अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेजी से जापानी येन पर दबाव, 159 के स्तर के पास संभला डॉलर बॉन्ड यील्ड में सुधार और बेरोजगारी दावों के आंकड़ों से अमरीकी डॉलर को मजबूती मिली है, जिससे जापानी येन में गिरावट दर्ज की गई। वहीं सोने और क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भी अहम हलचल देखी गई। वैश्विक मुद्रा बाजार में अमरीकी डॉलर ने अपनी हालिया गिरावट से उबरते हुए मजबूती दर्ज की है। अमरीकी ट्रेजरी यील्ड में आए सुधार और श्रम बाजार के मजबूत आंकड़ों के बल पर ग्रीनबैक ने जापानी येन के मुकाबले अपनी स्थिति को संभाला है। यह मुद्रा जोड़ा 159.00 के महत्वपूर्ण स्तर के ऊपर कारोबार कर रहा है। दूसरी ओर, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और बढ़ते व्यापार घाटे के कारण जापानी येन पर दबाव बना हुआ है, जिससे यह प्रमुख मुद्राओं में सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली करेंसी बन गई है। ट्रेजरी यील्ड और आर्थिक आंकड़ों से डॉलर को मिला समर्थन अमरीकी मुद्रा बाजार में हाल ही में डॉलर के तीन महीने के निचले स्तर पर जाने के बाद रिकवरी देखी गई है। अमरीका में आए नवीनतम बेरोजगारी दावों के आंकड़ों ने अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत दिया है, जिससे 10-वर्षीय और 30-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड में उछाल आया। यील्ड में इस बढ़ोतरी ने निवेशकों का रुझान डॉलर की ओर वापस मोड़ दिया है। चार घंटे के तकनीकी चार्ट पर USD/JPY 159.12 पर कारोबार कर रहा है और 159.00 के बैरियर के पार बना हुआ है। लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार, इस मुद्रा जोड़े का भाव 158.95 पर चल रहा है, जो पिछले बंद भाव 158.28 से 0.43 प्रतिशत अधिक है। बीते 52 हफ्तों के दौरान यह जोड़ी 146.22 से 163.98 के दायरे में घूमती रही है। जापान का ऊर्जा आयात बिल और व्यापार घाटा जापानी येन की कमजोरी के पीछे प्रमुख कारण जापान की ऊर्जा निर्भरता है। जापान अपनी लगभग सभी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयातित कच्चे तेल पर निर्भर है। हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी ने जापान की अर्थव्यवस्था पर भारी बोझ डाला है। जुलाई महीने के आधिकारिक व्यापार आंकड़ों से स्पष्ट हुआ है कि महंगे ईंधन के कारण देश का आयात बिल काफी बढ़ गया है, जिससे जापान को एक बड़ा व्यापार घाटा उठाना पड़ा है। लंबी अवधि के नजरिए से देखें तो जापान की ढीली मौद्रिक नीति, निम्न ब्याज दरें और वित्तीय चिंताएं येन की विनिमय दर को लगातार दबा रही हैं। केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति और दर परिदृश्य मौद्रिक नीति के मोर्चे पर दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों के रास्ते अलग दिखाई दे रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि बैंक ऑफ जापान (BoJ) आने वाले सितंबर महीने में अपनी प्रमुख ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। दूसरी ओर, अमरीका के ताजा आर्थिक संकेतकों को देखते हुए फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बरकरार रखने की संभावना जताई जा रही है। दरों के इस अंतर के घटने की उम्मीद के बावजूद, अल्पकालिक स्तर पर डॉलर को समर्थन मिल रहा है। सोसाइट जनरल के विश्लेषकों का आकलन है कि मध्यम अवधि में येन मजबूत हो सकता है, लेकिन USD/JPY में किसी बड़े स्थायी डाउनट्रेंड के लिए या तो जापानी अधिकारियों द्वारा करेंसी मार्केट में सीधे हस्तक्षेप की जरूरत होगी या फिर कच्चे तेल के दामों में बड़ी गिरावट आनी होगी। USD/JPY का तकनीकी विश्लेषण और प्रमुख संकेतक चार घंटे की समयावधि वाले चार्ट पर तकनीकी परिदृश्य को देखें तो यह मुद्रा जोड़ा हल्के तेजी के रुख का संकेत दे रहा है। कीमत 20-पीरियड सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 159.10 और 100-पीरियड SMA 159.09 के ऊपर बनी हुई है। 14-पीरियड रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) 52.67 के स्तर पर है, जो तटस्थ से थोड़ा सकारात्मक क्षेत्र को दर्शाता है। ऊपर की ओर पहला बड़ा प्रतिरोध 159.19 पर स्थित है। यदि कीमत इस स्तर को पार करती है तो और तेजी देखी जा सकती है। नीचे की तरफ तत्काल सहारा 159.10 और 159.09 के मूविंग एवरेज पर है, जिसके बाद 158.98, 158.85 और 158.66 के मजबूत हॉरिजॉन्टल सपोर्ट मौजूद हैं। लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, 14-दिवसीय RSI 43 पर है, जबकि MACD -0.68 पर सिग्नल लाइन -0.70 के मुकाबले बुलिश हिस्टोग्राम 0.02 बना रहा है। 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 159.64 पर, 50-दिवसीय EMA 160.24 पर और 200-दिवसीय EMA 157.62 पर स्थित है। 50-दिवसीय SMA 161.04 और 200-दिवसीय SMA 158.30 पर है, जो लंबी अवधि के अपट्रेंड और गोल्डन क्रॉस स्थिति को दिखाता है। वर्तमान में एटीआर (ATR) 1.17 है जो दैनिक अस्थिरता को दर्शाता है, जबकि मुख्य पिवट प्वाइंट 158.98 पर स्थित है। रेजिस्टेंस स्तर R1 159.10 और R2 159.25 हैं, जबकि सपोर्ट स्तर S1 158.83 और S2 158.71 पर हैं। यूरो, पाउंड और वैश्विक मुद्रा बाजार का हाल अमरीकी डॉलर की वापसी का असर अन्य प्रमुख मुद्राओं पर भी देखा गया। GBP/USD जोड़ी दिन के शुरुआती लाभ को गंवाते हुए 1.3630 से 1.3620 के दायरे में आ गई। यूके के बाजार सहभागी शुक्रवार को आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वहीं EUR/USD में भी शुरुआती बढ़त खत्म हो गई और यह 1.1700 के स्तर से नीचे खिसक गया। उत्तरी अमरीकी कारोबारी सत्र के समापन तक यूरो व्यावहारिक रूप से अपरिवर्तित रहा। निवेशक अब शुक्रवार को अमरीका और यूरोप दोनों तरफ जारी होने वाले एसएंडपी ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग एंड सर्विसेज पीएमआई (PMI) के आंकड़ों पर नजर टिकाए हुए हैं। कमोडिटी और क्रिप्टो बाजार: सोना और रिपल में तेजी मुद्रा बाजार में डॉलर के संभलने और ट्रेजरी यील्ड में उछाल के बावजूद कीमती धातुओं में मजबूती देखी गई। सोना 4,500 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के ऐतिहासिक स्तर से ऊपर बने रहने में सफल रहा। दूसरी ओर, क्रिप्टोकरेंसी बाजार में जोखिम लेने की क्षमता (रिस्क-ऑन सेंटीमेंट) में सुधार हुआ है। रिपल (XRP) 1.16 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार करते हुए मजबूत स्थिति में बना हुआ है। सोमवार से अब तक इस टोकन में 20 प्रतिशत से अधिक की तेजी आ चुकी है। क्रिप्टो फियर एंड ग्रीड इंडेक्स बुधवार के 46 अंक से बढ़कर गुरुवार को 62 के स्तर पर पहुंच गया, जो बाजार में ग्रीड (लालच) की स्थिति को दर्शाता है। अमरीकी ट्रेजरी की लिक्विडिटी बायबैक योजना एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, अमरीकी वित्त विभाग (US Treasury) ने अपनी तरलता सहायता बायबैक नीलामी के आकार में बड़ा बदलाव किया है। बुधवार को दोपहर 12:32 GMT पर जारी बयान के अनुसार, विभाग 10 से 20 साल और 20 से 30 साल की अवधि वाले बॉन्ड क्षेत्रों में बायबैक के आकार को दोगुना करेगा। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से शुरू होकर 4 नवंबर तक लागू रहेगी, जिससे बॉन्ड बाजार में तरलता को संबल मिलने की उम्मीद है। इसका आप पर असर ग्लोबल इन्वेस्टर्स के लिए: अमरीकी डॉलर में मजबूती और बॉन्ड यील्ड में तेजी से वैश्विक करेंसी मार्केट और जिंस कीमतों में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। भारतीय बाजार और आम उपभोक्ताओं के लिए: कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और मजबूत डॉलर भारत के ईंधन आयात बिल को बढ़ा सकते हैं, जिसका सीधा असर देश में मुद्रास्फीति और महंगाई पर पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. USD/JPY पेयर में हालिया तेजी का मुख्य कारण क्या है? अमरीकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल और मजबूत बेरोजगारी आंकड़ों से अमरीकी डॉलर को समर्थन मिला, जबकि उच्च ऊर्जा कीमतों से जापानी येन कमजोर हुआ। 2. जापानी येन पर दबाव क्यों बना हुआ है? जापान लगभग अपनी सभी ऊर्जा आयात करता है। जुलाई के व्यापार आंकड़ों में आयात बिल में बढ़ोतरी और बड़ा व्यापार घाटा दर्ज किया गया, जिससे येन पर दबाव है। 3. बैंक ऑफ जापान और यूएस फेड की ब्याज दरों की क्या स्थिति है? सितंबर में बैंक ऑफ जापान द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीद है, जबकि अमरीकी आंकड़ों के कारण फेड द्वारा दरें स्थिर रखने की संभावना जताई जा रही है। 4. अमरीकी ट्रेजरी ने लिक्विडिटी बायबैक के संदर्भ में क्या घोषणा की है? अमरीकी वित्त विभाग ने 10 से 30 वर्ष की परिपक्वता वाली प्रतिभूतियों के लिए लिक्विडिटी बायबैक की सीमा 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दी है, जो 9 सितंबर से 4 नवंबर तक लागू रहेगी। 5. गोल्ड और क्रिप्टो बाजार में क्या रुझान देखने को मिला? डॉलर में सुधार के बावजूद सोना 4,500 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस से ऊपर बना हुआ है, जबकि रिपल (XRP) 1.16 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है। https://trendkia.com/market/us-treasury-yield-men-teji-se-japanese-yen-para-dabava-159-ke-stara-ke-pasa-snbhala-us-dollar-19307 TrendKia — Har trend, sabse pehle.