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  "type": "article",
  "title": "कच्चे तेल की कीमतें 84.00 डॉलर के करीब स्थिर, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते का विस्तार ठुकराया",
  "summary": "एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान क्रूड ऑयल 84.00 डॉलर के आसपास स्थिर बना हुआ है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के साथ समझौते को आगे बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया है।",
  "content": "कारोबारी हफ्ते के शुरुआती एशियाई सत्र में कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता देखी जा रही है और यह 84.00 डॉलर के आसपास स्थिर बनी हुई है। बाजार के कारोबारी इस समय मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और उससे जुड़े घटनाक्रमों का बारीकी से आकलन कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा बाजार की चाल तय करने वाले इस कमोडिटी पर निवेशकों की नजर टिकी हुई है, खासकर तब जब अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक मोर्चे पर तनातनी बनी हुई है। लाइव बाजार डेटा के अनुसार क्रूड ऑयल वर्तमान में 84.17 डॉलर पर कारोबार कर रहा है, जो पिछले बंद स्तर 84.50 डॉलर से 0.39 प्रतिशत की मामूली गिरावट को दर्शाता है। इस दौरान 52 हफ्तों का दायरा 54.98 डॉलर से 119.48 डॉलर के बीच रहा है।\n\nसमझौते का विस्तार खारिज और ईरान की प्रतिक्रिया\n\nसंयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान ने जून के महीने में संघर्ष को समाप्त करने के लिए जो समझौता ज्ञापन यानी एमओयू साइन किया था, उसे आगे बढ़ाने से दोनों पक्षों ने इनकार कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि वह तेहरान के साथ इस समाप्त हो रहे समझौते को renouvel या आगे बढ़ाने के इच्छुक नहीं हैं। इस बीच ईरानी पक्ष से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। एक ईरानी अधिकारी ने बयान देते हुए कहा कि ईरानी संस्थाओं को होर्मुज जलडमरूमध्य और व्यापक क्षेत्र में तनाव बढ़ने के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए, क्योंकि ईरान कड़े फैसले लेने और आवश्यक कदम उठाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।\n\nईरान के विदेश मंत्रालय का रुख और नाकेबंदी का मुद्दा\n\nईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सुरक्षा से जुड़ी जटिलताओं और विघटनकारी तत्वों के अड़ियल रवैया का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी समझौते पर पहुँचना बेहद कठिन साबित हुआ है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका को अपनी नाकेबंदी तत्काल हटानी चाहिए। दूसरी ओर बाजार के व्यापारी अमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट यानी एपीआई की साप्ताहिक क्रूड ऑयल इन्वेंट्री रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जो आज ही के दिन जारी होने वाली है। तेल के भंडार में उम्मीद से अधिक कमी आने का मतलब मजबूत मांग होता है, जो कीमतों को सपोर्ट दे सकती है, जबकि अनुमान से ज्यादा इन्वेंट्री बढ़ने का मतलब कमजोर मांग या जरूरत से ज्यादा सप्लाई होता है, जिससे कीमतें नीचे आ सकती हैं।\n\nतकनीकी संकेत और मूविंग एवरेज की स्थिति\n\nदैनिक चार्ट पर नजर डालें तो डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल का नियर-टर्म का रुझान थोड़ा कमजोर नजर आ रहा है क्योंकि यह 100-दिन के सिंपल मूविंग एवरेज यानी एसएमए से नीचे बना हुआ है। हालांकि कीमत अभी भी बोलिंजर बैंड्स के 20-दिन के एसएमए मध्य बैंड से ऊपर टिकी हुई है, जो नीचे से कुछ बुनियादी मांग का संकेत देती है, लेकिन इसका व्यापक ढांचा यह बताता है कि लंबी अवधि का औसत अभी भी कीमतों पर हावी है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स यानी आरएसआई 14 का स्तर 55 पर है जो तटस्थ 50 की रेखा से ऊपर बना हुआ है और हल्की सकारात्मक गति का संकेत देता है, हालांकि इसने अभी तक ऊपर के प्रतिरोध स्तर को पार नहीं किया है।\n\nअहम प्रतिरोध और समर्थन स्तर\n\nऊपरी स्तरों पर शुरुआती बाधा 100-दिन के एसएमए के पास लगभग 86.20 डॉलर पर है, जिसके बाद बोलिंजर का ऊपरी बैंड करीब 90.25 डॉलर पर है जहाँ बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। नीचे की ओर तत्काल समर्थन बोलिंजर के मध्य बैंड पर 81.70 डॉलर के आसपास दिखाई देता है, जबकि इससे गहरा सपोर्ट बोलिंजर के निचले बैंड के पास लगभग 73.15 डॉलर पर है, जो मंदी का दबाव बढ़ने पर ही सामने आ सकता है। तकनीकी संकेतकों में एमएसीडी 0.70 पर सिग्नल लाइन 0.36 से ऊपर है जो तेजी को दिखाता है, जबकि एडीएक्स 14 का मान 16 है जो कमजोर दायरे में कारोबार का संकेत देता है।\n\nडब्लूटीआई क्रूड ऑयल की मूल बातें\n\nवैश्विक बाजारों में बेचे जाने वाले कच्चे तेल को डब्ल्यूटीआई कहा जाता है, जिसका पूरा नाम वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट है और यह ब्रेंट तथा दुबई क्रूड के साथ तीन प्रमुख प्रकारों में शामिल है। इसे इसके कम गुरुत्वाकर्षण और सल्फर सामग्री की वजह से हल्की और मीठी किस्म का तेल माना जाता है, जो उच्च गुणवत्ता वाला होता है और आसानी से रिफाइन हो जाता है। इसकी उत्पत्ति अमेरिका में होती है और इसे कुशिंग हब के जरिए वितरित किया जाता है, जिसे दुनिया का पाइपलाइन क्रॉसरोड्स कहा जाता है। दुनिया भर में तेल बाजार के बेंचमार्क के रूप में इसकी कीमतें मीडिया में प्रमुखता से उद्धृत की जाती हैं।\n\nमूल्य को प्रभावित करने वाले मुख्य कारक\n\nअन्य सभी संपत्तियों की तरह सप्लाई और डिमांड ही डब्ल्यूटीआई ऑयल की कीमत के मुख्य चालक हैं। वैश्विक आर्थिक वृद्धि बढ़ने से इसकी मांग बढ़ सकती है और कमजोर विकास से इसमें गिरावट आ सकती है। इसके अलावा राजनीतिक अस्थिरता, युद्ध और प्रतिबंध भी आपूर्ति को बाधित कर सकते हैं। दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक के फैसले भी कीमतों को तय करने में अहम भूमिका निभाते हैं। चूंकि तेल का कारोबार मुख्य रूप से अमेरिकी डॉलर में होता है, इसलिए डॉलर की कमजोरी या मजबूती भी इसकी कीमतों को सीधा प्रभावित करती है।\n\nइन्वेंट्री रिपोर्ट और ओपेक की भूमिका\n\nएपीआई और ऊर्जा सूचना प्रशासन यानी ईआईए द्वारा जारी की जाने वाली साप्ताहिक तेल भंडार रिपोर्ट से कीमतों में उतार-चढ़ाव आता है। भंडार में कमी आने से मांग बढ़ने का संकेत मिलता है, जिससे दाम ऊपर जाते हैं, जबकि भंडार बढ़ने से कीमतें नीचे आती हैं। ईआईए का डेटा सरकारी होने की वजह से अधिक विश्वसनीय माना जाता है। ओपेक 12 तेल उत्पादक देशों का एक समूह है जो उत्पादन कोटा तय करता है। इसके अलावा ओपेक प्लस में रूस जैसे दस गैर-ओपेक सदस्य भी शामिल हैं, जिनके उत्पादन से जुड़े फैसले सीधे बाजार को प्रभावित करते हैं।\n\nइसका आप पर असर\nकच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ता है।\n\n• भारत में: कच्चे तेल के दाम स्थिर रहने से घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में राहत बनी रह सकती है, जिससे महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।\n• वैश्विक स्तर पर: इस घटनाक्रम से वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अनिश्चितता बनी हुई है, जिससे ईंधन के आयात-निर्यात से जुड़ी कंपनियों और शेयर बाजार के निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।\n\nसवाल-जवाब\n\n1. डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल वर्तमान में किस कीमत पर कारोबार कर रहा है?\nकच्चा तेल वर्तमान में 84.17 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है।\n\n2. डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ किस समझौते को लेकर क्या बयान दिया है?\nअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के साथ जून में हुए समझौते का विस्तार करने से इनकार कर दिया है।\n\n3. एपीआई की साप्ताहिक क्रूड ऑयल रिपोर्ट कब जारी होती है?\nअमेरिकन पेट्रोलियम इंस्टीट्यूट की साप्ताहिक क्रूड ऑयल इन्वेंट्री रिपोर्ट हर मंगलवार को जारी की जाती है।\n\n4. कच्चे तेल की कीमतों को कौन से मुख्य कारक प्रभावित करते हैं?\nवैश्विक मांग और आपूर्ति, भू-राजनीतिक तनाव, ओपेक के फैसले और अमेरिकी डॉलर की चाल इसके मुख्य चालक हैं।",
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  "category": "बाज़ार",
  "publishedAt": "2026-08-18",
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