पश्चिम एशिया संकट के बीच घरेलू शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन लुढ़का, आईटी कंपनियों में भारी बिकवाली पश्चिम एशिया में गहराते भू-राजनीतिक तनाव के चलते बुधवार 9 सितंबर 2026 को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में शेयर बाजार लाल निशान में खुला। सेंसेक्स 361.36 अंक टूटकर 75,216.22 पर और निफ्टी 113.05 अंक फिसलकर 23,522.05 पर पहुंच गया, जिसमें इन्फोसिस और एचसीएल टेक जैसी दिग्गज तकनीकी कंपनियों को सबसे बड़ा झटका लगा। पश्चिम एशिया के अशांत माहौल और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर भारतीय वित्तीय बाजारों पर दिखने लगा है। बुधवार, 9 सितंबर, 2026 को कारोबारी हफ्ते के तीसरे दिन घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्स लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में तेज गिरावट के साथ लाल निशान में खुले। शुरुआती घंटी बजते ही बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 दोनों प्रमुख सूचकांकों में 0.48 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। बिकवाली का सबसे तगड़ा झटका सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों को लगा, जहां शुरुआती कारोबार में ही तेज बिकवाली से निवेशकों की धारणा काफी कमजोर दिखाई दी। शुरुआती घंटी बजते ही 75,216 के स्तर पर फिसला सेंसेक्स बुधवार के कारोबारी सत्र में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 361.36 अंकों अथवा 0.48 प्रतिशत के नुकसान के साथ 75,216.22 अंकों पर खुला। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 बेंचमार्क 113.05 अंक यानी 0.48 प्रतिशत का गोता लगाकर 23,522.05 अंकों के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में यह कमजोरी मंगलवार की बड़ी गिरावट के बाद देखने को मिली है, जब पहले से ही बिकवाली का भारी दबाव बना हुआ था। लगातार तीसरे दिन दोनों प्रमुख सूचकांकों का लाल निशान में खुलना बताता है कि विदेशी और घरेलू निवेशक मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में जोखिम उठाने से बच रहे हैं। बाजार की चौड़ाई कमजोर, अधिकांश शेयर लाल निशान में शुरुआती कारोबार में बाजार की समग्र चौड़ाई काफी नकारात्मक रही। सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से केवल 10 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार की शुरुआत कर पाए, जबकि शेष 20 दिग्गज कंपनियों के शेयर सीधे लाल निशान में खुले। निफ्टी 50 के ढांचे में भी यही कमजोरी साफ झलकी, जहां 50 में से महज 22 कंपनियों के शेयर बढ़त हासिल कर सके और बाकी 28 कंपनियों के शेयर गिरावट के साथ कारोबार शुरू करते दिखे। इससे स्पष्ट होता है कि बिकवाली किसी एक या दो शेयरों तक सीमित न रहकर पूरे बाजार में फैली हुई थी। आईटी शेयरों पर गहराया संकट, इन्फोसिस में 3.60% की गिरावट हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन आईटी क्षेत्र सबसे बड़े दबाव में नजर आया। देश की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा प्रदाता कंपनी इन्फोसिस का शेयर सेंसेक्स पैक में सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा, जो शुरुआती कारोबार में 3.60 प्रतिशत की तेज गिरावट के साथ खुला। तकनीकी क्षेत्र के अन्य बड़े नामों में भी तेज बिकवाली देखने को मिली। एचसीएल टेक के शेयर में 3.59 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई, जबकि टेक महिंद्रा के शेयर 3.07 प्रतिशत लुढ़क गए। इसके अलावा देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टीसीएस के शेयर भी 1.89 प्रतिशत की कमजोरी के साथ कारोबार शुरू करने को मजबूर हुए। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण आईटी सेवाओं पर खर्च घटने की आशंका ने इन कंपनियों पर भारी दबाव बनाया। बैंकिंग, रिलायंस और ऑटो शेयरों में भी मंदी का दबाव सेंसेक्स के अन्य प्रमुख शेयरों में बिकवाली का दायरा काफी व्यापक रहा। दूरसंचार क्षेत्र की भारती एयरटेल के शेयर 1.23 प्रतिशत फिसलकर खुले, जबकि सूचकांक में बड़ा वजन रखने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। विमानन कंपनी इंडिगो के शेयर 1.08 प्रतिशत कमजोर रहे। बैंकिंग क्षेत्र पर नजर डालें तो दिग्गज निजी ऋणदाता एचडीएफसी बैंक के शेयर 0.76 प्रतिशत, भारतीय स्टेट बैंक यानी एसबीआई 0.69 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 0.40 प्रतिशत और आईसीआईसीआई बैंक 0.33 प्रतिशत के नुकसान के साथ खुले। सीमेंट क्षेत्र से अल्ट्राटेक सीमेंट 0.69 प्रतिशत टूटा, जबकि वाहन निर्माता महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.57 प्रतिशत और मारुति सुजुकी में 0.19 प्रतिशत की गिरावट आई। गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में बजाज फाइनेंस 0.55 प्रतिशत और बजाज फिनसर्व 0.46 प्रतिशत नीचे खुले। एफएमसीजी कंपनी हिंदुस्तान यूनिलीवर 0.38 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 0.23 प्रतिशत, पावर ग्रिड 0.23 प्रतिशत और टाटा स्टील के शेयर 0.22 प्रतिशत की कमजोरी के साथ खुले। सन फार्मा और चुनिंदा शेयरों ने दिखाई मजबूती बाजार के इस मंदी भरे माहौल में भी कुछ चुनिंदा शेयरों ने सूचकांक को सहारा देने का प्रयास किया। स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रमुख कंपनी सन फार्मा ने सेंसेक्स में सबसे शानदार शुरुआत की और इसका शेयर 0.74 प्रतिशत की तेजी के साथ हरे निशान में खुला। निजी क्षेत्र के कोटक महिंद्रा बैंक के शेयरों ने 0.65 प्रतिशत की बढ़त हासिल की, जबकि रिटेल कंपनी ट्रेंट के शेयर 0.53 प्रतिशत की तेजी के साथ खुले। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा उपकरण निर्माता बीईएल में 0.48 प्रतिशत, अडाणी पोर्ट्स में 0.45 प्रतिशत और बिजली उत्पादक कंपनी एनटीपीसी के शेयरों में 0.39 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई। अन्य बढ़त वाले शेयरों में एटरनल 0.33 प्रतिशत, टाइटन 0.25 प्रतिशत, सिगरेट और एफएमसीजी क्षेत्र की दिग्गज आईटीसी 0.21 प्रतिशत तथा इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र की दिग्गज एलएंडटी के शेयर 0.06 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ खुले। इसका आप पर असर घरेलू बाजार में लगातार तीन दिनों से जारी गिरावट से इक्विटी और म्यूचुअल फंड निवेशकों के पोर्टफोलियो पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। • इक्विटी और म्यूचुअल फंड निवेशकों पर: तकनीकी और बैंकिंग शेयरों में तेज गिरावट से शॉर्ट-टर्म पोर्टफोलियो रिटर्न में कमी आ सकती है। निवेशक नए निवेश में जल्दबाजी करने के बजाय बाजार के स्थिर होने का इंतजार कर सकते हैं। • आईटी क्षेत्र के कर्मचारियों और निवेशकों पर: आईटी कंपनियों के शेयरों में 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट सेवा क्षेत्र में वैश्विक मांग को लेकर चिंता दर्शाती है। यदि यह गिरावट लंबी खिंचती है तो कंपनियों के मूल्यांकन और नई भर्तियों की गति पर असर पड़ सकता है। • ट्रेडर्स और शॉर्ट-टर्म खरीदारों पर: भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण सूचकांकों में उतार-चढ़ाव काफी तेज रहने की संभावना है। ट्रेडिंग करते समय सख्त स्टॉप-लॉस बनाए रखना जरूरी होगा। • फार्मा और डिफेंस में निवेश करने वालों पर: सन फार्मा और बीईएल जैसी रक्षा एवं स्वास्थ्य कंपनियों में बिकवाली के दौर में भी खरीदारी का रुझान बना हुआ है। रक्षात्मक शेयरों पर दांव लगाने वाले निवेशकों को मौजूदा अस्थिरता से आंशिक सुरक्षा मिल सकती है। ऐसा क्यों हुआ घरेलू शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी दिन गिरावट की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति है। पिछले सत्र में भारी बिकवाली के बाद भी बाजार को संभलने का मौका नहीं मिला। • पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक संकट: पश्चिम एशिया में गहराते सैन्य और राजनीतिक तनाव से वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता का माहौल बन गया है। इस तनाव की वजह से विदेशी निवेशकों ने उभरते बाजारों से अपनी पूंजी निकालने को प्राथमिकता दी है। • आईटी सेवाओं की मांग पर अनिश्चितता: वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल से पश्चिमी देशों में कंपनियों द्वारा आईटी बजट में कटौती की आशंका बढ़ गई है। इसी चिंता के चलते इन्फोसिस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा में भारी बिकवाली दर्ज की गई। • मंगलवार की बिकवाली का असर: मंगलवार के कारोबारी सत्र में भी शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी। उस गिरावट के बाद बने नकारात्मक माहौल ने बुधवार को शुरुआती सत्र में ही बिकवाली के दबाव को और बढ़ा दिया। सवाल-जवाब 1. 9 सितंबर 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी कितने अंकों की गिरावट के साथ खुले? बुधवार को बीएसई सेंसेक्स 361.36 अंक गिरकर 75,216.22 पर और एनएसई निफ्टी 113.05 अंक गिरकर 23,522.05 के स्तर पर खुला। 2. बाजार में लगातार तीसरे दिन गिरावट का प्रमुख कारण क्या है? पश्चिम एशिया में गहराता भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के कारण बाजार में लगातार तीसरे सत्र में बिकवाली देखने को मिली। 3. सेंसेक्स में किस शेयर में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई? दिग्गज आईटी कंपनी इन्फोसिस के शेयर में सबसे ज्यादा 3.60 प्रतिशत का नुकसान दर्ज किया गया। 4. शुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा बढ़त किस कंपनी के शेयर में रही? फार्मास्युटिकल कंपनी सन फार्मा के शेयर सबसे ज्यादा 0.74 प्रतिशत की बढ़त के साथ खुले। 5. सेंसेक्स और निफ्टी की कितनी कंपनियां हरे और लाल निशान में खुलीं? सेंसेक्स की 30 में से 10 कंपनियां हरे निशान में और 20 लाल निशान में खुलीं, जबकि निफ्टी की 50 में से 22 कंपनियां बढ़त और 28 कंपनियां गिरावट के साथ खुलीं। https://trendkia.com/market/west-asia-snkata-ke-bicha-gharelu-sheyara-bajara-lagatara-tisare-dina-lurhaka-it-knpaniyon-men-bhari-bikavali-36713 TrendKia — Har trend, sabse pehle.