# वॉल स्ट्रीट ने अनदेखी की संशोधित महंगाई दर, जैक्सन होल में वॉरश के भाषण से पहले उपभोक्ता खर्च सुस्त

> अमेरिकी सकल घरेलू उत्पाद के दूसरे अनुमान में दूसरी तिमाही के मुद्रास्फीति आंकड़ों को ऊपर की ओर संशोधित किया गया है। जुलाई में वास्तविक उपभोक्ता खर्च स्थिर रहा, जिससे फेडरल रिजर्व के जैक्सन होल सम्मेलन से पहले स्टैगफ्लेशन की चिंताएं बढ़ गई हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-08-26 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/wall-street-ne-anadekhi-ki-snshodhita-mahngai-dara-jackson-hole-men-warsh-ke-bhashana-se-pahale-upabhokta-kharcha-susta-22663 · **Language:** Hindi
**Tags:** डाउ जोंस, मुद्रास्फीति, फेडरल रिजर्व, जैक्सन होल, अमेरिकी अर्थशास्त्र, शेयर बाजार, जीडीपी दर, बिटकॉइन, finance

अमेरिका के प्रमुख शेयर बाजार सूचकांक डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज में हालिया कारोबारी सत्र के दौरान सुस्ती दर्ज की गई। सूचकांक 53,500 के स्तर के ठीक नीचे 53,426 के पास कारोबार करता दिखा, जो पिछले बंद स्तर 53,577 से लगभग 0.28 प्रतिशत या 100 अंक नीचे है। यह स्तर अगस्त के रिकॉर्ड उच्चतम स्तर से करीब 2.3 प्रतिशत कम है। 12:30 GMT पर जारी आर्थिक आंकड़ों के बाद बाजार में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं दिखा, हालांकि पृष्ठभूमि में मुद्रास्फीति के संशोधित आंकड़े उम्मीद से अधिक मजबूत निकलकर आए हैं। जुलाई महीने के लिए कोर पर्सनल कंजप्शन एक्सपेंडिचर (PCE) मूल्य सूचकांक में मासिक आधार पर 0.2 प्रतिशत और वार्षिक आधार पर 3.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जो बाजार के पूर्वानुमानों के बिल्कुल अनुरूप रही।

## दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों में बढ़ा महंगाई का दबाव
एक ही समय पर जारी सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के दूसरे अनुमान में वास्तविक आर्थिक वृद्धि दर को 1.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया, जैसा कि जुलाई के अंत में प्रारंभिक आंकड़ों में दर्शाया गया था। हालांकि, उत्पादन से जुड़े हर मूल्य मापदंड को ऊपर की ओर संशोधित किया गया है। जीडीपी प्राइस इंडेक्स 6.3 प्रतिशत से बढ़कर 6.4 प्रतिशत हो गया। इसके अलावा, तिमाही हेडलाइन PCE कीमतें 5.1 प्रतिशत से बढ़कर 5.3 प्रतिशत और तिमाही कोर PCE कीमतें 3.4 प्रतिशत से बढ़कर 3.7 प्रतिशत पर पहुंच गईं। ये तीनों ही आंकड़े बाजार के उन अनुमानों से अधिक रहे जिनमें किसी संशोधन की उम्मीद नहीं जताई गई थी।

आंकड़ों का विश्लेषण यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था में कोई अतिरिक्त उत्पादन नहीं जुड़ा, बल्कि पहले से आकलित उत्पादन की लागत अनुमान से अधिक रही। तिमाही कोर कीमतों में 0.3 प्रतिशत का यह उर्ध्वगामी संशोधन मासिक आंकड़ों की तुलना में काफी बड़ा बदलाव है। एक महीने के भीतर यह दूसरा मौका है जब तिमाही मूल्य आंकड़ों ने बाजार को चौंकाया है, जबकि ध्यान केवल मासिक आंकड़ों पर ही केंद्रित रहा। 30 जुलाई के अग्रिम अनुमान में जीडीपी प्राइस इंडेक्स 3.6 प्रतिशत के अनुमान के मुकाबले 6.3 प्रतिशत आया था, जिसे उस समय भी बाजार ने नजरअंदाज कर दिया था।

## उपभोक्ता खर्च और घरेलू बचत की स्थिति
आर्थिक आंकड़ों का घरेलू पहलू यह दिखाता है कि मूल्य संशोधन केवल एक कागजी बदलाव नहीं है। जुलाई में व्यक्तिगत आय 0.4 प्रतिशत बढ़ी, जो 0.3 प्रतिशत के सर्वसम्मति अनुमान से अधिक है। वहीं, व्यक्तिगत खर्च में 0.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो अनुमान के अनुसार ही रही। चूंकि मासिक PCE मूल्य सूचकांक में भी 0.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, इसलिए नाममात्र खर्च में उतनी ही वृद्धि हुई जितनी महंगाई बढ़ी थी। इसका सीधा अर्थ यह है कि जुलाई के महीने में वास्तविक उपभोक्ता खर्च पूरी तरह से स्थिर रहा।

व्यक्तिगत आय में वृद्धि खर्च की तुलना में 0.2 प्रतिशत अधिक रही, और जो खर्च हुआ उसे पूरी तरह महंगाई ने सोख लिया। इस वजह से उपभोक्ताओं ने बची हुई राशि को खर्च करने के बजाय बैंक में जमा करना बेहतर समझा। यह रुझान साल की दूसरी छमाही को लेकर उपभोक्ताओं की झिझक को दर्शाता है। इससे पहले अगस्त के प्रारंभिक उपभोक्ता भावना सूचकांक में भी दो महीनों में दर्ज सुधार एक ही झटके में गायब हो गया था।

## कैपिटल गुड्स और व्यावसायिक निवेश में सुस्ती
टिकाऊ वस्तुओं (Durable Goods) के ऑर्डर जुलाई में 1.1 प्रतिशत बढ़कर आए, जो 0.7 प्रतिशत के अनुमान से बेहतर दिखे। लेकिन जब परिवहन क्षेत्र को हटाकर आंकड़े देखे गए, तो ऑर्डर वृद्धि घटकर केवल 0.4 प्रतिशत रह गई। कॉरपोरेट पूंजीगत खर्च का अधिक सटीक पैमाना माने जाने वाले नॉन-डिफेंस कैपिटल गुड्स (विमानों को छोड़कर) के ऑर्डर जून में 1.2 प्रतिशत थे, जो जुलाई में घटकर मात्र 0.2 प्रतिशत पर आ गए।

जुलाई की प्रेस कॉन्फ्रेंस में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष ने व्यावसायिक निवेश की मजबूती का हवाला देते हुए मौजूदा नीतिगत रुख का बचाव किया था। लेकिन कोर ऑर्डर बुक में 1.0 प्रतिशत की यह गिरावट उस तर्क में पहली दरार मानी जा रही है। कीमतों में बढ़ोतरी, स्थिर वास्तविक खर्च और पूंजीगत ऑर्डर में सुस्ती का यह संयोजन आर्थिक भाषा में स्टैगफ्लेशन (Stagflation) के संकेत देता है, हालांकि वित्तीय बाजारों ने फिलहाल इसे सामान्य मानकर दरकिनार किया हुआ है।

## जैक्सन होल सम्मेलन और फेडरल रिजर्व का रुख
आगामी शुक्रवार को फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष वॉरश वार्षिक जैक्सन होल सम्मेलन में अपना पहला मुख्य भाषण देंगे। इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य विषय वित्तीय नवाचार और भुगतान प्रणाली रखा गया है। बाजार विश्लेषक इस बात पर बहस कर रहे हैं कि क्या वॉरश, जिन्होंने पहले ही अपनी नीतिगत घोषणाओं से फॉरवर्ड गाइडेंस को हटा दिया है और जुलाई के अनुमानों को छोड़ दिया है, सितंबर की मौद्रिक नीति पर 20 मिनट के भाषण में कोई स्पष्ट संकेत देंगे या नहीं।

## डाउ जोंस के तकनीकी स्तर और बाजार का रुझान
तकनीकी विश्लेषण के दृष्टिकोण से, 53,700 का सत्र का उच्चतम स्तर पहला प्रमुख प्रतिरोध (Resistance) क्षेत्र है, जहां से बाजार पहले भी नीचे गिर चुका है। इसके ऊपर 53,800 का स्तर महत्वपूर्ण है, जिसने मध्य-अगस्त से तेजी को रोका हुआ है। इसके पार 54,100 का स्तर और फिर 54,750 के पास का रिकॉर्ड स्तर आता है। समर्थन (Support) के मामले में, 53,400 का हालिया निचला स्तर तात्कालिक आधार प्रदान करता है, जिसके नीचे 53,200 का मुख्य सपोर्ट जोन मौजूद है। इसके टूटने पर 53,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर और फिर पिछले सप्ताह का निचला स्तर 52,800 का लक्ष्य बन सकता है, जिसके नीचे 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) 52,605 के करीब स्थित है।

जब तक 53,800 का स्तर ऊपर बना हुआ है, तब तक बाजार का रुख मंदी (Bearish) की ओर झुका हुआ माना जाएगा। पिछले सप्ताह के निचले स्तर से लगभग 600 अंकों की रिकवरी के बाद बाजार 53,700 के नीचे अटक गया है। डेली स्टोकेस्टिक रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (Stoch RSI) 44 के पास नीचे की ओर झुक रहा है। RSI वर्तमान में 54 पर है और MACD इंडिकेटर 226.41 पर सिग्नल लाइन 309.32 के नीचे बियरिश क्रॉसओवर दिखा रहा है। 53,800 के ऊपर दैनिक क्लोजिंग मिलने पर ही यह मंदी का रुझान अमान्य होगा।

## डाउ जोंस सूचकांक की संरचना और Dow Theory
डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज दुनिया के सबसे पुराने स्टॉक मार्केट इंडेक्स में से एक है, जिसमें अमेरिका की 30 सबसे बड़ी और सबसे अधिक कारोबार वाली कंपनियां शामिल हैं। यह सूचकांक मार्केट कैप के बजाय शेयर की कीमतों के आधार पर वेटेज तय करता है। इसका हिसाब 30 कंपनियों के शेयर मूल्यों के योग को एक निश्चित डिवाइजर (वर्तमान में 0.152) से भाग देकर लगाया जाता है। इसकी स्थापना चार्ल्स डाउ ने की थी, जिन्होंने द वॉल स्ट्रीट जर्नल की भी शुरुआत की थी।

बाजार का प्राथमिक रुझान पहचानने के लिए चार्ल्स डाउ द्वारा विकसित Dow Theory आज भी प्रासंगिक है। इस सिद्धांत के तहत डाउ जोंस इंडस्ट्रियल एवरेज और डाउ जोंस ट्रांसपोर्टेशन एवरेज दोनों की दिशा की तुलना की जाती है, और केवल तभी ट्रेंड की पुष्टि मानी जाती है जब दोनों एक ही दिशा में आगे बढ़ रहे हों। इसमें वॉल्यूम को एक पुष्टि कारक माना जाता है। Dow Theory के तीन मुख्य चरण होते हैं: पहला Accumulation (स्मार्ट मनी द्वारा खरीदारी या बिक्री), दूसरा Public Participation (आम निवेशकों का शामिल होना), और तीसरा Distribution (स्मार्ट मनी का बाहर निकलना)। सूचकांक में निवेश या ट्रेडिंग के लिए निवेशक SPDR Dow Jones Industrial Average ETF (DIA), फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट्स, ऑप्शंस और म्यूचुअल फंड्स का सहारा लेते हैं।

## वैश्विक बाजारों, कमोडिटी और क्रिप्टो की स्थिति
अन्य प्रमुख वित्तीय परिसंपत्तियों में भी हलचल देखी जा रही है। मजबूत अमेरिकी डॉलर के कारण GBP/USD की जोड़ी 1.3600 का स्तर तोड़कर नीचे आ गई, जिससे मंगलवार की बढ़त वापस घट गई। इसी प्रकार, EUR/USD में गिरावट तेज हुई और यह 1.1650 के निचले स्तर के पास पहुंच गया। कमोडिटी बाजार में सोने की कीमत पर दबाव बढ़ा है, जो 4,600 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस के स्तर का परीक्षण कर रही है, जबकि मंगलवार को यह 4,700 डॉलर के पास पहुंची थी। अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में सुधार से सोने की बढ़त पर ब्रेक लगा है।

डिजिटल एसेट्स में बिटकॉइन 78,000 डॉलर के ऊपर मजबूती से टिका हुआ है और 80,000 डॉलर के स्तर को पार करने का प्रयास कर रहा है। संस्थागत मांग में मजबूती देखी जा रही है, जहां ब्लैकरॉक के टैक्स-डेफर्ड बिटकॉइन-टू-ETF स्वैप का वॉल्यूम 5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसके अलावा, टेक क्षेत्र में चिप निर्माता कंपनी एनवीडिया आज अमेरिकी बाजार बंद होने के बाद अपने तिमाही नतीजे पेश करने वाली है, जहां 92 अरब डॉलर से अधिक के राजस्व और 2.09 डॉलर प्रति शेयर आय (EPS) की उम्मीद की जा रही है।

## इसका आप पर असर
**भारतीय और वैश्विक निवेशकों के लिए:** अमेरिका में महंगाई के आंकड़े दोबारा बढ़ने और उपभोक्ता खर्च सुस्त रहने से फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती टाल सकता है, जिससे भारतीय शेयर बाजारों और एफपीआई (FPI) इनफ्लो पर अस्थिरता का दबाव बढ़ सकता है।

**फॉरेक्स और गोल्ड ट्रेडर्स के लिए:** मजबूत डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़त के कारण सोने पर दबाव बना हुआ है, जबकि संस्थागत ETF निवेश से क्रिप्टो बाजार को समर्थन मिल रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. डाउ जोंस सूचकांक में सुस्ती क्यों देखी जा रही है?
दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों में महंगाई की दरों में ऊपर की ओर संशोधन और जुलाई में वास्तविक उपभोक्ता खर्च स्थिर रहने से बाजार में स्टैगफ्लेशन की चिंता बढ़ी है।

### 2. दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों में क्या बदलाव हुए हैं?
वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 1.5 प्रतिशत पर स्थिर रही, लेकिन जीडीपी प्राइस इंडेक्स 6.3 प्रतिशत से बढ़कर 6.4 प्रतिशत और कोर PCE कीमतें 3.4 प्रतिशत से बढ़कर 3.7 प्रतिशत हो गईं।

### 3. जैक्सन होल सम्मेलन क्यों महत्वपूर्ण है?
फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष वॉरश इस सम्मेलन में अपना पहला मुख्य भाषण देंगे, जिससे निवेशक सितंबर की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के भावी रुख के संकेत तलाश रहे हैं।

### 4. डाउ जोंस के लिए मुख्य रेजिस्टेंस और सपोर्ट स्तर क्या हैं?
डाउ जोंस के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 53,700 और 53,800 पर है, जबकि मुख्य सपोर्ट 53,400 और 53,200 के स्तर पर स्थित है।

### 5. सोने और बिटकॉइन की कीमतों पर क्या असर पड़ा है?
डॉलर की मजबूती से सोना 4,600 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर दबाव में है, जबकि बिटकॉइन संस्थागत मांग के बल पर 78,000 डॉलर के ऊपर कारोबार कर रहा है।

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