यूएस ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक से मिली रफ्तार पड़ी धीमी, फेड की सख्ती की आहट से डाउ जोन्स 53,500 के नीचे अटका अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा बॉन्ड बायबैक की सीमा दोगुनी करने के बावजूद डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज अपनी शुरुआती बढ़त बरकरार रखने में नाकाम रहा, जबकि फेडरल रिजर्व की बैठक के ब्योरे में ब्याज दरों में बढ़ोतरी के सख्त संकेतों से बाजार में सतर्कता लौट आई। अमेरिकी शेयर बाजार में बुधवार का कारोबारी सत्र अत्यधिक उतार-चढ़ाव से भरा रहा, जहां डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज शुरुआती तेजी को बनाए रखने में विफल साबित हुआ। सत्र के मध्य में 53,700 के स्तर को पार करने के बाद सूचकांक अपनी ऊपरी सीमा से 240 से अधिक अंक फिसल गया। कारोबार के अंत में DJIA लगभग 120 अंक यानी 0.23 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 53,500 के नीचे बंद हुआ। बाजार में शुरुआती उछाल अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के उस ऐलान के बाद आया था, जिसमें उसने अपनी तरलता सहायता बायबैक योजनाओं का दायरा बढ़ाने की बात कही थी। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ ही निवेशकों की धारणा में नरमी आई और सूचकांक ने अपनी आधी से अधिक बढ़त गंवा दी। वर्तमान में डाउ जोन्स 53,463 डॉलर के स्तर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 53,343 डॉलर की तुलना में 0.22 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। ट्रेजरी का बड़ा फैसला और बॉन्ड बायबैक का गणित सत्र के मध्य में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने घोषणा की कि वह लंबी अवधि के कूपन बॉन्ड के लिए अपने तरलता सहायता बायबैक संचालन की अधिकतम सीमा को दोगुना करेगा। इसके तहत प्रति ऑपरेशन खरीद सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। बाजार ने शुरुआती प्रतिक्रिया में इस कदम को राहत के रूप में देखा और डाउ जोन्स तेजी से ऊपर चढ़ा। लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि बॉन्ड बाजार में आई यह तेजी बिना किसी वास्तविक खरीदारी के हुई। ट्रेजरी की ओर से तय कैलेंडर के मुताबिक यह बड़ा बायबैक कार्यक्रम 9 सितंबर से पहले शुरू नहीं होगा और 4 नवंबर तक ही चलेगा। इसके बाद 4 नवंबर को त्रैमासिक रिफंडिंग के दौरान इस योजना की समीक्षा की जाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि अभी तक ट्रेजरी ने बाजार से एक भी नया बॉन्ड नहीं खरीदा है। इसके अलावा, ट्रेजरी का यह कदम राष्ट्रीय ऋण में कटौती का संकेत नहीं है। लंबी अवधि के बॉन्ड को वापस खरीदने और कम अवधि के कर्व पर उस अंतर की भरपाई करने से केवल परिपक्वता अनुसूची (मैच्योरिटी शेड्यूल) में बदलाव होता है, न कि कुल कर्ज का आकार घटता है। इस प्रक्रिया में सरकार खुद अपने उधार की औसत परिपक्वता अवधि को छोटा कर रही है। सरकारें आमतौर पर ऐसा तरीका तब अपनाती हैं जब वे लंबी अवधि के उधारी बाजार में मिलने वाली ब्याज दरों से संतुष्ट नहीं होती हैं। अमेरिकी राजकोषीय घाटा और यील्ड में उतार-चढ़ाव अमेरिका का राजकोषीय गणित ट्रेजरी के इस आक्रामक कदम के पीछे की असली वजह को स्पष्ट उजागर करता है। जुलाई महीने में अमेरिकी संघीय घाटा 432.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो मार्च 2021 के बाद का सबसे बड़ा मासिक घाटा है। चालू वित्त वर्ष में कुल राजकोषीय घाटा लगभग 1.8 खरब (ट्रिलियन) डॉलर के करीब पहुंच चुका है, जबकि केवल ब्याज भुगतान का खर्च ही 1.1 खरब डॉलर से ऊपर निकल गया है। इसके साथ ही, विदेशी संस्थागत निवेशकों की अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड में हिस्सेदारी घट रही है। जून के आंकड़ों के मुताबिक ब्रिटेन, चीन और जापान जैसे प्रमुख देशों ने अपनी अमेरिकी डेट होल्डिंग्स में कटौती की है। इतने भारी राजकोषीय दबाव का सामना कर रहा उधारीकर्ता बाजार को राहत देने के लिए नहीं, बल्कि अपनी उधारी लागत प्रबंधित करने के लिए बायबैक का दायरा बढ़ाता है। ट्रेजरी की घोषणा के बाद बॉन्ड यील्ड में तेज गिरावट दर्ज की गई। 30-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, जो मंगलवार को 5.33 प्रतिशत के पार चली गई थी और जून 2007 के बाद के उच्चतम स्तर पर थी, उसमें 9 बेसिस पॉइंट से अधिक की गिरावट आई और यह 5.19 प्रतिशत के करीब आ गई। वहीं, 10-वर्षीय ट्रेजरी नोट की यील्ड लगभग 5 बेसिस पॉइंट गिरकर 4.65 प्रतिशत के आसपास दर्ज की गई। वास्तव में, पहली बड़ी बायबैक कार्रवाई शुरू होने से तीन हफ्ते पहले ही 2 अरब डॉलर की सीमा बढ़ने से लंबी अवधि की यील्ड में इतनी बड़ी गिरावट आ गई। यह दर्शाता है कि जून के अंत से लंबी अवधि के बॉन्ड बाजार में खरीदारों की कितनी भारी कमी बनी हुई थी। फेडरल रिजर्व की बैठक के ब्योरे से बढ़ी अनिश्चितता ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) के अनुसार 18:00 बजे जारी जुलाई FOMC बैठक के ब्योरे (मिनिट्स) ने दोपहर में बाजार में बने सकारात्मक माहौल को पूरी तरह बदल दिया। मिनिट्स से खुलासा हुआ कि फेडरल रिजर्व के तीन क्षेत्रीय अध्यक्षों ने ब्याज दरों में एक-चौथाई प्रतिशत (25 बेसिस पॉइंट) की बढ़ोतरी के पक्ष में असहमति जताई थी। सितंबर 2016 के बाद यह पहला मौका है जब तीन सदस्यों ने एक साथ ऐसा असहमति जताई है। रिकॉर्ड से यह स्पष्ट होता है कि फेड के भीतर सख्त रुख (हाकिश रुख) रखने वाले अधिकारियों की संख्या केवल इन तीन असंतुष्टों तक सीमित नहीं थी। कई नीति निर्माता भविष्य में मौद्रिक नीति को और सख्त करने के लिए तैयार थे, जबकि कुछ अधिकारियों ने इस बात पर संदेह जताया कि वर्तमान वित्तीय स्थितियां मुद्रास्फीति को 2 प्रतिशत के लक्ष्य पर वापस लाने के लिए पर्याप्त रूप से सख्त हैं या नहीं। बाजार के जानकार मानते हैं कि केंद्रीय बैंक और राजकोषीय प्राधिकरण के बीच एक तरह का विरोधाभास देखा जा रहा है। फेड चेयरमैन ने पहले कहा था कि बॉन्ड बाजार में यील्ड की बढ़ोतरी केंद्रीय बैंक के लिए वित्तीय कसावट लाने का काम कर रही है। लेकिन ट्रेजरी द्वारा लंबी अवधि के बॉन्ड बाजार को दी गई तरलता सहायता इस कसावट को कम करती है। यानी issuer की ओर से दिया जा रहा यह सपोर्ट दूसरे रास्ते से मिलने वाली मौद्रिक ढील की तरह है, जिसके लिए FOMC के किसी भी सदस्य ने मतदान नहीं किया था। यही वजह है कि फेड मिनिट्स के जारी होने के बाद शेयर बाजार का सूचकांक कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दे सका। कंपनियों का प्रदर्शन और डाउ जोन्स का ढांचा सत्र के दौरान अलग-अलग कंपनियों के नतीजों का असर भी सूचकांकों पर साफ देखा गया। होम इम्प्रूवमेंट रिटेलर लोव्स (LOW) के शेयर कमजोर पूरे साल के मार्गदर्शन के कारण लगभग 2 प्रतिशत तक गिर गए। हालांकि, लोव्स की इस गिरावट से डाउ जोन्स सूचकांक पर कोई असर नहीं पड़ा, क्योंकि इस क्षेत्र से डाउ जोन्स का घटक होम डिपो (HD) है, जिसने अपने नतीजे एक दिन पहले घोषित किए थे। दूसरी ओर, S&P 500 के सभी 11 क्षेत्रों में से हेल्थकेयर सेक्टर ने बढ़त की अगुवाई करते हुए नया रिकॉर्ड बनाया। लेकिन डाउ जोन्स में इस हेल्थकेयर रैली का अधिकांश फायदा केवल एक प्रमुख शेयर के जरिए ही पहुंचा। ऐसे कारोबारी दिनों में विभिन्न सूचकांकों के बीच का अंतर व्यापक अर्थव्यवस्था के बजाय उनके घटकों के चयन पर निर्भर करता है। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज दुनिया के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित शेयर बाजार सूचकांकों में से एक है। इसमें अमेरिका की 30 सबसे बड़ी और तरल रूप से ट्रेडेड कंपनियां शामिल हैं। बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) के आधार पर भारित होने वाले सूचकांकों जैसे S&P 500 के विपरीत, डाउ जोन्स एक प्राइस-वेटेड सूचकांक है। इसका मतलब है कि इसमें शामिल शेयरों की कीमतों के योग को एक विशेष भाजक (डिवाइजर) से भाग देकर सूचकांक का मूल्य निकाला जाता है, जो वर्तमान में 0.152 है। डाउ जोन्स की स्थापना वॉल स्ट्रीट जर्नल के सह-संस्थापक चार्ल्स डो द्वारा की गई थी। आधुनिक युग में केवल 30 बड़ी कंपनियों को शामिल करने के कारण इस सूचकांक की आलोचना भी की जाती है, क्योंकि यह पूरे अमेरिकी बाजार का व्यापक प्रतिनिधित्व नहीं करता। तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख सपोर्ट-रेजिस्टेंस स्तर तकनीकी चार्ट पर डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फिलहाल एक संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है। ऊपर की ओर 53,700 का स्तर पहला तात्कालिक प्रतिरोध है, जो सत्र का उच्चतम स्तर भी रहा है। इसके बाद 53,800 का क्षेत्र सबसे महत्वपूर्ण बाधा बना हुआ है, जिसने महीने के मध्य से लेकर अब तक हर तेजी के प्रयास को खारिज किया है। यदि सूचकांक 53,800 के ऊपर निकलने में सफल रहता है, तो अगला लक्ष्य 54,100 का स्तर होगा, जो अगस्त की शुरुआत का मुख्य पड़ाव था। सूचकांक का ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड 54,750 के ठीक नीचे स्थित है। सपोर्ट स्तरों की बात करें तो कारोबार की शुरुआती आधे घंटे में बना 53,250 का स्तर पहला मुख्य सहारा है। इसके नीचे 53,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर मौजूद है। 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 52,500 के पास है, जो प्राथमिक संरचनात्मक फ्लोर के रूप में काम कर रहा है और लगातार ऊपर की ओर बढ़ रहा है। दीर्घकालिक 200-दिवसीय EMA काफी नीचे 49,750 के स्तर पर स्थित है। तकनीकी संकेतकों में डेली स्टोकैस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (Stoch RSI) 72.45 पर ऊपरी बैंड में बना हुआ है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार RSI(14) 55 पर स्थिर है, जबकि MACD हिस्टोग्राम -61.53 के साथ बेयरिश क्रॉसओवर दर्शा रहा है। ATR(14) 490.95 अंक है, जो बाजार में दैनिक उतार-चढ़ाव की सीमा को दर्शाता है। जब तक 53,800 का प्रतिरोध स्तर बना रहता है, तब तक बाजार का अल्पकालिक दृष्टिकोण मंदी (बेयरिश) की ओर झुका हुआ है। यदि सूचकांक 53,900 के ऊपर दैनिक कैंडल क्लोज देता है, तो मंदी का यह परिदृश्य अमान्य हो जाएगा। डाउ थ्योरी और ट्रेडिंग के विभिन्न माध्यम शेयर बाजार के विश्लेषण के लिए चार्ल्स डो द्वारा विकसित 'डाउ थ्योरी' आज भी बेहद प्रासंगिक मानी जाती है। डाउ थ्योरी के अनुसार बाजार के मुख्य रुझान को समझने के लिए डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (DJIA) और डाउ जोन्स ट्रांसपोर्टेशन एवरेज (DJTA) दोनों के घटकों की दिशा की तुलना की जाती है। जब दोनों सूचकांक एक ही दिशा में आगे बढ़ते हैं, तभी रुझान की पुष्टि मानी जाती है। इसमें ट्रेडिंग वॉल्यूम को भी एक महत्वपूर्ण पुष्टि कारक माना जाता है। डो की थ्योरी के अनुसार बाजार के रुझान के तीन मुख्य चरण होते हैं: पहला संचय (एक्यूमुलेशन) चरण, जब समझदार निवेशक खरीदारी या बिकवाली शुरू करते हैं; दूसरा सार्वजनिक भागीदारी (पब्लिक पार्टिसिपेशन) चरण, जब आम निवेशक बाजार में शामिल होते हैं; और तीसरा वितरण (डिस्ट्रिब्यूशन) चरण, जब समझदार निवेशक अपने सौदों से बाहर निकलते हैं। डाउ जोन्स में निवेश या ट्रेडिंग करने के कई साधन उपलब्ध हैं। निवेशक सूचकांक के लिए बनाए गए ETF का उपयोग कर सकते हैं, जिससे उन्हें 30 अलग-अलग कंपनियों के शेयर खरीदने के बजाय एक ही सिक्योरिटी में कारोबार करने की सुविधा मिलती है। इसका एक प्रमुख उदाहरण SPDR Dow Jones Industrial Average ETF (DIA) है। इसके अलावा, फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स के जरिए ट्रेडर्स सूचकांक के भावी मूल्य पर सट्टा लगा सकते हैं, जबकि ऑप्शंस कॉन्ट्रैक्ट्स भविष्य में एक निश्चित कीमत पर सूचकांक को खरीदने या बेचने का अधिकार प्रदान करते हैं। म्यूचुअल फंड भी निवेशकों को डाउ जोन्स की कंपनियों के एक विविधीकृत पोर्टफोलियो का हिस्सा बनने का अवसर देते हैं। वैश्विक मुद्रा, कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार पर असर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स में उतार-चढ़ाव का असर वैश्विक संपत्ति वर्गों पर भी देखा गया। ब्रिटिश पाउंड (GBP/USD) अपनी दैनिक तेजी को बढ़ाते हुए 1.3600 के स्तर से ऊपर कारोबार करता नजर आया, जो मई के मध्य के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। ब्रिटेन में जारी आंकड़ों के अनुसार जुलाई में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति बढ़कर 2.9 प्रतिशत हो गई, जो अनुमानों के अनुरूप थी। वहीं कोर CPI सालाना आधार पर 2.6 प्रतिशत बढ़ी। इसी तरह, EUR/USD तेजी के साथ 1.1650 के पार पहुंच गया, जो जून की शुरुआत के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। सोना (XAU/USD) अमेरिकी कारोबारी घंटों के दौरान मजबूत इंट्राडे बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और लंबी अवधि की ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से सोने को पिछले दिन के नुकसान की भरपाई करने में मदद मिली। दूसरी ओर, क्रिप्टो बाजार में बिटकॉइन (BTC) की तेजी 65,000 डॉलर के पास सीमित रही, हालांकि इसे 64,000 डॉलर के स्तर पर मजबूत समर्थन मिला। मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक व्यापक आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशकों ने जोखिम वाले परिसंपत्तियों में नए दांव लगाने से परहेज किया। इसका आप पर असर • वैश्विक और भारतीय बाजारों के लिए: अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती और फेडरल रिजर्व के सख्त मौद्रिक रुख से वैश्विक बाजारों में उधारी लागत ऊंची बनी रह सकती है और उभरते बाजारों से विदेशी पूंजी की निकासी का जोखिम रह सकता है। • खुदरा निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए: डाउ जोन्स जैसे प्रमुख सूचकांकों में तेज इंट्राडे उतार-चढ़ाव को देखते हुए ट्रेडर्स को 53,800 के तकनीकी प्रतिरोध स्तरों के पास सख्त स्टॉप-लॉस अनुशासन का पालन करना चाहिए। सवाल-जवाब 1. बुधवार को डाउ जोन्स में शुरुआती तेजी क्यों आई थी? अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा लंबी अवधि के बॉन्ड के लिए अपनी तरलता सहायता बायबैक सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर करने की घोषणा के बाद डाउ जोन्स में शुरुआती उछाल देखने को मिला। 2. डाउ जोन्स अपनी शुरुआती बढ़त को बरकरार क्यों नहीं रख सका? फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के ब्योरे में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की संभावना और सख्त वित्तीय शर्तों के संकेतों के बाद बाजार में सतर्कता लौट आई, जिससे सूचकांक 240 से अधिक अंक फिसल गया। 3. जुलाई FOMC मिनिट्स की मुख्य बातें क्या थीं? बैठक के ब्योरे से पता चला कि तीन क्षेत्रीय फेड अध्यक्षों ने ब्याज दरों में 0.25% की बढ़ोतरी के पक्ष में असहमति दर्ज कराई थी और कई अन्य अधिकारी मुद्रास्फीति को 2% तक लाने के लिए और नीतिगत सख्ती के पक्ष में थे। 4. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर ट्रेजरी के ऐलान का क्या असर हुआ? घोषणा के बाद 30-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड 5.33% के उच्च स्तर से गिरकर 5.19% के करीब आ गई, जबकि 10-वर्षीय नोट की यील्ड 5 बेसिस पॉइंट गिरकर 4.65% पर आ गई। 5. डाउ जोन्स के लिए मुख्य सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर कौन से हैं? सूचकांक के लिए पहला मुख्य प्रतिरोध 53,700 और 53,800 पर है, जबकि नीचे की तरफ पहला प्रमुख सपोर्ट 53,250 और फिर 53,000 का स्तर है। 6. बाजार के इस घटनाक्रम का अन्य संपत्तियों पर क्या प्रभाव पड़ा? डॉलर और यील्ड में गिरावट से ब्रिटिश पाउंड 1.3600 से ऊपर और यूरो 1.1650 से ऊपर पहुंच गया, जबकि सोने में रिकवरी देखी गई और बिटकॉइन 65,000 डॉलर के पास सीमित रहा। https://trendkia.com/market/us-treasury-ke-bonda-bayabaika-se-mili-raphtara-pari-dhimi-fed-ki-sakhti-ki-ahata-se-dow-jones-53-500-ke-niche-ataka-18558 TrendKia — Har trend, sabse pehle.