ईरान के हमलों के बाद डब्ल्यूटीआई क्रूड आठ डॉलर से ऊपर बना हुआ है अमेरिका द्वारा लारक द्वीप पर कार्रवाई के बाद ईरान की तरफ से हॉर्मूज जलडमरूमध्य की दिशा में मिसाइलें दागी गईं, जिसके बाद डब्ल्यूटीआई क्रूड में यह हलचल देखी जा रही है। अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में तेहरान की तरफ से मिसाइल हमले किए जाने के बावजूद कच्चे तेल का वैश्विक बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड मजबूत बना हुआ है और यह स्तरों पर टिका हुआ है। अमेरिकी सेना ने उस क्षेत्र में सक्रिय लांचरों को निशाना बनाया था जो रणनीतिक जलमार्ग में सुरंगें बिछाने की तैयारी कर रहे थे। इस सैन्य टकराव को पिछले एक महीने में ईरानी सैन्य ठिकानों पर हुआ पहला सीधा हमला माना जा रहा है, जिससे क्षेत्रीय तनाव में उल्लेखनीय तेजी आई है। हॉर्मूज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही इस ताजा सैन्य टकराव के बीच जहाजों की आवाजाही पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि वैश्विक व्यापार बिना किसी बाधा के चलता रहे। हालांकि वाशिंगटन हाल के दिनों में सीधी सैन्य कार्रवाई के बजाय आर्थिक प्रतिबंधों के रास्ते ईरान को फिर से बातचीत की मेज पर लाने की रणनीति अपना रहा था। इसके बावजूद कतर की मध्यस्थता से होने वाली कूटनीतिक वार्ताओं की संभावनाएं अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं और इस दिशा में बातचीत की गुंजाइश बनी हुई है। कच्चे तेल के निर्यात और आपूर्ति के आंकड़े क्षेत्रीय तनाव और संघर्षों के बाद भी फारस की खाड़ी से होने वाला कच्चे तेल का निर्यात युद्ध से पहले के स्तर का लगभग दो-तिहाई हिस्से तक सुधर चुका है। वैश्विक ऊर्जा बाजारों के जानकारों के अनुसार अभी भी इस प्रमुख मार्ग से प्रतिदिन लगभग 6 से 8 लाख बैरल कच्चे तेल का प्रवाह हो रहा है, जिससे कीमतों में भारी उछाल पर कुछ हद तक अंकुश लगा है। हालांकि जानकारों का मानना है कि इस आपूर्ति सुधार के कारण कच्चे तेल की कीमतों में ऊपर की तरफ तेजी का दायरा सीमित रह सकता है। डब्ल्यूटीआई क्रूड की मुख्य विशेषताएं डब्ल्यूटीआई क्रूड अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचा जाने वाला एक प्रमुख कच्चा तेल है जिसका पूरा नाम वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट है। यह ब्रेंट और दुबाई क्रूड के साथ तीन मुख्य प्रकार के कच्चे तेलों में शामिल है और इसे अपनी हल्की प्रकृति और कम सल्फर मात्रा के कारण उच्च गुणवत्ता वाला माना जाता है। इसे अमेरिका में निकाला जाता है और कुशिंग हब के माध्यम से वितरित किया जाता है, जिसे दुनिया का पाइपलाइन क्रॉसरोड्स भी कहा जाता है। बाजार को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक किसी भी अन्य संपत्ति की तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड की कीमतें भी बुनियादी तौर पर आपूर्ति और मांग के सिद्धांतों पर चलती हैं। वैश्विक आर्थिक वृद्धि का बढ़ना इसकी मांग को बढ़ा सकता है, जबकि सुस्त वैश्विक वृद्धि मांग को कमजोर कर सकती है। इसके अलावा भूराजनीतिक अस्थिरता, युद्ध और प्रतिबंध आपूर्ति श्रृंखला को बाधित कर सकते हैं। तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक के निर्णय भी कीमतों को तय करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं, जबकि अमेरिकी डॉलर की कमजोरी या मजबूती सीधे तौर पर कच्चे तेल की affordability को प्रभावित करती है क्योंकि इसका व्यापार डॉलर में होता है। इन्वेंट्री रिपोर्ट और ओपेक की भूमिका अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट यानी एपीआई और एनर्जी इंफॉर्मेशन एजेंसी यानी ईआईए द्वारा हर हफ्ते जारी होने वाली तेल इन्वेंट्री रिपोर्ट कीमतों को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। एपीआई की रिपोर्ट हर मंगलवार को आती है और ईआईए की रिपोर्ट उसके अगले दिन जारी होती है। इन संगठनों के आंकड़ों में अक्सर काफी समानता होती है। ओपेक देशों का यह संगठन साल में दो बार बैठक करके उत्पादन कोटा तय करता है, जिसमें रूस जैसे गैर-ओपेक देश भी शामिल हैं। इसका आप पर असर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आम उपभोक्ताओं के जीवन पर ईंधन और परिवहन लागत के जरिए पड़ता है। • भारत में: घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल के खुदरा मूल्य सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के बेंचमार्क और भूराजनीतिक तनाव से प्रभावित होते हैं। • परिवहन लागत: कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से लॉजिस्टिक्स और ढुलाई महंगी हो सकती है, जिससे रोजमर्रा की उपभोक्ता वस्तुओं के दाम बढ़ सकते हैं। • मुद्रास्फीति: वैश्विक ऊर्जा कीमतों में तेजी देश के भीतर महंगाई दर को बढ़ा सकती है, जिससे आम आदमी का मासिक बजट प्रभावित होता है। • निवेशक भावना: ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े शेयरों और म्यूचुअल फंड में निवेश करने वाले निवेशकों के पोर्टफोलियो पर भूराजनीतिकि हलचलों का सीधा असर पड़ता है। • विदेशी मुद्रा भंडार: आयातित तेल के महंगे होने से देश के विदेशी मुद्रा भंडार और राजकोषीय घाटे पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। सवाल-जवाब 1. डब्ल्यूटीआई क्रूड क्या है? डब्ल्यूटीआई क्रूड अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचा जाने वाला एक प्रमुख कच्चा तेल है जिसका पूरा नाम वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट है। 2. हालिया सैन्य टकराव का कारण क्या था? अमेरिकी बलों द्वारा लारक द्वीप पर ईरानी लांचरों को निशाना बनाए जाने के बाद यह संघर्ष तेज हुआ। 3. हॉर्मूज जलडमरूमध्य से कितना तेल गुजरता है? इस प्रमुख मार्ग से प्रतिदिन लगभग 6 से 8 लाख बैरल कच्चे तेल का प्रवाह होता है। 4. ओपेक की भूमिका क्या है? ओपेक तेल उत्पादक देशों का एक समूह है जो साल में दो बार बैठक करके उत्पादन कोटा तय करता है। 5. कच्चे तेल की इन्वेंट्री रिपोर्ट कौन जारी करता है? अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट और एनर्जी इंफॉर्मेशन एजेंसी हर हफ्ते तेल इन्वेंट्री रिपोर्ट जारी करते हैं। https://trendkia.com/market/wti-holds-above-83-50-as-iran-launches-missiles-after-us-strikes-24798 TrendKia — Har trend, sabse pehle.