# वॉल स्ट्रीट पर लुढ़के भारतीय ADR, लेकिन दलाल स्ट्रीट पर रुपये ने बचाई लाज

> पिछले एक साल में इंफोसिस, विप्रो और एचडीएफसी बैंक जैसे अमेरिका में लिस्टेड भारतीय ADR वॉल स्ट्रीट पर तेजी से गिरे हैं, जबकि रुपये और स्थानीय निवेशकों के भरोसे की वजह से इनके घरेलू शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-07-20 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/wall-street-para-lurhake-bharatiya-adr-lekina-dalal-street-para-rupaye-ne-bachai-laja-9221 · **Language:** Hindi
**Tags:** भारतीय ADR, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, टाटा मोटर्स, डॉ. रेड्डीज, IT सेक्टर, वॉल स्ट्रीट, रुपया

अमेरिकी बाजार में लिस्टेड भारतीय कंपनियों के ADR के लिए बीता साल बेहद मुश्किल रहा है, और आंकड़े इसकी पूरी कहानी कह देते हैं। पिछले एक साल में इस समूह की टेक्नोलॉजी कंपनियों, खासकर इंफोसिस और विप्रो, ने निवेशकों को दोहरे अंकों में नुकसान दिया है। इसकी बड़ी वजह IT सेक्टर की सुस्ती और निवेशकों के भरोसे में आई कमी रही। दूसरी तरफ अमेरिका की अपनी दिग्गज टेक कंपनियों एनवीडिया, एपल और गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट ने इसी दौरान पॉजिटिव रिटर्न दिया।

## आईबीएम के झटके ने भारतीय टेक को हिलाया
सबसे ताजा झटका तब आया जब आईबीएम का शेयर 25.5% लुढ़क गया। कंपनी की दूसरी तिमाही की कमाई बाजार की उम्मीदों से काफी कमजोर रही, और इसी के बाद यह गिरावट आई। इस एक घटना ने भारतीय IT ADR में तेज बिकवाली शुरू कर दी। यह इस बात का सबूत है कि इन शेयरों की किस्मत उनकी अपनी तिमाही कमाई से ज्यादा, ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेक्टर के मूड से बंधी है।

## बैंक भी गिरावट में शामिल
दर्द सिर्फ सॉफ्टवेयर कंपनियों तक सीमित नहीं रहा। ADR में शामिल दो बड़े बैंकिंग नाम एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक ने भी इसी अवधि में कमजोर प्रदर्शन किया। इससे यह धारणा और मजबूत हुई कि विदेश में पूरा भारतीय ADR समूह ही निवेशकों की पसंद से बाहर हो गया है।

फिलहाल अमेरिका में छह भारतीय ADR ट्रेड करते हैं, और इनका एक साल का रिपोर्ट कार्ड कुल मिलाकर निराशाजनक ही है। न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड टाटा मोटर्स के आंकड़े उपलब्ध नहीं हो सके। कुछ मौकों पर उम्मीद की हल्की किरण भी दिखी, जैसे अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की चर्चा ने कुछ शेयरों को थोड़ी देर के लिए ऊपर उठाया, लेकिन लंबी अवधि का रुझान नीचे की ओर ही रहा। इन कंपनियों की कमाई काफी हद तक स्थिर रही, फिर भी शेयर के दाम फिसलते रहे।

## फार्मा ने ज्यादा टिककर सामना किया
NYSE पर लिस्टेड दवा कंपनी डॉ. रेड्डीज ने टेक कंपनियों के मुकाबले इस तूफान का कुछ बेहतर सामना किया, हालांकि वह भी चौथी तिमाही में अनुमानों से पीछे रह गई। देश में इसके शेयर तब गिरे जब कंपनी ने अपने जेनेरिक सेमाग्लूटाइड की कमर्शियल सप्लाई कुछ समय के लिए रोक दी। इसकी वजह दवा के एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट (API) में आई एक दिक्कत थी। लगभग इसी दौरान टोरेंट फार्मास्युटिकल्स ने डॉ. रेड्डीज की बनाई सेमालिक्स इंजेक्शन पेन के कुछ चुनिंदा बैच स्वेच्छा से वापस मंगा लिए।

## घरेलू बाजार ने बेहतर संभाला, वजह क्या
इन सबके बीच एक बात बार-बार दिखती है, घरेलू भारतीय शेयरों का रिटर्न अमेरिका में लिस्टेड ADR के मुकाबले आमतौर पर कम नुकसानदेह रहा है। इसकी कई वजहें हैं। गिरता रुपया ADR की कीमत घटा देता है, क्योंकि ये डॉलर में तय होते हैं। इसके साथ दोनों बाजारों के अलग ट्रेडिंग घंटे, अलग लिक्विडिटी और हर एक्सचेंज पर निवेशकों का अलग मूड मिलकर इस फर्क को समझा देते हैं।

टाटा मोटर्स इस मामले में सबसे अलग है, जो भारतीय बाजार में एक सच्चे पॉजिटिव परफॉर्मर के तौर पर चमक रहा है, भले ही उसके ADR की मौजूदगी सीमित हो। कुल मिलाकर, जहां वॉल स्ट्रीट ने ग्लोबल अनिश्चितता और सेक्टर की दिक्कतों के बीच भारतीय ADR को तेजी से सजा दी, वहीं दलाल स्ट्रीट की कहानी ज्यादा गहरी है। यहां रुपये की तुलनात्मक मजबूती और स्थानीय निवेशकों के भरोसे ने चोट को कुछ नरम कर दिया। असली सीख यह है कि भारत की असली कहानी इस बात पर कम निर्भर करती है कि शेयर कहां लिस्टेड है, और ज्यादा इस पर कि उसकी बुनियाद कितनी मजबूत है।

## इसका आप पर असर
- **NRI और अमेरिकी निवेशकों के लिए:** अगर आपके पास इंफोसिस, विप्रो, एचडीएफसी बैंक या आईसीआईसीआई बैंक जैसे भारतीय ADR हैं, तो बीते साल में आपका डॉलर रिटर्न इन्हीं कंपनियों के भारतीय शेयरों के मुकाबले ज्यादा गिरा है।
- **घरेलू निवेशकों के लिए:** भारतीय एक्सचेंज पर लिस्टेड शेयर आमतौर पर कम गिरे हैं, क्योंकि कमजोर रुपया डॉलर में तय होने वाले ADR को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है।
- **फार्मा पर नजर रखने वालों के लिए:** डॉ. रेड्डीज की जेनेरिक सेमाग्लूटाइड सप्लाई रुकना और सेमालिक्स पेन की वापसी उन निवेशकों के लिए अहम है जो इस शेयर पर नजर रखते हैं।

## सवाल-जवाब

### 1. आईबीएम का शेयर कितना गिरा और क्यों?
आईबीएम का शेयर 25.5% लुढ़का, क्योंकि उसकी दूसरी तिमाही की कमाई बाजार की उम्मीदों से काफी कमजोर रही।

### 2. किन भारतीय टेक ADR को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ?
इंफोसिस और विप्रो को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ, जिन्होंने पिछले साल दोहरे अंकों में नेगेटिव रिटर्न दिया।

### 3. किन अमेरिकी टेक कंपनियों ने पॉजिटिव रिटर्न दिया?
एनवीडिया, एपल और गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट ने इसी दौरान पॉजिटिव रिटर्न दिया।

### 4. डॉ. रेड्डीज के शेयर देश में क्यों गिरे?
कंपनी ने API में दिक्कत के चलते अपने जेनेरिक सेमाग्लूटाइड की कमर्शियल सप्लाई रोक दी, और टोरेंट फार्मास्युटिकल्स ने डॉ. रेड्डीज की बनी सेमालिक्स इंजेक्शन पेन के कुछ बैच वापस मंगा लिए।

### 5. घरेलू शेयर ADR से बेहतर क्यों रहे?
रुपये की गिरावट, अलग ट्रेडिंग घंटे, लिक्विडिटी और हर एक्सचेंज पर निवेशकों का अलग मूड इसकी मुख्य वजहें हैं।

### 6. कौन सा भारतीय ADR पॉजिटिव प्रदर्शन में अलग रहा?
टाटा मोटर्स भारतीय बाजार में पॉजिटिव परफॉर्मर के तौर पर अलग रहा, हालांकि उसके ADR की मौजूदगी सीमित है।

---
_TrendKia — Har trend, sabse pehle.. Machine-readable view; canonical HTML at the URL above._