वेदांता डिमर्जर पूरा: 15 जून से शेयर बाजार में दिखेंगी चार नई कंपनियां, ग्रुप की कुल लिस्टिंग पहुंचेगी पांच पर वेदांता लिमिटेड से अलग हुई चार नई कंपनियां 15 जून से स्वतंत्र रूप से ट्रेड शुरू करेंगी, जिनमें Cairn ब्रांड वाली वेदांता ऑयल एंड गैस पर निवेशकों की सबसे ज्यादा नजर रहेगी। सोमवार का सत्र भारतीय शेयर बाजार के लिए सामान्य नहीं रहने वाला है। देश के दिग्गज मेटल और माइनिंग समूह वेदांता की लंबे समय से चल रही डिमर्जर प्रक्रिया अब अपने आखिरी पड़ाव पर है, और इसका असर 15 जून से सीधे ट्रेडिंग स्क्रीन पर दिखाई देगा। इसी दिन से वेदांता लिमिटेड से अलग की गई चार नई कंपनियां बाजार में अपने दम पर कारोबार करना शुरू कर देंगी। इस बदलाव के बाद वेदांता समूह की लिस्टेड कंपनियों की संख्या बढ़कर कुल पांच हो जाएगी, और शुरुआती कारोबार में इन नए शेयरों का प्रदर्शन ही सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा। कौन-सी चार कंपनियां अलग हो रही हैं डिमर्जर के तहत जिन चार कारोबारों को अपनी स्वतंत्र पहचान मिलेगी, वे हैं — वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड, वेदांता पावर लिमिटेड, वेदांता एल्युमिनियम मेटल लिमिटेड और वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड। मूल कंपनी वेदांता लिमिटेड पहले की तरह बाजार में सूचीबद्ध बनी रहेगी। समूह का तर्क है कि हर सेक्टर को अलग कंपनी के रूप में चलाने से उसका वास्तविक मूल्य और दमखम साफ नजर आएगा, जिसका सीधा फायदा निवेशकों को मिलेगा क्योंकि वे अब हर कारोबार को उसकी अपनी क्षमता के आधार पर परख सकेंगे। सबसे ज्यादा सुर्खियों में वेदांता ऑयल एंड गैस इन चारों में सबसे ज्यादा चर्चा वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड को लेकर है। यह कंपनी बाजार में VOGL के नाम से ट्रेड करेगी और अपना कारोबार जाने-पहचाने Cairn ब्रांड के तहत आगे बढ़ाएगी। भारत में तेल और गैस की लगातार बढ़ती खपत को देखते हुए इसे समूह के भविष्य के ग्रोथ इंजन के तौर पर देखा जा रहा है। कंपनी ने लक्ष्य रखा है कि वित्त वर्ष 2028-29 तक उसका रोजाना उत्पादन 1.5 लाख बैरल प्रतिदिन के आंकड़े को पार कर जाए। 44 ब्लॉक और 1.4 अरब बैरल का भंडार इस कंपनी की बुनियाद काफी मजबूत मानी जा रही है। राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश और असम जैसे राज्यों में फैले इसके पास कुल 44 तेल एवं गैस ब्लॉक हैं। संसाधनों के लिहाज से कंपनी के पास करीब 1.4 अरब बैरल ऑयल इक्विवेलेंट का भंडार मौजूद है, जो इसे देश की सबसे बड़ी निजी तेल एवं गैस कंपनियों की कतार में खड़ा कर देता है। हाल के नतीजों पर एक नजर हालांकि ताजा वित्तीय आंकड़ों में थोड़ी सुस्ती जरूर दिखी है। वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में कंपनी का राजस्व 3 फीसदी फिसलकर 2,583 करोड़ रुपये पर रहा, जबकि EBITDA में 12 फीसदी की गिरावट आई और यह घटकर 1,065 करोड़ रुपये रह गया। सालाना आधार पर भी रेवेन्यू और मुनाफे, दोनों में मामूली कमी देखने को मिली। इस हल्के दबाव के बावजूद बाजार के जानकारों और निवेशकों का भरोसा कायम है — उनका मानना है कि कंपनी के विशाल कारोबारी आधार और आगे की विस्तार योजनाओं को देखते हुए आने वाले वर्षों में इससे अच्छा रिटर्न मिलने की गुंजाइश बनी हुई है। https://trendkia.com/market/vedanta-dimarjara-pura-15-juna-se-sheyara-bajara-men-dikhengi-chara-nai-knpaniya-807 TrendKia — Har trend, sabse pehle.