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  "type": "article",
  "title": "अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल से सोने में भारी गिरावट, निवेशक सतर्क",
  "summary": "अमेरिकी 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड 5.27% तक पहुंचने और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंकाओं के बीच सोने की कीमतों में तीन फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।",
  "content": "अंतरराष्ट्रीय जिंस बाजार में कीमती धातुओं पर जबर्दस्त दबाव देखने को मिल रहा है, जहां अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी ने पीली धातु की चमक को फीका कर दिया है। सरकारी उधारी लागत में अचानक हुए इस इजाफे के चलते सोने के भाव तीन प्रतिशत से अधिक लुढ़क गए। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मुद्रास्फीति को लेकर केंद्रीय बैंकों की सख्त टिप्पणियों और वित्तीय बाजारों में नकदी की स्थिति ने सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली परिसंपत्तियों से पूंजी को बाहर खींच लिया है।\n\nऋण बाजार में 10 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी नोट का प्रतिफल उछलकर 5.27 प्रतिशत के स्तर पर पहुंच गया, जो जून 2007 के बाद का उच्चतम स्तर है। हालांकि बाद में यह थोड़ा शांत होकर 5.23 प्रतिशत पर आया, लेकिन इसने व्यापक बाजारों में उथल-पुथल मचा दी। जब सरकारी प्रतिभूतियों पर सुरक्षित रिटर्न ऐतिहासिक ऊंचाइयों को छूने लगता है, तब बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों जैसे सोने की मांग पर सीधा असर पड़ता है।\n\nफेडरल रिजर्व के सख्त रुख से बढ़ीं चिंताएं\nअमेरिकी केंद्रीय बैंक यानी फेडरल रिजर्व के नीति-निर्माताओं की ओर से आ रहे कड़े बयानों ने भी मंदी के दबाव को गहरा किया है। अधिकारियों का लगातार कहना है कि महंगाई को तय सीमा में लाने के लिए उधारी दरों में आगे भी बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है। फेड गवर्नर लीसा कुक ने विशेष रूप से आक्रामक रुख अपनाते हुए आगाह किया है कि आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों जैसे एआई के विस्तार और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण आने वाले महीनों में महंगाई का दबाव बना रह सकता है।\n\nनीतिगत सख्ती की इन अटकलों के बीच निवेशकों की नजर अब आगामी श्रम बाजार के आंकड़ों पर टिक गई है। आने वाले दिनों में जॉब ओपनिंग्स एंड लेबर टर्नओवर सर्वे यानी जेओएलटीएस, सितंबर महीने की एडीपी रोजगार रिपोर्ट, कोर पीसीई मूल्य सूचकांक और गैर-कृषि पेरोल के आंकड़े जारी होने हैं। ये आंकड़े स्पष्ट करेंगे कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था ब्याज दरों के मौजूदा झटकों को किस हद तक सहन कर पा रही है और क्या केंद्रीय बैंक आगे भी दरें बढ़ाने का साहस जुटाएगा।\n\nकच्चे तेल में घट-बढ़ और भू-राजनीतिक अनिश्चितता\nऊर्जा बाजार में जारी हलचल ने भी आर्थिक समीकरणों को उलझा रखा है। सप्ताह की शुरुआत में लगभग तीन प्रतिशत की छलांग लगाने के बाद अमेरिकी बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी डब्ल्यूटीआई कच्चा तेल गिरकर 93.00 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो 0.6 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है। ऊर्जा की ऊंची लागत वैश्विक अर्थव्यवस्था में उत्पादन और परिवहन खर्च को सीधे प्रभावित करती है, जिससे महंगाई दर नीचे लाने के प्रयासों को झटका लगता है।\n\nदूसरी ओर, पश्चिम एशिया में रणनीतिक स्थिति लगातार तनावपूर्ण बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया में आई उन अपुष्ट खबरों को खारिज कर दिया गया है जिनमें ईरान द्वारा यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम रोकने की सहमति की बात कही गई थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रणनीतिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। इसके अलावा, शनिवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से पूरी तरह खोलने के मकसद से ईरान के साथ प्रस्तावित समझौते को खारिज कर दिया, जिससे समुद्री व्यापार और ईंधन आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।\n\nतकनीकी संकेत और प्रमुख समर्थन स्तर\nचार्ट पर सोने की गतिविधियों का विश्लेषण करें तो यह एक तेजी वाले वेज पैटर्न से फिसलकर नीचे आ गया है। इस गिरावट के बाद अब यह तीन अगस्त के दैनिक निचले स्तर 4,019 डॉलर प्रति औंस के दायरे की ओर बढ़ता दिख रहा है। तकनीकी सूचकांकों में रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई तेजी से नीचे गिरा है और अब यह ओवरसोल्ड क्षेत्र के करीब पहुंच रहा है, जो बाजार में बिकवाली के भारी दबाव का संकेत है।\n\nव्यापारियों के अनुसार, यदि यह मंदी का दौर जारी रहता है तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक्सएयू/यूएसडी को पहले 4,100 डॉलर और फिर 4,050 डॉलर के स्तर को पार करना होगा। इसके नीचे 4,019 डॉलर का सहारा मौजूद है, जिसके टूटने पर 4,000 डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर परीक्षण के दायरे में आ जाएगा। लाइव मार्केट डेटा के अनुसार, सत्र समाप्ति पर सोने की कीमत 4,162 डॉलर दर्ज की गई, जबकि इसका पिछला बंद भाव 4,168 डॉलर था। इस समय 14-दिवसीय आरएसआई 33 पर है, जबकि एमएसीडी -49.65 के स्तर पर मंदी का संकेत दे रहा है। 50-दिवसीय ईएमए 4,366 डॉलर और 200-दिवसीय ईएमए 4,437 डॉलर के बीच डेथ क्रॉस की स्थिति बनी हुई है, जो लंबी अवधि के नकारात्मक रुझान की पुष्टि करती है। निकट अवधि में धुरी स्तर 4,160 डॉलर है, जहां पहला समर्थन 4,147 डॉलर और पहला प्रतिरोध 4,174 डॉलर पर आंका गया है।\n\nवैश्विक वित्तीय तंत्र में सोने की प्रासंगिकता\nमानव इतिहास में सोने ने हमेशा मूल्य के संचय और व्यापार के भरोसेमंद माध्यम के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आभूषणों में इसके पारंपरिक उपयोग के अलावा, आधुनिक वित्तीय प्रणाली में इसे संकट के समय सबसे सुरक्षित आश्रय के रूप में देखा जाता है। किसी सरकारी प्राधिकरण या वित्तीय संस्थान पर निर्भर न होने के कारण, यह मुद्रा अवमूल्यन और तीव्र मुद्रास्फीति के विरुद्ध एक प्रभावी ढाल साबित होता है।\n\nसंसार भर के केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े संरक्षक हैं। मुद्रा में स्थिरता बनाए रखने और अर्थव्यवस्था की मजबूती प्रदर्शित करने के लिए वे अपने विदेशी मुद्रा भंडार में भारी मात्रा में सोने को शामिल करते हैं। विश्व स्वर्ण परिषद के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2022 में केंद्रीय बैंकों ने अपने भंडारों में करीब 70 अरब डॉलर मूल्य का 1,136 टन सोना जोड़ा था, जो इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी वार्षिक खरीद है। उभरते बाजारों, विशेषकर भारत, चीन और तुर्की के केंद्रीय बैंक लगातार अपने स्वर्ण भंडार में इजाफा कर रहे हैं ताकि वैश्विक वित्तीय जोखिमों से निपटा जा सके।\n\nसोने की कीमत और अमेरिकी डॉलर के बीच गहरा विपरीत संबंध देखने को मिलता है। चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में धातु का मूल्य डॉलर में आंका जाता है, इसलिए डॉलर की मजबूती सोने पर दबाव बनाती है, जबकि कमजोर डॉलर इसकी खरीदारी को बढ़ावा देता है। बॉन्ड यील्ड में लगातार मजबूती और फेडरल रिजर्व के आक्रामक रवैये के बीच निवेशक फिलहाल जोखिम भरी संपत्तियों और मुद्रा बाजार की चाल पर बारीक नजर बनाए हुए हैं।\n\nइसका आप पर असर\nअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में भारी उछाल और सोने की कीमतों में गिरावट से खुदरा निवेशकों, आभूषण खरीदारों और जिंस व्यापारियों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।\n\n• भारत में: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने के भाव गिरने से घरेलू सराफा बाजारों में भी त्योहारी और शादियों के सीजन से पहले कीमतों में नरमी आ सकती है। खुदरा खरीदारों और निवेशकों को नई खरीदारी के लिए बेहतर अवसर मिल सकता है।\n• वैश्विक निवेशकों के लिए: अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का 5.27% तक पहुंचना सुरक्षित सरकारी बॉन्ड को सोने के मुकाबले अधिक आकर्षक बनाता है। इससे गैर-ब्याज वाली संपत्तियों से पूंजी निकलकर सावधि आय साधनों की ओर जा सकती है।\n• जिंस व्यापारियों के लिए: सोने के तकनीकी स्तर $4,100 और $4,050 के नीचे जाने पर डेरिवेटिव्स और फ्यूचर ट्रेडिंग में अस्थिरता और स्टॉप-लॉस ट्रिगर हो सकते हैं। व्यापारियों को सख्त जोखिम प्रबंधन बनाए रखने की जरूरत होगी।\n• मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंक: कच्चे तेल के $93 प्रति बैरल पर टिके रहने से वैश्विक स्तर पर आयात लागत बढ़ेगी। इससे केंद्रीय बैंकों पर ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने का दबाव बना रहेगा, जिसका असर आम जनता की ईएमआई पर पड़ सकता है।\n\nऐसा क्यों हुआ\nसोने की कीमतों में भारी बिकवाली अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में 16 साल के उच्चतम स्तर पर उछाल और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती संभावनाओं का सीधा परिणाम है।\n\n• बॉन्ड यील्ड में रिकॉर्ड उछाल: 10-वर्षीय अमेरिकी बॉन्ड यील्ड का जून 2007 के बाद के उच्चतम स्तर 5.27% पर पहुंचना गिरावट की मुख्य वजह बना। यील्ड बढ़ने से बिना ब्याज देने वाली संपत्तियों जैसे सोने को अपने पास रखने की लागत बढ़ जाती है।\n• फेडरल रिजर्व का सख्त रुख: फेड गवर्नर लीसा कुक सहित केंद्रीय बैंक के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि एआई विस्तार और भू-राजनीतिक तनावों के चलते महंगाई बनी रह सकती है। इससे आगे भी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका प्रबल हो गई है।\n• भू-राजनीतिक अनिश्चितता और ऊर्जा कीमतें: कच्चे तेल के 93 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बने रहने और होर्मुज जलडमरूमध्य समझौते को डोनाल्ड ट्रंप द्वारा खारिज किए जाने से मुद्रास्फीति की चिंताएं और गहरी हो गईं।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. सोने की कीमतों में अचानक इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?\nअमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 2007 के बाद के उच्चतम स्तर 5.27% पर पहुंच गई और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बढ़ गई, जिससे सोने में बिकवाली शुरू हो गई।\n\n2. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड किस स्तर तक पहुंच गई है?\nअमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी नोट यील्ड बढ़कर 5.27% तक पहुंच गई, जो बाद में घटकर 5.23% पर आ गई।\n\n3. फेडरल रिजर्व के अधिकारियों का महंगाई पर क्या कहना है?\nफेड गवर्नर लीसा कुक ने कहा है कि एआई के असर और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते आने वाले महीनों में मुद्रास्फीति का दबाव लगातार बना रह सकता है।\n\n4. कच्चे तेल की कीमतों में क्या हलचल रही?\nअमेरिकी कच्चा तेल डब्ल्यूटीआई 0.6% बढ़कर 93.00 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि सप्ताह की शुरुआत में इसने 3% की बढ़त दर्ज की थी।\n\n5. सोने के लिए तकनीकी स्तर पर कौन से सपोर्ट स्तर महत्वपूर्ण हैं?\nसोने के लिए 4,100 डॉलर और 4,050 डॉलर का स्तर अहम है, जिसके नीचे 3 अगस्त का निचला स्तर 4,019 डॉलर और फिर 4,000 डॉलर का दायरा आता है।\n\n6. वर्ष 2022 में केंद्रीय बैंकों ने कितना सोना खरीदा था?\nविश्व स्वर्ण परिषद के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने 2022 में रिकॉर्ड 70 अरब डॉलर मूल्य का 1,136 टन सोना अपने विदेशी मुद्रा भंडार में जोड़ा था।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-09-29",
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