# वैश्विक केंद्रीय बैंकों की सख्ती से सोने पर दबाव, कमजोर डॉलर के बावजूद फिसली कीमतें

> कमजोर अमेरिकी डॉलर और गिरती ट्रेजरी यील्ड के बावजूद सोने की कीमतें दबाव में हैं। बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की ओर से ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी के संकेतों ने बुलियन बाजार में सतर्कता बढ़ा दी है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/vaishvika-kendriya-bainkon-ki-sakhti-se-gold-para-dabava-kamajora-dollar-ke-bavajuda-phisali-kimaten-49891 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोना, गोल्ड प्राइस, फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड, बैंक ऑफ जापान, अमेरिकी डॉलर, कमोडिटी बाजार, वित्त

अमेरिकी डॉलर में जारी कमजोरी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के बावजूद अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल सुस्त नजर आ रही है। आमतौर पर जब डॉलर कमजोर होता है और बॉन्ड यील्ड घटती है, तब बिना ब्याज वाले सोने को मजबूत सहारा मिलता है। लेकिन इस बार फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान के कड़े नीतिगत रुख के संकेतों ने सर्राफा बाजार के खरीदारों को बैकफुट पर धकेल दिया है। इस कारोबारी सत्र में सोना करीब 0.43% गिरकर 4,122 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि दिन के दौरान यह 4,141 डॉलर के स्तर पर भी संघर्ष करता नजर आया। पिछले सत्र के 4,160 डॉलर के बंद स्तर की तुलना में कीमतें करीब 0.46% की सुस्ती दर्ज कर रही हैं।

## केंद्रीय बैंकों के रुख और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों का असर
इस सप्ताह अमेरिका का आर्थिक कैलेंडर काफी हल्का है, जिसके कारण निवेशक बड़े वृहद आंकड़ों की बजाय केंद्रीय बैंकों के बयानों पर नजरें गड़ाए हुए हैं। फेडरल रिजर्व के अधिकारी आधिकारिक तौर पर अपने साइलेंस यानी ब्लैकआउट पीरियड में प्रवेश कर चुके हैं। यह सख्त अवधि 28 अक्टूबर को फेड चेयरमैन केविन वार्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ समाप्त होगी। इस नीतिगत बैठक से पहले बाजार में अक्टूबर दर वृद्धि की संभावना लगभग 14% आंकी जा रही है, जबकि दिसंबर की बैठक के लिए यह अनुमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

वहीं दूसरी तरफ, दुनिया भर के अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंक भी मौद्रिक सख्ती जारी रखने के संकेत दे रहे हैं। बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की ओर से आगे ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका ने सोने के संभावित सुधार पर ब्रेक लगा दिया है। जब ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे रहने या और बढ़ने की संभावना बनती है, तो गैर-उपज वाली संपत्तियों जैसे सोने में निवेश की लागत बढ़ जाती है, जिससे निवेशक सुरक्षित बॉन्ड या अन्य निश्चित आय वाले साधनों की ओर रुख करने लगते हैं।

## तकनीकी स्तर और चार्ट पैटर्न पर बिकवाली का दबाव
चार्ट के मोर्चे पर तकनीकी संकेतक सोने में और कमजोरी के संकेत दे रहे हैं। 14-दिवसीय रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (RSI) वर्तमान में 40 के स्तर पर है, जो मंदी के रुझान को दर्शाता है, हालांकि निचली सतह पर यह थोड़ा सपाट हुआ है। इसके अलावा 20-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज 4,207 डॉलर, 50-दिवसीय EMA 4,277 डॉलर और 200-दिवसीय EMA 4,434 डॉलर पर स्थित है। 50-दिवसीय मूविंग एवरेज का 200-दिवसीय एवरेज से नीचे जाना डेथ क्रॉस स्थिति को रेखांकित करता है, जो दीर्घकालिक मंदी की प्रवृत्ति को पुष्ट करता है।

सोने के लिए 4,149 डॉलर का पिवट स्तर काफी अहम बना हुआ है। यदि बिकवाली का दबाव और तेज होता है और कीमतें 4,100 डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर तोड़ती हैं, तो अगला बड़ा समर्थन 14 अक्टूबर का निचला स्तर 4,073 डॉलर होगा। इससे नीचे फिसलने पर 29 जुलाई के चक्र का निचला स्तर 3,996 डॉलर, फिर 17 जुलाई का निचला स्तर 3,959 डॉलर और साल का सबसे निचला स्तर (YTD low) 3,941 डॉलर परीक्षण के दायरे में आ सकते हैं। 52-सप्ताह के दायरे में सोना 3,901 डॉलर से 5,586 डॉलर के बीच घूम चुका है।

दूसरी ओर, तेजी की वापसी के लिए खरीदारों को 4,167 डॉलर और 4,193 डॉलर के रेसिस्टेंस को पार करना होगा। इसके बाद 4,200 डॉलर का अहम पड़ाव आएगा, जिसे पार करने के बाद ही 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज (SMA) 4,235 डॉलर और 50-दिवसीय SMA 4,321 डॉलर तक की रिकवरी संभव दिखती है। बुल रन को दोबारा मजबूत करने के लिए 4,500 डॉलर का दायरा तोड़ना अनिवार्य माना जा रहा है।

## सुरक्षित निवेश और केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी
मानव इतिहास में सोने ने हमेशा विनिमय के माध्यम और मूल्य संचय के भरोसेमंद साधन के रूप में केंद्रीय भूमिका निभाई है। आभूषणों में इसकी मांग के अलावा, अनिश्चितता और आर्थिक उथल-पुथल के दौर में इसे प्राथमिक हेजिंग साधन माना जाता है। चूंकि यह किसी विशेष सरकार या बैंक की देनदारी पर निर्भर नहीं करता, इसलिए इसे मुद्रा अवमूल्यन और बेलगाम महंगाई से निपटने के लिए सबसे मजबूत ढाल समझा जाता है।

विश्व स्वर्ण परिषद के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े धारक हैं। कठिन वैश्विक आर्थिक माहौल में अपनी स्थानीय मुद्राओं की साख बचाने और विदेशी मुद्रा भंडार को संतुलित रखने के लिए वे सोने की खरीद बढ़ाते हैं। वर्ष 2022 में केंद्रीय बैंकों ने रिकॉर्ड दर्ज होने के बाद से सबसे बड़ी खरीदारी करते हुए करीब 70 अरब डॉलर मूल्य का 1,136 टन सोना अपने भंडार में जोड़ा था। उभरती अर्थव्यवस्थाओं में चीन, भारत और तुर्की जैसे देश अपने स्वर्ण भंडार में लगातार उल्लेखनीय इजाफा कर रहे हैं, जिससे उनकी वित्तीय साख को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलती है।

## विदेशी मुद्रा बाजार और व्यापक वित्तीय रुझान
सोने की चाल पारंपरिक रूप से अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी के विपरीत दिशा में होती है। जब डॉलर गिरता है, तो सोना मजबूत होना चाहिए, लेकिन हालिया सत्रों में यह संबंध सामान्य गति से काम नहीं कर रहा है। सामान्य दिनों में शेयर बाजारों की रैली सोने की चमक फीकी करती है और जोखिम भरे एसेट्स से बिकवाली सोने की मांग बढ़ाती है। वर्तमान में भू-राजनीतिक अस्थिरता और मंदी के डर ने सुरक्षा की तलाश तेज तो की है, लेकिन डॉलर आधारित मूल्य निर्धारण और उच्च बॉन्ड यील्ड का डर इस धातु को सीमित दायरे में बांधे हुए है।

व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में मंगलवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.7000 का स्तर दोबारा हासिल किया और जोखिम धारणा सुधरने से लगातार तीसरे दिन बढ़त दर्ज की। दूसरी ओर, डॉलर और जापानी येन की जोड़ी एशियाई कारोबार में 158.50 के आसपास टिकी रही, जहां व्यापारी शुक्रवार को आने वाले जापान के राष्ट्रीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति आंकड़ों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर कमोडिटी, टेक शेयर और क्रिप्टोकरेंसी में निवेशक सतर्कता बरतते हुए नीतिगत संकेतों का इंतजार कर रहे हैं।

## इसका आप पर असर
सोने की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव और वैश्विक केंद्रीय बैंकों के कड़े रुख का असर निवेशकों, आभूषण खरीदारों और पोर्टफोलियो प्रबंधन पर सीधे तौर पर दिखाई देगा।

- **भारत में खरीदारों और निवेशकों के लिए:** वैश्विक बाजार में सोने के सीमित दायरे में रहने से घरेलू बाजार में तत्काल भारी तेजी की संभावना कम हो गई है। आगामी त्योहारों और शादियों के सीजन के लिए आभूषण या गोल्ड ईटीएफ खरीदने वालों को गिरावट पर धीरे-धीरे संचय करने का अवसर मिल सकता है।
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा रखने के संकेतों से सोने में बिना ब्याज के पूंजी फंसाने पर रिटर्न सुस्त रह सकता है। ट्रेजरी यील्ड और बॉन्ड जैसे निश्चित आय वाले विकल्पों में रिटर्न आकर्षक बने रहने से सर्राफा में आवंटन सीमित रहने की उम्मीद है।
- **मुद्रा विनिमय और डॉलर का असर:** डॉलर में नरमी के बावजूद सोने का न बढ़ना यह दर्शाता है कि बाजार केवल मुद्रा उतार-चढ़ाव पर नहीं चल रहा है। विदेशी व्यापार और आयातकों के लिए मुद्रा की यह चाल लागत प्रबंधन में अतिरिक्त सावधानी बरतने का संकेत देती है।
- **जोखिम प्रबंधन और हेजिंग:** पोर्टफोलियो में सोने को केवल आपातकालीन सुरक्षा के रूप में 5% से 10% के बीच ही संतुलित रखना समझदारी होगी। ब्याज दरों की अनिश्चितता समाप्त होने तक किसी आक्रामक एकमुश्त खरीद से बचना चाहिए।

## ऐसा क्यों हुआ
कमजोर अमेरिकी डॉलर के बावजूद सोने में आई इस गिरावट और सुस्ती के पीछे केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीतियां और बाजार का तकनीकी ढांचा मुख्य वजह बनकर उभरे हैं।

- **वैश्विक ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका:** बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की ओर से नीतिगत दरों में आगे और वृद्धि के संकेतों ने बाजार में यह डर पैदा कर दिया है कि मौद्रिक सख्ती अभी समाप्त नहीं हुई है। ऊंची ब्याज दरें गैर-उपज वाले सोने की धारण लागत बढ़ा देती हैं, जिससे इसकी मांग सीमित हो जाती है।
- **फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक और ब्लैकआउट:** अमेरिकी केंद्रीय बैंक के अधिकारियों के साइलेंस पीरियड में चले जाने के कारण नीतिगत रुख को लेकर स्पष्टता की कमी है। अक्टूबर में दर वृद्धि की 14% संभावना और दिसंबर के बढ़ते अनुमानों ने खरीदारों को नए बड़े दांव लगाने से रोक दिया है।
- **तकनीकी बिकवाली और चार्ट दबाव:** सोने के 14-दिवसीय आरएसआई के 40 पर रहने और मूविंग एवरेज में मंदी के डेथ क्रॉस पैटर्न बनने से तकनीकी ट्रेडर्स मुनाफावसूली और शॉर्ट पोजीशन को प्राथमिकता दे रहे हैं। 4,150 डॉलर और 4,200 डॉलर के मजबूत प्रतिरोध स्तरों को पार करने में विफलता ने भी कमजोरी को बढ़ाया है।

## सवाल-जवाब

### 1. वर्तमान में सोने की कीमत किस स्तर पर कारोबार कर रही है?
सोना लगभग 0.43% गिरकर 4,122 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि सत्र के दौरान यह 4,141 डॉलर के स्तर पर भी देखा गया।

### 2. कमजोर डॉलर के बावजूद सोने के भाव में गिरावट क्यों आ रही है?
बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान जैसे प्रमुख केंद्रीय बैंकों से ब्याज दरें बढ़ाने के संकेतों के कारण सोने की रिकवरी बाधित हो रही है।

### 3. फेडरल रिजर्व की अगली बैठक और ब्लैकआउट अवधि कब समाप्त होगी?
फेडरल रिजर्व के अधिकारियों का साइलेंस पीरियड 28 अक्टूबर को फेड चेयरमैन केविन वार्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ खत्म होगा।

### 4. सोने के लिए नीचे की ओर अगला महत्वपूर्ण तकनीकी सपोर्ट क्या है?
यदि बिकवाली जारी रहती है और 4,100 डॉलर का स्तर टूटता है, तो अगला प्रमुख समर्थन 14 अक्टूबर का निचला स्तर 4,073 डॉलर होगा।

### 5. तेजी लौटने के लिए सोने को किन प्रमुख स्तरों को पार करना होगा?
मजबूत सुधार के लिए सोने को 4,167 डॉलर और 4,193 डॉलर के स्तरों को पार कर 4,200 डॉलर और फिर 4,235 डॉलर के 100-दिवसीय एसएमए के ऊपर निकलना होगा।

### 6. साल 2022 में केंद्रीय बैंकों ने कुल कितना सोना खरीदा था?
विश्व स्वर्ण परिषद के अनुसार, केंद्रीय बैंकों ने वर्ष 2022 में लगभग 70 अरब डॉलर मूल्य का रिकॉर्ड 1,136 टन सोना खरीदा था।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._