# पश्चिम एशिया में कूटनीतिक बातचीत के बीच सोना 4,000 डॉलर के पार निकला, फेडरल रिजर्व की बैठक पर टिकी नजरें

> सऊदी अरब और ईरान के बीच बातचीत के बाद कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से सोने में खरीदारी लौटी है और भाव 4,000 डॉलर के ऊपर आ गया है। इस बीच निवेशक अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दर नीति के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-10-27 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/west-asia-men-kutanitika-batachita-ke-bicha-gold-4-000-dollar-ke-para-nikala-fed-ki-baithaka-para-tiki-najaren-52065 · **Language:** Hindi
**Tags:** सोना, फेडरल रिजर्व, कच्चा तेल, सर्राफा बाजार, ब्याज दरें, केंद्रीय बैंक, वित्त

अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंगलवार के शुरुआती एशियाई कारोबारी सत्र में सोने की कीमतों में सुधार देखने को मिला और भाव संभलकर 4,010 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया। पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी में नरमी की उम्मीदों ने सर्राफा बाजार को जरूरी सहारा दिया है। वहीं लाइव मार्केट आंकड़ों के अनुसार सोना 4,018 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 4,008 डॉलर से 0.26 प्रतिशत अधिक है।

## भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कच्चे तेल की चाल
सऊदी अरब के रक्षा मंत्री ने सोमवार को तेहरान का दौरा किया और दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के उद्देश्य से ईरानी नेताओं के साथ अहम चर्चा की। इस कूटनीतिक पहल के बाद अमेरिका और ईरान के बीच जारी गतिरोध घटने की संभावनाओं के चलते कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। कच्चे तेल में आई इस नरमी ने बाजार में बढ़ती महंगाई की चिंताओं को कुछ राहत दी है, हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि यह राहत अस्थायी भी साबित हो सकती है।

बाजार की इस हलचल पर स्टोनएक्स के वरिष्ठ बाजार रणनीतिकार बॉब हैबरकॉर्न ने स्थिति स्पष्ट की। बॉब हैबरकॉर्न के अनुसार, "कच्चे तेल में कुछ गिरावट देखने को मिली है, जिससे सोने को मजबूती मिल रही है, साथ ही निचले स्तरों पर खरीदारी भी लौट रही है।" उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि यहां कारोबार सीमित रहेगा और फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले कीमतें 4,000 डॉलर के दायरे में ही बनी रहेंगी ताकि देखा जा सके कि उनका रुख क्या रहता है।"

## फेडरल रिजर्व की बैठक और ब्याज दरों का परिदृश्य
वित्तीय बाजारों की पूरी नजर बुधवार को होने वाली फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति घोषणा पर टिकी हुई है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा सितंबर महीने में की गई बढ़ोतरी के बाद इस अक्टूबर बैठक में ब्याज दरों को 3.75 प्रतिशत से 4.00 प्रतिशत के मौजूदा दायरे में स्थिर रखने का व्यापक अनुमान है। कुल 127.51 के स्तर पर अपरिवर्तित रहने वाला सेंटीमेंट सूचकांक स्पष्ट करता है कि नीति निर्माता सख्त रुख बनाए रखने के पक्ष में हैं, जहां वार्श की सतर्कता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI व निवेश पर जोर तंग वित्तीय परिस्थितियों को जारी रखने के संकेत दे रहा है।

इसके अलावा वैश्विक स्तर पर पांच प्रमुख केंद्रीय बैंक इस सप्ताह अपनी मौद्रिक नीति निर्णयों की घोषणा करने की तैयारी कर रहे हैं। दुनिया भर में ऊर्जा संकट के कारण मुद्रास्फीति अपने तय लक्ष्य से ऊपर बनी हुई है, जिससे केंद्रीय बैंकों द्वारा उधारी लागत ऊंची रखे जाने की आशंकाएं बनी हुई हैं। अमेरिकी डॉलर भी 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले एक निर्णायक दौर का सामना कर रहा है, क्योंकि कांग्रेस के नियंत्रण की जंग वित्तीय नीतियों की उम्मीदों को नया रूप दे सकती है और 2027 में मौद्रिक नीति के पथ को प्रभावित कर सकती है।

## संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और पोजीशनिंग
बाजार की आंतरिक संरचना पर टीडी सिक्योरिटीज ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। संस्थान के विश्लेषण के मुताबिक, 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर के पास सोने के दीर्घकालिक तेजी के रुझान की कड़ी परीक्षा हो रही है, क्योंकि सभी मोमेंटम संकेतकों पर सीटीए यानी कमोडिटी ट्रेडिंग एडवाइजर्स शॉर्ट पोजीशन बनाए हुए हैं। सिस्टमैटिक फंडों द्वारा सभी संकेतकों पर बिकवाली किए जाने से दबाव बना हुआ है।

हालांकि टीडी सिक्योरिटीज ने यह भी रेखांकित किया कि हाजिर और वायदा दोनों ही श्रेणियों में भाव प्रमुख 4,000 डॉलर के स्तर से नीचे जाने के बावजूद बाजार ने उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया और कीमतें तेजी से संभल गईं। हालांकि एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ETF प्रवाह में अल्पकालिक सुस्ती आई है, लेकिन व्यापक रुझान मजबूत बना हुआ है। विशेष रूप से जब भाव इस दायरे में आता है, तो केंद्रीय बैंकों की खरीदारी कीमतों को ऊपर की ओर खींचने वाला प्रमुख कारक साबित होती है। टीडी सिक्योरिटीज का आकलन है कि अगर सोने का भाव 4,092 डॉलर प्रति औंस के पार टिकता है, तो सीटीए अपनी शॉर्ट पोजीशन काटना शुरू करेंगे, जिससे कीमतों में और मजबूती आ सकती है।

## तकनीकी संकेतकों का मिजाज
दैनिक चार्ट के आधार पर XAU/USD का निकटकालिक रुझान सकारात्मक बना हुआ है, क्योंकि हाजिर भाव 100-दिवसीय सिंपल मूविंग एवरेज यानी SMA और 20-दिवसीय बोलिंजर मिडल बैंड के ऊपर मजबूती से टिका हुआ है। यह स्थिति हालिया उतार-चढ़ाव के बावजूद व्यापक तेजी के ढांचे को सुरक्षित रखती है। निचला बोलिंजर बैंड गिरावट को थामने का काम कर रहा है, जबकि रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी RSI 35.20 के स्तर पर ओवरसोल्ड क्षेत्र की ओर खिसक रहा है, जो यह संकेत देता है कि बिकवाली का दबाव कमजोर पड़ रहा है।

ताजा लाइव तकनीकी आंकड़ों में आरएसआई 32 पर है, जबकि एमएसीडी -67.99 पर सिग्नल लाइन -59.44 के नीचे नकारात्मक हिस्टोग्राम (-8.55) दिखा रहा है। लाइव बोलिंजर बैंड 4,036 डॉलर से 4,259 डॉलर के बीच है और मिडलाइन 4,148 डॉलर पर स्थित है। ईएमए 20 स्तर 4,157 डॉलर, ईएमए 50 स्तर 4,244 डॉलर और ईएमए 200 स्तर 4,426 डॉलर पर है। 50-दिवसीय एसएमए 4,333 डॉलर और 200-दिवसीय एसएमए 4,531 डॉलर पर दर्ज है। लाइव सपोर्ट 4,013 डॉलर और 4,008 डॉलर पर स्थित है, जबकि दैनिक आधार पर 20-दिवसीय सपोर्ट 3,989 डॉलर तथा रेजिस्टेंस 4,259 डॉलर पर है। 52-सप्ताह का ट्रेडिंग दायरा 3,901 डॉलर से 5,586 डॉलर के बीच फैला हुआ है। दैनिक चार्ट में तत्काल तकनीकी आधार 4,020 डॉलर के निचले बोलिंजर बैंड के पास बना हुआ है, जिसके ऊपर क्लोजिंग रहने तक खरीदारों का नियंत्रण बना रह सकता है।

## मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव
सोमवार को सोने ने लगातार दो सत्रों की गिरावट का सिलसिला तोड़ा और 4,000 डॉलर का मनोवैज्ञानिक स्तर फिर से हासिल कर लिया था। दूसरी तरफ विदेशी मुद्रा बाजार में AUD/USD ने सप्ताह की शुरुआत नकारात्मक रुख के साथ की और शुक्रवार की बढ़त को गंवाते हुए 0.7000 के स्तर के पास कुछ समर्थन पाने की कोशिश की। अमेरिकी डॉलर की मजबूती ने इस जोड़ी पर दबाव बनाया।

एशियाई सत्र में USD/JPY पर भी नए सिरे से बिकवाली देखी गई, जिससे 18 सितंबर के बाद के सबसे निचले स्तर से इसकी रिकवरी रुक गई। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने डॉलर को कमजोर किया, वहीं बैंक ऑफ जापान यानी BoJ के सख्त रुख ने जापानी येन को सहारा दिया। हालांकि सप्ताह के अंत में होने वाली फेड और बैंक ऑफ जापान की नीतिगत बैठकों के मद्देनजर ट्रेडर्स सतर्क रुख अपना रहे हैं।

## सोने का ऐतिहासिक महत्व और रिजर्व का रुझान
मानव इतिहास में सोने ने मूल्य के संचय और विनिमय के माध्यम के रूप में हमेशा से एक केंद्रीय भूमिका निभाई है। आभूषणों के उपयोग के अलावा इसे संकट के समय सबसे सुरक्षित निवेश यानी सेफ हेवन एसेट माना जाता है। किसी विशिष्ट सरकार या जारीकर्ता पर निर्भर न होने के कारण यह मुद्रा अवमूल्यन और महंगाई के खिलाफ एक पुख्ता हेज माना जाता है।

केंद्रीय बैंक सोने के सबसे बड़े धारक हैं, जो कठिन समय में अपनी मुद्राओं को समर्थन देने और अर्थव्यवस्था की वित्तीय साख मजबूत करने के लिए अपने विदेशी मुद्रा भंडार में विविधता लाते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार केंद्रीय बैंकों ने 2022 में अपने भंडार में 1,136 टन सोना जोड़ा था, जिसकी कुल कीमत करीब 70 अरब डॉलर थी। यह रिकॉर्ड इतिहास में किसी एक वर्ष की सबसे बड़ी खरीदारी थी। चीन, भारत और तुर्की जैसे उभरते देशों के केंद्रीय बैंक अपनी स्वर्ण होल्डिंग्स में तेजी से विस्तार कर रहे हैं।

सोने का अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी के साथ विपरीत संबंध देखा जाता है। जब डॉलर कमजोर होता है, तो पीली धातु में तेजी की संभावना बढ़ जाती है। इसी तरह शेयर बाजार में तेज उछाल आमतौर पर सोने की मांग को सुस्त करता है, जबकि जोखिम भरे बाजारों में बिकवाली सोने के भाव को ऊपर धकेलती है। डॉलर में कीमत तय होने के कारण डॉलर सूचकांक की गति सोने की दिशा तय करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

## इसका आप पर असर
सोने के 4,000 डॉलर के स्तर पर लौटने और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से वैश्विक मुद्रास्फीति तथा आभूषणों की कीमतों पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।

- **भारत में:** अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने के दाम स्थिर होने और कच्चे तेल में नरमी से घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल और सर्राफा की कीमतों में अचानक होने वाले बड़े उछाल पर लगाम लग सकती है। भारतीय खरीदारों और आगामी त्योहारों या शादियों के लिए आभूषण खरीदने वालों को 4,000 डॉलर के दायरे में रेट पर नजर रखनी चाहिए ताकि बजट बिगड़ने से बचा जा सके।
- **वैश्विक निवेशकों के लिए:** अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को 3.75% से 4.00% पर यथावत रखने के अनुमान से डॉलर पर दबाव कम रहेगा और अन्य मुद्राओं में व्यापार करने वालों को स्थिरता मिलेगी। 4,092 डॉलर के स्तर से ऊपर निकलने पर हेज फंड्स द्वारा शॉर्ट कवरिंग की जा सकती है, जिसके चलते कमोडिटी ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप-लॉस बनाए रखना चाहिए।
- **केंद्रीय बैंकों और बचतकर्ताओं के लिए:** भारत और चीन जैसे देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा भंडार बढ़ाने से लंबी अवधि में स्थानीय मुद्रा की क्रय शक्ति को सुरक्षा मिलती है। आम नागरिकों के लिए सोने में व्यवस्थित निवेश महंगाई से निपटने का एक प्रभावी जरिया बना रहेगा।
- **ऊर्जा और परिवहन क्षेत्र के लिए:** मध्य पूर्व में शांति वार्ताओं से तेल की आपूर्ति संबंधी जोखिम घटता है, जिससे आयात बिल में कमी आने की उम्मीद बंधती है। अगर कच्चा तेल और गिरता है तो माल ढुलाई लागत घटेगी और रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं के दाम नियंत्रित रहेंगे।

## ऐसा क्यों हुआ
मध्य पूर्व में कूटनीतिक वार्ताओं से कच्चे तेल में आई नरमी और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति से पहले संस्थागत खरीदारी लौटने के कारण सोने के भाव में यह सुधार देखा गया है।

- **सीधा कारण:** सऊदी अरब के रक्षा मंत्री द्वारा तेहरान में ईरानी नेताओं के साथ की गई बातचीत से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद जगी, जिससे कच्चे तेल के दाम गिरे और निवेशकों ने 4,000 डॉलर के स्तर पर सोने में निचले स्तरों पर लिवाली की।
- **पृष्ठभूमि और स्थितियां:** सितंबर की ब्याज दर वृद्धि के बाद अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस बार नीतिगत दरों को 3.75% से 4.00% पर स्थिर रखने की संभावना बनी हुई है, जिससे डॉलर की एकतरफा मजबूती पर ब्रेक लगा है। साथ ही टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार व्यवस्थित फंडों की भारी बिकवाली के बावजूद 4,000 डॉलर के मनोवैज्ञानिक स्तर पर मजबूत संस्थागत व केंद्रीय बैंक मांग मौजूद रही।
- **पूर्व घटनाएं और आगामी दिशा:** इससे पूर्व 2022 में केंद्रीय बैंकों ने रिकॉर्ड 1,136 टन सोने की ऐतिहासिक खरीदारी की थी, जो गिरावट पर सोने को लगातार मजबूत आधार प्रदान कर रही है। अब बाजार की आगे की दिशा पूरी तरह से बुधवार को आने वाले फेडरल रिजर्व के फैसले और 4,092 डॉलर के शॉर्ट-कवरिंग ट्रिगर स्तर पर निर्भर करेगी।

## सवाल-जवाब

### 1. मंगलवार को एशियाई सत्र में सोने की कीमत किस स्तर पर पहुंची?
मंगलवार के शुरुआती एशियाई सत्र में सोने का भाव संभलकर 4,010 डॉलर प्रति औंस के करीब पहुंच गया, जबकि लाइव मार्केट में यह 4,018 डॉलर पर कारोबार करता दिखा।

### 2. कच्चे तेल में गिरावट क्यों आई?
सऊदी अरब के रक्षा मंत्री ने तेहरान में ईरानी नेताओं से मुलाकात कर तनाव कम करने पर बातचीत की, जिससे अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी घटने की उम्मीद बनी और तेल की कीमतें फिसल गईं।

### 3. अमेरिकी फेडरल रिजर्व से ब्याज दरों पर क्या उम्मीद की जा रही है?
फेडरल रिजर्व द्वारा बुधवार को अपनी अक्टूबर बैठक में ब्याज दरों को 3.75% से 4.00% के मौजूदा दायरे में स्थिर रखने का व्यापक अनुमान है।

### 4. सीटीए फंड्स सोने में शॉर्ट पोजीशन कब काटना शुरू करेंगे?
टीडी सिक्योरिटीज के अनुसार यदि सोने का भाव 4,092 डॉलर प्रति औंस के पार निकलता है, तो सीटीए अपनी शॉर्ट पोजीशन कवर करना शुरू कर सकते हैं।

### 5. वर्ष 2022 में केंद्रीय बैंकों ने कुल कितना सोना खरीदा था?
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के अनुसार केंद्रीय बैंकों ने 2022 में रिकॉर्ड 1,136 टन सोना खरीदा था, जिसका कुल मूल्य करीब 70 अरब डॉलर था।

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