विदेशी मुद्रा बाजार पर जापानी वित्त मंत्री का रुख, समन्वय के नियम अब भी प्रभावी जापान की वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने कहा है कि साझा हस्तक्षेप के तय सिद्धांत प्रभावी हैं, जबकि केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरें 1.25 फीसदी कर दी हैं। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में येन की विनिमय दरों को लेकर जारी हलचल के बीच जापान के नीति निर्माताओं ने बड़ा बयान दिया है। जापानी वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि जापान और अमेरिका के साझा हस्तक्षेप के समय से स्थापित विदेशी मुद्रा के सिद्धांत आज भी पूरी तरह प्रभावी हैं। इसके साथ ही उन्होंने विनिमय दर के मौजूदा स्तरों पर अलग से कोई सीधी टिप्पणी करने से साफ इनकार कर दिया। उनके इस रुख के सामने आने के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले जापानी मुद्रा में मजबूती देखी गई और यूएसडी/जेपीवाई (USD/JPY) जोड़ी 0.25 प्रतिशत गिरकर 157.93 के स्तर पर पहुंच गई। जापानी बॉन्ड यील्ड में तेजी और मुद्रा बाजार की स्थिति गुरुवार के एशियाई कारोबारी सत्र में डॉलर और येन की जोड़ी तीन सप्ताह के उच्च स्तर से फिसलकर 158.00 के करीब नुकसान में रही। जापान में सरकारी बॉन्ड यील्ड में आई तेजी ने येन को सहारा दिया है, क्योंकि बाजार में नीतिगत हस्तक्षेप का खतरा बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आक्रामक संभावनाओं और अमेरिका में बॉन्ड यील्ड के ऊंचे स्तर की बदौलत अमेरिकी डॉलर दो महीने के उच्चतम स्तर के करीब अपनी मजबूती बनाए रखने में सफल रहा। बैंक ऑफ जापान ने बढ़ाई ब्याज दरें मौद्रिक नीतियों को सामान्य बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए बैंक ऑफ जापान (बीओजे) ने अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00 प्रतिशत से बढ़ाकर 1.25 प्रतिशत कर दिया। यह निर्णय केंद्रीय बैंक के बोर्ड में 7-2 के बहुमत से लिया गया। यह नीतिगत कदम कई हफ्तों से बाजार के जानकारों की आम उम्मीदों के पूरी तरह अनुकूल रहा है। बॉन्ड यील्ड में उछाल और नीतिगत दरों में इस बढ़ोतरी से येन की चाल पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और रोजगार आंकड़ों का दबाव एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान ऑस्ट्रेलियाई डॉलर भी दबाव में नजर आया और एयूडी/यूएसडी (AUD/USD) 0.7000 के स्तर की तरफ गिरता दिखा। ऑस्ट्रेलिया के अगस्त महीने के रोजगार आंकड़े जारी होने के बाद यह गिरावट दर्ज की गई। इन आंकड़ों में बताया गया कि बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6 प्रतिशत हो गई है, जबकि अनुमान 4.5 प्रतिशत का था। हालांकि, रोजगार परिवर्तन के आंकड़ों ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया और यह 39.5 हजार पर दर्ज हुआ। इसके अलावा, ट्रंप और शी की महत्वपूर्ण बैठक से पहले कारोबारी काफी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। सोने की कीमतों में गिरावट और शेयर बाजार की सुस्ती कमजोर मूलभूत परिस्थितियों के कारण एशियाई सत्र में सोना 4,300 डॉलर प्रति औंस के नीचे संघर्ष करता नजर आया। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में नए बहु-वर्षीय उच्च स्तर तक हुई तेजी और फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों ने डॉलर को मजबूती दी, जिससे बिना ब्याज वाली पीली धातु की मांग कमजोर पड़ी। हालांकि, आगामी ट्रंप-शी बैठक को देखते हुए बिकवाली करने वाले भी कुछ हद तक झिझक रहे हैं। दूसरी ओर, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और बढ़ती यील्ड ने इक्विटी बाजारों की हालिया तेजी को रोक दिया है। सप्ताह की शुरुआत में बने मजबूत माहौल के बाद तेल और यील्ड के दबाव ने प्रमुख सूचकांकों को नीचे खींच लिया है। इसका आप पर असर वैश्विक मुद्रा बाजारों में हो रहे इन नीतिगत बदलावों और ब्याज दरों में बढ़ोतरी से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश पर सीधा असर पड़ सकता है। • मुद्रा बाजार पर: जापानी येन में आई मजबूती और डॉलर के ऊंचे स्तर के चलते आयात-निर्यात लागत में बदलाव आएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वस्तुओं के लेन-देन में विनिमय दरों की निगरानी जरूरी होगी। • सोना और निवेश पर: सोना 4,300 डॉलर के नीचे आने से निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। बॉन्ड यील्ड में तेजी गैर-ब्याज वाले सोने के आकर्षण को कम कर रही है। • कच्चे तेल और ईंधन पर: कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आने से वैश्विक स्तर पर महंगाई का दबाव बढ़ सकता है। इससे परिवहन और विनिर्माण की लागत सीधे प्रभावित हो सकती है। • शेयर बाजार के निवेशकों के लिए: इक्विटी बाजारों में हालिया तेजी पर ब्रेक लगा है। बॉन्ड यील्ड और तेल के दाम बढ़ने से शेयर बाजारों में सतर्कता बरतने की सलाह है। ऐसा क्यों हुआ जापानी अधिकारियों के बयानों और बाजार में आए बदलावों के पीछे मौद्रिक नीतियों को सख्त करने और मुद्रा हस्तक्षेप की आशंकाओं का हाथ रहा है। यह घटनाक्रम कई आर्थिक कारकों के एक साथ आने से बना है। • हस्तक्षेप के सिद्धांत: वित्त मंत्री ने पूर्व स्थापित सिद्धांतों को प्रभावी बताकर सट्टेबाजी को सीमित करने का संकेत दिया है। विनिमय दर के अत्यधिक उतार-चढ़ाव को रोकने के लिए दोनों देशों के साझा नियम बने हुए हैं। • बैंक ऑफ जापान का दर वृद्धि फैसला: केंद्रीय बैंक ने नीतिगत दरों को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% करने के लिए 7-2 से मतदान किया। यह कदम वर्षों की ढीली मौद्रिक नीति को सामान्य करने की दिशा में उठाया गया है। • अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल: फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को ऊंचा रखने की संभावनाओं ने ट्रेजरी यील्ड को बहु-वर्षीय उच्च स्तर पर पहुंचा दिया है। इसके चलते डॉलर दो महीने के उच्चतम स्तर पर टिका रहा। • भू-राजनीतिक बैठक की प्रतीक्षा: वैश्विक कारोबारी ट्रंप और शी की होने वाली अहम बैठक को लेकर सतर्क हैं। इस अनिश्चितता के चलते कई संपत्तियों में बड़ा दांव लगाने से बचा जा रहा है। सवाल-जवाब 1. जापानी वित्त मंत्री सात्सुकी कातायामा ने क्या कहा? उन्होंने कहा कि जापान और अमेरिका के साझा हस्तक्षेप के समय से स्थापित विदेशी मुद्रा सिद्धांत आज भी पूरी तरह प्रभावी हैं। 2. बैंक ऑफ जापान ने ब्याज दरों में क्या बदलाव किया? बैंक ऑफ जापान ने 7-2 के मतदान से अपनी अल्पकालिक ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। 3. बयान के समय यूएसडी/जेपीवाई विनिमय दर क्या थी? उस समय यूएसडी/जेपीवाई जोड़ी 0.25 प्रतिशत गिरकर 157.93 के स्तर पर कारोबार कर रही थी। 4. ऑस्ट्रेलिया के रोजगार आंकड़ों में क्या सामने आया? ऑस्ट्रेलिया की बेरोजगारी दर बढ़कर 4.6 प्रतिशत हो गई, जबकि रोजगार में 39.5 हजार की बढ़ोतरी दर्ज की गई। 5. सोने के भाव पर क्या असर देखा गया? ऊंची बॉन्ड यील्ड और मजबूत डॉलर के दबाव में एशियाई सत्र के दौरान सोना 4,300 डॉलर प्रति औंस के नीचे आ गया। https://trendkia.com/market/videshi-mudra-bajara-para-japani-vitta-mntri-ka-rukha-samanvaya-ke-niyama-aba-bhi-prabhavi-37511 TrendKia — Har trend, sabse pehle.