वैश्विक बाजारों में तकनीकी शेयरों का उतार-चढ़ाव जारी, बॉन्ड यील्ड में तेजी के बीच प्रमुख सूचकांकों पर दबाव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में उछाल के चलते एशियाई बाजारों में गिरावट रही, जबकि अमेरिकी वायदा सूचकांक सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में इस समय तकनीकी क्षेत्र और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों की दिशा पर भारी असमंजस बना हुआ है। तकनीकी क्षेत्र में आने वाले बदलावों और बड़ी टेक कंपनियों की वित्तीय स्थिति को लेकर निवेशकों की चिंताएं अब बॉन्ड बाजार और वैश्विक इक्विटी सूचकांकों पर साफ तौर पर असर दिखा रही हैं। अमेरिकी सरकारी बॉन्ड यानी ट्रेजरी यील्ड में हालिया मजबूती ने इक्विटी बाजारों के मूल्यांकन को लेकर नई बहस छेड़ दी है, जिससे दुनिया भर के प्रमुख शेयर बाजारों में तेज बिकवाली और अस्थिरता देखने को मिल रही है। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में तेजी और वास्तविक दरों का असर अमेरिकी ऋण बाजार में ट्रेजरी यील्ड में अच्छी खासी बढ़त दर्ज की गई है। इस उछाल की सबसे खास बात यह रही कि इसे मुद्रास्फीति के ब्रेकइवन आंकड़ों के बजाय वास्तविक यील्ड में आई तेजी से मजबूती मिली। पूरे यील्ड कर्व में एक समान बढ़त देखी गई है। छोटी अवधि के दो वर्षीय ट्रेजरी नोट पर यील्ड 6.5 आधार अंक बढ़कर 4.77 प्रतिशत तक पहुंच गई। वहीं, लंबी अवधि के बेंचमार्क 10 वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी नोट की यील्ड 6.6 आधार अंक की तेजी के साथ 5.14 प्रतिशत पर दर्ज की गई। यील्ड में यह उछाल दिखाता है कि बाजार में तकनीकी मंदी की आशंकाओं के कम होने पर ब्याज दरों के लंबे समय तक उच्च स्तर पर बने रहने की संभावनाओं को भुनाया जा रहा है। हालांकि, बाद के कारोबारी सत्रों में 10 वर्षीय यील्ड 2.1 आधार अंक घटकर 5.12 प्रतिशत और फिर 5.13 प्रतिशत के आसपास कारोबार करती दिखी। एशियाई बाजारों में चिप कंपनियों की अगुवाई में भारी गिरावट एशियाई शेयर बाजारों में कारोबार की शुरुआत भारी बिकवाली के साथ हुई। तकनीकी क्षेत्र से जुड़ी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियों के शेयरों में अचानक आए बदलाव ने निवेशकों के हौसले पस्त कर दिए। दक्षिण कोरिया का प्रमुख शेयर सूचकांक कॉस्पी 4.39 प्रतिशत लुढ़क गया। इस गिरावट का मुख्य कारण सेमीकंडक्टर और मेमोरी चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनी एसके हाइनिक्स रही, जिसके शेयरों में 5.17 प्रतिशत का भारी नुकसान देखा गया। इस तेज गिरावट के बाद एसके हाइनिक्स के शेयर अप्रैल महीने के बाद के अपने सबसे निचले बंद स्तर की तरफ पहुंच गए। जापान का प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक निक्केई 225 भी तकनीकी कंपनियों में मंदी के दबाव से अछूता नहीं रहा और इसमें 1.08 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। चीन और हांगकांग के बाजारों का रुख भी नकारात्मक बना रहा। हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक सार्वजनिक अवकाश के बाद खुलते ही 0.95 प्रतिशत नीचे चला गया, जबकि मुख्य भूमि चीन का सीएसआई 300 सूचकांक भी 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ सुस्त कारोबार करता नजर आया। विश्लेषकों का मानना है कि एशियाई चिप निर्माताओं पर यह दबाव वैश्विक स्तर पर चिप आपूर्ति और तकनीकी खर्च की अनिश्चितताओं का सीधा परिणाम है। ऑस्ट्रेलियाई बाजार में बैंकिंग क्षेत्र पर दबाव एशिया प्रशांत क्षेत्र में ऑस्ट्रेलियाई शेयर बाजार भी लाल निशान में कारोबार करता दिखा। ऑस्ट्रेलिया का बेंचमार्क सूचकांक एसएंडपी/एएसएक्स 200 करीब 0.40 प्रतिशत टूट गया। इस गिरावट में वित्तीय क्षेत्र की प्रमुख कंपनी नेशनल ऑस्ट्रेलिया बैंक का बड़ा हाथ रहा। नेशनल ऑस्ट्रेलिया बैंक के शेयरों में लगभग 3.0 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई। बैंक प्रबंधन द्वारा पुनर्गठन लागत से जुड़े नए खर्चों और कर्मचारियों की छंटनी की औपचारिक घोषणा के बाद निवेशकों ने बैंक के शेयरों में जमकर बिकवाली की, जिससे पूरे बैंकिंग क्षेत्र का माहौल कमजोर हो गया। अमेरिकी और यूरोपीय वायदा बाजार की स्थिति वैश्विक बाजारों में मंदी के बावजूद अमेरिकी बाजार के फ्यूचर्स में मिलाजुला रुख देखा गया। एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 0.06 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई, जबकि तकनीकी शेयरों पर केंद्रित नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में 0.20 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। तकनीकी शेयरों में रात भर चली बिकवाली का असर नैस्डैक वायदा पर साफ दिखाई दिया। दूसरी ओर, यूरोप के शेयर बाजारों में भी सुस्ती का दौर जारी रहा। पैन-यूरोपीय स्टॉक्स वायदा सूचकांक 0.60 प्रतिशत टूट गया, जो इस बात का संकेत है कि यूरोप में हाल के दिनों में शुरू हुई गिरावट अभी थमी नहीं है। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर, येन और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर की चाल मुद्रा बाजार में मंगलवार को मिलाजुला रुख बना रहा। एशियाई कारोबारी घंटों के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर 0.7000 के स्तर की तरफ बढ़ता नजर आया। बाजार के सुधरते माहौल और अमेरिकी डॉलर में जारी तेजी पर लगे अस्थायी विराम ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती प्रदान की। हालांकि, वैश्विक भू-राजनीतिक जोखिमों और बड़ी एआई कंपनियों के आने वाले तीसरी तिमाही के नतीजों को लेकर बनी सतर्कता इस तेजी को सीमित कर सकती है। उधर, जापानी मुद्रा के मुकाबले अमेरिकी डॉलर 158.50 के आसपास स्थिर कारोबार करता दिखाई दिया। मुद्रा व्यापारी शुक्रवार को जारी होने वाले जापान के राष्ट्रीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के महंगाई आंकड़ों से पहले किसी भी बड़े सौदे से बचते नजर आए। इसके साथ ही अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तरों ने जापानी येन के मुकाबले अमेरिकी डॉलर को एक मजबूत आधार प्रदान किया है। कमोडिटी और क्रिप्टोकरेंसी बाजार का परिदृश्य अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती यूरोपीय व्यापार में सोना फिसलकर 4,120 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में सुधार और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने पर मुनाफावसूली का दबाव बना। अमेरिकी हाइपरस्केल टेक कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों से पहले बॉन्ड यील्ड में मजबूती सोने की चमक को कम कर रही है। डिजिटल एसेट बाजार में भी सुस्ती का माहौल रहा। नियर प्रोटोकॉल की कीमत में मंगलवार को करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो ठीक इसके पिछले दिन के 2 प्रतिशत नुकसान के अनुरूप रही। हालांकि संस्थागत निवेशकों की मांग स्थिर बनी हुई है। इसका प्रमाण यह है कि बिटवाइज़ के नियर केंद्रित एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में सोमवार को 50 लाख डॉलर से अधिक का ताजा निवेश दर्ज किया गया, जिससे यह संकेत मिलता है कि लंबी अवधि के फंड मैनेजर इस ब्लॉकचेन नेटवर्क में संभावनाएं देख रहे हैं। इसका आप पर असर वैश्विक स्तर पर बॉन्ड यील्ड में तेजी और तकनीकी शेयरों में उतार-चढ़ाव से आम निवेशकों के पोर्टफोलियो पर सीधा असर पड़ सकता है। • भारत में प्रभाव: भारतीय इक्विटी निवेशकों को विदेशी संस्थागत निवेशकों की संभावित बिकवाली और आईटी शेयरों में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए। वैश्विक स्तर पर ब्याज दरें ऊंची रहने से घरेलू शेयर बाजार में तेजी सीमित रह सकती है। • सोने के खरीदार: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के 4,120 डॉलर प्रति औंस के आसपास आने से खुदरा आभूषण खरीदारों को कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि मजबूत डॉलर और तेल की बढ़ती कीमतें घरेलू बाजार में इस गिरावट को सीमित कर सकती हैं। • क्रिप्टो निवेशक: नियर प्रोटोकॉल में दो फीसदी की गिरावट के बावजूद बिटवाइज़ ईटीएफ में 50 लाख डॉलर का निवेश यह दिखाता है कि संस्थागत फंड डिजिटल संपत्तियों में बने हुए हैं। खुदरा निवेशकों को अत्यधिक अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरतनी चाहिए। • वैश्विक म्यूचुअल फंड्स: अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय इक्विटी फंडों में निवेश करने वाले निवेशकों के रिटर्न पर नैस्डैक और एशियाई टेक शेयरों की मंदी का असर दिखेगा। लंबी अवधि के एसआईपी निवेशकों को घबराहट में बिकवाली करने से बचना चाहिए। ऐसा क्यों हुआ वैश्विक बाजारों में यह फेरबदल अमेरिकी बॉन्ड बाजार में यील्ड की तेजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों के मूल्यांकन को लेकर उपजी चिंताओं के कारण हुआ है। • बॉन्ड यील्ड में उछाल: अमेरिकी 10 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड बढ़कर 5.14 प्रतिशत और 2 वर्षीय यील्ड 4.77 प्रतिशत पर पहुंच गई, जिसे वास्तविक यील्ड में वृद्धि ने प्रेरित किया। जब सुरक्षित सरकारी बॉन्ड पर रिटर्न बढ़ता है, तो जोखिम भरे तकनीकी शेयरों का आकर्षण घटने लगता है। • एआई शेयरों में बिकवाली: दक्षिण कोरियाई चिप निर्माता एसके हाइनिक्स के शेयरों में 5.17 प्रतिशत की गिरावट आई, जिसने कॉस्पी को 4.39 प्रतिशत नीचे धकेल दिया। चिप निर्माताओं पर दबाव ने पूरे एशियाई तकनीकी क्षेत्र में मुनाफावसूली शुरू कर दी। • कॉरपोरेट पुनर्गठन: ऑस्ट्रेलिया के नेशनल ऑस्ट्रेलिया बैंक ने पुनर्गठन व्यय और नौकरियों में कटौती की घोषणा की, जिससे उसके शेयरों में करीब 3.0 प्रतिशत की गिरावट आई। इस तरह की घोषणाओं ने वित्तीय क्षेत्र में भी मंदी का माहौल बनाया। • आगामी नतीजे और आर्थिक आंकड़े: अमेरिकी हाइपरस्केल टेक कंपनियों के तीसरी तिमाही के नतीजों और जापान के राष्ट्रीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से पहले निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। जब तक इन आंकड़ों की स्पष्टता नहीं आती, बाजार में स्थिरता की कमी बनी रहने की संभावना है। सवाल-जवाब 1. अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में हाल ही में क्या बदलाव देखा गया? 2 वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 6.5 आधार अंक बढ़कर 4.77 प्रतिशत और 10 वर्षीय यील्ड 6.6 आधार अंक बढ़कर 5.14 प्रतिशत हो गई, जो बाद में घटकर 5.12 प्रतिशत के स्तर पर आ गई। 2. दक्षिण कोरिया के शेयर बाजार में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई? मेमोरी चिप निर्माता कंपनी एसके हाइनिक्स के शेयरों में 5.17 प्रतिशत की भारी गिरावट आने से कॉस्पी सूचकांक 4.39 प्रतिशत तक लुढ़क गया। 3. नेशनल ऑस्ट्रेलिया बैंक के शेयरों में गिरावट का क्या कारण रहा? बैंक प्रबंधन द्वारा पुनर्गठन से जुड़े नए खर्चों और नौकरियों में कटौती की घोषणा करने के बाद इसके शेयरों में लगभग 3.0 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। 4. सोने की कीमतों पर वर्तमान में क्या प्रभाव पड़ रहा है? अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में सुधार और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना गिरकर 4,120 डॉलर प्रति औंस के करीब आ गया। 5. नियर प्रोटोकॉल और इससे जुड़े ईटीएफ का हालिया प्रदर्शन कैसा रहा? नियर प्रोटोकॉल की कीमत में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट आई, लेकिन बिटवाइज़ के नियर ईटीएफ में सोमवार को 50 लाख डॉलर से अधिक का नया निवेश दर्ज किया गया। 6. अमेरिकी और यूरोपीय वायदा बाजारों का क्या रुख रहा? एसएंडपी 500 फ्यूचर्स 0.06 प्रतिशत चढ़ा, जबकि नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 0.20 प्रतिशत और यूरोप का स्टॉक्स फ्यूचर्स 0.60 प्रतिशत गिर गया। https://trendkia.com/market/vaishvika-bajaron-men-tech-shares-ka-utara-charhava-jari-bond-yield-men-teji-ke-bicha-pramukha-suchakankon-para-dabava-50034 TrendKia — Har trend, sabse pehle.