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  "title": "अमेरिकी खजाने की बांड पुनर्खरीद योजना से डॉलर पस्त, चांदी और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी",
  "summary": "अमेरिकी वित्त विभाग द्वारा लंबी अवधि के सरकारी ऋण पत्रों की पुनर्खरीद का आकार दोगुना करने के फैसले से डॉलर और बॉन्ड प्रतिफल में भारी गिरावट आई है, जिससे चांदी 65.80 डॉलर के स्तर को पार कर गई है।",
  "content": "वैश्विक वित्तीय बाजारों में उस समय बड़ा फेरबदल देखने को मिला जब अमेरिकी वित्त विभाग ने लंबे समय वाले बांडों की पुनर्खरीद प्रक्रिया को दोगुना करने का ऐलान किया। इस रणनीतिक कदम का सीधा प्रभाव अमेरिकी मुद्रा और बांड प्रतिफल पर पड़ा, जिससे डॉलर में व्यापक नरमी आई और बहुमूल्य धातुओं के दामों में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का भाव 65.80 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया, जबकि हाजिर बाजार में यह 67.13 डॉलर तक की ऊंचाइयों को छू चुका है। बांड बाजार में प्रतिफल के दबाव को कम करने के उद्देश्य से लिया गया यह फैसला 9 सितंबर से लागू होने जा रहा है, जिसने सर्राफा और विदेशी मुद्रा बाजार दोनों का रुख बदल दिया है।\n\nअमेरिकी वित्त विभाग के फैसले और नीतिगत रुख का प्रभाव\nअमेरिकी वित्त विभाग ने तरलता सहायता कार्यक्रम के तहत लंबी अवधि वाले कूपन प्रतिभूतियों की पुनर्खरीद को कम से कम दोगुना बढ़ाने की घोषणा की है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य हाल के दिनों में लंबी अवधि वाले बांड प्रतिफल में आए उछाल पर लगाम लगाना था। जैसे ही इस निर्णय की घोषणा हुई, बाजार में बांड प्रतिफल तेजी से नीचे आया और डॉलर इंडेक्स पर भारी दबाव बन गया। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के मिनट्स से संकेत मिला था कि अधिकारी मुद्रास्फीति को लेकर अब भी सतर्क हैं। हालांकि, वित्तीय कारोबारियों ने इन मिनट्स को पुरानी स्थिति का ब्योरा मानकर खारिज कर दिया, क्योंकि यह चर्चा जुलाई के नरम मुद्रास्फीति आंकड़ों और कमजोर रोजगार रिपोर्ट से पहले हुई थी। रोजगार आंकड़ों में 23,000 पेरोल की गिरावट दर्ज की गई थी, जिसने आर्थिक सुस्ती के संकेत दिए थे।\n\nइन सुस्त आंकड़ों के बाद बाजार में ब्याज दरों को लेकर धारणा पूरी तरह बदल गई है। तीन सप्ताह पहले सितंबर महीने में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना 60 प्रतिशत मानी जा रही थी, जो अब घटकर महज 34 प्रतिशत रह गई है। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक द्वारा दरों को यथावत रखना ही अब सबसे मजबूत संभावना है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की धीमी गति और बांड प्रतिफल में गिरावट ने बहुमूल्य धातुओं के लिए एक बेहद अनुकूल माहौल तैयार कर दिया है।\n\nचांदी का तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख प्रतिरोध स्तर\nचार घंटे वाले तकनीकी चार्ट पर चांदी (XAG/USD) का ढांचा लगातार मजबूती के संकेत दे रहा है। वर्तमान में चांदी 65.77 डॉलर के आसपास कारोबार कर रही है और यह अपने 20-अवधि के सरल मूविंग एवरेज (SMA) 64.84 डॉलर तथा 100-अवधि के सरल मूविंग एवरेज 62.16 डॉलर से ऊपर बनी हुई है। अल्पावधि और मध्यमावधि के इन औसत मूविंग स्तरों से ऊपर बने रहने के कारण बाजार का समग्र रुझान तेजी की ओर इशारा करता है। वहीं, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 58 के आसपास बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि बाजार में तेजी की रफ्तार सकारात्मक है और यह अभी अत्यधिक खरीदारी (ओवरबॉट) के दायरे में नहीं पहुंची है।\n\nतकनीकी नजरिए से ऊपर की ओर पहला मुख्य प्रतिरोध 65.92 डॉलर के क्षैतिज स्तर पर स्थित है। यदि चांदी इस स्तर को पार करने में सफल रहती है, तो यह तेजी के अगले चरण की शुरुआत कर सकती है। ताजा बाजार आंकड़ों के अनुसार, प्रतिरोध के अन्य प्रमुख स्तर 68.79 डॉलर और 70.46 डॉलर पर देखे जा रहे हैं। वहीं, गिरावट की स्थिति में पहला समर्थन 65.29 डॉलर पर है, जिसके बाद 20-अवधि का SMA 64.84 डॉलर पर स्थित है। अगर बिकवाली का दबाव बढ़ता है तो 63.83 डॉलर और 63.54 डॉलर के क्षेत्र में खरीदारी का सहारा मिल सकता है। जब तक चांदी 100-अवधि के SMA 62.16 डॉलर के ऊपर बनी रहती है, तब तक व्यापक तेजी का ढांचा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा।\n\nविदेशी मुद्रा बाजार में पाउंड और यूरो की छलांग\nअमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी का सीधा फायदा अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मुद्राओं को मिला है। जीबीपी/यूएसडी (GBP/USD) की जोड़ी में दैनिक आधार पर तेज बढ़त देखी गई और यह 1.3600 के स्तर को पार करते हुए मई के मध्य के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। ब्रिटेन से आए आर्थिक आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई महीने में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) पर आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति बढ़कर 2.9 प्रतिशत रही, जो बाजार के अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप थी। वहीं, कोर सीपीआई मुद्रास्फीति जुलाई में बढ़कर 2.6 प्रतिशत हो गई, जबकि इसके 2.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई गई थी। ब्रिटेन में मजबूत मुद्रास्फीति और अमेरिका में बांड बायबैक के फैसले ने पाउंड को अतिरिक्त ताकत प्रदान की।\n\nदूसरी ओर, ईयूआर/यूएसडी (EUR/USD) की जोड़ी में भी जबरदस्त तेजी दर्ज की गई और यह बुधवार को 1.1650 के स्तर के ऊपर कारोबार करते हुए जून की शुरुआत के बाद के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गई। डॉलर पर बने चौतरफा बिकवाली के दबाव ने यूरो को मजबूती दी। अंतरराष्ट्रीय निवेशक अब फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति के भविष्य के संकेतों को समझने के लिए आगामी बयानों और आर्थिक संकेतकों का बारीक विश्लेषण कर रहे हैं।\n\nसोना और बिटकॉइन का बाजार प्रदर्शन\nडॉलर की कमजोरी और अमेरिकी बांड प्रतिफल में आई गिरावट का असर सोने (XAU/USD) पर भी स्पष्ट रूप से देखा गया। अमेरिकी कारोबारी घंटों की शुरुआत के साथ ही सोने में अच्छी खासी खरीदारी दर्ज की गई, जिससे धातु ने पिछले कारोबारी सत्र में हुए नुकसान की पूरी भरपाई कर ली। बांड प्रतिफल में आई तेज गिरावट ने सोने जैसी बिना ब्याज वाली परिसंपत्तियों के आकर्षण को बढ़ा दिया है।\n\nडिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में बिटकॉइन की चाल कुछ सीमित नजर आई। क्रिप्टोक्यूरेंसी बाजार में बिटकॉइन की तेजी 65,000 डॉलर के पास रुक गई, हालांकि निचले स्तरों पर इसे 64,000 डॉलर के ऊपर मजबूत सहारा मिल रहा है। मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशक जोखिम वाली परिसंपत्तियों में सतर्कता बरत रहे हैं, जिससे बिटकॉइन की बढ़त ऊपरी स्तरों पर सीमित रही। फिर भी, व्यापक वित्तीय बाजार में डॉलर की सुस्ती कमोडिटी और विदेशी मुद्रा बाजार में तेजी के नए अवसर पैदा कर रही है।\n\nइसका आप पर असर\nभारत में निवेशकों के लिए: अमेरिकी डॉलर कमजोर होने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चांदी की कीमतें बढ़ने से घरेलू बाजारों में चांदी और सोने के दाम महंगे हो सकते हैं।\n\nव्यापारियों और आयातकों के लिए: बांड प्रतिफल घटने और फेड द्वारा दरें न बढ़ाने की संभावना से कमोडिटी मार्केट में तेजी का माहौल बन सकता है, जिससे धातुओं में निवेश के नए अवसर बन रहे हैं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. अमेरिकी वित्त विभाग के बांड पुनर्खरीद फैसले से डॉलर क्यों कमजोर हुआ?\nवित्त विभाग द्वारा लंबी अवधि के बांडों की पुनर्खरीद का आकार दोगुना करने से बांड प्रतिफल में गिरावट आई, जिससे निवेशकों के लिए डॉलर का आकर्षण कम हो गया।\n\n2. चांदी की कीमत में हालिया तेजी के मुख्य कारण क्या हैं?\nअमेरिकी डॉलर में गिरावट, बांड प्रतिफल में कमी और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें न बढ़ाने की बढ़ती संभावना ने चांदी की कीमतों को 65.80 डॉलर के पार पहुंचा दिया।\n\n3. जुलाई के एफओएमसी मिनट्स का बाजार पर क्या असर पड़ा?\nबाजार ने इन मिनट्स को पुराना माना क्योंकि ये सुस्त रोजगार आंकड़ों से पहले के थे। इसके बाद सितंबर में दरें बढ़ने की संभावना घटकर 34% रह गई।\n\n4. पाउंड और यूरो की कीमतों में क्यों उछाल आया?\nअमेरिकी डॉलर में चौतरफा बिकवाली और ब्रिटेन में कोर मुद्रास्फीति 2.6% तक बढ़ने के कारण जीबीपी/यूएसडी और ईयूआर/यूएसडी दोनों अपने कई महीनों के उच्च स्तर पर पहुंच गए।",
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  "publishedAt": "2026-08-19",
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