अमेरिकी बॉन्ड बायबैक योजना से डॉलर में नरमी, 160 के स्तर के पास कर्ज की चिंताओं से घिरा जापानी येन अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा बॉन्ड बायबैक दोगुना करने के फैसले से डॉलर पर दबाव बढ़ा है, जबकि राबोबैंक की रणनीतिकार जेन फोली के अनुसार जापानी येन 158 के 3 महीने के पूर्वानुमान पर बना हुआ है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा दीर्घकालिक ऋण प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद यानी बायबैक योजना में अचानक वृद्धि किए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की तेजी थम गई है। इस घटनाक्रम से डॉलर के मुकाबले जापानी येन को मनोवैज्ञानिक रूप से संवेदनशील 160 के स्तर से नीचे बने रहने में मदद मिली है। वित्तीय विश्लेषण संस्थान राबोबैंक की सीनियर एफएक्स स्ट्रैटेजिस्ट जेन फोली के अनुसार, जापान और अमेरिका में राजकोषीय स्थिति और बढ़ते सरकारी कर्ज की गतिशीलता वैश्विक मुद्रा दरों को नया आकार दे रही है। संस्थान ने जापानी मुद्रा के लिए अपने 3 महीने के पूर्वानुमान को 158 पर बनाए रखा है, हालांकि निकट अवधि में ऊपर की तरफ संभावित उछाल की चेतावनी भी दी है। अमेरिकी ट्रेजरी का बॉन्ड बायबैक फैसला और बांड यील्ड का संतुलन अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने निर्धारित कैलेंडर से इतर जाकर एक महत्वपूर्ण नीतिगत घोषणा की। विभाग ने आधिकारिक समय 12:32 GMT पर जानकारी दी कि वह 10 साल से 20 साल और 20 साल से 30 साल की परिपक्वता अवधि वाले दीर्घकालिक बॉन्ड क्षेत्रों में अपनी तरलता सहायता बायबैक नीलामी के आकार को दोगुना से अधिक करेगा। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन कर दिया गया है। यह नया बायबैक तंत्र 9 सितंबर से प्रभावी होगा और 4 नवंबर तक लागू रहेगा। ट्रेजरी सेक्रेटरी बेसेन्ट द्वारा शुरू की गई इस आक्रामक बायबैक पहल का उद्देश्य अमेरिकी बॉन्ड बाजार में तरलता को मजबूत करना और दीर्घकालिक उधार लागत में हो रही वृद्धि पर अंकुश लगाना है। बुधवार को बॉन्ड यील्ड में भारी गिरावट के बाद गुरुवार को 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड संभलकर 4.672% पर पहुंच गई। इस कदम ने वित्तीय बाजारों में यील्ड में आई हालिया तेज बढ़ोतरी से राहत दी और अमेरिकी डॉलर सूचकांक में चल रही एकतरफा मजबूती पर ब्रेक लगा दिया। राबोबैंक का येन पूर्वानुमान और बैंक ऑफ जापान की दर नीतियां जापान के राजकोषीय परिदृश्य और मुद्रा विनिमय दरों पर टिप्पणी करते हुए जेन फोली ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी ट्रेजरी की घोषणा के बाद डॉलर में आई गिरावट ने USD/JPY को 160 के महत्वपूर्ण स्तर से कुछ दूर धकेल दिया है। राबोबैंक का मानना है कि बैंक ऑफ जापान (BoJ) आने वाले महीनों में अपनी ब्याज दर बढ़ोतरी की रफ्तार को तेज कर सकता है। बैंक ऑफ जापान की मौद्रिक नीतियों में आक्रामकता की उम्मीद के आधार पर ही 3 महीने के लिए USD/JPY का लक्ष्य 158 निर्धारित किया गया है। हालांकि, राबोबैंक ने चेतावनी दी है कि निकट अवधि में USD/JPY के ऊपरी स्तरों का परीक्षण करने के प्रयासों को पूरी तरह से खारिज नहीं किया जा सकता। इसके अलावा, इस साल के अंत में आयोजित होने वाली जापान की 2027 बजट चर्चाएं बाजार की धारणा और येन के दीर्घकालिक रुझान पर गहरा प्रभाव डाल सकती हैं। जापान में बढ़ते सरकारी खर्च और बॉन्ड मांग में बदलाव अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के लिए एक प्रमुख निगरानी बिंदु बने हुए हैं। यूरो, पाउंड और वैश्विक मुद्रा बाजार की स्थिति अमेरिकी डॉलर पर बने दबाव का असर प्रमुख वैश्विक मुद्राओं पर भी साफ दिखाई दिया। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) दिन के निचले स्तरों से उबरकर 1.3600 के स्तर से ऊपर मजबूती से बना रहा। हालांकि यह दिन के शुरुआती कारोबार में 1.3650 के छह महीने के उच्चतम स्तर को छूने के बाद थोड़ा पीछे हटा था, लेकिन अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड खरीदारी बढ़ाने के फैसले के कारण पाउंड अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। दूसरी ओर, यूरो (EUR/USD) ने अपने तीन महीने के उच्चतम स्तर को छूने के बाद अपनी तेजी की गति खो दी और 1.1700 के स्तर से नीचे स्थिर कारोबार किया। इसके बावजूद, अमेरिकी डॉलर की सीमित ताकत के कारण यूरो में भारी गिरावट की संभावना भी कम ही देखी जा रही है। डॉलर में आई कमजोरी ने प्रमुख विदेशी मुद्रा जोड़ों को एक सीमित दायरे में सहारा दिया है। कमोडिटी और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में हलचल अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में आए ठहराव का प्रभाव कमोडिटी बाजार पर भी पड़ा। गुरुवार को अमेरिकी ट्रेडिंग सत्र की शुरुआत में सोने (XAU/USD) की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि पिछले सत्र की तेज बिकवाली के बाद डॉलर में स्थिरता लौटने लगी। इसके विपरीत, डिजिटल संपत्ति यानी क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जोरदार बढ़त देखी गई। बिटकॉइन (BTC) ने अपनी शानदार तेजी को जारी रखते हुए $70,000 के आंकड़े को पार कर लिया। इथेरियम (ETH) भी $2,200 के स्तर से ऊपर बना रहा, जबकि रिपल (XRP) ने $1.15 से ऊपर पहुंचकर अपने सुधार को मजबूत किया। अमेरिकी ट्रेजरी के कदम से वैश्विक वित्तीय परिसंपत्तियों की तरलता में सुधार हुआ है, जिसका सीधा फायदा क्रिप्टो बाजार के निवेशकों को मिल रहा है। इसका आप पर असर भारत और वैश्विक निवेशकों पर असर: • ग्लोबल फॉरेक्स और बॉन्ड मार्केट: अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बायबैक बढ़ाने से अमेरिकी यील्ड में स्थिरता आएगी, जिससे डॉलर की बेतहाशा बढ़ोतरी पर अंकुश लगेगा और उभरते बाजारों की मुद्राओं को राहत मिल सकती है। • क्रिप्टो और कमोडिटी निवेशक: डॉलर की नरमी से बिटकॉइन $70,000 के पार पहुंच गया है, जबकि सोने की कीमतों पर यील्ड स्थिर होने से हल्का दबाव देखा जा रहा है। सवाल-जवाब 1. USD/JPY के लिए राबोबैंक का 3 महीने का पूर्वानुमान क्या है? राबोबैंक ने USD/JPY के लिए 3 महीने का पूर्वानुमान 158 बनाए रखा है, हालांकि निकट अवधि में 160 के स्तर की ओर उछाल की संभावना से इनकार नहीं किया है। 2. अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बॉन्ड बायबैक के लिए क्या नया कदम उठाया है? अमेरिकी ट्रेजरी ने 10-20 साल और 20-30 साल के बॉन्ड बायबैक की सीमा को $2 बिलियन से बढ़ाकर कम से कम $4 बिलियन प्रति ऑपरेशन करने का फैसला किया है। 3. अमेरिकी बॉन्ड बायबैक योजना कब से लागू होगी? यह योजना 9 सितंबर से प्रभावी होगी और 4 नवंबर तक लागू रहेगी। 4. ट्रेजरी के इस फैसले से 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर क्या प्रभाव पड़ा? बुधवार को भारी गिरावट के बाद गुरुवार को 10-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड संभलकर 4.672% पर पहुंच गई। 5. क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बिटकॉइन की स्थिति क्या रही? डॉलर में नरमी के बीच बिटकॉइन तेजी से आगे बढ़ते हुए $70,000 के स्तर के पार निकल गया। https://trendkia.com/market/us-treasury-buyback-scheme-softens-dollar-strength-as-japanese-yen-navigates-debt-pressures-near-160-level-19130 TrendKia — Har trend, sabse pehle.