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  "type": "article",
  "title": "कनाडा में नौकरियों में भारी गिरावट और कमजोर वेतन वृद्धि के बीच बैंक ऑफ कनाडा की नीतियों पर क्यों उठ रहे सवाल",
  "summary": "कनाडा में अगस्त के दौरान रोजगार के मोर्चे पर बड़ा झटका लगा और बेरोजगारी दर स्थिर बनी रही। इसके साथ ही वेतन वृद्धि भी सुस्त होकर न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है, जिससे केंद्रीय बैंक के रुख पर निवेशकों की नजरें टिक गई हैं।",
  "content": "कनाडा के श्रम बाजार से अगस्त महीने में निराशाजनक आंकड़े सामने आए हैं। देश में इस दौरान लगभग बयालीस हजार नौकरियां कम हो गईं, जबकि विश्लेषकों का अनुमान था कि पंद्रह हजार नई नौकरियां जुड़ेंगी। इसके बावजूद बेरोजगारी दर छह दशमलव चार प्रतिशत पर बनी रही। इस अवधि में वार्षिक आधार पर वेतन में केवल दो प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो महामारी के वर्षों को छोड़कर नवंबर दो हजार सत्रह के बाद सबसे सुस्त रफ्तार है। बैंक ऑफ कनाडा द्वारा ब्याज दरों को दो दशमलव पच्चीस प्रतिशत पर स्थिर रखने और अपनी नीतिगत घोषणा में श्रम बाजार में सुधार, मांग में नरमी और अतिरिक्त आपूर्ति जारी रहने की बात कहने के दो दिन बाद ही यह श्रम बल सर्वेक्षण सामने आया है। इस सर्वेक्षण ने केंद्रीय बैंक के दावों की सच्चाई पर नई बहस छेड़ दी है।\n\nश्रम बाजार के दावों और वास्तविक आंकड़ों की पड़ताल\nबैंक ऑफ कनाडा ने सितंबर की शुरुआत में अपनी नीतिगत समीक्षा में श्रम बाजार को लेकर तीन मुख्य बातें कहीं थीं। पहला दावा था कि हाल के महीनों में सुधार हुआ है, लेकिन ताजा आंकड़ों के अनुसार रोजगार में बयालीस हजार की गिरावट आई और रोजगार दर गिरकर साठ दशमलव आठ प्रतिशत पर आ गई, जो जनवरी के स्तर के बराबर है। अप्रैल से जुलाई के बीच जोड़े गए एक लाख इक्यासी हजार पदों में से शुद्ध रूप से एक लाख उनतालीस हजार पद ही बचे हैं। इस दौरान युवाओं के उन्नीस हजार और मुख्य आयु वर्ग के सोलह हजार रोजगार छिन गए। चार प्रमुख उद्योगों में गिरावट दर्ज की गई, जिसमें व्यवसाय और भवन सहायता सेवाएं बीस हजार की गिरावट के साथ सबसे आगे रहीं। विनिर्माण क्षेत्र में बाईस हजार की इकलौती बड़ी बढ़त देखी गई, जिसका अधिकांश हिस्सा ओन्टारियो से आया और यह सर्वे सप्ताह अगस्त बाईस के शुल्कों से पहले का है।\n\nमांग में नरमी और छंटनी के नए रुझान\nश्रम की मांग अब भी कमजोर बनी हुई है और इस मोर्चे पर ताजा आंकड़ों ने केंद्रीय बैंक के आकलन पर मुहर लगाई है। निजी क्षेत्र के कर्मचारियों और स्वरोजगार वाले लोगों की संख्या इस महीने स्थिर रही, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र ने लगातार तीसरे महीने बीस हजार कर्मचारियों को कम किया। मई के बाद से सार्वजनिक क्षेत्र में कुल अत्तर हजार नौकरियां घट चुकी हैं। हालांकि नियोक्ता बड़े पैमाने पर छंटनी नहीं कर रहे हैं और छंटनी की दर एक साल पहले के एक प्रतिशत के मुकाबले शून्य दशमलव आठ प्रतिशत पर है, लेकिन वे नए पद भी नहीं खोल रहे हैं। सांख्यिकी कनाडा की रिपोर्ट के अनुसार, निर्यात-मुख्तार उद्योगों में छंटनी की दर साल भर में शून्य दशमलव नौ प्रतिशत चल रही है, जबकि अन्य क्षेत्रों में यह शून्य दशमलव सात प्रतिशत है। इसके पीछे नए शुल्कों को मुख्य वजह बताया गया है।\n\nश्रम शक्ति का घटना और बेरोजगारी दर का गणित\nबेरोजगारी दर छह दशमलव चार प्रतिशत पर इसलिए टिकी रही क्योंकि श्रम बल खुद सिकुड़ गया, न कि इसलिए कि लोगों को नौकरियां मिल गईं। इसके पीछे सबसे बड़ा पैमाना वेतन वृद्धि है। श्रम में भागीदारी की दर शून्य दशमलव एक प्रतिशत अंक घटकर पैंसठ प्रतिशत रह गई, जिससे जुलाई की बढ़त खत्म हो गई। यदि इसे जुलाई के स्तर पर रखा जाए, तो अगस्त की दर लगभग छह दशमलव छह प्रतिशत बैठती है, जो पंद्रह जुलाई के नीतिगत बयान के छह दशमलव पांच से सात प्रतिशत के दायरे के भीतर है। इसके अंदर के आंकड़ों को देखें तो दो विपरीत रुझान नजर आते हैं। मुख्य आयु वर्ग की महिलाओं की बेरोजगारी दर घटकर पांच प्रतिशत हो गई क्योंकि $31,000 महिलाएं श्रम बाजार से बाहर हो गईं और उनका रोजगार सत्रह हजार कम हो गया। वहीं मुख्य आयु वर्ग के पुरुषों की दर बढ़कर छह प्रतिशत हो गई क्योंकि अधिक लोगों ने काम की तलाश शुरू कर दी। यह स्थिर आंकड़ा नई नियुक्तियों के बजाय इस बात पर आधारित है कि गिनती में किसे शामिल किया गया है।\n\nवेतन वृद्धि में तेज गिरावट और मुद्रास्फीति का दबाव\nवेतन वृद्धि में लगातार दो महीनों से सुस्ती देखी जा रही है। जून में यह तीन दशमलव तीन प्रतिशत थी, जो जुलाई में घटकर दो दशमलव आठ प्रतिशत और अगस्त में दो प्रतिशत पर आ गई। कमाई के मामले में सबसे निचले पायदान पर मौजूद पच्चीस प्रतिशत लोगों के लिए यह वृद्धि मात्र एक दशमलव एक प्रतिशत है। केंद्रीय बैंक द्वारा नजर अंदाज की जा रही लगभग तीन प्रतिशत की मुद्रास्फीति के मुकाबले औसत कर्मचारी को वास्तविक रूप में हर साल लगभग एक प्रतिशत का नुकसान हो रहा है। इसके अलावा, लंबे समय से बेरोजगार लोग कुल का चौबीस प्रतिशत हैं, जबकि महामारी से पहले यह सामान्य स्थिति सत्रह प्रतिशत थी। गवर्नर टिफ मैकलम ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि यदि मुद्रास्फीति बहुत अधिक बनी रही तो नीति निर्माता एक से अधिक बार दरें बढ़ाने के लिए तैयार हैं। हालांकि तेल और शुल्कों के कारण मुद्रास्फीति का बढ़ना एक अलग बात है, लेकिन वेतन और कीमतों का चक्र पूरी तरह अलग है और बयालीस हजार नौकरियां गंवाने वाले श्रम बाजार में दो प्रतिशत की वेतन वृद्धि इस दूसरे पहलू को पूरी तरह खारिज करती है।\n\nमुद्रा बाजार और कैनेडियन डॉलर की चाल\nकनाडा की वक्र रेखा पर बाजार की प्रतिक्रिया को लेकर दो तरह के अनुमान लगाए जा रहे हैं। उदार दृष्टिकोण यह कहता है कि बाजार अमेरिकी आंकड़ों से तय होने वाले वैश्विक रुख के अनुरूप चल रहा है और कनाडाई बॉन्ड पर यील्ड घरेलू स्तर से पहले अमेरिकी प्रभाव दिखाती है। दूसरा और अधिक सतर्क दृष्टिकोण यह मानता है कि बाजार का मानना है कि बैंक ऑफ कनाडा कमजोर होते श्रम बाजार के बीच भी दरें बढ़ाएगा क्योंकि तेल और शुल्कों के कारण उसके पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है। यह पूरी तरह से मंदी और मुद्रास्फीति के एक साथ आने का व्यापार है, जो कैनेडियन डॉलर के लिए सकारात्मक नहीं है। इस बात की तस्दीक शुक्रवार के कारोबार से भी होती है, जहां कनाडाई यील्ड वक्र में तेजी आई और डॉलर में गिरावट दर्ज की गई। बाजार में भविष्य में दरों में होने वाली बढ़ोतरी अब कमाई के बजाय मजबूरी जैसी प्रतीत हो रही है।\n\nइसका आप पर असर\nकनाडा के श्रम बाजार के कमजोर आंकड़े और सुस्त वेतन वृद्धि का सीधा असर वैश्विक वित्तीय बाजारों, मुद्रा विनिमय और केंद्रीय बैंक की नीतियों पर पड़ेगा।\n\n• भारत में: वैश्विक स्तर पर कमोडिटी की कीमतों और अमेरिकी डॉलर में उतार-चढ़ाव का असर भारतीय शेयर बाजारों और आयातित वस्तुओं पर आंशिक रूप से पड़ सकता है।\n• कनाडा में: आम नागरिकों और कामकाजी आबादी के लिए वेतन वृद्धि धीमी होने और रोजगार के अवसर घटने से घरेलू खर्च पर दबाव बढ़ेगा।\n• निवेशकों के लिए: बॉन्ड यील्ड और मुद्रा बाजार में अस्थिरता बढ़ने के कारण निवेशकों को अपनी रणनीतियों में बदलाव करना पड़ सकता है।\n• ऋण लेने वालों के लिए: बैंक ऑफ कनाडा के भावी नीतिगत रुख को लेकर अनिश्चितता बनी रहने से लोन की ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।\n• कारोबारियों के लिए: आयात-निर्यात शुल्क और श्रम लागत सीमित होने से उद्योगों को अपनी परिचालन लागत नए सिरे से आंकनी होगी।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. कनाडा में अगस्त महीने में कितनी नौकरियां कम हुईं?\nअगस्त महीने में कनाडा में लगभग बयालीस हजार नौकरियां कम हुईं, जबकि पंद्रह हजार नई नौकरियों का अनुमान था।\n\n2. अगस्त में कनाडा की बेरोजगारी दर कितनी रही?\nकमजोर रोजगार आंकड़ों के बावजूद श्रम बल घटने के कारण बेरोजगारी दर छह दशमलव चार प्रतिशत पर स्थिर बनी रही।\n\n3. वार्षिक आधार पर वेतन वृद्धि की दर क्या रही?\nवार्षिक आधार पर वेतन में केवल दो प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो नवंबर दो हजार सत्रह के बाद सबसे सुस्त रफ्तार है।\n\n4. बैंक ऑफ कनाडा ने ब्याज दरों को लेकर क्या रुख अपनाया है?\nबैंक ऑफ कनाडा ने ब्याज दरों को दो दशमलव पच्चीस प्रतिशत पर स्थिर रखा है और नीतिगत बयानों में श्रम बाजार में सुधार के दावों पर पुनर्विचार किया जा रहा है।\n\n5. कच्चे तेल (Crude Oil) का लाइव बाजार मूल्य क्या है?\nकच्चे तेल (CL=F) का लाइव बाजार मूल्य $90.75 है, जो पिछले बंद भाव से 0.60% नीचे है।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-09-04",
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    "कनाडा अर्थव्यवस्था",
    "बैंक ऑफ कनाडा",
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