# वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट, चिपमेकर्स की रिकवरी ने संभाला टेक सेक्टर का नुकसान

> अमेरिकी बाजारों में चौतरफा बिकवाली के बीच नैस्डैक और टेक शेयरों में सीमित गिरावट दर्ज की गई, जबकि डीजल क्रैक स्प्रेड ने $102 प्रति बैरल का नया रिकॉर्ड स्तर छू लिया है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-09 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/vaishvika-sheyara-bajaron-men-giravata-chipamekarsa-ki-rikavari-ne-roka-wall-street-ka-nukasana-30151 · **Language:** Hindi
**Tags:** शेयर बाजार, वॉल स्ट्रीट, एस एंड पी 500, नैस्डैक, सोना, क्रूड ऑयल, डीजल क्रैक स्प्रेड, बैंक ऑफ जापान

वैश्विक वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता के बीच अमेरिकी शेयर सूचकांकों में व्यापक गिरावट देखने को मिली है। वॉल स्ट्रीट पर चौतरफा बिकवाली का दबाव हावी रहा, हालांकि चिप निर्माता कंपनियों के शेयरों में आई तेजी ने प्रौद्योगिकी क्षेत्र के नुकसान को काफी हद तक सीमित कर दिया। इसी दौरान एशियाई और यूरोपीय बाजारों में मिला-जुला रुझान बना रहा। दूसरी ओर, मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और जापानी येन की मजबूती के बीच सोने की कीमतों में सुधार दर्ज किया गया, जबकि ऊर्जा बाजार में डीजल रिफाइनिंग मार्जिन ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गया है।

## अमेरिकी शेयर बाजारों में चौतरफा बिकवाली का दबाव
वॉल स्ट्रीट पर कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। मानक S&P 500 सूचकांक में 0.58% की गिरावट दर्ज की गई। बाजार में बिकवाली का दायरा इतना व्यापक था कि सूचकांक में शामिल 70% से अधिक कंपनियों के शेयर नुकसान के साथ बंद हुए। संस्थागत निवेशकों द्वारा व्यापक स्तर पर पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग किए जाने से बाजार पर दबाव स्पष्ट रूप से देखा गया।

इसके विपरीत, प्रौद्योगिकी आधारित नैस्डैक सूचकांक में गिरावट की तीव्रता तुलनात्मक रूप से कम रही और यह केवल 0.32% फिसलकर बंद हुआ। दिग्गज टेक कंपनियों के समूह, जिन्हें 'मैग्निफिसेंट 7' या Mag-7 कहा जाता है, में 0.35% की मामूली गिरावट आई। नैस्डैक और टेक दिग्गजों को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आई रिकवरी से मजबूत सहारा मिला। फिलैडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 1.30% की बढ़त दर्ज की गई, जो लगातार चौथे कारोबारी सत्र में इसकी तेजी को दर्शाता है। वायदा कारोबार की बात करें तो S&P 500 फ्यूचर्स 0.09% की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में 0.22% की तेजी देखी गई।

## यूरोपीय और एशियाई बाजारों में सुस्त कारोबार
यूरोपीय शेयर बाजारों में भी सुस्ती का माहौल बना रहा। पूरे महाद्वीप के बेंचमार्क सूचकांक STOXX 600 में 0.05% की हल्की गिरावट आई, जो यूरोपीय बाजारों में सीमित हलचल को दर्शाती है। ब्रिटेन का FTSE 100 सूचकांक 0.10% गिरकर बंद हुआ, जबकि इटली का FTSEMIB सूचकांक भी 0.10% के नुकसान के साथ बंद हुआ। हालांकि, फ्रांस के CAC 40 सूचकांक ने विपरीत दिशा में कदम बढ़ाते हुए 0.14% की मामूली बढ़त दर्ज की। आगामी सत्रों के लिए स्टॉक्स फ्यूचर्स में लगभग आधे फीसदी (0.50%) की गिरावट के संकेत मिल रहे हैं।

एशिया-प्रशांत क्षेत्र में दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) सूचकांक 1.63% उछलकर क्षेत्रीय बाजारों में सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सूचकांक बना। कोस्पी की इस तेजी में मुख्य योगदान टेक और चिपमेकिंग कंपनियों का रहा। हालांकि, क्षेत्र के अन्य प्रमुख सूचकांकों को बढ़त बनाने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ा। जापान का निकेई 0.07% की मामूली बढ़त पर रहा, जबकि हॉन्गकॉन्ग का हैंग सेंग सूचकांक केवल 0.02% सुधरा। चीन का CSI 300 सूचकांक 0.10% की बढ़त दर्ज कर सका, जबकि ऑस्ट्रेलिया का ASX सूचकांक 0.17% फिसल गया।

## विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर पर दबाव और येन में उछाल
विदेशी मुद्रा बाजार में एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान AUD/USD मुद्रा जोड़ी 0.7200 के स्तर से ऊपर स्थिर बनी रही। चीन के मुद्रास्फीति आंकड़ों में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) और उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के ऊंचे आंकड़े आने के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर इसका खास प्रभाव नहीं पड़ा। हालांकि, रिज़र्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती संभावनाओं ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को मजबूती प्रदान की।

वहीं, USD/JPY मुद्रा जोड़ी पर बिकवाली का नया दबाव देखा गया। रॉयटर्स तानकान व्यावसायिक सर्वेक्षण के मजबूत आंकड़ों ने बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा मौद्रिक नीति के सामान्यीकरण को जारी रखने के तर्कों को और बल दिया है। बैंक ऑफ जापान द्वारा दरों में बदलाव के संकेतों से जापानी येन को जबरदस्त मजबूती मिली है। डॉलर में जारी चौतरफा कमजोरी और येन की लिवाली के कारण USD/JPY जोड़ी मंगलवार को बने अपने लगभग सात महीने के निचले स्तर के करीब बनी हुई है।

## सोने में रिकवरी और डीजल क्रैक स्प्रेड का नया रिकॉर्ड
कमोडिटी बाजार में सोने की कीमतों में निचले स्तरों से शानदार सुधार देखा गया है। पिछले एक सप्ताह के निचले स्तर से उबरते हुए सोने ने यूरोपीय सत्र की शुरुआत से पहले $4,400 प्रति औंस का महत्वपूर्ण स्तर फिर से हासिल कर लिया है। इसके साथ ही सोने में पिछले तीन दिनों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया है। दो सप्ताह से अधिक के निचले स्तर पर बने अमेरिकी डॉलर सूचकांक ने सोने की कीमतों को सहारा दिया है।

ऊर्जा बाजार में जहां कच्चा तेल शांत नजर आ रहा है, वहीं डीजल बाजार से एक अलग तस्वीर उभर कर सामने आ रही है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड—जो कि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) कच्चे तेल के मुकाबले अल्ट्रा-लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का प्रीमियम होता है—इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गया है। कारोबारी सत्र के दौरान इसने $102.00 प्रति बैरल से अधिक का सर्वकालिक नया रिकॉर्ड स्तर छू लिया, जो रिफाइनिंग मार्जिन में भारी उछाल को दर्शाता है।

## इसका आप पर असर
वैश्विक बाजारों में चल रही हलचल और कमोडिटी की कीमतों में बदलाव का सीधा असर भारतीय निवेशकों, यात्रियों और आम नागरिकों की जेब पर पड़ सकता है।

- **भारत में:** कच्चे तेल और रिफाइनिंग मार्जिन (डीजल क्रैक स्प्रेड) में ऐतिहासिक बढ़ोतरी से आने वाले समय में ईंधन और माल ढुलाई की लागत बढ़ सकती है। इससे देश में महंगाई पर दबाव देखने को मिल सकता है।
- **भारतीय निवेशकों के लिए:** अमेरिकी बाजारों में बिकवाली और डॉलर की कमजोरी से भारतीय शेयर बाजार (निफ्टी/सेंसिक्स) में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) का रुख बदल सकता है। IT और टेक शेयरों में उतार-चढ़ाव की संभावना है।
- **सोने के खरीदारों के लिए:** अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के $4,400 का स्तर पार करने से घरेलू बाजारों में भी सोने और गहनों की कीमतें महंगी हो सकती हैं।
- **रुपये और आयात पर:** डॉलर की कमजोरी और जापानी येन की मजबूती से वैश्विक मुद्रा दरों में फेरबदल हो सकता है, जिससे भारतीय रुपये की विनिमय दर प्रभावित होगी।

## ऐसा क्यों हुआ
वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट और कमोडिटीज में भारी उतार-चढ़ाव के पीछे कई प्रमुख आर्थिक और नीतिगत कारक जिम्मेदार हैं।

- **वॉल स्ट्रीट पर बिकवाली:** लगातार उच्च स्तर पर रहने के बाद संस्थागत निवेशकों द्वारा 70% से अधिक शेयरों में मुनाफावसूली की गई, जिसके कारण S&P 500 में गिरावट आई।
- **चिपमेकर्स की तेजी:** आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर मांग के कारण फिलैडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में लगातार चौथे दिन तेजी रही, जिसने टेक सूचकांकों को बड़े नुकसान से बचा लिया।
- **जापानी येन में उछाल:** रॉयटर्स तानकान बिजनेस सर्वे के मजबूत नतीजों ने बैंक ऑफ जापान (BoJ) द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को पुख्ता किया, जिससे डॉलर के मुकाबले येन मजबूत हुआ।
- **डीजल क्रैक स्प्रेड का रिकॉर्ड:** वैश्विक स्तर पर रिफाइनिंग क्षमता की तंगी और मध्य डिस्टिलेट ईंधन की भारी मांग के कारण डीजल का प्रीमियम $102 प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।

## सवाल-जवाब

### 1. S&P 500 और नैस्डैक में कितनी गिरावट दर्ज की गई?
S&P 500 में 0.58% की गिरावट आई, जबकि नैस्डैक सूचकांक 0.32% गिरकर बंद हुआ।

### 2. चिपमेकिंग क्षेत्र का प्रदर्शन कैसा रहा?
फिलैडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 1.30% की बढ़त दर्ज की गई, जो लगातार चौथे कारोबारी सत्र में इसकी तेजी को दर्शाता है।

### 3. सोने की कीमत किस स्तर पर पहुंची है?
सोने ने अपनी तीन दिनों की गिरावट को रोकते हुए $4,400 प्रति औंस का स्तर फिर से हासिल कर लिया है।

### 4. डीजल क्रैक स्प्रेड ने क्या नया रिकॉर्ड बनाया है?
अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड इतिहास में पहली बार $100 प्रति बैरल के पार जाकर $102.00 प्रति बैरल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

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