वेनेजुएला में ओएनजीसी विदेश को मिली अमेरिकी मंजूरी, मोतीलाल ओसवाल ने शेयर पर दिया 290 रुपये का टारगेट अमेरिकी वित्त विभाग से ओएनजीसी विदेश को वेनेजुएला में उत्पादन और परिचालन बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। वहीं, मोतीलाल ओसवाल ने ओएनजीसी शेयर पर 290 रुपये का टारगेट प्राइस देते हुए 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) की अंतरराष्ट्रीय निवेश शाखा को विदेशी मोर्चे पर बड़ी कामयाबी मिली है। अमेरिकी सरकार ने ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) को वेनेजुएला में तेल उत्पादन और परिचालन गतिविधियों का विस्तार करने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। अमेरिका के वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (ओएफएसी) से हरी झंडी मिलने के बाद अब यह भारतीय सरकारी ऊर्जा कंपनी वेनेजुएला की मौजूदा परियोजनाओं में नया पूंजीगत निवेश कर सकेगी। इसके साथ ही वह वहां की सरकारी तेल कंपनी पीडीवीएसए के साथ मिलकर अपनी परिचालन भूमिका को भी मजबूत कर पाएगी। इस बड़े घटनाक्रम के बीच गुरुवार के कारोबारी सत्र के दौरान बीएसई पर ओएनजीसी के शेयर में उतार-चढ़ाव देखा गया। इंट्राडे कारोबार में शेयर 233.6 रुपये के निचले स्तर तक फिसलने के बाद संभलता हुआ नजर आया। दूसरी ओर, प्रमुख ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल ने इस महारत्न पीएसयू शेयर पर अपना तेजी का रुख बरकरार रखते हुए 290 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। वेनेजुएला में अमेरिकी मंजूरी और परियोजनाओं का ब्योरा अमेरिका के वित्त विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल द्वारा दी गई यह मंजूरी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक बढ़त का संकेत है। इस विनियामक लाइसेंस के मिलने से ओवीएल पर लगे वेनेजुएला संबंधी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की पाबंदियां ढीली हो गई हैं, जिससे कंपनी अपनी मौजूदा संयुक्त उद्यम परियोजनाओं में नया फंड डाल सकेगी और परिचालन विस्तार कर सकेगी। ओएफएसी से मिली अनुमति के बाद ओएनजीसी की विदेशी शाखा वेनेजुएला की राष्ट्र-नियंत्रित तेल कंपनी पीडीवीएसए के साथ संचालित परियोजनाओं में अधिक सक्रिय भूमिका निभाएगी। इस मंजूरी का तत्काल लाभ ओवीएल की उन दो मुख्य तेल परियोजनाओं को मिलेगा जिनमें उसकी पहले से हिस्सेदारी है। इनमें सैन क्रिस्टोबल तेल क्षेत्र और काराबोबो-1 प्रोजेक्ट शामिल हैं। अब कंपनी इन तेल क्षेत्रों में उत्पादन बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने और कच्चे तेल के नए भंडार निकालने के लिए अपनी योजनाओं को गति दे सकेगी। शेयर बाजार का हाल और ब्रोकरेज की खरीदारी की सलाह भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार के इंट्राडे सत्र के दौरान ओएनजीसी के शेयर दबाव में कारोबार करते दिखे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर शेयर की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई और शुरुआती समय में बिकवाली के कारण यह 233.6 रुपये प्रति शेयर के दिन के निचले स्तर तक गिर गया। हालांकि, निचले स्तरों पर खरीदारी का सहारा मिलने से शेयर में सुधार आया और इसने 239.50 रुपये का उच्च स्तर भी छुआ। कारोबारी सत्र के दौरान ओएनजीसी का शेयर 0.04% की मामूली गिरावट के साथ 237.9 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहा था। इस मूल्य पर कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण बीएसई पर 2,99,284.84 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। वेनेजुएला की मंजूरी और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन को देखते हुए घरेलू ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने ओएनजीसी के शेयर पर अपनी 'Buy' रेटिंग को कायम रखा है। ब्रोकरेज ने प्रति शेयर 290 रुपये का लक्ष्य रखा है, जो मौजूदा बाजार मूल्य से करीब 23% की संभावित बढ़त को दर्शाता है। 52 हफ्तों का दायरा और लंबी अवधि का प्रदर्शन ओएनजीसी के शेयर के हालिया प्रदर्शन और 52 हफ्तों के दायरे का विश्लेषण करने पर लंबी अवधि में मजबूती के संकेत मिलते हैं। कंपनी के शेयर ने 29 अप्रैल 2026 को 307.50 रुपये प्रति शेयर का अपना 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर छुआ था। वहीं, 30 जून 2026 को शेयर 227.6 रुपये प्रति शेयर के अपने 52 हफ्तों के निचले स्तर पर आ गया था। अल्पकालिक और मध्यम अवधि के रिटर्न की बात करें तो पिछले तीन महीनों में ओएनजीसी के शेयर में 19.2% की गिरावट आई है, जबकि पिछले छह महीनों के दौरान इसमें लगभग 9.38% की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, लंबी अवधि का रिकॉर्ड सकारात्मक बना हुआ है। पिछले एक साल में शेयर ने करीब 0.65% का रिटर्न दिया है, जबकि तीन साल की अवधि में इसमें लगभग 36% की शानदार तेजी आई है, जो सरकारी ऊर्जा क्षेत्र के इस शेयर की अंतर्निहित मजबूती को दर्शाती है। पहली तिमाही के नतीजे: मुनाफा दोगुना से अधिक बढ़ा अमेरिकी वित्त विभाग से मिली यह मंजूरी ओएनजीसी द्वारा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) में शानदार वित्तीय प्रदर्शन पेश करने के तुरंत बाद आई है। जून में समाप्त हुई इस तिमाही के दौरान महारत्न पीएसयू ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपने शुद्ध मुनाफे में क्रमिक आधार पर जोरदार उछाल दर्ज किया। वित्त वर्ष 2026-27 की जून तिमाही में ओएनजीसी का शुद्ध मुनाफा बढ़कर 17,033.81 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यह वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (Q4FY26) में दर्ज 6,649.97 करोड़ रुपये के शुद्ध मुनाफे की तुलना में दोगुने से भी अधिक की बढ़ोतरी है। इसी तरह, पहली तिमाही में कंपनी का शुद्ध राजस्व बढ़कर 46,460.45 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछली तिमाही (मार्च 2026) में 35,928.18 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी के वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, मुनाफे में इस बड़ी बढ़ोतरी का मुख्य कारण नए कुओं से प्राप्त प्रीमियम कीमत वाली गैस की बेहतर बिक्री दर रही। इस प्रीमियम गैस के कारण परिचालन मार्जिन में सुधार हुआ, भले ही इस तिमाही के दौरान कुल कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का उत्पादन मुख्य रूप से स्थिर बना रहा। इसका आप पर असर खुदरा निवेशकों के लिए: अमेरिकी विनियामक मंजूरी से ओएनजीसी विदेश की वेनेजुएला की परियोजनाओं में नए निवेश का रास्ता खुला है, जिससे लंबी अवधि में कंपनी के संपत्ति मूल्य और कैश फ्लो को मजबूती मिल सकती है। भारत में असर: अंतरराष्ट्रीय तेल क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता सुधरने से देश की ऊर्जा सुरक्षा पहलों को समर्थन मिलता है और सरकारी तेल दिग्गज ओएनजीसी के वित्तीय नतीजों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। सवाल-जवाब 1. ओएनजीसी विदेश को अमेरिका से क्या मंजूरी मिली है? ओएनजीसी की अंतरराष्ट्रीय शाखा ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) को अमेरिकी वित्त विभाग के ओएफएसी से वेनेजुएला की परियोजनाओं में निवेश और परिचालन का विस्तार करने की मंजूरी मिली है। 2. वेनेजुएला में ओएनजीसी किन परियोजनाओं में काम करेगी? कंपनी मुख्य रूप से सैन क्रिस्टोबल तेल क्षेत्र और काराबोबो-1 परियोजना में अपनी भूमिका और उत्पादन क्षमता का विस्तार करेगी। 3. मोतीलाल ओसवाल ने ओएनजीसी शेयर पर क्या टारगेट प्राइस दिया है? मोतीलाल ओसवाल ने ओएनजीसी के शेयर पर 'Buy' रेटिंग बनाए रखी है और प्रति शेयर 290 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है, जो लगभग 23% की बढ़त का संकेत देता है। 4. वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में ओएनजीसी का शुद्ध मुनाफा कितना रहा? पहली तिमाही (Q1FY27) में ओएनजीसी का शुद्ध मुनाफा क्रमिक आधार पर दोगुना होकर 17,033.81 करोड़ रुपये रहा, जो पिछली तिमाही में 6,649.97 करोड़ रुपये था। 5. ओएनजीसी के शेयर का 52 हफ्तों का उच्चतम और निचला स्तर क्या है? ओएनजीसी के शेयर का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 29 अप्रैल 2026 को 307.50 रुपये और 52 हफ्तों का निचला स्तर 30 जून 2026 को 227.6 रुपये प्रति शेयर दर्ज किया गया था। https://trendkia.com/market/venezuela-men-ongc-videsh-ko-mili-ameriki-mnjuri-motilal-oswal-ne-sheyara-para-diya-290-rupaye-ka-tarageta-18825 TrendKia — Har trend, sabse pehle.