वैश्विक बाजार अपडेट: टेक शेयरों के दम पर अमेरिकी शेयर बाजार में सुधार, डीजल क्रैक स्प्रेड $102 के ऑल-टाइम हाई पर पहुंचा लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद एनवीडिया और मेटा जैसे दिग्गज टेक शेयरों की बदौलत अमेरिकी बाजारों में मजबूती दिखी, जबकि यूरोपीय बाजारों में कमजोरी और ईंधन बाजार में ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई। अमेरिकी शेयर बाजार में पिछले तीन कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला आखिरकार थम गया है। बॉन्ड यील्ड में नरमी और बिग टेक कंपनियों के शानदार प्रदर्शन की बदौलत वॉल स्ट्रीट पर स्थिरता वापस आती दिखाई दे रही है। हालांकि, जहां एक तरफ अमेरिकी बाजारों में रिकवरी का माहौल बना है, वहीं दूसरी तरफ यूरोपीय शेयर बाजारों में सुस्ती दर्ज की गई और कच्चे तेल के उत्पादों में रिकॉर्ड उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। एनवीडिया और मेटा के दम पर अमेरिकी बाजारों की वापसी, यूरोपीय सूचकांकों में गिरावट डॉयचे बैंक के विश्लेषक जिम रीड के अनुसार, S&P 500 सूचकांक में 0.46% की बढ़त दर्ज की गई। इस तेजी को मुख्य रूप से मैग्निफिसेंट सेवन समूह की दिग्गज कंपनियों, विशेषकर एनवीडिया और मेटा का मजबूत समर्थन मिला। अमेरिकी चिपमेकर एनवीडिया की ओर से चालू तिमाही के लिए थोड़े मध्यम संकेत मिलने के बावजूद टेक सेक्टर में खरीदारी का रुझान बना रहा। इसके विपरीत यूरोपीय बाजारों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। यूरोप का STOXX 600 सूचकांक 0.24% की गिरावट के साथ पांच सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया। इसके साथ ही जर्मनी के DAX में 0.50%, फ्रांस के CAC 40 में 0.26% और ब्रिटेन के FTSE 100 में 0.30% की कमजोरी देखी गई। हालांकि, एशियाई बाजारों और अमेरिकी व यूरोपीय फ्यूचर्स से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। एशिया में जापान का निक्केई 0.34%, चीन का CSI 300 0.48%, शंघाई कंपोजिट 0.42% और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 0.43% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। वहीं अमेरिकी और यूरोपीय फ्यूचर्स सूचकांक एक प्रतिशत के दसवें हिस्से से भी कम की मामूली बढ़त दिखा रहे हैं। कमजोर आर्थिक आंकड़ों से अमेरिकी डॉलर पर दबाव, येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में हलचल विदेशी मुद्रा बाजार में गुरुवार को यूरोपीय ट्रेडिंग के दौरान USD/JPY जोड़ी 157.00 के स्तर से नीचे फिसल गई। अमेरिका के कमजोर ADP रोजगार आंकड़ों के कारण अमेरिकी डॉलर में चौतरफा बिकवाली देखने को मिली। इसके साथ ही बैंक ऑफ जापान की ओर से ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों और जापानी अधिकारियों द्वारा हस्तक्षेप की संभावना से जापानी येन को समर्थन मिल रहा है। दूसरी ओर, AUD/USD जोड़ी गुरुवार को एशियाई सत्र में लगभग दो सप्ताह के निचले स्तर से उबरने के बाद 0.7150 के स्तर के ऊपर बनी रही। ऑस्ट्रेलिया के कमजोर व्यापारिक आंकड़ों ने चीन के सकारात्मक रेटिंगडॉग सर्विसेज पीएमआई के प्रभाव को कम कर दिया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा दर कटौती की उम्मीदों के कारण अमेरिकी डॉलर की गिरावट थमने से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की बढ़त सीमित रही। सोने में मजबूती का रुख, डीजल क्रैक स्प्रेड ने बनाया नया रिकॉर्ड कमोडिटी बाजार की बात करें तो सोना $4,450 के स्तर से नीचे रहने के बावजूद मजबूत स्थिति में बना हुआ है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और कमजोर ADP रिपोर्ट ने डॉलर को प्रभावित किया, जिससे सोने को चार सप्ताह के निचले स्तर से उबरने में मदद मिली। हालांकि, फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में भावी फैसलों और ऊर्जा कीमतों में तेजी से मुद्रास्फीति के जोखिम के कारण बॉन्ड यील्ड को समर्थन मिल सकता है। ऊर्जा बाजार में कच्चा तेल भले ही शांत नजर आ रहा हो, लेकिन डीजल बाजार अलग ही कहानी बयां कर रहा है। अमेरिका में WTI कच्चे तेल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम, जिसे डीजल क्रैक स्प्रेड कहा जाता है, पहली बार $100 प्रति बैरल के पार निकल गया और $102.00 से थोड़ा ऊपर के सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। क्रिप्टोकरेंसी बाजार में मिश्रित तकनीकी संकेत डिजिटल परिसंपत्तियों के बाजार में रिपल (XRP) और स्टेलर (XLM) का तकनीकी परिदृश्य अलग-अलग दिशाओं में जाता दिख रहा है। निवेशक हालिया गिरावट के बाद रिकवरी के संकेतों का आकलन कर रहे हैं। इस दौरान XRP अपने प्रमुख सपोर्ट ज़ोन को मजबूत करता नजर आ रहा है, जबकि XLM का भाव अपने एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के क्लस्टर से नीचे फिसल गया है। इसका आप पर असर वैश्विक वित्तीय बाजारों की यह हलचल भारतीय निवेशकों और आम उपभोक्ताओं के लिए मिश्रित प्रभाव लेकर आई है। • भारत में: अमेरिकी बाजार में रिकवरी से भारतीय शेयर बाजारों (निफ्टी और सेंसेक्स) को राहत मिल सकती है, जिससे आईटी और टेक शेयरों में सकारात्मक रुख देखने को मिल सकता है। • पेट्रोल-डीजल और परिवहन पर: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डीजल क्रैक स्प्रेड $102 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने से रिफाइनिंग मार्जिन बढ़ेगा, जिससे वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति और माल ढुलाई की लागत महंगी बनी रह सकती है। • सोना और आभूषण खरीदारों पर: सोने की कीमतों में कमजोरी थमने और $4,450 के करीब बने रहने से भारतीय सर्राफा बाजार में निकट भविष्य में कीमतें उच्च स्तर पर बनी रह सकती हैं। • क्रिप्टो निवेशकों पर: रिपल (XRP) द्वारा मजबूत सपोर्ट ज़ोन बनाए रखने से निवेशकों को थोड़ी स्थिरता मिलेगी, जबकि स्टेलर (XLM) के मूवेबल एवरेज से नीचे जाने से निकट अवधि में सतर्कता बरतने की जरूरत है। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी की मुख्य वजह क्या रही? एनवीडिया और मेटा जैसी 'मैग्निफिसेंट सेवन' टेक दिग्गज कंपनियों में रिकवरी और बॉन्ड यील्ड में गिरावट के कारण S&P 500 में 0.46% की बढ़त दर्ज की गई। 2. यूरोपीय बाजारों का प्रदर्शन कैसा रहा? यूरोपीय बाजारों में गिरावट रही, जहाँ STOXX 600 सूचकांक 0.24% गिरकर पांच हफ्ते के निचले स्तर पर आ गया, वहीं DAX में 0.50% की गिरावट दर्ज की गई। 3. डीजल क्रैक स्प्रेड ने क्या नया रिकॉर्ड बनाया है? अमेरिका में WTI कच्चे तेल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम पहली बार $100 के पार जाकर $102.00 प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। 4. USD/JPY करेंसी पैर में गिरावट क्यों आई? अमेरिका की कमजोर ADP रिपोर्ट के बाद डॉलर में बिकवाली और बैंक ऑफ जापान की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने की उम्मीदों से USD/JPY 157.00 से नीचे फिसल गया। 5. क्रिप्टो बाजार में XRP और XLM का तकनीकी रुझान कैसा है? XRP अपने प्रमुख सपोर्ट ज़ोन को मजबूत कर रहा है, जबकि XLM अपने एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) के क्लस्टर से नीचे आ गया है। https://trendkia.com/market/vaishvika-bajara-apadeta-teka-sheyaron-ke-dama-para-us-sheyara-bajara-men-sudhara-diesel-kraika-spreda-102-ke-la-taima-hai-para-pa-26950 TrendKia — Har trend, sabse pehle.