# अमेरिकी ट्रेजरी ने कर्ज बायबैक $4 अरब तक किया दोगुना, बीएनवाई ने बॉन्ड यील्ड और गोल्ड पर उठाए सवाल

> अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बायबैक को दोगुना करके $4 अरब करने के फैसले ने बिटकॉइन और विदेशी मुद्राओं में तेजी ला दी है, हालांकि बीएनवाई विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि स्थायी बॉन्ड यील्ड राहत सीमित रह सकती है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/us-treasury-ne-karja-bayabaika-4-billion-taka-kiya-doguna-bny-ne-bond-yields-aura-gold-para-uthae-savala-19102 · **Language:** Hindi
**Tags:** अमेरिकी ट्रेजरी, बीएनवाई, बॉन्ड यील्ड, सोना, बिटकॉइन, विदेशी मुद्रा, वित्तीय बाजार

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग द्वारा संप्रभु बॉन्ड बाजार में तरलता बढ़ाने के उद्देश्य से उठाए गए बड़े कदम के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में महत्वपूर्ण हलचल देखी जा रही है। ट्रेजरी द्वारा अपने ऋण बायबैक परिचालन को दोगुना करने के फैसले ने बिटकॉइन जैसी डिजिटल संपत्तियों और प्रमुख विदेशी मुद्राओं को तत्काल समर्थन दिया है। हालांकि, वित्तीय संस्थान बीएनवाई के बाजार विश्लेषकों ने इस कदम से बॉन्ड यील्ड में मिली राहत की दीर्घकालिक स्थिरता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। निवेशक वर्तमान में अल्पकालिक लिक्विडिटी प्रोत्साहन और लगातार बढ़ते राजकोषीय घाटे, मुद्रास्फीति की चिंताओं तथा वैकल्पिक परिसंपत्तियों में पूंजी के प्रवाह जैसे संरचनात्मक मुद्दों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

 

## अमेरिकी ट्रेजरी ने $4 अरब तक बढ़ाया ऋण बायबैक कार्यक्रम

हालिया बाजार बदलावों के पीछे मुख्य वजह अमेरिकी ट्रेजरी विभाग का एक अनपेक्षित निर्णय है। अपने नियमित कैलेंडर से हटकर, विभाग ने बुधवार को 12:32 GMT पर अपने लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक परिचालन के आकार को बढ़ाने की घोषणा की। इस नई रणनीति के तहत, प्रति परिचालन अधिकतम खरीद सीमा को $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब कर दिया गया है। यह विस्तारित कार्यक्रम विशेष रूप से लंबी अवधि की प्रतिभूतियों पर केंद्रित है, जिसमें 10-साल से 20-साल और 20-साल से 30-साल की परिपक्वता अवधि वाले बॉन्ड क्षेत्र शामिल हैं। यह व्यवस्था 9 सितंबर से प्रभावी होकर 4 नवंबर तक लागू रहेगी।

 लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड में खरीद सीमा को दोगुना करके, ट्रेजरी का लक्ष्य बाजार की गहराई को मजबूत करना, ट्रेडिंग परिचालन को सुचारू बनाना और लंबी अवधि के ऋण उपकरणों में जारी आपूर्ति दबाव को कम करना है। इस घोषणा ने वित्तीय बाजारों में लिक्विडिटी की उम्मीदों को नया आकार दिया है, जिससे शॉर्ट-कवरिंग की स्थिति बनी और फिक्स्ड-इनकम बाजार को राहत मिली।

 

## बीएनवाई विश्लेषकों ने बॉन्ड यील्ड में राहत पर उठाए सवाल

फिक्स्ड-इनकम बाजार में मिली शुरुआती तेजी के बावजूद, बीएनवाई के विस्तृत विश्लेषण से संकेत मिलता है कि लंबी अवधि की बॉन्ड यील्ड में यह तेजी अल्पकालिक साबित हो सकती है। बीएनवाई के विश्लेषकों के अनुसार, संस्थागत पोजिशनिंग डेटा यह स्पष्ट करता है कि ट्रेजरी की घोषणा से पहले यील्ड कर्व के लंबे सिरे पर शॉर्ट यूटिलाइजेशन बहुत अधिक नहीं था। संस्थागत निवेशकों ने यील्ड कर्व के तीव्र होने के दौरान ही लंबे सिरे की सुरक्षा संबंधी रणनीतियों पर अपना मुनाफा वसूल लिया था और नए शॉर्ट पोजीशन नहीं बनाए थे।

 चूंकि कैश ट्रेजरी बॉन्ड में शॉर्ट पोजीशन बहुत अधिक नहीं थी, इसलिए बीएनवाई का मानना है कि इसके बाद आई तेजी को केवल कैश-ट्रेजरी शॉर्ट कवरिंग का परिणाम नहीं माना जा सकता। इसके बजाय, यील्ड कर्व और डेरिवेटिव पोजीशन में स्टीपेनर एक्सपोजर अधिक केंद्रित था। नतीजतन, बॉन्ड कीमतों में आया यह बदलाव लंबी अवधि के कैश ट्रेजरी की वास्तविक मांग के बजाय डेरिवेटिव पोजिशनिंग के समायोजन को दर्शाता है।

 

## पूंजी का स्थानांतरण और स्थायी मुद्रास्फीति का दबाव

बीएनवाई द्वारा रेखांकित किया गया एक मुख्य पहलू यह है कि निवेशकों की पूंजी अब पारंपरिक सरकारी बॉन्ड यील्ड से हटकर मूल्य के वैकल्पिक साधनों की ओर स्थानांतरित हो रही है। जब सरकारी हस्तक्षेप के तहत यील्ड में उतार-चढ़ाव होता है, तो बाजार प्रतिभागी ऐसी संपत्तियों की तलाश करते हैं जो दीर्घकालिक मुद्रा अवमूल्यन और राजकोषीय जोखिमों से सुरक्षा प्रदान कर सकें। हालांकि, ट्रेजरी के बायबैक जैसे आधिकारिक हस्तक्षेप अल्पकालिक राहत प्रदान करते हैं और समय हासिल करने में मदद करते हैं, लेकिन विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि सरकारी हस्तक्षेप की अपनी सीमाएं होती हैं और लंबे समय में यह उल्टा असर भी डाल सकता है।

 इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर राजकोषीय अनुशासन का अभाव एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। सरकारों द्वारा लगातार बड़े बजट घाटे बनाए रखने और ऋण जारी करने से मुद्रास्फीति पर एक स्थायी राजकोषीय दबाव बना रहता है। यह बुनियादी राजकोषीय स्थिति दर्शाती है कि ट्रेजरी बायबैक का शुरुआती लिक्विडिटी प्रभाव समाप्त होने के बाद सरकारी बॉन्ड यील्ड पर फिर से दबाव आ सकता है।

 

## विभिन्न परिसंपत्तियों का प्रदर्शन: बिटकॉइन, विदेशी मुद्रा और सोना

ट्रेजरी की लिक्विडिटी घोषणा का असर गुरुवार को यूरोपीय ट्रेडिंग सत्र के दौरान क्रिप्टो, विदेशी मुद्रा और कीमती धातुओं के बाजारों में स्पष्ट रूप से दिखाई दिया

 
- **$72,000 की ओर बढ़ता बिटकॉइन:** ट्रेजरी के बायबैक को दोगुना करने के फैसले से डिजिटल परिसंपत्तियों को सबसे अधिक लाभ हुआ। बिटकॉइन गुरुवार को $72,000 की ओर बढ़ता दिख रहा था। बेहतर लिक्विडिटी स्थितियों और बाजार में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ने से शॉर्ट स्क्वीज की स्थिति बनी, जिससे संपूर्ण क्रिप्टो बाजार को मजबूती मिली।
 - **EUR/USD 1.1700 के नीचे स्थिर:** यूरो में उतार-चढ़ाव देखा गया। दिन के शुरुआती सत्र में तीन महीने के उच्चतम स्तर को छूने के बाद यूरो की तेजी थोड़ी धीमी हुई। गुरुवार को यूरोपीय सत्र में EUR/USD 1.1700 के स्तर से नीचे सपाट कारोबार कर रहा था, हालांकि अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के कारण इसकी गिरावट सीमित रही।
 - **मई के उच्चतम स्तर के करीब GBP/USD:** ब्रिटिश पाउंड ने डॉलर के मुकाबले अपनी बढ़त बनाए रखी और गुरुवार को यूरोपीय सत्र में 1.3650 के करीब कारोबार किया। अमेरिकी डॉलर में गिरावट जारी रहने से GBP/USD अपने मई के उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गया।
 - **$4,500 के नीचे कायम सोना:** सोने की कीमतों में मामूली intraday गिरावट दर्ज की गई और यह गुरुवार के यूरोपीय सत्र में $4,500 के स्तर से नीचे बना रहा। मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी के बावजूद, निवेशकों द्वारा ट्रेजरी के फैसले के व्यापक प्रभावों का आकलन करने के बीच सोने की कीमतें स्थिर बनी रहीं।
 - **अमेरिकी डॉलर में गिरावट जारी:** बॉन्ड बायबैक विस्तार के असर के बीच अमेरिकी डॉलर इंडेक्स अपने तीन महीने के निचले स्तर की ओर फिर गिर गया। अब ट्रेडर्स की नजर आने वाले अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और मध्य पूर्व की खबरों पर टिकी हुई है।

## इसका आप पर असर
**भारत में:** अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा लिक्विडिटी बढ़ाए जाने से वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार और आईटी क्षेत्र के शेयरों में सकारात्मक रुझान के रूप में देखा जा सकता है।

**वैश्विक निवेशकों के लिए:** सोने और बिटकॉइन जैसी परिसंपत्तियों में संस्थागत रुचि बढ़ने से निवेशकों को मुद्रास्फीति के खिलाफ अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने के नए अवसर मिल सकते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. अमेरिकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक को लेकर क्या घोषणा की है?
अमेरिकी ट्रेजरी ने बुधवार को 12:32 GMT पर 10-20 साल और 20-30 साल की परिपक्वता वाले बॉन्ड के लिए बायबैक सीमा को $2 अरब से बढ़ाकर कम से कम $4 अरब प्रति ऑपरेशन करने का ऐलान किया है।

### 2. यह बॉन्ड बायबैक कार्यक्रम कब तक लागू रहेगा?
यह विस्तारित लिक्विडिटी सपोर्ट बायबैक कार्यक्रम 9 सितंबर से शुरू होकर 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगा।

### 3. बीएनवाई विश्लेषकों का बॉन्ड यील्ड में राहत को लेकर क्या मानना है?
बीएनवाई विश्लेषकों के अनुसार बॉन्ड बाजार में आई हालिया तेजी केवल कैश ट्रेजरी शॉर्ट कवरिंग के कारण नहीं है, और वैश्विक राजकोषीय घाटे तथा मुद्रास्फीति के कारण दीर्घकालिक यील्ड राहत सीमित रह सकती है।

### 4. इस घोषणा का बिटकॉइन और अन्य परिसंपत्तियों पर क्या असर पड़ा?
लिक्विडिटी में सुधार के चलते बिटकॉइन $72,000 के स्तर की ओर बढ़ा, जबकि EUR/USD 1.1700 के पास और GBP/USD 1.3650 के करीब कारोबार करता नजर आया। सोना $4,500 के स्तर से नीचे बना रहा।

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