# अमेरिकी ट्रेजरी की $4 Billion बॉन्ड बायबैक योजना से घटे Yields, यूबीएस ने बताए वित्तीय बाजार के मायने

> अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लंबे समय की सरकारी प्रतिभूतियों की बायबैक सीमा दोगुनी करने की घोषणा के बाद बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई है, जिससे डॉलर, सोने और क्रिप्टो बाजार पर मिला-जुला असर दिख रहा है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-treasury-ki-4-billion-bonda-bayabaika-yojana-se-ghate-yields-ubs-ne-batae-vittiya-bajara-ke-mayane-18942 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी ट्रेजरी, बॉन्ड बायबैक, यूबीएस, फेडरल रिजर्व, बॉन्ड यील्ड, अमेरिकी डॉलर, क्रिप्टो बाजार, सोना

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की तरफ से सरकारी बॉन्ड की खरीदारी दोगुना करने के अप्रत्याशित फैसले ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में नई हलचल पैदा कर दी है। इस कदम से 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे शेयर बाजार और डिजिटल संपत्तियों को राहत मिली है, जबकि अमेरिकी डॉलर में हालिया बिकवाली के बाद अब स्थिरता देखने को मिल रही है।

## अमेरिकी ट्रेजरी ने बायबैक बढ़ाकर किया $4 Billion
बुधवार को 12:32 GMT पर जारी बयान में अमेरिकी ट्रेजरी ने अपने नियमित शेड्यूल से इतर जाकर एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया। विभाग ने 10 से 20 वर्ष और 20 से 30 वर्ष की अवधि वाले दीर्घकालिक सरकारी बॉन्ड्स की बायबैक सीमा को दोगुना करने का ऐलान किया है। इसके तहत प्रत्येक ऑपरेशन की अधिकतम सीमा $2 billion से बढ़ाकर कम से कम $4 billion कर दी गई है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होकर 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगी। ट्रेजरी के इस तरलता सहायता कदम के कारण 10-वर्षीय बॉन्ड की यील्ड घटकर एक सप्ताह के निचले स्तर पर आ गई है।

## यूबीएस का विश्लेषण: बॉन्ड यील्ड, सरकारी कर्ज और नीतिगत उद्देश्य
वैश्विक निवेश बैंक यूबीएस के विश्लेषकों के अनुसार, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी अमेरिकी अर्थव्यवस्था में कर्ज भुगतान लागत और सामर्थ्य संकट को बढ़ा रही थी, जिसके कारण यह विषय राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया। विश्लेषकों का मानना है कि बायबैक नीति का मुख्य उद्देश्य खाड़ी युद्ध और नए टैरिफ जैसे फैसलों से बॉन्ड मार्केट पर पड़े अवांछित प्रभावों को संतुलित करना है।

यूबीएस ने यह भी स्पष्ट किया है कि बॉन्ड बाजार में जारी नकारात्मक आकलनों के पीछे विश्लेषकों का सरकारी नीतियों के प्रति विरोध भी हो सकता है। आंकड़ों के लिहाज से, जीडीपी के अनुपात में अमेरिकी सरकारी कर्ज का स्तर ऐतिहासिक रिकॉर्ड से नीचे बना हुआ है। वहीं निजी संपत्ति के अनुपात में कर्ज का स्तर भी कम है, जो कर्ज वित्तपोषण के मामले में एक सकारात्मक संकेत माना जाता है।

## फेडरल रिजर्व का रुख, महंगाई और वॉश का नया प्रस्ताव
केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की अनिश्चितता ने बाजार में वित्तीय जोखिम प्रीमियम को बढ़ा दिया है। फेडरल रिजर्व की हालिया बैठक के मिनट्स से सामने आया कि फेड Chair वॉश ने नीतिगत बैठकों की संख्या घटाने का प्रस्ताव रखा है, जो कि बड़े संरचनात्मक बदलावों के दौर में एक असामान्य विचार माना जा रहा है।

एफओएमसी बैठक के अधिकांश सदस्य ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के पक्ष में थे, लेकिन लगातार बनी हुई महंगाई को लेकर उनकी चिंताएं कायम हैं। हालांकि, अमेरिका में महंगाई दर की गणना के तरीकों में किए जा रहे बदलाव आने वाले समय में महंगाई के आंकड़ों को नीचे लाने में मदद करेंगे।

## मुद्रा बाजार पर असर: डॉलर में स्थिरता, EUR/USD और GBP/USD का हाल
बॉन्ड बायबैक की घोषणा के बाद अमेरिकी डॉलर सूचकांक तीन महीने के निचले स्तर पर चला गया था, लेकिन अब डॉलर विक्रेता थोड़ा सुस्ता रहे हैं। यूरोपीय कारोबारी सत्र में GBP/USD की जोड़ी 1.3600 के स्तर के आसपास कारोबार कर रही है, जो 11 मई के बाद के अपने उच्चतम स्तर से थोड़ा पीछे हटी है।

दूसरी ओर, late May के बाद के अपने उच्चतम स्तर को छूने के बाद EUR/USD की जोड़ी 1.1700 के स्तर के नीचे समेकन (consolidation) के दौर में है। विदेशी मुद्रा कारोबारी अब 1.1700 का स्तर पार होने का इंतजार कर रहे हैं। बाजार की नजर अब अमेरिका के जॉबलेस क्लेम्स डेटा और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर टिकी है।

## सोना और क्रिप्टो बाजार: Gold में मुनाफावसूली, Ripple ने लगाई 10% की छलांग
कॉमोडिटी बाजार में, सोने की कीमत एशियाई सत्र के दौरान मामूली गिरावट के साथ $4,500 के स्तर के नीचे कारोबार करती दिखी। हालांकि, सोना अभी भी early June के बाद के अपने उच्चतम स्तर के करीब है। फेड मिनट्स के सख्त रुख और डॉलर में आई स्थिरता के कारण निवेशकों ने मुनाफावसूली की, लेकिन बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने सोने की कीमतों को ज्यादा नीचे जाने से रोक लिया।

क्रिप्टोकरेंसी बाजार में ट्रेजरी के बायबैक फैसले के बाद तेजी का रुख देखा जा रहा है। प्रमुख अल्टरनेटिव कॉइन्स जैसे Ripple, Solana और Cardano में मजबूती दर्ज की गई। 10% की बढ़त के साथ Ripple का XRP $1.0951 पर पहुंच गया। तकनीकी संकेत XRP और SOL के लिए और बढ़त की ओर इशारा कर रहे हैं, जबकि ADA के लिए हालिया बढ़त को बनाए रखना चुनौतीपूर्ण दिख रहा है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट से भारतीय शेयर बाजार और रुपये को राहत मिल सकती है, जिससे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) का प्रवाह बढ़ सकता है।

**वैश्विक निवेशकों के लिए:** बॉन्ड बायबैक से सोने और क्रिप्टो जैसी संपत्तियों को समर्थन मिल रहा है, लेकिन अमेरिकी डॉलर में स्थिरता से निकट अवधि में जिंसों की कीमतों में सीमित उतार-चढ़ाव देखा जा सकता है।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक योजना में क्या बदलाव किया है?
अमेरिकी ट्रेजरी ने 10 से 30 वर्ष की अवधि वाले बॉन्ड्स के लिए बायबैक सीमा को $2 billion से बढ़ाकर कम से कम $4 billion प्रति ऑपरेशन कर दिया है, जो 9 सितंबर से 4 नवंबर तक लागू रहेगा।

### 2. इस फैसले का अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर क्या असर पड़ा?
घोषणा के तुरंत बाद 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड घटकर एक सप्ताह के निचले स्तर पर आ गई।

### 3. यूबीएस के अनुसार इस बायबैक नीति का मुख्य कारण क्या है?
यूबीएस के मुताबिक, यह नीति खाड़ी युद्ध और नए टैरिफ जैसे फैसलों के कारण बॉन्ड बाजार पर पड़े अवांछित प्रभावों को कम करने के लिए लाई गई है।

### 4. फेड Chair वॉश ने क्या नया प्रस्ताव दिया?
फेड Chair वॉश ने बड़े संरचनात्मक बदलावों के दौर में फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठकों की संख्या घटाने का असामान्य प्रस्ताव रखा।

### 5. सोने और क्रिप्टो बाजार पर इस फैसले का क्या प्रभाव पड़ा?
सोना $4,500 के करीब बना हुआ है, जबकि Ripple (XRP) 10% की बढ़त के साथ $1.0951 पर पहुंच गया और अन्य अल्टरनेटिव कॉइन्स में भी मजबूती आई।

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