अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में नरमी, 1996 के बाद पहली बार 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 3% पर पहुंची यूरोपीय सत्र के शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी येन में कमजोरी देखी गई है। इसी दौरान जापान की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में भी महत्वपूर्ण उछाल दर्ज किया गया है। मंगलवार को यूरोपीय सत्र के शुरुआती कारोबार के दौरान यूएसडी/जेपीवाई मुद्रा जोड़ी ने बढ़त हासिल करते हुए लगभग 159.85 के स्तर के आसपास कारोबार किया। इस बीच जापान की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड ने साल 1996 के बाद पहली बार 3% के स्तर को छू लिया है, जो वित्तीय बाजारों में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। बॉन्ड यील्ड में उछाल और येन की स्थिति हालिया घटनाक्रम के बीच येन की चाल पर बाजार की पैनी नजर बनी हुई है। जापानी वित्त मंत्री सातसुकी कातायामा ने बताया कि उन्होंने हाल ही में अधिकारियों से मुलाकात की थी और इस बात पर सहमति बनी थी कि वैश्विक बाजार की स्थिरता के लिए येन में व्यवस्थित उतार-चढ़ाव बेहद जरूरी है। अमेरिकी और जापानी अधिकारियों ने भी यह पुष्टि की है कि इस साझा लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर और मिलकर प्रयास किए जाएंगे। दूसरी ओर, येन पर लगातार दबाव बना हुआ है और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर स्थिति में नजर आ रहा है। तकनीकी विश्लेषण और मूल्य के स्तर दैनिक चार्ट के तकनीकी संकेतकों पर गौर करें तो यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी एक सीमित दायरे में कारोबार करती दिख रही है। यह 100-दिवसीय मूविंग एवरेज और ऊपरी बॉलिंगर बैंड के नीचे बनी हुई है। कीमत 20-दिवसीय बॉलिंगर मध्य बैंड से ऊपर टिकी हुई है, जो इसके भीतर बनी मांग की ओर इशारा करती है। इसके अलावा, रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 51 के स्तर पर है, जो मामूली रूप से सकारात्मक झुकाव तो दिखाता है लेकिन किसी मजबूत एकतरफा रुझान का स्पष्ट संकेत नहीं दे रहा है। अतिसंवेदनशील प्रतिरोध और समर्थन स्तर ऊपरी मोर्चे पर, तत्काल प्रतिरोध 100-दिवसीय मूविंग एवरेज के पास 160.00 के स्तर पर है, जिसके बाद ऊपरी बॉलिंगर बैंड लगभग 160.35 के आसपास आता है जहाँ बिकवाली का नया दबाव उभर सकता है। वहीं दूसरी ओर, नीचे की तरफ शुरुआती समर्थन 20-दिवसीय बॉलिंगर मध्य बैंड पर 159.15 के आसपास है। इसके बाद निचला बॉलिंगर बैंड 157.90 के करीब एक मजबूत सहारा प्रदान करता है, जहां से खरीदार व्यापक तेजी के रुख को संभाल सकते हैं। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और केंद्रीय बैंक की नीतियां जापानी येन दुनिया की सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्राओं में शुमार है। इसका मूल्य मुख्य रूप से जापानी अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन से तय होता है, जिसमें बैंक ऑफ जापान की नीतियां, अमेरिकी और जापानी बॉन्ड यील्ड के बीच का अंतर तथा व्यापारियों का जोखिम लेने का रुझान मुख्य भूमिका निभाते हैं। बैंक ऑफ जापान के पास मुद्रा नियंत्रण का स्पष्ट जनादेश है, इसलिए इसके कदम येन के लिए बेहद निर्णायक साबित होते हैं। बैंक ऑफ जापान ने अतीत में सीधे तौर पर मुद्रा बाजारों में हस्तक्षेप किया है, हालांकि मुख्य व्यापारिक साझेदारों की राजनीतिक चिंताओं के कारण वह ऐसा करने से आमतौर पर बचता है। केंद्रीय बैंक की साल 2013 से 2024 के बीच की अति-ढीली मौद्रिक नीति के कारण अन्य प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले येन में भारी गिरावट आई थी, क्योंकि बैंक ऑफ जापान और अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की नीतियों में काफी अंतर पैदा हो गया था। हालांकि, हाल के दिनों में इस अति-ढीली नीति को धीरे-धीरे वापस लेने से येन को कुछ हद तक संबल मिला है। मुद्रास्फीति और वैश्विक बाजार का रुख पिछले एक दशक के दौरान बैंक ऑफ जापान द्वारा अपनी अति-ढीली नीति पर कायम रहने के कारण वैश्विक केंद्रीय बैंकों, विशेष रूप से अमेरिकी फेडरल रिजर्व के साथ उसकी नीतियों का अंतर काफी बढ़ गया था। इससे अमेरिकी बॉन्ड और जापानी बॉन्ड के बीच यील्ड का अंतर चौड़ा हुआ, जिसने जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर को मजबूत होने का पूरा अवसर दिया। हालांकि, साल 2024 में बैंक ऑफ जापान द्वारा इस ढीली नीति को धीरे-धीरे छोड़ने के फैसले और अन्य बड़े केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों में कटौती से अब इस अंतर में कमी आ रही है। इसके अतिरिक्त, जापानी येन को पारंपरिक रूप से एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखा जाता है। इसका अर्थ यह है कि बाजार में किसी भी तरह के तनाव या अनिश्चितता के समय निवेशक इसकी कथित विश्वसनीयता और स्थिरता के कारण अपना पैसा जापानी मुद्रा में लगाना अधिक पसंद करते हैं। अस्थिर दौर में येन का यह सुरक्षित चरित्र अन्य जोखिम भरी मुद्राओं के मुकाबले इसकी स्थिति को मजबूत करने का काम करता है। इसका आप पर असर जापानी येन की कमजोरी और बॉन्ड यील्ड में आए इस बड़े बदलाव का असर वैश्विक मुद्रा बाजारों और跨境 निवेश पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। • भारत में: विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव के कारण आयातित वस्तुओं और विदेशी ऋण की लागत पर आंशिक असर पड़ सकता है, जिससे भारतीय कॉर्पोरेट क्षेत्र की रणनीतियां प्रभावित हो सकती हैं। • वैश्विक स्तर पर: मुद्रा बाजार के निवेशकों को येन और अमेरिकी डॉलर के बीच चल रहे उतार-चढ़ाव के बीच अपनी रणनीतियों में बदलाव करना पड़ सकता है। • बॉन्ड बाजार: जापान में 3% तक पहुंची यील्ड के कारण वैश्विक ऋण बाजारों में पूंजी के प्रवाह और ब्याज दरों की दिशा में नए बदलाव देखने को मिल सकते हैं। • निवेशक सतर्कता: सुरक्षित निवेश के रूप में येन की स्थिति पर नजर रखने वाले ट्रेडर्स को अपनी जोखिम प्रबंधन रणनीतियों को मजबूत करना होगा। • कारोबारी सत्र: यूरोपीय और एशियाई सत्रों के दौरान मुद्राओं में होने वाली हलचल से मुद्रा व्यापारियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। सवाल-जवाब 1. यूरोपीय सत्र की शुरुआत में यूएसडी/जेपीवाई किस स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था? यूरोपीय सत्र के शुरुआती कारोबार में यूएसडी/जेपीवाई मुद्रा जोड़ी लगभग 159.85 के स्तर पर थी। 2. जापान की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड ने किस स्तर को छुआ है? जापान की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड बढ़कर 3% पर पहुंच गई है। 3. यह स्तर आखिरी बार कब दर्ज किया गया था? जापान की 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड का यह स्तर आखिरी बार साल 1996 में देखा गया था। 4. यूएसडी/जेपीवाई के लिए तत्काल प्रतिरोध स्तर कहां स्थित है? तत्काल प्रतिरोध 100-दिवसीय मूविंग एवरेज के पास 160.00 के स्तर पर है। 5. तकनीकी चार्ट पर रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स किस स्तर पर है? रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स 51 के स्तर पर बना हुआ है। https://trendkia.com/market/usd-jpy-men-narami-1996-ke-bada-pahali-bara-10-varshiya-bond-yield-3-para-25520 TrendKia — Har trend, sabse pehle.