# येन की मजबूती से USD/JPY 155.00 के नीचे फिसला, अब 152 और 150 पर टिकी नजरें

> छुट्टियों के पतले कारोबार, कैरी ट्रेड की अनवाइंडिंग और जापान की मौद्रिक नीति पर बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच USD/JPY 155.00 का अहम स्तर तोड़कर 153.00 की तरफ फिसला, जिससे 152.00 और 150.00 के अगले सपोर्ट लेवल पर सबकी नजर टिक गई है।

**Type:** article · **Category:** बाज़ार · **Published:** 2026-09-08 · **Source:** TrendKia
**Canonical:** https://trendkia.com/market/yen-ki-majabuti-se-usd-jpy-155-00-ke-niche-phisala-aba-152-aura-150-para-tiki-najaren-29569 · **Language:** Hindi
**Tags:** USD/JPY, जापानी येन, अमेरिकी डॉलर, एमयूएफजी, आईएनजी, कैरी ट्रेड, बैंक ऑफ जापान, फॉरेक्स मार्केट

करेंसी बाजार में सबसे ज्यादा नजर रखे जाने वाले स्तरों में से एक टूट गया है। अमेरिकी डॉलर जापानी येन के मुकाबले साफ तौर पर कमजोर पड़ा है और USD/JPY जोड़ी 155.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे फिसलकर 153.00 की तरफ बढ़ गई। छुट्टियों की वजह से पतले कारोबार, कैरी ट्रेड पोजीशन की अनवाइंडिंग और जापान की मौद्रिक नीति को लेकर बढ़ते राजनीतिक दबाव ने मिलकर इस जोड़ी की चाल बदल दी है।

## 155.00 का टूटना क्यों अहम है
155.00 का स्तर पहले कई बार जापान के हस्तक्षेप के बाद मजबूत सपोर्ट साबित हुआ था। ऐसे में इस स्तर के टूटने ने बाजार को उस वक्त चौंका दिया जब कारोबारियों को छुट्टियों के चलते सुस्त कारोबार की उम्मीद थी। पतली लिक्विडिटी ने हर हलचल को और तेज कर दिया, वहीं निवेशक तेजी से अपनी कैरी ट्रेड पोजीशन समेट रहे हैं। कैरी ट्रेड में निवेशक सस्ते येन में उधार लेकर दुनिया भर की ज्यादा रिटर्न देने वाली संपत्तियों में पैसा लगाते हैं। जब येन अचानक मजबूत होता है तो ये पोजीशन घाटे में चली जाती हैं और तेजी से बंद होने लगती हैं, जिससे येन की तेजी को और बल मिलता है। जापान की मौद्रिक नीति को लेकर ताजा राजनीतिक बयानबाजी ने दबाव की एक और परत जोड़ दी है, जिससे बाजार की नजर अब 152.00 और 150.00 के गहरे तकनीकी सपोर्ट स्तरों पर टिक गई है। विश्लेषकों का कहना है कि यह गिरावट मुख्य रूप से येन से जुड़ी वजहों से आई है, ना कि अमेरिकी डॉलर को लेकर व्यापक भरोसे में कमी से। फिर भी 155.00 का टूटना इस जोड़ी के लिए एक नई, निचली कारोबारी रेंज तय करने का खतरा बना हुआ है।

## एमयूएफजी ने बताया इसे बड़ा तकनीकी मोड़
एमयूएफजी के तेप्पेई इनो का कहना है कि 155.00 से नीचे की गिरावट, जो कई बार के हस्तक्षेप के बाद अहम सपोर्ट रह चुकी है, USD/JPY के लिए एक बड़ा तकनीकी मोड़ है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट की उन टिप्पणियों ने, जिनमें उन्होंने जापान से रिफ्लेशनरी नीति से पीछे हटने को कहा था, पोजीशन की अनवाइंडिंग को और तेज कर दिया है, जिससे गहरे रिट्रेसमेंट स्तर साफ नजर आने लगे हैं। यह जोड़ी 7 सितंबर को 155.00 के मनोवैज्ञानिक रूप से अहम स्तर से नीचे टूटी और तकनीकी नजरिए से यह अपनी पिछली तेजी के 38.2 फीसदी रिट्रेसमेंट स्तर से भी थोड़ी देर के लिए नीचे गई, जो 154.50 से ऊपर है। इससे जनवरी के 152.50 से नीचे के निचले स्तर और 151.50 से ऊपर के 50 फीसदी रिट्रेसमेंट स्तर पर भी नजर जानी शुरू हो गई है। एमयूएफजी के मुताबिक अगर USD/JPY जल्द 155 के ऊपर वापस नहीं आती तो बाजार एक नई रेंज में शिफ्ट हो सकता है, जिसमें 155 को ऊपरी छोर माना जाएगा।

## आईएनजी को गिरावट थमने पर संदेह
आईएनजी के विश्लेषकों का कहना है कि भले ही अल्पकालिक फंडामेंटल यह संकेत दें कि येन की यह चाल जरूरत से ज्यादा हो गई है, लेकिन इसके खिलाफ पोजीशन लेना अब भी जोखिम भरा है, खासकर तब जब आगे और कैरी ट्रेड अनवाइंडिंग की गुंजाइश बनी हुई है। आईएनजी के मुताबिक USD/JPY के लिए अगला अहम सपोर्ट सिर्फ 152.00 पर आता है और अगर यह स्तर टूटा तो जोड़ी जल्द 150.00 की तरफ बढ़ सकती है। इसके बावजूद आईएनजी का मानना है कि निकट भविष्य में अमेरिकी डॉलर के मजबूत रहने की दलील ज्यादा भारी साबित होगी। बैंक ने शुक्रवार को आने वाले अमेरिकी CPI आंकड़े को एक अहम जोखिम वाली घटना बताया है, जो इस नजरिए को किसी भी दिशा में मोड़ सकती है।

## दोनों बैंकों की राय में जोड़ी कहां जा सकती है
दोनों बैंकों के विश्लेषण को साथ रखें तो साफ है कि पोजीशन अनवाइंडिंग की वजह से USD/JPY अपने पुराने 155.00 के फर्श से काफी नीचे भारी तकनीकी दबाव में है। एमयूएफजी की चेतावनी है कि अगर USD/JPY जल्द 155.00 वापस हासिल नहीं कर पाती तो यह स्तर एक मजबूत प्रतिरोध बन जाएगा, जिससे जोड़ी की निचली रेंज 152.50 और 151.50 की तरफ तय हो जाएगी। वहीं आईएनजी का कहना है कि अमेरिका के व्यापक आर्थिक फंडामेंटल, जिनमें 100 डॉलर पर पहुंचा तेल और मजबूत रोजगार आंकड़े शामिल हैं, आखिरकार अमेरिकी डॉलर की मजबूती को फिर से स्थापित करेंगे। फिर भी बैंक मानता है कि येन की मौजूदा रफ्तार 152.00 और 150.00 की तरफ और गिरावट की गुंजाइश खुली रखती है, इससे पहले कि डॉलर की व्यापक मजबूती फिर हावी हो।

## येन की तेजी का असर ऑस्ट्रेलियाई डॉलर पर भी
येन की इस तेजी का असर बाकी करेंसी जोड़ियों पर भी दिख रहा है। AUD/USD मंगलवार को एशियाई कारोबारी घंटों में 0.7200 के ऊपर चढ़ गई, जो 14 मई के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर है। येन की तेजी से आई व्यापक डॉलर कमजोरी ने फेड की सख्त नीति को लेकर उम्मीदों और जारी भू-राजनीतिक तनावों से मिलने वाले सहारे को पीछे छोड़ दिया है। इस महीने के आखिर में रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की एक और दर वृद्धि की बढ़ती उम्मीदों ने ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को अतिरिक्त सहारा दिया है। हालांकि चीन के मिले जुले व्यापार संतुलन आंकड़ों ने इस जोड़ी की तेजी को कुछ हद तक सीमित रखा है।

## दिन के दौरान थोड़ी संभली USD/JPY
USD/JPY की चाल पूरे दिन एक सीध में नहीं रही। दिन के पहले हिस्से में छह महीने के निचले स्तर 153.00 से नीचे छूने के बाद यह जोड़ी दिन के दूसरे हिस्से में संभलकर 154.00 के ऊपर कारोबार करने लगी। विश्लेषकों के मुताबिक यह उछाल किसी असली रुझान बदलाव के बजाय एक तकनीकी करेक्शन जैसा लग रहा है, क्योंकि जापान के उम्मीद से बेहतर वेतन वृद्धि आंकड़ों और दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों में हुए ऊपरी संशोधन ने अगले हफ्ते बैंक ऑफ जापान की ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों को और पक्का कर दिया है, जो जापानी येन को सहारा देना जारी रखे हुए है।

## डीजल के दाम भी दे रहे संकेत
करेंसी बाजार से हटकर देखें तो तेल बाजार भी अपना अलग संकेत दे रहा है। अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड, यानी अल्ट्रा लो सल्फर डीजल फ्यूचर्स का WTI कच्चे तेल के मुकाबले प्रीमियम, हाल ही में पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया और इंट्राडे में यह रिकॉर्ड करीब 102.00 डॉलर तक चला गया। यह आंकड़ा सीधे आईएनजी की उस दलील से जुड़ता है कि मजबूत अमेरिकी ऊर्जा और रोजगार फंडामेंटल आखिरकार डॉलर के पक्ष में काम करेंगे, भले ही फिलहाल जापानी येन ही सुर्खियों पर हावी हो।

## इसका आप पर असर
अगर आप विदेशी मुद्रा में ट्रेड करते हैं, जापान की यात्रा पर जाने वाले हैं या जापानी सामान से जुड़ा कारोबार करते हैं, तो येन की यह तेजी सीधे आपकी जेब पर असर डाल सकती है।

- **फॉरेक्स ट्रेडर्स के लिए:** USD/JPY में तेज उतार-चढ़ाव और 152.00, 151.50, 150.00 जैसे अहम सपोर्ट स्तर बन गए हैं। लीवरेज्ड पोजीशन रखने वालों को इन स्तरों पर स्टॉप लॉस और जोखिम प्रबंधन पर खास ध्यान देना होगा।
- **जापान जाने वाले यात्रियों के लिए:** येन के मजबूत होने से जापान में होटल, शॉपिंग और खाने पीने पर होने वाला खर्च भारतीय रुपये के लिहाज से महंगा पड़ सकता है। यात्रा से पहले करेंसी एक्सचेंज दरों पर नजर रखना फायदेमंद रहेगा।
- **जापानी सामान के आयातकों के लिए:** कारों के पुर्जों, इलेक्ट्रॉनिक्स और मशीनरी जैसे जापान से आयातित सामान की लागत येन मजबूत होने पर बढ़ सकती है। कारोबारियों को अपने आयात सौदों की कीमत तय करते समय इस उतार चढ़ाव को ध्यान में रखना चाहिए।
- **निवेशकों के लिए:** शुक्रवार को आने वाला अमेरिकी CPI आंकड़ा डॉलर की चाल और उससे जुड़े सोने, तेल जैसे बाजारों की दिशा तय कर सकता है। निवेशकों को इस दिन बाजार में सामान्य से ज्यादा हलचल के लिए तैयार रहना चाहिए।
- **जापान से जुड़े रेमिटेंस भेजने वालों के लिए:** येन की मजबूती से जापान से भारत भेजी जाने वाली रकम का रुपये में मूल्य बदल सकता है। बड़ी रकम भेजने से पहले मौजूदा एक्सचेंज रेट जांच लेना बेहतर रहेगा।

## ऐसा क्यों हुआ
USD/JPY की यह गिरावट अचानक नहीं आई, बल्कि कई कारणों के एक साथ मिलने का नतीजा है। इसमें बाजार की पोजीशनिंग, राजनीतिक बयानबाजी और जापान के घरेलू आर्थिक आंकड़े, तीनों की भूमिका रही है।

- **कैरी ट्रेड की अनवाइंडिंग:** जब येन अचानक मजबूत हुआ तो सस्ते येन में उधार लेकर बनाई गई पोजीशन घाटे में जाने लगीं, जिससे निवेशकों ने तेजी से इन्हें बंद करना शुरू किया। इसी अनवाइंडिंग ने गिरावट को और तेज कर दिया।
- **राजनीतिक दबाव:** अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट की उन टिप्पणियों ने, जिनमें जापान से रिफ्लेशनरी नीति से पीछे हटने को कहा गया, पोजीशन अनवाइंडिंग को और बढ़ावा दिया।
- **छुट्टियों की पतली लिक्विडिटी:** बाजार में सामान्य से कम कारोबार होने की वजह से हर हलचल का असर बढ़ गया, जिससे कीमतों में तेज उतार चढ़ाव आया।
- **जापान के मजबूत आर्थिक आंकड़े:** उम्मीद से बेहतर वेतन वृद्धि और दूसरी तिमाही के जीडीपी आंकड़ों में ऊपरी संशोधन ने अगले हफ्ते बैंक ऑफ जापान की ब्याज दर बढ़ोतरी की उम्मीदों को मजबूत किया, जिससे येन को सहारा मिला।
- **पुराने हस्तक्षेप का इतिहास:** 155.00 का स्तर पहले भी कई बार जापान के हस्तक्षेप के बाद सपोर्ट साबित हुआ था, इसलिए इसका टूटना बाजार के लिए खास तौर पर अहम माना जा रहा है।

## सवाल-जवाब

### 1. USD/JPY 155.00 के नीचे क्यों गिरा?
छुट्टियों की पतली लिक्विडिटी, कैरी ट्रेड पोजीशन की अनवाइंडिंग और जापान की मौद्रिक नीति पर बढ़ते राजनीतिक दबाव की वजह से यह जोड़ी 155.00 के नीचे फिसली।

### 2. USD/JPY के लिए अगला अहम सपोर्ट स्तर क्या है?
आईएनजी के मुताबिक अगला सपोर्ट 152.00 पर है, जिसके टूटने पर जोड़ी 150.00 की तरफ जा सकती है, जबकि एमयूएफजी 152.50 और 151.50 के स्तरों को अहम मानता है।

### 3. यह जोड़ी 7 सितंबर को किस स्तर से नीचे टूटी थी?
USD/JPY 7 सितंबर को 155 के मनोवैज्ञानिक रूप से अहम स्तर से नीचे टूटी थी।

### 4. स्कॉट बेसेंट ने जापान को लेकर क्या कहा था?
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने जापान से रिफ्लेशनरी नीति से पीछे हटने की बात कही, जिससे पोजीशन अनवाइंडिंग तेज हुई।

### 5. आईएनजी का इस पर क्या नजरिया है?
आईएनजी का मानना है कि निकट भविष्य में डॉलर की मजबूती की दलील ज्यादा भारी रहेगी, लेकिन शुक्रवार का अमेरिकी CPI आंकड़ा एक अहम जोखिम है।

### 6. AUD/USD में क्या हलचल देखी गई?
AUD/USD मंगलवार को 0.7200 के ऊपर पहुंच गई, जो 14 मई के बाद इसका सबसे ऊंचा स्तर है।

### 7. USD/JPY दिन के दौरान कैसे संभली?
छह महीने के निचले स्तर 153.00 से नीचे जाने के बाद यह जोड़ी दिन के दूसरे हिस्से में 154.00 के ऊपर लौट आई, जिसे विश्लेषक तकनीकी करेक्शन मान रहे हैं।

### 8. डीजल क्रैक स्प्रेड में क्या रिकॉर्ड बना?
अमेरिकी डीजल क्रैक स्प्रेड पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर गया और इंट्राडे में करीब 102.00 डॉलर के रिकॉर्ड तक पहुंचा।

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