# यूएस ट्रेजरी के लिक्विडिटी फैसले और टैरिफ अनिश्चितताओं से वैश्विक बाजारों में हलचल, टीडी सिक्योरिटीज का विश्लेषण

> टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार बैंक ऑफ कनाडा वर्ष 2026 तक ब्याज दरों को यथावत रख सकता है, जबकि व्यापार वार्ता में विफलता बड़ा जोखिम पैदा कर सकती है। इस बीच अमेरिकी ट्रेजरी के बॉन्ड बायबैक ऐलान के बाद डॉलर में गिरावट से सोना, बिटकॉइन, यूरो और पाउंड में मजबूती दर्ज की गई है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-21 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-treasury-ke-likviditi-phaisale-aura-tairipha-anishchitataon-se-vaishvika-bajaron-men-halachala-td-securities-ka-vishleshana-19729 · **Language:** Hindi
**Tags:** टीडी सिक्योरिटीज, बैंक ऑफ कनाडा, अमेरिकी डॉलर, सोना दर, बिटकॉइन, यूएस ट्रेजरी, विदेशी मुद्रा बाजार, वैश्विक अर्थव्यवस्था

वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार और कमोडिटी परिसंपत्तियों में इस समय बड़ी हलचल देखी जा रही है, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी अर्थव्यवस्था के कमजोर आंकड़े, अमेरिकी वित्त विभाग का अप्रत्याशित कदम और कनाडा के साथ जारी व्यापार वार्ताएं हैं। वित्तीय विश्लेषण फर्म टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार, कनाडा और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते और टैरिफ दरों में कटौती के बावजूद कनाडाई केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीतियों में जल्दबाजी करने के मूड में नहीं है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा सरकारी बॉन्ड की पुनर्खरीद यानी बायबैक कार्यक्रम को दोगुना करने के फैसले ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर पर दबाव बढ़ा दिया है। डॉलर में आई इस कमजोरी का सीधा फायदा सोने, बिटकॉइन, यूरो और ब्रिटिश पाउंड जैसी प्रमुख परिसंपत्तियों को मिला है, जिनमें जोरदार तेजी दर्ज की जा रही है।

## कनाडाई डॉलर की स्थिति और बैंक ऑफ कनाडा का रुख
टीडी सिक्योरिटीज का मानना है कि यदि शनिवार तक अमेरिका और कनाडा के बीच कोई व्यापार समझौता पूरा भी हो जाता है, तब भी बैंक ऑफ कनाडा अपनी नीतिगत ब्याज दरों को लेकर बेहद सतर्क रुख अपनाएगा। केंद्रीय बैंक निचले टैरिफ के वास्तविक आर्थिक प्रभावों का मूल्यांकन करने के लिए अधिक आंकड़ों की प्रतीक्षा करेगा, जो नवंबर से पहले उपलब्ध नहीं होंगे। विश्लेषकों का अनुमान है कि बैंक ऑफ कनाडा वर्ष 2026 के अंत तक अपनी बेंचमार्क ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और दरों में वृद्धि की शुरुआत केवल जनवरी में संभव हो सकेगी।

हाल के दिनों में USD/CAD मुद्रा जोड़े में जो उतार-चढ़ाव देखा गया है, वह मुख्य रूप से अमेरिकी अर्थव्यवस्था के समग्र परिदृश्य से संचालित हुआ है। अमेरिका के कमजोर आर्थिक आंकड़ों, निकट भविष्य में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की कम होती संभावनाओं और वित्तीय बाजारों में यूएस ट्रेजरी की बढ़ती गतिविधियों ने अमेरिकी डॉलर को कमजोर किया है। दूसरी तरफ, कनाडा के मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने कनाडाई डॉलर को सीमित सहारा दिया है, जबकि व्यापार और टैरिफ से जुड़ी खबरों ने बाजार में दिशात्मक रुझान के बजाय दोतरफा उतार-चढ़ाव पैदा किया है।

## व्यापार वार्ता का जोखिम और टैरिफ का असर
अगर अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापार समझौता अंतिम रूप ले लेता है, तो इससे टैरिफ जोखिम प्रीमियम में कमी आएगी और कनाडाई डॉलर को मामूली मजबूती मिलेगी। हालांकि, कनाडाई डॉलर में बड़ी तेजी की संभावना काफी सीमित है। इसका कारण यह है कि कोई भी नया समझौता व्यापारिक तनावों को पूरी तरह समाप्त नहीं कर पाएगा। मौजूदा टैरिफ अभी भी लागू रहेंगे, USMCA से जुड़ी अनिश्चितताएं बरकरार रहेंगी और कनाडा की दीर्घकालिक बातचीत की क्षमता में कोई बड़ा सुधार नहीं होगा।

टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार बाजार में सबसे बड़ा जोखिम व्यापार वार्ता के विफल होने में निहित है। वर्तमान में बाजार इस विफलता की संभावना को काफी कम आंक रहा है। यदि वार्ता टूटती है, तो USD/CAD दर में तेजी से उछाल आ सकता है और कनाडाई डॉलर में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है।

## यूएस ट्रेजरी के लिक्विडिटी फैसले से अमेरिकी डॉलर पर दबाव
अमेरिकी वित्त विभाग ने अपने पूर्व निर्धारित कैलेंडर से अलग हटकर एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। बुधवार को 12:32 GMT पर यूएस ट्रेजरी ने घोषणा की कि वह लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड के लिए अपने लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक ऑपरेशंस को दोगुना से अधिक बढ़ा रहा है। यह फैसला 10 से 20 साल और 20 से 30 साल की परिपक्वता अवधि वाले बॉन्ड पर लागू होगा।

नियमों के तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम पुनर्खरीद सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होगी और 4 नवंबर तक चलेगी। वित्तीय बाजारों में तरलता बढ़ाने के इस कदम के कारण अमेरिकी डॉलर में चौतरफा बिकवाली देखी गई, जिसने वैश्विक परिसंपत्तियों को मजबूती प्रदान की।

## प्रमुख मुद्राओं में उछाल: पाउंड और यूरो की स्थिति
अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट का सीधा लाभ यूरोप की प्रमुख मुद्राओं को मिला है। GBP/USD मुद्रा जोड़े ने अपनी साप्ताहिक तेजी को आगे बढ़ाते हुए 1.3650 के स्तर को पार कर लिया, जो फरवरी के बाद का इसका उच्चतम स्तर है। ब्रिटेन के निराशाजनक रिटेल सेल्स आंकड़ों के बावजूद मजबूत परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी PMI आंकड़ों ने पाउंड स्टर्लिंग को सहारा दिया।

दूसरी ओर, EUR/USD में भी शुक्रवार के यूरोपीय कारोबारी सत्र में बढ़त देखी गई और यह 1.1700 के ऊपर कारोबार करता नजर आया। जर्मनी और यूरोज़ोन से मिले-जुले PMI आंकड़े आने के बावजूद, अमेरिकी डॉलर की व्यापक कमजोरी के कारण यूरो अपनी बढ़त बनाए रखने में सफल रहा। निवेशक अब अमेरिका के प्रारंभिक अगस्त PMI आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।

## कमोडिटीज और क्रिप्टो में तेजी: सोना 4,600 डॉलर के करीब
विदेशी मुद्रा बाजार के अलावा कमोडिटी और डिजिटल एसेट्स में भी जबरदस्त लिवाली देखी जा रही है। शुक्रवार को सोने की कीमतों में तेजी जारी रही और खरीदार 4,600 डॉलर प्रति औंस के प्रतिरोध स्तर को दोबारा टेस्ट करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। यह स्तर पिछले छह महीनों के कारोबारी दायरे की ऊपरी सीमा है। यूएस ट्रेजरी की घोषणा के बाद डॉलर में आई गिरावट ने कीमती धातुओं को मजबूत समर्थन दिया है।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी शुक्रवार को तेजी का माहौल रहा, जिसकी अगुआई बिटकॉइन ने की। बिटकॉइन 77,000 डॉलर के स्तर को पार कर गया। अन्य प्रमुख कॉइन्स में इथेरियम 2,400 डॉलर के करीब और रिपल 1.35 डॉलर के आसपास कारोबार करता दिखा, जो समग्र बाजार में सकारात्मक भावना को दर्शाता है।

## अमेरिकी PMI आंकड़े और आर्थिक गतिविधियों का अनुमान
एसएंडपी ग्लोबल जल्द ही अमेरिका के अगस्त महीने के प्रारंभिक Purchasing Managers' Indices (PMI) आंकड़े जारी करने जा रहा है। बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि अगस्त में अमेरिकी आर्थिक गतिविधियों में हल्की सुस्ती देखने को मिल सकती है। विनिर्माण PMI जुलाई के 53.9 से घटकर 53.8 पर आने का अनुमान है, जबकि सेवा क्षेत्र का PMI पिछले महीने के 54.6 से गिरकर 54.0 रहने की संभावना जताई गई है।

## इसका आप पर असर
**निवेशकों और फॉरेक्स ट्रेडर्स के लिए:** अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और ट्रेजरी बायबैक से सोने और क्रिप्टोकरेंसी में तेजी का माहौल बन रहा है, जिससे कमोडिटी और डिजिटल एसेट्स में नए अवसर दिख रहे हैं।

**अंतरराष्ट्रीय लेनदेन और यात्रा के लिए:** पाउंड और यूरो के मजबूत होने तथा डॉलर के घटने से विदेशी मुद्रा विनिमय दरों पर असर पड़ेगा, जिसका प्रभाव विदेश यात्रा और आयात-निर्यात लागत पर देखा जा सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. बैंक ऑफ कनाडा की ब्याज दरों पर टीडी सिक्योरिटीज का क्या अनुमान है?
टीडी सिक्योरिटीज का अनुमान है कि बैंक ऑफ कनाडा 2026 तक ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा और जनवरी में बढ़ोतरी कर सकता है, क्योंकि केंद्रीय बैंक नवंबर तक टैरिफ के प्रभावों का डेटा देखना चाहता है।

### 2. अमेरिकी ट्रेजरी के बायबैक कार्यक्रम का वित्तीय बाजारों पर क्या प्रभाव पड़ा है?
अमेरिकी ट्रेजरी ने 9 सितंबर से लंबी अवधि के बॉन्ड बायबैक की सीमा 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दी है, जिससे अमेरिकी डॉलर में गिरावट आई है और सोना, क्रिप्टो, यूरो व पाउंड मजबूत हुए हैं।

### 3. शुक्रवार को सोने और बिटकॉइन ने किन स्तरों को छुआ?
सोने ने छह महीने के उच्चतम स्तर 4,600 डॉलर के प्रतिरोध क्षेत्र को टेस्ट करने का प्रयास किया, जबकि बिटकॉइन 77,000 डॉलर के पार निकल गया। वहीं इथेरियम 2,400 डॉलर और रिपल 1.35 डॉलर के करीब रहे।

### 4. आने वाले अमेरिकी PMI आंकड़ों के लिए बाजार की क्या उम्मीदें हैं?
एसएंडपी ग्लोबल के सर्वेक्षण के अनुसार अगस्त में विनिर्माण PMI 53.9 से घटकर 53.8 और सेवा PMI 54.6 से घटकर 54.0 रहने का अनुमान है, जो आर्थिक गतिविधि में हल्की सुस्ती का संकेत देता है।

### 5. व्यापार वार्ता का USD/CAD विनिमय दर पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
हालांकि व्यापार समझौता होने से कनाडाई डॉलर को मामूली राहत मिल सकती है, लेकिन टीडी सिक्योरिटीज का कहना है कि वार्ता विफल होने पर USD/CAD दर में तेजी से उछाल आ सकता है।

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