अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड बायबैक और कमजोर डॉलर से सोने में जोरदार उछाल, 4,670 डॉलर के पार पहुंचा भाव अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा बॉन्ड बायबैक योजना के विस्तार और डॉलर में आई गिरावट के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें तीन महीने के उच्चतम स्तर 4,670 डॉलर के पार पहुंच गई हैं। बुधवार को एशियाई कारोबार की शुरुआत में सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा गया और यह तीन महीने से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव 4,650 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार करते हुए 4,670 डॉलर के करीब दर्ज किया गया। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और अमेरिकी वित्त विभाग की ओर से बॉन्ड बायबैक योजना के विस्तार के ऐलान से कीमती धातुओं की मांग को भारी मजबूती मिली है। इसके साथ ही अमेरिकी प्रशासन द्वारा ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों और संस्थाओं पर पाबंदियां बढ़ाने से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा है, जिससे निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ तेजी से बढ़ा है। ट्रेजरी बॉन्ड बायबैक योजना और कमजोर डॉलर से बाजार को मिला समर्थन सोने की कीमतों में हालिया तेजी का एक प्रमुख कारण अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट का वह बयान है जिसमें उन्होंने सरकारी कर्ज प्रबंधन रणनीति की घोषणा की थी। अमेरिकी वित्त विभाग ने लंबे समय की परिपक्वता वाले बांडों की पुनर्खरीद को दोगुना करने की घोषणा के बाद, बॉन्ड बायबैक को 4 अरब डॉलर की सीमा से आगे बढ़ाने का संकेत दिया। सरकार के इस कदम से लंबी अवधि के बॉन्ड यील्ड पर दबाव पड़ा है और बांड तथा कमोडिटी बाजारों में शॉर्ट-कवरिंग की जोरदार लहर देखने को मिली है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट के कारण सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्ति को अपने पास रखने की अवसर लागत (ऑपर्च्युनिटी कॉस्ट) काफी घट जाती है, जिससे वैश्विक निवेशकों के लिए बुलियन का आकर्षण बढ़ जाता है। इसके साथ ही, अमेरिकी डॉलर में लगातार बिकवाली का रुख बना हुआ है। डॉलर कमजोर होने से विदेशी मुद्राओं के धारकों के लिए डॉलर में मूल्यवर्गित सोना खरीदना अधिक सस्ता हो जाता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग को मजबूती मिलती है। ईरान पर नई अमेरिकी पाबंदियों से बढ़ी भू-राजनीतिक अनिश्चितता भू-राजनीतिक घटनाक्रमों ने भी सोने की तेजी को अतिरिक्त बल दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन ने तेहरान के साथ आर्थिक संबंध बनाए रखने वाले विदेशी संस्थानों, कंपनियों और देशों पर द्वितीयक पाबंदियों (सेकेंडरी सैंक्शंस) के दायरे को बढ़ाने की घोषणा की है। इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वित्तीय प्रवाह में अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है। ऐतिहासिक रूप से, भू-राजनीतिक जोखिम, आर्थिक अनिश्चितता और मुद्रा अवमूल्यन के समय में सोना निवेशकों के लिए मुख्य सहारा बनता है। चूंकि भौतिक सोना किसी एक देश या कॉरपोरेट संस्था के वादे पर निर्भर नहीं होता, इसलिए बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक तनाव बढ़ने पर संस्थागत निवेशक और एसेट मैनेजर्स बुलियन में अपना आवंटन बढ़ा देते हैं। तकनीकी विश्लेषण: ओवरबॉट संकेतों के बीच तेजी का रुख कायम दैनिक चार्ट पर XAU/USD का रुझान मजबूती से तेजी का बना हुआ है। सोना अपने 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) $4,380 और बॉलिंगर बैंड के मध्य स्तर $4,340 से काफी ऊपर बना हुआ है। तकनीकी संरचना दर्शाती है कि कीमत बॉलिंगर लिफाफे के ऊपरी हिस्से की ओर बढ़ रही है, जहां पहला ऊपरी रेजिस्टेंस $4,725 के करीब है। तकनीकी संकेतक खरीदारी की मजबूत रफ्तार को दर्शा रहे हैं, हालांकि 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) लगभग 73 के स्तर पर पहुंचकर ओवरबॉट क्षेत्र में प्रवेश कर चुका है। लाइव मार्केट ट्रेडिंग के दौरान, हाजिर सोना $4,718 के स्तर तक पहुंचा है, जहां RSI 77 पर पहुंच गया है और MACD इंडिकेटर 129.23 के स्तर पर मजबूत बुलिश क्रॉसओवर दिखा रहा है। अल्पकालिक कारोबार के लिए मुख्य रेजिस्टेंस $4,729 (R1) और $4,739 (R2) पर है, जबकि तत्काल सपोर्ट $4,710 (S1) और $4,702 (S2) पर स्थित है। केंद्रीय बैंकों की रिकॉर्ड खरीदारी और संस्थागत मांग अल्पकालिक ट्रेडिंग के अलावा, दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों द्वारा की जा रही लगातार खरीदारी सोने की दीर्घकालिक तेजी का बड़ा आधार है। केंद्रीय बैंक अपनी घरेलू मुद्रा की स्थिरता बनाए रखने, देश की साख को मजबूत करने और संकट के समय विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाने के लिए सोने का विशाल भंडार रखते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार, 2022 में दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने अपने आधिकारिक भंडार में 1,136 टन सोना जोड़ा, जिसकी कीमत लगभग 70 अरब डॉलर थी। यह रिकॉर्ड पर दर्ज की गई अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक खरीदारी थी। इस खरीदारी में चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते हुए बाजारों के केंद्रीय बैंक सबसे आगे रहे हैं, जो अपनी अर्थव्यवस्थाओं को वैश्विक अनिश्चितता से बचाने के लिए सोने के भंडार में तेजी से बढ़ोतरी कर रहे हैं। वैश्विक मुद्रा बाजार और मैक्रो इकोनॉमिक परिदृश्य सोने का अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी उपकरणों के साथ-साथ शेयर बाजार जैसी जोखिम वाली संपत्तियों के साथ विपरीत संबंध (इनवर्स कोरिलेशन) होता है। जब शेयर बाजारों में गिरावट आती है या बिकवाली का माहौल बनता है, तब पूंजी आमतौर पर सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों की ओर शिफ्ट होती है। इसके विपरीत, शेयर बाजार में बड़ी तेजी सोने की बढ़त पर अंकुश लगाती है। मुद्रा बाजार की बात करें तो डॉलर की कमजोरी के बीच EUR/USD 1.1670 के आसपास बना हुआ है और 1.1700 के रेजिस्टेंस की ओर नजरें टिकाए हुए है, जबकि GBP/USD 1.3650 के स्तर पर रेजिस्टेंस का सामना कर रहा है। बाजार प्रतिभागी अब अमेरिका के व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मुद्रास्फीति आंकड़ों और दूसरी तिमाही के जीडीपी डेटा के संशोधनों पर नजर बनाए हुए हैं, जो आने वाले समय में ब्याज दरों और कमोडिटी की चाल तय करेंगे। इसका आप पर असर भारत में: घरेलू बाजार में सोने और आभूषणों की खुदरा कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे शादी-विवाह और त्योहारों के सीजन में खरीदारी महंगी होगी। वैश्विक निवेशकों के लिए: कमजोर डॉलर और केंद्रीय बैंकों की रिकॉर्ड खरीदारी से कमोडिटी पोर्टफोलियो में सोने की साख और रिटर्न में सुधार होगा। सवाल-जवाब 1. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का भाव कितना पहुंच गया है? एशियाई कारोबारी सत्र में सोना $4,650 के स्तर को पार करते हुए $4,670 प्रति औंस के करीब पहुंच गया, जो तीन महीने से अधिक का उच्चतम स्तर है। 2. सोने की कीमतों में तेजी के मुख्य कारण क्या हैं? अमेरिकी वित्त विभाग की बॉन्ड बायबैक योजना, अमेरिकी डॉलर में गिरावट, और ईरान पर नई अमेरिकी पाबंदियों से बढ़ी भू-राजनीतिक अनिश्चितता इसके मुख्य कारण हैं। 3. बॉन्ड बायबैक योजना का सोने पर क्या प्रभाव पड़ा है? अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट द्वारा $4 अरब से अधिक की बॉन्ड पुनर्खरीद के संकेत से बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है, जिससे बिना ब्याज वाली संपत्ति जैसे सोने का आकर्षण बढ़ा है। 4. दुनिया में सबसे ज्यादा सोना कौन खरीद रहा है? वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते देशों के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए रिकॉर्ड मात्रा में सोना खरीद रहे हैं। 5. तकनीकी रूप से सोने का अगला रेजिस्टेंस और सपोर्ट स्तर क्या है? सोने के लिए पहला रेजिस्टेंस $4,725 से $4,729 के आसपास है, जबकि तत्काल सपोर्ट $4,710 और $4,380 (100-दिवसीय SMA) पर स्थित है। https://trendkia.com/market/us-treasury-bond-buyback-aura-dollar-ki-kamajori-se-sone-men-joradara-uchhala-4-670-dolara-ke-para-pahuncha-bhava-22092 TrendKia — Har trend, sabse pehle.