# यूएस ट्रेजरी बायबैक से यूरो में उछाल, फेडरल रिजर्व की चेतावनी के बाद भी EUR/USD 1.1650 के पार पहुँचा

> यूएस ट्रेजरी द्वारा लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक का दायरा बढ़ाने से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर पर दबाव बना है, जिससे EUR/USD में मजबूती आई है। वहीं फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के मिनट्स में जरूरत पड़ने पर मौद्रिक नीति को सख्त करने के संकेत दिए गए हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-19 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-treasury-bayabaika-se-yuro-men-uchhala-federal-reserve-ki-chetavani-ke-bada-bhi-eur-usd-1-1650-ke-para-pahuncha-18555 · **Language:** Hindi
**Tags:** EUR/USD, फेडरल रिजर्व, यूएस ट्रेजरी, यूरोपीय सेंट्रल बैंक, फॉरेक्स मार्केट, क्रिस्टीन लेगार्ड, बॉन्ड यील्ड, बिटकॉइन, finance

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में यूरो ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले अपनी तेजी को और मजबूत कर लिया है। फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के मिनट्स जारी होने के बाद, जिसमें नीति निर्माताओं ने मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए ब्याज दरों में आगे बढ़ोतरी का संकेत दिया था, EUR/USD में मजबूती देखी जा रही है। इस समय डॉलर पर सबसे बड़ा दबाव यूएस ट्रेजरी विभाग के उस फैसले से आया है जिसमें लंबी अवधि की प्रतिभूतियों के लिए लिक्विडिटी बायबैक संचालन के आकार को बढ़ा दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई है, जिससे अमेरिकी डॉलर पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया और यूरो को मजबूती प्रदान हुई।

## यूएस ट्रेजरी बायबैक और फेड मिनट्स का मुद्रा बाजार पर प्रभाव
यूएस ट्रेजरी विभाग ने हाल ही में घोषणा की है कि वह लंबी अवधि के कूपन बॉन्ड्स के लिए अपने लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक संचालन के आकार को दोगुना कर रहा है। इस कदम का सीधा असर अमेरिकी बॉन्ड बाजार पर पड़ा है। सरकारी यील्ड में गिरावट आने से वैश्विक निवेशकों का ध्यान अन्य मुद्राओं की ओर स्थानांतरित हुआ है। सामान्य तौर पर जब किसी देश की बॉन्ड यील्ड घटती है, तो उस देश की मुद्रा का आकर्षण कम हो जाता है। यही कारण है कि अमेरिकी डॉलर सूचकांक दबाव में आ गया है और प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले फिसल रहा है।

दूसरी ओर, फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के मिनट्स में एक अलग तस्वीर सामने आई है। मिनट्स से पता चलता है कि नीति निर्माता मुद्रास्फीति के ऊंचे स्तर को लेकर चिंतित हैं। बैठक में हिस्सा लेने वाले कई सदस्यों ने इस बात पर सहमति जताई कि यदि मुद्रास्फीति में अपेक्षित गिरावट नहीं आती है, तो मौद्रिक नीति को और अधिक सख्त बनाना आवश्यक होगा। केंद्रीय बैंक के अधिकारियों का मानना है कि मुद्रास्फीति का दबाव अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक रूप से फैला हुआ है। हालांकि, मुद्रा बाजार ने फेडरल रिजर्व के इस सख्त मौद्रिक दृष्टिकोण के बजाय यूएस ट्रेजरी के बायबैक फैसले के तात्कालिक प्रभावों को अधिक प्राथमिकता दी है, जिसके चलते EUR/USD में बढ़त दर्ज की गई।

## EUR/USD तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख सपोर्ट व रेजिस्टेंस स्तर
दैनिक चार्ट पर नजर डालें तो EUR/USD वर्तमान में 1.1678 के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जबकि लाइव सत्र के दौरान यह 1.17 के स्तर तक पहुँच गया है, जो 0.86% की दैनिक बढ़त को दर्शाता है। इस मुद्रा जोड़े का 52 हफ्तों का दायरा 1.13 से 1.20 के बीच रहा है। निकट भविष्य के दृष्टिकोण से मुद्रा जोड़े में बुलिश रुझान बना हुआ है। 1.1470 के आसपास स्थित ट्रिपल सिंपल मूविंग एवरेज और 1.1459 के ट्रेंड-लाइन ब्रेकआउट स्तर से ऊपर बने रहने के कारण बाजार में निचले स्तरों पर खरीदारी का समर्थन मिल रहा है।

तकनीकी संकेतकों के अनुसार, 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 72.8 के स्तर पर पहुँच गया है (जो लाइव डेटा में 72 दर्ज किया गया है)। यह स्थिति बाजार के ओवरबॉट क्षेत्र में होने का संकेत देती है, जिससे यह संभावना जताई जा रही है कि अल्पकालिक स्तर पर तेजी की गति थोड़ी धीमी हो सकती है। ऊपरी स्तरों पर, मुख्य बाधा 1.1849 पर स्थित हॉरिजॉन्टल रेजिस्टेंस लाइन है। यदि EUR/USD इस स्तर को पार करने में सफल रहता है, तो रैली आगे विस्तार ले सकती है। वहीं, नीचे की ओर पहला तात्कालिक सपोर्ट 1.1678 (S1 सपोर्ट 1.16) पर है। इसके बाद 1.1459 का पूर्व ट्रेंड-लाइन स्तर और 1.1470 पर ट्रिपल मूविंग एवरेज क्लस्टर सपोर्ट का काम करेंगे। 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA20) 1.15 और EMA50 1.15 पर स्थित हैं, जबकि 20-दिवसीय बॉलिंजर बैंड 1.14 से 1.17 के बीच फैला हुआ है, जहाँ मूल्य ऊपरी बैंड के निकट बना हुआ है।

## यूरोपियन सेंट्रल बैंक, क्रिस्टीन लेगार्ड और यूरोज़ोन अर्थव्यवस्था
यूरो यूरोपीय संघ के 20 सदस्य देशों की आधिकारिक मुद्रा है, जो यूरोज़ोन का हिस्सा हैं। वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर के बाद यूरो दूसरी सबसे अधिक ट्रेड की जाने वाली मुद्रा है। वर्ष 2022 के आंकड़ों के अनुसार, कुल विदेशी मुद्रा लेनदेन में यूरो की हिस्सेदारी 31% रही थी, जिसका औसत दैनिक कारोबार 2.2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक था। पूरी दुनिया में EUR/USD सबसे लोकप्रिय मुद्रा जोड़ा है, जो कुल करेंसी ट्रेडिंग का लगभग 30% हिस्सा कवर करता है। इसके अतिरिक्त यूरो के अन्य प्रमुख जोड़ों में EUR/JPY की हिस्सेदारी 4%, EUR/GBP की 3% और EUR/AUD की 2% है।

जर्मनी के फ्रैंकफर्ट शहर में स्थित यूरोपियन सेंट्रल बैंक (ECB) यूरोज़ोन का केंद्रीय बैंक है। ECB का प्राथमिक दायरा मुद्रास्फीति को नियंत्रित करना और मूल्य स्थिरता बनाए रखना है। बैंक का मुख्य लक्ष्य मुद्रास्फीति को 2% के लक्षित स्तर पर बनाए रखना है। जब यूरोज़ोन में मुद्रास्फीति बढ़ती है, जैसा कि हालिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (HICP) आंकड़ों में मामूली बढ़ोतरी देखी गई है, तो ECB ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर होता है। अपेक्षाकृत उच्च ब्याज दरें यूरो को अधिक आकर्षक बनाती हैं क्योंकि वैश्विक निवेशक ऊंचे रिटर्न की तलाश में यूरोज़ोन में पूंजी लगाते हैं। ECB गवर्निंग काउंसिल की बैठकें वर्ष में 8 बार आयोजित की जाती हैं, जिनकी अध्यक्षता ECB अध्यक्ष क्रिस्टीन लेगार्ड और यूरोज़ोन के राष्ट्रीय बैंकों के गवर्नर करते हैं।

यूरोज़ोन की आर्थिक स्थिति भी यूरो के मूल्य को सीधे प्रभावित करती है। यूरो क्षेत्र की चार सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाएं (जर्मनी, फ्रांस, इटली और स्पेन) कुल यूरोज़ोन अर्थव्यवस्था का 75% हिस्सा संभालती हैं। इन देशों के सकल घरेलू उत्पाद (GDP), विनिर्माण और सेवा PMI, रोजगार के आंकड़े, और उपभोक्ता भावना सर्वेक्षण यूरो की दिशा तय करते हैं। इसके साथ ही ट्रेड बैलेंस इंडेक्स भी एक महत्वपूर्ण संकेतक है। यदि कोई देश आयात की तुलना में निर्यात अधिक करता है, तो विदेशी खरीदारों द्वारा उसकी मुद्रा की मांग बढ़ती है, जिससे पॉजिटिव ट्रेड बैलेंस होने पर मुद्रा मजबूत होती है।

## ब्रिटिश पाउंड, सोना और बिटकॉइन की बाजार स्थिति
यूएस ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट का असर केवल यूरो तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि अन्य प्रमुख संपत्तियों पर भी इसका स्पष्ट प्रभाव देखा गया है। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) मई के मध्य के बाद से अपने उच्चतम स्तर को छूते हुए 1.3600 के ऊपर निकल गया है। यूके से जारी मुद्रास्फीति आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में वार्षिक कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) बढ़कर 2.9% हो गया है, जो अनुमानों के अनुरूप है। वहीं, कोर CPI जुलाई में बढ़कर 2.6% YoY दर्ज किया गया, जो 2.5% के बाजार अनुमान से अधिक रहा। यूके में बढ़ती मुद्रास्फीति और कमजोर डॉलर के संयुक्त प्रभाव ने पाउंड को मजबूती प्रदान की है।

कीमती धातुओं में, सोना (XAU/USD) अमेरिकी ट्रेडिंग सत्र के दौरान बढ़त हासिल करने में सफल रहा। अमेरिकी डॉलर में नरमी और लंबी अवधि की ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के कारण सोने ने पिछले सत्र में हुए नुकसान की भरपाई कर ली है। उधर क्रिप्टो बाजार में, बिटकॉइन (BTC) की गति $65,000 के निकट सीमित देखी गई है, जबकि इसे $64,000 के ऊपर मजबूत सपोर्ट मिल रहा है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता के कारण निवेशकों के सतर्क रुख अपनाने से बिटकॉइन की बढ़त थमी हुई है, हालांकि वैश्विक बाजारों में डॉलर की कमजोरी अन्य जोखिम वाली परिसंपत्तियों को समर्थन दे रही है।

## इसका आप पर असर
**वैश्विक निवेशकों और व्यापारियों के लिए:** यूएस ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और डॉलर की कमजोरी से विदेशी मुद्रा बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है, जिससे यूरो और सोने में निवेश के अवसर बन रहे हैं।

**अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और आयातकों के लिए:** यूरो और पाउंड मजबूत होने से यूरोप तथा ब्रिटेन की यात्रा और आयात महंगे हो सकते हैं, जबकि डॉलर आधारित भुगतानों में कुछ राहत मिल सकती है।

## सवाल-जवाब

### 1. EUR/USD में हालिया तेजी का मुख्य कारण क्या है?
यूएस ट्रेजरी विभाग द्वारा लंबी अवधि की प्रतिभूतियों के लिए बायबैक संचालन का आकार बढ़ाने से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है, जिससे डॉलर कमजोर हुआ और EUR/USD 1.1650 के ऊपर पहुंच गया।

### 2. फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के मिनट्स में क्या संकेत दिए गए हैं?
मिनट्स से पता चलता है कि फेड नीति निर्माता मुद्रास्फीति को लेकर चिंतित हैं और यदि मुद्रास्फीति में कमी नहीं आती है तो वे आगे भी ब्याज दरें बढ़ाने (सख्त मौद्रिक नीति) के लिए तैयार हैं।

### 3. EUR/USD के लिए कौन से तकनीकी स्तर महत्वपूर्ण हैं?
तत्काल रेजिस्टेंस 1.1849 पर है, जबकि मुख्य सपोर्ट 1.1678 (S1 1.16), 1.1459 और 1.1470 के ट्रिपल सिंपल मूविंग एवरेज क्लस्टर पर स्थित है।

### 4. यूरोज़ोन मुद्रास्फीति और ECB का यूरो पर क्या असर पड़ता है?
यूरोज़ोन में HICP मुद्रास्फीति बढ़ने से ECB द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना मजबूत होती है, जिससे यूरो की मांग और उसका मूल्य बढ़ता है।

### 5. यूके सीपीआई आंकड़ों का GBP/USD पर क्या प्रभाव पड़ा?
यूके में जुलाई की वार्षिक सीपीआई मुद्रास्फीति 2.9% और कोर सीपीआई 2.6% तक पहुंचने तथा डॉलर की कमजोरी से GBP/USD 1.3600 के पार मई के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

### 6. सोने और बिटकॉइन की वर्तमान बाजार स्थिति क्या है?
डॉलर और यील्ड में गिरावट से सोने (XAU/USD) ने अपने पिछले नुकसान की भरपाई की है, जबकि बिटकॉइन (BTC) को $64,000 से ऊपर सपोर्ट मिला है लेकिन भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण $65,000 के पास प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है।

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