व्यापार वार्ता में अड़चनों से लुढ़का मैक्सिकन पेसो, डॉलर के मुकाबले लगातार छठे हफ्ते बढ़त अमेरिका और मेक्सिको के बीच शुल्क कटौती को लेकर बातचीत अटकने से मैक्सिकन पेसो में गिरावट दर्ज की गई, जबकि तकनीकी मोर्चे पर डॉलर मजबूती के साथ कारोबार कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में मैक्सिकन पेसो पर लगातार दबाव देखा जा रहा है। संयुक्त राज्य अमेरिका और मेक्सिको के बीच महत्वपूर्ण व्यापारिक वार्ता में टैरिफ कटौती को लेकर बनी असहमति के बाद पेसो कमजोर होकर कारोबार कर रहा है। शुक्रवार के कारोबारी सत्र में व्यापक स्तर पर अमेरिकी डॉलर की कमजोरी के बावजूद मेक्सिको की मुद्रा में फिसलन दर्ज की गई। स्थानीय आर्थिक आंकड़ों के अभाव में मुद्रा व्यापारी पूरी तरह से अमेरिकी आर्थिक घटनाक्रमों और नीतिगत संकेतों पर निर्भर दिखाई दिए। इस बीच यूएसडी/एमएक्सएन की जोड़ी 0.47 प्रतिशत की मजबूती के साथ 18.49 के स्तर पर पहुंच गई, जिससे यह मुद्रा जोड़ी लगातार छठे साप्ताहिक लाभ की दिशा में आगे बढ़ रही है। टैरिफ विवाद और व्यापार वार्ता की स्थिति दो पड़ोसी देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते और शुल्क में रियायतों को लेकर चल रही बातचीत उस समय मुश्किल में पड़ गई जब विशिष्ट औद्योगिक उत्पादों पर असहमति खुलकर सामने आ गई। अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने मेक्सिको से आयात होने वाले ऑटोमोबाइल पर 25 प्रतिशत शुल्क और स्टील तथा एल्युमीनियम पर 50 प्रतिशत लेवी में किसी भी प्रकार की राहत देने का स्पष्ट विरोध किया है। ऑटोमोबाइल और धातु क्षेत्र मेक्सिको के विनिर्माण निर्यात की रीढ़ माने जाते हैं, इसलिए इन क्षेत्रों पर उच्च टैरिफ का बने रहना मेक्सिको के विनिर्माण क्षेत्र के लिए एक गंभीर चुनौती खड़ी करता है। दूसरी ओर, वार्ता प्रक्रिया पूरी तरह से बंद नहीं हुई है। मेक्सिको के उप व्यापार मंत्री लुइस रोसेंदो गुतिरेज़ ने कहा कि बातचीत में सकारात्मक प्रगति हो रही है और दोनों पक्ष समाधान तलाशने के प्रयास में जुटे हुए हैं। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस विवाद का शीघ्र और सौहार्दपूर्ण समाधान निकल जाता है, तो यह मैक्सिकन पेसो के लिए अत्यंत सकारात्मक साबित होगा। मेक्सिको के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार अमेरिका के साथ व्यापारिक स्थिरता बहाल होने से सीमा पार निवेश और विनिर्माण को नई गति मिल सकती है। अमेरिकी आर्थिक आंकड़े और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति मेक्सिको के घरेलू आर्थिक कैलेंडर पर शुक्रवार को कोई बड़ा आंकड़ा जारी नहीं हुआ, लेकिन अमेरिका से आए औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया। सितंबर महीने में अमेरिकी औद्योगिक उत्पादन 0.7 प्रतिशत महीने-दर-महीने की दर से बढ़ा। यह आंकड़ा विश्लेषकों के 0.4 प्रतिशत के अनुमान से काफी बेहतर रहा और पिछले महीने की 0.1 प्रतिशत की मामूली वृद्धि की तुलना में तेज सुधार को दर्शाता है। इस मजबूत आर्थिक विस्तार ने दर्शाया है कि उच्च ब्याज दरों के बावजूद अमेरिकी अर्थव्यवस्था की बुनियादी ताकत बरकरार है। औद्योगिक आंकड़ों के अलावा, मुद्रा बाजार इस सप्ताह सामने आए मुद्रास्फीति आंकड़ों के प्रभावों का भी आकलन कर रहा है। बढ़ती महंगाई की चिंताओं के बीच फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी दिसंबर बैठक में ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना बढ़कर 89 प्रतिशत तक पहुंच गई है। फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष वॉश ने अपनी टिप्पणियों में कहा कि वह मूल्य स्थिरता बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं, हालांकि उन्होंने भविष्य के ब्याज दर मार्ग को लेकर कोई ठोस वादा नहीं किया। दरों में वृद्धि की यह ऊंची संभावना अमेरिकी डॉलर को नीचे के स्तरों पर मजबूत आधार प्रदान कर रही है, जिससे उभरते बाजारों की मुद्राओं पर दबाव गहरा गया है। यूएसडी/एमएक्सएन का तकनीकी परिदृश्य और प्रमुख स्तर दैनिक तकनीकी चार्ट पर नजर डालें तो यूएसडी/एमएक्सएन 18.4915 के आसपास कारोबार कर रहा है, जो इसके तेजी के रुझान की पुष्टि करता है। यह जोड़ी 17.4234 के करीब मौजूद साधारण मूविंग एवरेज के समूह से काफी ऊपर बनी हुई है। इसके साथ ही पूर्ववर्ती गिरावट वाली ट्रेंड-लाइन का रेजिस्टेंस, जो अब 18.1200 के पास सपोर्ट में बदल चुका है, इस मुद्रा जोड़ी के सकारात्मक रुझान को मजबूती प्रदान कर रहा है। वर्तमान भाव 16.8866 के क्षैतिज आधार से काफी दूर बना हुआ है। लाइव तकनीकी आंकड़ों के अनुसार, यूएसडी/एमएक्सएन का 14-अवधि का रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 73 के स्तर पर है, जो इसे ओवरबॉट क्षेत्र में दर्ज करता है। यह संकेत देता है कि अल्पकालिक तेजी काफी तीव्र रही है और इसमें खिंचाव आ चुका है। वहीं मूविंग एवरेज कन्वर्जेंस डाइवर्जेंस यानी एमएसीडी 0.31 पर है, जो इसके सिग्नल 0.28 से ऊपर है और हिस्टोग्राम 0.02 के साथ बुलिश रुख प्रदर्शित कर रहा है। एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज के मोर्चे पर 20-दिवसीय ईएमए 18.05, 50-दिवसीय ईएमए 17.67 और 200-दिवसीय ईएमए 17.59 पर स्थित हैं। 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर निकलना यानी गोल्डन क्रॉस इस मुद्रा जोड़ी के दीर्घावधि अपट्रेंड को पुख्ता करता है। अन्य तकनीकी संकेतकों में 14-अवधि का एवरेज डायरेक्शनल इंडेक्स यानी एडीएक्स 56 पर है, जो एक बेहद मजबूत ट्रेंडिंग बाजार की ओर इशारा करता है। स्टोकेस्टिक ऑसिलेटर की फास्ट लाइन 85 और सिग्नल लाइन 82 पर है, जबकि बोलिंजर बैंड्स का दायरा 17.31 से 18.77 के बीच बना हुआ है और इसका मध्य स्तर 18.04 पर है। दैनिक अस्थिरता को मापने वाला 14-अवधि का एवरेज ट्रू रेंज यानी एटीआर 0.22 पर दर्ज किया गया है। तात्कालिक स्तरों की बात करें तो दैनिक पिवट 18.45 पर है, जबकि पहला रेजिस्टेंस आर1 18.56 और दूसरा रेजिस्टेंस आर2 18.63 पर स्थित है। नीचे की ओर पहला सपोर्ट एस1 18.38 और दूसरा सपोर्ट एस2 18.27 पर है। यदि कोई गहरा पुलबैक आता है, तो 18.1200 का ब्रेकआउट क्षेत्र और 17.42 के आसपास स्थित 50, 100 और 200-दिवसीय एसएमए का क्लस्टर गिरावट को थामने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मैक्सिकन पेसो के मूल्यांकन को प्रभावित करने वाले बुनियादी कारक मैक्सिकन पेसो लैटिन अमेरिकी मुद्राओं में सबसे अधिक कारोबार की जाने वाली मुद्रा है। वैश्विक स्तर पर भी इसे उभरते बाजारों की सबसे तरल मुद्राओं में गिना जाता है। पेसो का मूल्य कई व्यापक आर्थिक और भू-राजनीतिक कारकों से तय होता है। इसमें मेक्सिको की आर्थिक वृद्धि दर, केंद्रीय बैंक की ब्याज दर नीतियां, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश की आवक और विदेश में रहने वाले प्रवासियों द्वारा भेजी जाने वाली रकम शामिल हैं। विशेष रूप से अमेरिका में रहने वाले मेक्सिको के नागरिकों द्वारा भेजा जाने वाला धन देश के विदेशी मुद्रा भंडार और घरेलू खपत को सहारा देने में अहम योगदान देता है। इसके अतिरिक्त, हाल के वर्षों में नियरशोरिंग की वैश्विक प्रवृत्ति ने पेसो के लिए एक मजबूत उत्प्रेरक के रूप में काम किया है। अंतरराष्ट्रीय कंपनियां आपूर्ति श्रृंखला को सुगम बनाने और भू-राजनीतिक जोखिमों को कम करने के लिए अपनी विनिर्माण इकाइयों को घरेलू बाजारों के करीब स्थानांतरित कर रही हैं। अमेरिकी महाद्वीप में मेक्सिको एक प्रमुख विनिर्माण केंद्र बनकर उभरा है, जिससे देश में भारी पूंजी प्रवाह की उम्मीद बंधी है। साथ ही, कच्चा तेल भी पेसो के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है क्योंकि मेक्सिको तेल का एक बड़ा निर्यातक है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर देश की वित्तीय स्थिति और मुद्रा विनिमय दर को प्रभावित करता है। बैंक्सिको की नीतियां और आर्थिक परिदृश्य का असर मेक्सिको के केंद्रीय बैंक, जिसे बैंक्सिको के नाम से जाना जाता है, का मुख्य दायित्व मुद्रास्फीति को नियंत्रित और स्थिर रखना है। बैंक्सिको का आधिकारिक मुद्रास्फीति लक्ष्य 3 प्रतिशत है, जिसमें 2 प्रतिशत से 4 प्रतिशत का टॉलरेंस बैंड निर्धारित है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए बैंक बेंचमार्क ब्याज दरों का निर्धारण करता है। जब महंगाई दर इस दायरे से बाहर निकलने लगती है, तो बैंक दरों में बढ़ोतरी करता है। ऊंची ब्याज दरों से उपभोक्ताओं और व्यवसायों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाता है, जिससे समग्र मांग में कमी आती है और अर्थव्यवस्था ठंडी पड़ती है। विदेशी मुद्रा बाजार के दृष्टिकोण से, ऊंची ब्याज दरें आमतौर पर मैक्सिकन पेसो के लिए अनुकूल होती हैं। आकर्षक यील्ड के चलते विदेशी निवेशक पेसो आधारित परिसंपत्तियों में निवेश करना पसंद करते हैं, जिससे कैरी ट्रेड के जरिए मुद्रा को सहारा मिलता है। इसके विपरीत, ब्याज दरों में कटौती या ढीली मौद्रिक नीति पेसो की चमक को फीका कर देती है। मजबूत विकास दर, निम्न बेरोजगारी और उच्च कारोबारी विश्वास जैसी सकारात्मक मैक्रोइकॉनॉमिक स्थितियां केंद्रीय बैंक को सख्त नीति बनाए रखने की छूट देती हैं, जो मुद्रा को मजबूती देती हैं। वहीं कमजोर आर्थिक आंकड़े पेसो के अवमूल्यन का कारण बनते हैं। वैश्विक जोखिम भावना और अन्य प्रमुख वित्तीय बाजार एक उभरते बाजार की मुद्रा होने के नाते मैक्सिकन पेसो वैश्विक जोखिम भावना के प्रति बेहद संवेदनशील है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जोखिम उठाने की क्षमता अधिक होती है, जिसे रिस्क-ऑन माहौल कहा जाता है, तब निवेशक अधिक मुनाफे वाले उभरते बाजारों में निवेश करते हैं और पेसो मजबूत होता है। इसके उलट, जब वैश्विक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव या व्यापारिक विवाद गहराते हैं, तो निवेशक जोखिम भरी संपत्तियों से पैसा निकालकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे पेसो जैसी मुद्राओं में बिकवाली तेज हो जाती है। शुक्रवार को अन्य प्रमुख परिसंपत्तियों में भी मिलाजुला रुझान देखने को मिला। एशियाई सत्र में ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सुधरकर 0.6950 की ओर बढ़ा। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन वॉश की टिप्पणियों के बाद डॉलर पर बने दबाव का लाभ ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को मिला। जापानी येन के मुकाबले डॉलर कमजोर हुआ और यूएसडी/जेपीवाई 158.00 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। बहुमूल्य धातुओं के बाजार में, सोना प्रति ट्रॉय औंस 4,200 डॉलर के स्तर के ठीक नीचे सीमित दायरे में घट-बढ़ दिखाता रहा। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मामूली सुधार और डॉलर के उतार-चढ़ाव ने सोने की चाल को सीमित रखा। उधर डिजिटल एसेट बाजार में, बिटकॉइन अक्टूबर के दौरान दबाव में रहने के बाद इस सप्ताह 80,000 डॉलर से नीचे लुढ़का था, जो शुक्रवार को सुधरकर 82,000 डॉलर के करीब पहुंचा। मैक्रोइकॉनॉमिक अनिश्चितता और सुस्त मांग के चलते क्रिप्टो बाजार पर भी दबाव बना हुआ है। इसका आप पर असर अमेरिकी टैरिफ और व्यापार वार्ता में गतिरोध से वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में उभरती मुद्राओं पर दबाव बढ़ गया है, जिससे आयात लागत और निवेश रणनीतियों पर सीधा असर पड़ सकता है। • मुद्रा विनिमय दर: मेक्सिको और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता अटकने से डॉलर के मुकाबले उभरते बाजारों की मुद्राओं में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। विदेशी मुद्रा में कारोबार करने वाले निवेशकों को मुद्रा जोखिम से बचने के लिए सख्त हेजिंग रणनीति अपनानी चाहिए। • आयात और निर्यात लागत: ऑटोमोबाइल और स्टील पर प्रस्तावित उच्च टैरिफ लागू रहने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बना रहेगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विनिर्माण और ऑटो पार्ट्स मंगाने वाली कंपनियों को बढ़े हुए खर्च का सामना करना पड़ सकता है। • ब्याज दरों का प्रभाव: फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में दरें बढ़ाने की 89 प्रतिशत संभावना से वैश्विक उधारी लागत ऊंची बनी रह सकती है। अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों से कर्ज लेने वाले कारोबारियों को आगामी तिमाहियों में अधिक ब्याज चुकाना पड़ सकता है। • विदेशी पोर्टफोलियो प्रवाह: उभरती अर्थव्यवस्थाओं से पूंजी निकासी के चलते डॉलर आधारित परिसंपत्तियों की मांग मजबूत रह सकती है। खुदरा और संस्थागत निवेशकों को सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर अपना आवंटन पुनर्गठित करने की सलाह दी जाती है। ऐसा क्यों हुआ अमेरिका और मेक्सिको के बीच प्रस्तावित टैरिफ रियायतों पर बनी असहमति और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों की मजबूती के कारण मैक्सिकन पेसो में यह गिरावट दर्ज की गई है। • टैरिफ पर सख्त रुख: अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक द्वारा मैक्सिकन ऑटोमोबाइल पर 25 प्रतिशत और स्टील तथा एल्युमीनियम पर 50 प्रतिशत लेवी में किसी भी छूट का कड़ा विरोध करना वार्ता में रुकावट का मुख्य कारण बना। • मजबूत अमेरिकी आंकड़े: सितंबर में अमेरिका का औद्योगिक उत्पादन 0.7 प्रतिशत की दर से बढ़ा, जिसने विश्लेषकों के अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाया। • फेडरल रिजर्व की सख्ती: मुद्रास्फीति आंकड़ों के चलते दिसंबर में फेड द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना 89 प्रतिशत तक पहुंच गई, जिससे डॉलर को मजबूती मिली और पेसो कमजोर हुआ। • घरेलू आंकड़ों का अभाव: मेक्सिको के आर्थिक कैलेंडर पर किसी बड़े घरेलू आंकड़े के न होने के कारण बाजार का रुख पूरी तरह से अमेरिकी घटनाक्रम और व्यापार विवाद से संचालित हुआ। सवाल-जवाब 1. यूएसडी/एमएक्सएन की ताजा विनिमय दर क्या है? यूएसडी/एमएक्सएन 0.47 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18.49 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। 2. अमेरिका और मेक्सिको के बीच किन उत्पादों के टैरिफ पर विवाद है? विवाद मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल पर 25 प्रतिशत और स्टील तथा एल्युमीनियम पर 50 प्रतिशत आयात शुल्क में छूट को लेकर है। 3. अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक का क्या रुख है? हॉवर्ड लुटनिक मेक्सिको से आने वाले ऑटोमोबाइल और धातुओं पर लगे टैरिफ में किसी भी प्रकार की कमी का विरोध कर रहे हैं। 4. मेक्सिको के उप व्यापार मंत्री ने वार्ता पर क्या कहा? उप व्यापार मंत्री लुइस रोसेंदो गुतिरेज़ ने कहा कि द्विपक्षीय व्यापार वार्ता में लगातार प्रगति हो रही है। 5. फेडरल रिजर्व द्वारा दिसंबर में दरें बढ़ाने की क्या संभावना है? मुद्रास्फीति आंकड़ों के बाद दिसंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना 89 प्रतिशत तक पहुंच गई है। 6. यूएसडी/एमएक्सएन के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी सपोर्ट स्तर कौन से हैं? तात्कालिक सपोर्ट 18.38 और 18.27 पर है, जबकि गहरा सपोर्ट 18.12 और 17.42 के मूविंग एवरेज स्तर पर मौजूद है। https://trendkia.com/market/vyapara-varta-men-arachanon-se-lurhaka-mexican-peso-dollar-ke-mukabale-lagatara-chhathe-haphte-barhata-48377 TrendKia — Har trend, sabse pehle.