों में तत्काल बड़ी गिरावट आने की बजाय केवल तेजी की गति थोड़ी धीमी हो सकती है या कुछ समय के लिए समेकन देखने को मिल सकता है।

ऊपरी स्तरों की बात करें तो 70.00 डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर पहला और सबसे अहम रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि चांदी इस 70.00 डॉलर के स्तर से ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट देने में सफल रहती है, तो अल्पकालिक अवधि में और बड़ी तेजी के द्वार खुल जाएंगे। इसके विपरीत, यदि मुनाफावसूली का दबाव बढ़ता है, तो नीचे की तरफ पहला प्रमुख सपोर्ट 68.03 डॉलर के ट्रेंड लाइन क्षेत्र में मिलेगा। यदि यह स्तर टूटता है तो अगला समर्थन 67.75 डॉलर और 66.60 डॉलर पर आएगा, जबकि 100-अवधि का एसएमए (66.02 डॉलर) और 200-अवधि का एसएमए (65.56 डॉलर) गहरे ट्रेंड सपोर्ट के रूप में कार्य करेंगे।

## लाइव मार्केट डेटा और तकनीकी संकेतक (SI=F)
21 अगस्त 2026 के लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, चांदी वायदा (SI=F) 69.53 डॉलर पर कारोबार कर रही है, जो पिछले बंद भाव 68.03 डॉलर की तुलना में 2.20 प्रतिशत की दैनिक वृद्धि दर्शाती है। बाजार में व्यापारिक मात्रा 20 दिनों के औसत से 19.22 गुना अधिक दर्ज की गई है, जो संस्थागत निवेशकों की भारी भागीदारी का प्रमाण है। चांदी का 52-सप्ताह का दायरा 38.03 डॉलर से 121.30 डॉलर के बीच रहा है।

दैनिक तकनीकी संकेतकों पर नजर डालें तो 14-दिवसीय आरएसआई 68 पर है, जो बुल्लिश क्षेत्र में बना हुआ है। एमएसीडी (MACD) 1.82 पर है, जो सिग्नल लाइन 1.04 से ऊपर है और 0.79 का हिस्टोग्राम दर्शाते हुए स्पष्ट बुल्लिश मोमेंटम की पुष्टि करता है। घातांकीय गतिमान औसत (EMA) की बात करें तो 20-दिवसीय ईएमए 63.87 डॉलर, 50-दिवसीय ईएमए 63.98 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 64.68 डॉलर पर स्थित है। साधारण गतिमान औसत (SMA) में 50-दिवसीय एसएमए 61.64 डॉलर और 200-दिवसीय एसएमए 71.05 डॉलर पर बना हुआ है।

बोलिंगर बैंड्स (20,2) का दायरा 55.29 डॉलर से 70.04 डॉलर है, जिसमें मध्य रेखा 62.66 डॉलर पर है और वर्तमान मूल्य ऊपरी बैंड के पास मंडरा रहा है। औसत दिशात्मक सूचकांक (ADX) 29 पर है, जो बाजार में मजबूत ट्रेंड की मौजूदगी को साबित करता है। स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर में फास्ट लाइन 95 और सिग्नल लाइन 92 पर अति-खरीदे गए क्षेत्र में हैं। 14-दिवसीय एटीआर (ATR) 1.85 डॉलर है, जो दैनिक अस्थिरता को रेखांकित करता है। पिवट पॉइंट्स के अनुसार, दैनिक पिवट स्तर 69.19 डॉलर है, जबकि रेजिस्टेंस R1 70.42 डॉलर और R2 71.31 डॉलर पर हैं। सपोर्ट स्तरों में S1 68.30 डॉलर और S2 67.07 डॉलर पर स्थित हैं।

## विदेशी मुद्रा बाजार: पाउंड और यूरो में मजबूती
अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी का असर केवल कीमती धातुओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं में भी इसका प्रभाव देखा जा रहा है। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) अपने साप्ताहिक लाभ को बढ़ाते हुए 1.3650 के स्तर से ऊपर निकल गया है, जो फरवरी के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। ब्रिटेन के निराशाजनक खुदरा बिक्री आंकड़ों के बावजूद, वहां के सकारात्मक पीएमआई आंकड़ों ने पाउंड स्टर्लिंग को मजबूत सहारा दिया है।

दूसरी ओर, यूरोपीय सत्र के दौरान यूरो (EUR/USD) में भी सकारात्मक गति देखी गई और यह 1.1700 के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है। यद्यपि जर्मनी और संपूर्ण यूरोज़ोन से जारी पीएमआई आंकड़े मिश्रित रहे, फिर भी वैश्विक बाजार में डॉलर की व्यापक नरमी के चलते यूरो अपनी बुल्लिश स्थिति को बरकरार रखने में सफल रहा है।

## सोना और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का परिदृश्य
कीमती धातुओं में सोने की कीमतों में भी शुक्रवार को तेजी का सिलसिला जारी रहा। सोने के खरीदार 4,600 डॉलर के रेजिस्टेंस क्षेत्र को दोबारा परखने का लक्ष्य बना रहे हैं, जो पिछले छह महीनों के ट्रेडिंग रेंज का ऊपरी सिरा रहा है। अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट और ट्रेजरी विभाग द्वारा तरलता सहायता बढ़ाने की योजना के कारण पूरे बुलियन सेगमेंट को पंख लग गए हैं।

डिजिटल एसेट बाजार में भी बुल्लिश माहौल बना हुआ है। बिटकॉइन (BTC) 77,000 डॉलर के स्तर को पार कर चुका है, जिसके नेतृत्व में पूरा क्रिप्टो बाजार मजबूत हुआ है। अन्य प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में एथेरियम (ETH) 2,400 डॉलर के करीब और रिपल (XRP) 1.35 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहे हैं। इस प्रकार, व्यापक वित्तीय बाजारों में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी का सीधा फायदा धातुओं और क्रिप्टो परिसंपत्तियों को मिल रहा है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा डॉलर में नकदी बढ़ाने के फैसले से अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी और सोने की कीमतें महंगी हो सकती हैं, जिसका सीधा असर भारत में सर्राफा बाजारों और आगामी त्योहारी सीजन की खरीदारी पर पड़ेगा।

**निवेशकों पर:** अमेरिकी डॉलर में नरमी और बांड्स में सरकारी हस्तक्षेप से कमोडिटीज तथा क्रिप्टो एसेट्स में तेजी का माहौल बन रहा है, जिससे निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में कीमती धातुओं का आवंटन बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. चांदी की कीमत में तेजी का मुख्य कारण क्या है?
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा अपने दीर्घकालिक सरकारी कर्ज की पुनर्दस्तखत और बायबैक योजना को दोगुना करने का ऐलान मुख्य कारण है, जिससे अमेरिकी डॉलर और बांड यील्ड में गिरावट आई है।

### 2. ट्रेजरी विभाग की बायबैक योजना की समयावधि क्या है?
यह योजना 9 सितंबर से शुरू होकर 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगी, जिसमें 10 से 30 वर्ष की अवधि वाले बांड्स की पुनर्खरीद सीमा 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन की गई है।

### 3. तकनीकी आधार पर चांदी के लिए प्रमुख सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर कौन से हैं?
अल्पकालिक अवधि में पहला प्रमुख रेजिस्टेंस 70.00 डॉलर पर है। नीचे की तरफ पहला मजबूत सपोर्ट 68.03 डॉलर और उसके बाद 67.75 डॉलर व 66.60 डॉलर पर स्थित है।

### 4. अन्य बाजारों पर इस घोषणा का क्या प्रभाव पड़ा है?
अमेरिकी डॉलर में गिरावट के कारण सोने की कीमतें 4,600 डॉलर की ओर बढ़ी हैं, बिटकॉइन 77,000 डॉलर के पार निकल गया है, और विदेशी मुद्रा में ब्रिटिश पाउंड 1.3650 तथा यूरो 1.1700 के पार पहुंच गए हैं।

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